OTT प्लेटफॉर्म्स को लेकर किस तरह के कदम उठाएगी सरकार, SC ने मांगा जवाब

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को नियंत्रित करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई की

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 16 February, 2021
Last Modified:
Tuesday, 16 February, 2021
OTT

लंबे समय से नेटफ्लिक्स और अमेजॉन प्राइम जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को नियंत्रित करने पर बहस चल रही है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को नियंत्रित करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई की और केंद्र सरकार से अब तक की गई कार्रवाइयों पर जवाब दाखिल करने को कहा है।

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि वह ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई करने पर विचार कर रही है। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्र ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को नियंत्रित करने के मुद्दे पर कुछ कदम उठाने पर विचार कर रहा है।

सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश एस.ए.बोबडे, न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन की पीठ ने कहा कि ‘केवल चिंतन’ स्वीकार्य नहीं है, बल्कि यह भी बताइए कि सरकार  इस पर क्या कुछ कदम उठाएगी। अदालत ने केंद्र से लंबित याचिका के साथ मामले को टैग करते हुए छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है।

अब इस मामले में लंबित दूसरी याचिकाओं के साथ अगले महीने सुनवाई होने की उम्मीद है।

वहीं, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेट करने की मांग करने वाले एक याचिकाकर्ता ने कहा कि जितने अधिक ओटीटी प्लेटफॉर्म्स लॉन्च किए जा रहे हैं, देश में उतने ही अधिक साइबर क्राइम दर्ज हो रहे हैं।

बता दें कि इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 15 अक्टूबर को केंद्र सरकार, सूचना-प्रसारण मंत्रालय और इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया को नोटिस जारी किया था।

यह जनहित याचिका अधिवक्ता शशांक शेखर झा और अपूर्व अर्हटिया ने दायर की हुई है। याचिका में धूम्रपान, हिंसा, यौन दृश्य, अश्लील भाषा को बिना किसी रोक-टोक के दिखाने को लेकर आपत्ति जाहिर की गई है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि ओटीटी प्लेटफार्म्स पर स्‍मोकिंग सींस में कोई वार्निंग भी नहीं दी जा रही है जो अनिवार्य है। ऐसे कंटेट दिखाए जा रहे है जो सामाजिक और नैतिक मानदंडों के मुताबिक नहीं है। लिहाजा याचिका में विभिन्न ओटीटी-स्ट्रीमिंग और डिजिटल मीडिया प्लेटफार्म्स की सामग्री की निगरानी और प्रबंधन के लिए सुव्यवस्थित बोर्ड या एसोसिएशन की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

याचिका के अनुसार, इस समय डिजिटल सामग्री की निगरानी या प्रबंधन के लिये कोई कानून या स्वायत्त संस्था नहीं है और यह बगैर किसी जांच परख के जनता के लिये उपलब्ध है।

ओटीटी-स्ट्रीमिंग प्लेटफार्म को नियंत्रित करने के लिये कोई कानून नही होने की वजह से हर दिन इसी आधार पर कोई न कोई मामला दायर हो रहा है। कानून में इस तरह की खामियों की वजह से सरकार को रोजाना जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है लेकिन इसके बावजूद संबंधित प्राधिकारियों ने इसे नियंत्रित करने के लिये कुछ खास नहीं किया है

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iTV नेटवर्क में आर.के. अरोड़ा की हुई वापसी, मिला बड़ा पद

पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट रहे आर.के. अरोड़ा को न्यूज ब्रॉडकास्टिंग के क्षेत्र में काम करने का करीब 25 वर्षों से भी ज्यादा का अनुभव है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 20 January, 2022
Last Modified:
Thursday, 20 January, 2022
RK Arora

