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गौरी लंकेश हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार सहित सभी पक्षों से किया जवाब-तलब
गौरी लंकेश हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उनकी बहन कविता लंकेश की याचिका पर नोटिस जारी कर सभी पक्षों से जवाब मांगा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
गौरी लंकेश हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उनकी बहन कविता लंकेश की याचिका पर नोटिस जारी कर सभी पक्षों से जवाब मांगा है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट की ओर से बुधवार को सुनाए जाने वाले फैसले पर रोक लगाने की मांग पर आदेश नहीं दिया है। सुप्रीम कोर्ट के नोटिस का जवाब कर्नाटक सरकार समेत अन्य पक्षों को 15 जुलाई तक देना होगा।
बता दें कि पत्रकार गौरी लंकेश की बहन कविता लंकेश ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने मांग की है कि गौरी लंकेश हत्याकांड की जांच को एमएम कलबुर्गी, नरेंद्र दाभोलकर और गोविंद पानसरे की जांच के साथ जोड़ दिया जाए। साथ ही पूरी जांच प्रक्रिया को केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दिया जाए।
दरअसल, कर्नाटक हाई कोर्ट ने गौरी लंकेश हत्याकांड के आरोपी मोहन नायक के खिलाफ कर्नाटक संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (KCOCA) के तहत लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया था। ऐसे में आरोपी इसे आधार बनाकर जमानत ले सकता है, जिसके खिलाफ कविता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस पर कर्नाटक हाइ कोर्ट फैसला सुनाने वाला है लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने उस पर कोई रोक नहीं लगाई है।
कविता की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हफजा अहमदी और सहायक अपर्णा भट ने दलील दी कि मोहन नायक आरोपी नंबर-6 है और वह हाई कोर्ट के फैसले के आधार पर जमानत ले सकता है।
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस ए.एम. खानविलकर, दिनेश माहेश्वरी और अनिरुद्ध बोस की खंडपीठ ने कहा कि जमानत अर्जी पर निर्णय हाई कोर्ट के फैसले से अप्रभावित होना चाहिए। कविता लंकेश की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि मामले की जांच एसआइटी कर रही है और उसने पाया है कि मोहन नायक हत्यारे को अपने घर में पनाह दी है। वह लगातार गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त रहा है जिससे उसके खिलाफ KCOCA लगाया गया। अदालत ने सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब 15 जुलाई तक देने को कहा है।
कविता लंकेश की ओर से पेश वकीलों ने कोर्ट से कहा कि मामले में आरोपी नंबर 6 मोहन नायक जमानत लेने के लिए कोर्ट के फैसले पर भरोसा दिखा रहा है। बेंच ने इस पर कहा कि जमानत अर्जी पर फैसले से जांच प्रभावित नहीं होगी।
गौरतलब है कि गौरी लंकेश की 2017 में बेंगलुरु में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गौरी लंकेश अपने तीखे आलेखों की वजह से हमेशा कट्टरपंथियों के निशाने पर रहती थीं। उनका जन्म कर्नाटक में 29 जनवरी 1962 को हुआ था। उनके पिता पी लंकेश भी कन्नड़ के प्रसिद्ध लेखक, कवि और पत्रकार थे। 5 सितंबर 2017 को बेंगलुरु में उन्हें उस वक्त मार दिया गया था, जब वे राज राजेश्वरी नगर स्थित अपने घर पर थीं। हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं थीं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। उनकी हत्या पर देशभर में उबाल देखने को मिला था और बुद्धीजीवी वर्ग ने इस हत्याकांड पर देशव्यापी रोष जताया था।
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