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#MeToo: सरकारी टीवी चैनल के एंकर पर लगा यौन उत्पीड़न का आरोप
मीडियाकर्मी झोऊ झाऊ शियाशुआन उर्फ शायनजी एक जाने-माने टीवी एंकर के खिलाफ कोर्ट पहुंची हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
चीन में कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न रोकने के लिए बनाए गए विशेष कानून के तहत पहली सुनवाई शुरू हो गई है। वहीं अब इसे 'मी-टू' (#metoo) आंदोलन में एक बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल, मीडियाकर्मी झाऊ शियाशुआन उर्फ शायनजी एक जाने-माने टीवी एंकर के खिलाफ कोर्ट पहुंची हैं। उनका आरोप है कि जाने माने टीवी एंकर झू जुन ने 2014 में उनका यौन शोषण किया था।
2018 में 27वर्षीय झाऊ ने अपना 2014 का अनुभव 3000 शब्दों के एक लेख में बताया था। उनका आरोप था कि जब वे चीनी सरकारी मीडिया चैनल ‘सीसीटीवी’ (CCTV) में इंटर्नशिप कर रही थीं, तब जाने-माने टीवी होस्ट झू जुन ने उन्हें जबरन किस किया था।
झाऊ ने मुकदमा शुरू होने को चीन के इतिहास का एक बड़ा क्षण बताया है। दरअसल, चीन का नया कानून इसी साल मई में पारित हुआ है। इसके तहत यौन उत्पीड़न की परिभाषा को विस्तृत कर दिया गया।
झाऊ ने बुधवार को एक न्यूज एजेंसी से कहा, मैं बहुत नर्वस हूं। लेकिन हम हारें या जीतें, इस केस का एक खास मतलब है। अगर हम केस हार भी गए तब भी मैंने जो सवाल उठाए हैं, वे इतिहास में दर्ज रहेंगे। किसी न किसी को तो उसका जवाब देना होगा।
बुधवार को सुनवाई शुरू हुई तो हाइदियान पीपुल्स कोर्ट के बाहर बड़ी भीड़ इकट्ठी हो गई। चीन में इसे राजनीतिक सक्रियता का एक बड़ा मामला समझा गया है। वहां मौजूद लोग झाऊ के प्रति अपना समर्थन जता रहे थे और मांग कर रहे थे कि इस मामले में उठे सवालों के जवाब दिए जाएं। लेकिन वहां पुलिस ने लोगों से प्लेकार्ड ना दिखाने को कहा। कुछ खबरों के मुताबिक पुलिस ने जबरन वहां लगाए प्लेकार्ड्स को हटा दिया।
शियांजी ने यह भी बताया कि उन्होंने पुलिस में भी शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें आरोप वापस लेने को कहा क्योंकि झू जुन एक बड़े टीवी होस्ट हैं और समाज में उनका काफी रुतबा है।
झाऊ ने उम्मीद जताई है कि ये केस चीन की कानूनी व्यवस्था में एक प्रगति साबित होगा। झाऊ का आरोप है कि 2014 में वे ड्रेसिंग रूम में झू जुन के साथ अकेली रह गई थीं। तब झू जुन ने उनसे पूछा कि क्या तुम इस चैनल में आगे भी काम करना चाहती हो। जब झाऊ ने हां कहा, तो झू जुन ने उन्हें जकड़ लिया और जबरन किस किया।
वहीं टीवी एंकर झू जुन ने आरोपों का खंडन किया और झाऊ पर उल्टा मानहानि का केस कर दिया है।
शुरुआत में झू जुन के खिलाफ केस व्यक्तिगत अधिकार कानून के तहत दर्ज हुआ था। इस कानून में व्यक्तियों की सेहत और शरीर की रक्षा का प्रावधान है, लेकिन जब मई में नया कानून बना, तो उनके वकीलों ने इसके तहत मामले की सुनवाई की अर्जी दी।
2018 में दुनिया भर में मी-टू आंदोलन के तहत अनगिनत महिलाएं सामने आई थीं और अतीत में हुए उनके साथ हुए यौन उत्पीड़न के मामलों का खुलासा किया था। झाऊ भी तभी सामने आई थीं। मी-टू आंदोलन चीन में काफी जोरशोर से चला था।
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