आईटीवी नेटवर्क (iTV Network) से एक बड़ी खबर है। दरअसल नेटवर्क ने आर.के. अरोड़ा को यहां ग्रुप सीएफओ नियुक्त किया है। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट रहे अरोड़ा को न्यूज ब्रॉडकास्टिंग के क्षेत्र में काम करने का करीब 25 वर्षों से भी ज्यादा का अनुभव है। इससे पहले भी वह इस नेटवर्क के साथ काम कर चुके हैं।

‘जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’ (ZMCL), ‘न्यूज नेशन’, ‘इंडिया न्यूज’, ‘न्यूज24’ और ‘इंडिया टीवी’ जैसे प्रतिष्ठानों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं। में एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ के पद पर काम कर रहे थे। पूर्व में वह आईटीवी नेटवर्क में अपनी नई भूमिका में वह सीधे नेटवर्क के बोर्ड को रिपोर्ट करेंगे।

अरोड़ा पेशे से एक चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं और उन्हें फाइनेंस, डिस्ट्रीब्यूशन, समग्र संचालन और संगठन के लिए रणनीति तैयार करने का जबरदस्त अनुभव है। आईटीवी नेटवर्क में अपनी नई भूमिका में वह सीधे नेटवर्क के बोर्ड को रिपोर्ट करेंगे।

अपनी नई भूमिका के बारे में आरके अरोड़ा का कहना है, ’आईटीवी नेटवर्क में दोबारा वापसी करना काफी अच्छा मौका है, जब न्यूज इंडस्ट्री में इतने बदलाव हो चुके हैं। यह नई चीजों पर काम करने और ग्रोथ पर ध्यान देने का अच्छा समय है। मैं नेटवर्क के साथ दोबारा जुड़कर काफी उत्साहित हूं।’

वहीं, इस बारे में आईटीवी नेटवर्क के फाउंडर कार्तिकेय शर्मा का कहना है कि न्यूज इंडस्ट्री में आरके अरोड़ा के अनुभवों का नेटवर्क को काफी फायदा मिलेगा।’

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TV शो के खिलाफ इस तरह की शिकायत पर सूचना प्रसारण मंत्रालय ने ZEE को भेजा नोटिस

ZEEL के मैनेजिंग डायरेक्टर के नाम भेजे गए इस नोटिस में मंत्रालय ने दर्ज शिकायत पर सात दिनों के भीतर जवाब देने के लिए कहा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 19 January, 2022
Last Modified:
Wednesday, 19 January, 2022
MIB

‘सूचना प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) ने ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड‘ (ZEEL) को एक नोटिस जारी किया है। मंत्रालय ने ZEEL को यह नोटिस उसके तमिल जनरल एंटरटेनमेंट चैनल ‘जी तमिल’ (Zee Tamil) के खिलाफ एक रियलिटी शो ‘जूनियर सुपर स्टार सीजन 4’ (Junior Super Star Season 4) के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए दायर एक शिकायत के आधार पर जारी किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोप है कि इस शो में दो बच्चों ने कथित तौर पर नोटबंदी पर व्यंग्य करते हुए प्रधानमंत्री मोदी और उनके कपड़ों का मजाक उड़ाया था। ZEEL के मैनेजिंग डायरेक्टर के नाम भेजे गए इस नोटिस में मंत्रालय ने शो के खिलाफ दर्ज शिकायत पर सात दिनों के भीतर जवाब देने के लिए कहा है। इस नोटिस में मंत्रालय का कहना है कि सात दिनों के भीतर जवाब न मिलने पर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी। इस मामले में तमिलनाडु बीजेपी के आईटी और सोशल मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष सीटीआर निर्मल कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी।

अपनी शिकायत में कुमार का आरोप है कि 15 जनवरी को प्रसारित एक शो में दो बाल कलाकारों ने पीएम मोदी पर अप्रत्यक्ष रूप से कटाक्ष किया था। कुमार ने शो के खिलाफ शिकायत करने के लिए ZEEL के चीफ क्लस्टर ऑफिसर (Linear & OTT) सिजू प्रभाकरण (Siju Prabhakaran) को भी एक लेटर लिखा था। इस लेटर में कुमार ने आरोप लगाया कि लगभग 10 साल की उम्र के बच्चों को जानबूझकर पीएम के खिलाफ टिप्पणी करने के लिए कहा गया।

