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ANI ने OpenAI पर लगाया कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप, कोर्ट में चली दलीलें
ANI द्वारा OpenAI के खिलाफ दायर कॉपीराइट उल्लंघन मामले में न्याय मित्र (amicus curiae) आदर्श रामानुजन ने दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष दलील दी कि न्यूज एजेंसी द्वारा लगाए गए उल्लंघन के आरोप निराधार हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 11 months ago
न्यूज एजेंसी 'एएनआई' (ANI) द्वारा OpenAI के खिलाफ दायर कॉपीराइट उल्लंघन मामले में न्याय मित्र (amicus curiae) आदर्श रामानुजन ने दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष दलील दी कि न्यूज एजेंसी द्वारा लगाए गए उल्लंघन के आरोप निराधार हैं।
रामानुजन ने तर्क दिया कि OpenAI का लॉर्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) मूल कंटेंट को पुन: प्रस्तुत नहीं करता बल्कि भाषा पैटर्न की भविष्यवाणी करता है, जिससे यह "गैर-अभिव्यंजक" (non-expressive) उपयोग का मामला बनता है।
उन्होंने अपनी दलील में समझाया, "मॉडल जिस तरह काम करता है, वह केवल संख्याओं को प्रोसेस करता है। प्रोग्राम को दिए गए हर अभिव्यक्ति या डेटासेट को अलग-अलग टोकन में विभाजित किया जाता है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मॉडल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह मूल डेटा को सीधे पुन: प्रस्तुत किए बिना कंटेंट की सटीकता का अनुमान लगाता है। उन्होंने कहा, "प्रशिक्षण प्रक्रिया (training loop) के दौरान मूल डेटा की कोई पुनरुत्पत्ति नहीं होती।"
अपनी रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान, रामानुजन ने आगे कहा कि उल्लंघन तभी साबित हो सकता है जब ANI यह सिद्ध कर सके कि ChatGPT का आउटपुट किसी समाचार लेख के "अभिव्यक्तिपूर्ण" (expressive) हिस्से का सीधा अंश है। उन्होंने यह भी बताया कि यह बहस फिलहाल 'न्यायसंगत उपयोग' (fair use) पर केंद्रित है, जबकि भारतीय कॉपीराइट कानून के तहत 'न्यायसंगत व्यवहार' (fair dealing) की जांच की आवश्यकता होती है।
इस बीच, न्याय मित्र अरुल जॉर्ज स्कारिया द्वारा प्रस्तुत एक अलग रिपोर्ट में अदालत को सूचित किया गया कि उसके पास OpenAI के खिलाफ ANI के कॉपीराइट मामले की सुनवाई करने का अधिकार है। क्षेत्रीय अधिकारिता (territorial jurisdiction) के मुद्दे पर, रामानुजन ने तर्क दिया कि ANI को विदेशी अदालत में मामला लड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए, सिर्फ इसलिए कि कथित उल्लंघन भारत के बाहर हुआ है। उन्होंने कहा, "यदि वादी को भारतीय कानून के तहत कोई अधिकार प्राप्त है, तो उसे भारतीय कानून के तहत समाधान भी मिलना चाहिए। किसी विदेशी अदालत के पास भारतीय कॉपीराइट पर अधिकार क्षेत्र नहीं होगा।"
ANI ने पलटवार करते हुए कहा कि भारतीय कॉपीराइट कानून के तहत, किसी रचना का लेखक उसके कॉपीराइट का पहला स्वामी होता है, जब तक कि वह कंटेंट रोजगार के तहत या प्रकाशन के लिए किसी अनुबंधात्मक समझौते के तहत न बनाई गई हो।
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