इस लेटर में कुमार का कहना था, ‘शो में नोटबंदी, विभिन्न देशों की उनकी राजनयिक यात्रा, पीएम की पोशाक और विनिवेश के बारे में तीखी टिप्पणी की गई। दस साल से कम उम्र के बच्चे के लिए यह समझना भी नामुमकिन होता कि इनका असल में क्या मतलब होता है। लेकिन, कॉमेडी के नाम पर इन विषयों को बच्चों में जबरदस्ती थोप दिया गया।’

कुमार का यह भी कहना था, ‘यह स्पष्ट है कि चैनल ने इस गलत सूचना को रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। अपने साथी प्रतिभागियों को पछाड़ने के प्रयास में ये बच्चे वही करते हैं जो उन्हें बताया जाता है। जो कहा जा रहा था, वह उनकी समझ से परे है और इन नाबालिगों के अभिभावकों और चैनल को इस कृत्य के लिए कानूनी और नैतिक रूप से जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।’

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सूचना व प्रसारण मंत्रालय की ओर से दिए गए नोटिस की कॉपी आप यहां देख सकते हैं।

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कश्मीर प्रेस क्लब बंद करने पर एडिटर्स गिल्ड ने जताई नाराजगी, कही ये बात

एडिटर्स गिल्ड ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि वह जम्मू कश्मीर में कश्मीर प्रेस क्लब (केपीसी) के बंद होने से बहुत दु:खी है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 19 January, 2022
Last Modified:
Wednesday, 19 January, 2022
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कश्मीर प्रेस क्लब में मैनेजमेंट को लेकर दो गुटों में जारी लड़ाई के बीच जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सोमवार को कश्मीर प्रेस क्लब के लिए आवंटित परिसर को ही वापस ले लिया। प्रशासन के इस फैसले को लेकर एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने नाराजगी व्यक्त की है। एडिटर्स गिल्ड ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि वह जम्मू कश्मीर में कश्मीर प्रेस क्लब (केपीसी) के बंद होने से बहुत दु:खी है।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सोमवार को कहा था कि कश्मीर प्रेस क्लब (केपीसी) का अस्तित्व अब खत्म हो गया है और घाटी में पत्रकारों के सबसे बड़े निकाय को आवंटित परिसरों के द्वारा वापस ले लिया गया है।

गिल्ड ने इस मुद्दे पर तीन दिन के भीतर अपने दूसरे बयान में इस कदम को ‘परेशान करने वाली घटनाओं की कड़ी में ताजा घटनाक्रम’ बताया।

गिल्ड ने कहा कि प्रशासन के कदम से पहले संस्था के नियमों का उल्लंघन किया गया जब कुछ लोगों के समूह ने राज्य पुलिस तथा सीआरपीएफ के सक्रिय सहयोग से गत शनिवार को क्लब के कार्यालय और प्रबंधन पर कब्जा कर लिया।

गिल्ड ने आगे कहा, ‘वह 17 जनवरी, 2022 को जम्मू कश्मीर सरकार द्वारा कश्मीर प्रेस क्लब को बंद किये जाने से अत्यंत दु:खी है।’

गिल्ड ने कहा कि केपीसी के बंद होने के साथ क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पत्रकारीय संस्था को प्रभावी तरीके से समाप्त कर दिया गया है। यह ऐसे क्षेत्र में हुआ है जिसने किसी स्वतंत्र मीडिया के खिलाफ सरकार की भारी सख्ती देखी है।

कश्मीर प्रेस क्लब की स्थापना 2018 में की गयी थी और इसके 300 सदस्य हैं। यह क्षेत्र की सबसे बड़ी पत्रकार संस्था है।

गिल्ड के बयान के अनुसार, ‘क्षेत्र में मीडिया और सक्रिय सिविल सोसाइटी के लिए जगह धीरे-धीरे कम हो रही है। पत्रकारों को अक्सर आतंकवादी समूहों और सरकार से भी धमकियों का सामना करना पड़ता है।’

उसने कहा, ‘उन पर भारी दंडनीय कानूनों के तहत मामले दर्ज किये जाते हैं और रिपोर्टिंग या संपादकीय लेखों के लिए सुरक्षा बल जब-तब उन्हें हिरासत में ले लेते हैं।’

पत्रकार शुजात बुखारी की नृशंस हत्या से लेकर पत्रकार पीरजादा आशिक, मसरत जहरा, फहाद शाह और हाल ही में गिरफ्तार किए गए पत्रकार सजद गुल और अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए गिल्ड ने जारी किये गए बयान में कहा कि इस क्षेत्र में मीडिया की स्वतंत्रता और एक्टिव सिविल सोसायटी के लिए जगह का लगातार खात्मा हो रहा है।

गिल्ड ने अपने बयान में प्रेस क्लब की उपलब्धियां बताते हुए कहा कि मीडिया के खिलाफ इस तरह की ज्यादतियों से ग्रस्त राज्य में कश्मीर प्रेस क्लब पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों के लिए लड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण संस्था थी। यह लॉकडाउन के दौरान भी खुला रहा, जिससे पत्रकारों को अपना काम दर्ज करने के लिए इंटरनेट जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं के साथ-साथ युवा पत्रकारों के ट्रेनिंग के लिए वर्कशॉप तक हुई। इसलिए क्लब का बंद होना मीडिया की स्वतंत्रता के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करता है।

गिल्ड ने कहा कि गिल्ड अपनी पिछली मांग को दोहराता है कि क्लब के कामकाज के संबंध में रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटीज के 14 जनवरी के आदेश से पहले यथास्थिति बहाल की जाए और यह कि राज्य एक स्वतंत्र प्रेस के लिए जगह बनाने और उसकी रक्षा करने की दिशा में काम करे।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सोमवार को कश्मीर प्रेस क्लब को आवंटित परिसर वापस ले लिया था। घाटी स्थित पत्रकारों की सबसे बड़ी संस्था में पिछले हफ्ते की गुटबाजी के मद्देनजर प्रशासन ने यह कदम उठाया था।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा था, ‘पत्रकारों के विभिन्न समूहों के बीच असहमति और अप्रिय घटनाओं के बीच यह फैसला किया गया है कि श्रीनगर के पोलो व्यू स्थित कश्मीर प्रेस क्लब को आवंटित परिसर का आवंटन रद्द करके परिसर की भूमि और इस पर निर्मित भवन को एस्टेट विभाग को वापस कर दिया जाए।’

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शेयरचैट में इस डिपार्टमेंट की कमान संभालेंगी श्रेया शर्मा

शेयरचैट में शामिल होने से पहले, श्रेया ‘ड्रीम11’ और ‘ड्रीम स्पोर्ट्स’ में 3 सालों से भी अधिक समय तक कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस और पीआर की हेड के तौर पर अपना योगदान दिया था।  

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 18 January, 2022
Last Modified:
Tuesday, 18 January, 2022
ShreyaSharma54565

‘शेयरचैट’ (ShareChat) से खबर है कि श्रेया शर्मा ने यहां कम्युनिकेशंस हेड के तौर पर जॉइन किया है।

शेयरचैट में शामिल होने से पहले, श्रेया ‘ड्रीम11’ (Dream11) और ‘ड्रीम स्पोर्ट्स’ (Dream Sports) में 3 सालों से भी अधिक समय तक कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस और पीआर की हेड के तौर पर अपना योगदान दिया था।  

लिंक्डइन पर इसकी घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि अपने करियर का एक नया अध्याय शुरू करते हुए मुझे यह साझा करने पर बेहद खुशी हो रही है कि मैंने ‘शेयरचैट’ कम्युनिकेशंस हेड के तौर पर जॉइन किया है। यह अच्छा समय है भारत में एक कंटेंट कंपनी का हिस्सा बनना।  मैं अंकुश सचदेवा, फरीद एहसान, बर्जेस वाई. मालू और यहां की प्रतिभाशाली टीम के साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं।

अतीत में श्रेया ने EY, Genesis Burson Marsteller, The Savera Group, Starwood Hotels & Resorts Worldwide, Inc. और Jumeirah जैसे ऑर्गनाइजेशंस के साथ काम किया है।

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अंकित अंथवाल ने Zee Entertainment में इस बड़े पद को छोड़ने का लिया फैसला

ZEE से पहले अंकित करीब दो साल तक ‘स्टार टीवी नेटवर्क’ (Star TV Network) के साथ बतौर सीनियर एग्जिक्यूटिव अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 18 January, 2022
Last Modified:
Tuesday, 18 January, 2022
Ankit Anthwal

‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEEL) के डायरेक्टर (सेल्स) अंकित अंथवाल (Ankit Anthwal) ने यहां अपनी करीब छह साल पुरानी पारी को विराम देने का फैसला लिया है। एक लिंक्डइन पोस्ट में अंकित ने लिखा है कि वह अपने जीवन में एक नए अध्याय की ओर बढ़ रहे हैं। अंकित के अगले कदम के बारे में फिलहाल जानकारी नहीं मिल पाई है।   

ZEE से पहले अंकित करीब दो साल तक ‘स्टार टीवी नेटवर्क’ (Star TV Network) के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। यहां बतौर सीनियर एग्जिक्यूटिव वह ‘स्टार प्लस‘ (Star Plus) और ‘स्टार गोल्ड‘ (Star Gold) को संभाल चुके हैं। इसके अलावा पूर्व में वह ’रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क’(Reliance Broadcast Network) और ’बजाज एलियांज लाइफ इंश्योरेंस’ (Bajaj Allianz Life Insurance) में भी अपनी भूमिका निभा चुके हैं।

अंकित ने अपनी लिंक्डइन पोस्ट में लिखा है, ’मैं अपने जीवन में एक नए अध्याय की ओर बढ़ रहा हूं। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड पिछले छह वर्षों में मेरे जीवन का एक अभिन्न अंग रहा है। यह अब तक का सबसे लंबा समय है, जहां मैंने किसी संगठन में इतना समय गुजारा है। ऐसे तमाम लोग हैं, जो अपने पेशेवर करियर में कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन ऐसे बहुत कम स्थान हैं, जो इस बात को स्वीकार करते हैं और पुरस्कृत करते हैं। मेरे लिए जी एंटरटेनमेंट ऐसी ही जगह थी।’

इसके साथ ही उन्होंने यह भी लिखा है, ‘मेरे मार्गदर्शकों ने मुझे विभिन्न चुनौतियों के माध्यम से मार्गदर्शन किया, मेरे साथियों ने मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और मेरी टीमों के प्रयासों ने हमेशा सुनिश्चित किया कि हम आगे बढ़ें। इसके लिए मैं जी एंटरटेनमेंट को धन्यवाद देता हूं। मैं हमेशा इसका आभारी रहूंगा और इसकी यादगार यादें रखूंगा।’

‘ZEE’ में अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने Z Marathi/Z Yuva, Z Vajwa और Zee TV/ &TV के लिए काम किया। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो अंकित ने हैदराबाद के ICFAI Business School से मार्केटिंग में एमबीए किया है।

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फोटो जर्नलिस्ट की गोली मारकर हत्या, घर के पास मिला शव

इस फोटो जर्नलिस्ट पर उस समय हमला किया गया, जब वह अपने घर से बाहर निकल रहे थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 18 January, 2022
Last Modified:
Tuesday, 18 January, 2022
Fire

मैक्सिको (Mexico) के सीमावर्ती शहर तिजुआना में सोमवार को एक फोटो जर्नलिस्ट की गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्गारीटो मार्टिनेज नामक इस फोटो जर्नलिस्ट पर उस समय हमला किया गया, जब वह अपने घर से बाहर निकल रहे थे। मार्टिनेज का शव उनके घर के पास पड़ा मिला।   

करीब 49 वर्षीय मार्टिनेज हिंसा से जूझ रहे तिजुआना में अपराध स्थल की तस्वीरें लेने के लिए प्रसिद्ध थे। वह स्थानीय समाचार संगठन कैडेना नोटिसियस के साथ-साथ तमाम अन्य राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों के लिए काम कर चुके थे। बताया जाता है कि उन्हें धमकियां भी मिल रही थीं।

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विधानसभा चुनाव: पत्रकारों समेत इन लोगों को मिली पोस्टल बैलेट से वोटिंग की इजाजत

यूपी समेत पांच राज्यों में होने जा रहे आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है।

Last Modified:
Monday, 17 January, 2022
Election Commission of India

यूपी समेत पांच राज्यों में होने जा रहे आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इसके तहत विधानसभा चुनावों में वोट डालने के लिए पत्रकारों समेत कई विभागों के एम्प्लॉयीज को पोस्टल बैलेट सुविधा का उपयोग करके अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अनुमति दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बारे में निर्वाचन आयोग की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि पत्रकारों सहित कई क्षेत्रों में अपनी सेवा देने वाले एम्प्लॉयीज जो चुनाव के वक्त व्यस्त रहेंगे, उन्हें पोस्टल बैलेट सुविधा का उपयोग करने की सुविधा दी जाएगी। निर्वाचन आयोग ने अलग-अलग राज्यों के लिए अलग-अलग लिस्ट जारी की है।

उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां पत्रकार समेत 11 विभागों के एम्प्लॉयीज पोस्टल बैलेट के जरिये वोट डाल सकेंगे। इसमें मेडिकल सेवा, पुलिस, फायर डिपार्टमेंट, जेल, बिजली, जल, वन, ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन, बीएसएनएल, रेलवे, पोस्ट, नागरिक उड्डयन, एम्बुलेंस, जहाजरानी के एम्प्लॉयीज, चुनाव कवरेज के लिए निर्वाचन आयोग से अधिकृत मीडिया पर्सन आदि शामिल हैं।

वहीं पंजाब विधानसभा चुनाव के दिन ड्यूटी पर रहने वाले 12  विभागों के एम्प्लॉयीज को यह सुविधा मिलेगी। मणिपुर विधानसभा के लिए यह लिस्ट 11 विभागों की है. जबकि गोवा विधानसभा चुनाव के लिए यह लिस्ट सबसे लंबी 20 अलग-अलग कैटेगरी की है। वहीं, उत्तराखंड विधासभा चुनाव में 13 अलग-अलग विभागों के एम्प्लॉयीज को पोस्टल बैलेट से वोट डालने की इजाजत होगी।

बता दें कि चुनाव आयोग इससे पहले 80 साल और उससे अधिक उम्र के मतदाताओं, दिव्यांगों (40% से अधिक) और कोरोना पॉजिटिव रोगियों को पोस्टल बैलेट के माध्यम से अपना वोट डालने की अनुमति दे चुका है। देश में पोस्टल बैलेट का चलन काफी समय से है। यह व्यवस्था उन मतदाताओं के लिए प्रयोग में लाई जाती है, जो तमाम कारणों से अपना वोट डालने के लिए प्रत्यक्ष रूप में उपस्थित नहीं हो सकते हैं। इसी कारण चुनाव आयोग ऐसे मतदाताओं को पोस्टल बैलेट के माध्यम से वोट डालने की सुविधा उपलब्ध देता है। हालांकि, अब पोस्टल बैलेट ई-पोस्टल बैलेट प्रणाली से भी होने लगा है।

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कश्मीर प्रेस क्लब विवाद में आया नया मोड़, सरकार ने उठाया ये कदम

कश्मीर प्रेस क्लब में मैनेजमेंट को लेकर दो गुटों में जारी लड़ाई ने अब एक नया मोड़ ले लिया है।

Last Modified:
Monday, 17 January, 2022
KashmirPressClub8756565

कश्मीर प्रेस क्लब में मैनेजमेंट को लेकर दो गुटों में जारी लड़ाई ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। दरअसल, अब जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सोमवार को कश्मीर प्रेस क्लब के लिए आवंटित परिसर को ही वापस ले लिया है। घाटी स्थित पत्रकारों की सबसे बड़ी संस्था में पिछले हफ्ते की गुटबाजी के मद्देनजर प्रशासन ने यह कदम उठाया है।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा, ‘पत्रकारों के विभिन्न समूहों के बीच असहमति और अप्रिय घटनाओं के बीच यह फैसला किया गया है कि श्रीनगर के पोलो व्यू स्थित कश्मीर प्रेस क्लब को आवंटित परिसर का आवंटन रद्द करके परिसर की भूमि और इस पर निर्मित भवन को एस्टेट विभाग को वापस कर दिया जाए।’

दरअसल, कश्मीर प्रेस क्लब को शनिवार को तब अनअपेक्षित गतिविधियों का सामना करना पड़ा था जब कुछ पत्रकार पुलिस के साथ परिसर में पहुंचे और इसका ‘नया प्रबंधन’ होने का दावा किया। प्रशासन की ओर से एक दिन पहले इसके पंजीकरण को स्थगित करने के बाद इन पत्रकारों ने नए प्रबंधन का दावा किया। पत्रकारों ने मीडिया को बयान जारी किया कि ‘कुछ पत्रकार फोरम’ ने उन्हें नया पदाधिकारी चयनित किया है, लेकिन घाटी के नौ पत्रकार संघों ने इस दावे का विरोध किया था।

वहीं, कश्मीर प्रेस क्लब (Kashmir Press Club) के कथित नए प्रबंधन के एक सदस्य कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद इसका हवाला देते हुए कश्मीर प्रेस क्लब परिसर को रविवार को बंद कर दिया गया।  

नए प्रबंधन से जुड़े सलीम पंडित ने कहा, ‘हमें आपका, मेरा, सबका समर्थन हासिल है। चुनाव में देरी होने के चलते हमने प्रेस क्लब के रोज के कामकाज को अपने हाथ में ले लिया है। हमें समय दीजिए और हम क्लब के लिए सब कुछ करेंगे। आप इसका हिस्सा हैं। बताइए हैं या नहीं? मैं नहीं हूं।’  

वहीं, कश्मीर प्रेस क्लब के मुख्य द्वार पर लगे एक नोटिस में कहा गया कि क्लब के एक सदस्य के कोरोना वायरस से संक्रमित होने के कारण इसे बंद किया गया है। सभी सदस्यों को एक ई-मेल भेजकर अगले एक हफ्ते तक पोलो ग्राउंड एरिया के पास स्थित इस क्लब में नहीं आने की सलाह भी दी गई है।

क्लब के प्रबंधक सजाद अहमद ने कहा, ‘क्लब के चौकीदार ने बताया कि अंतरिम निकाय के दो सदस्यों ने उसे क्लब के द्वार बंद करने और किसी को अंदर आने की अनुमति न देने का निर्देश दिया है, क्योंकि एक सदस्य संक्रमित पाया गया है।’

इस बीच तीखी आलोचनाओं का शिकार हो रहे अंतरिम निकाय के एक ई-मेल में दावा किया गया है कि उसके ई-मेल अकाउंट को हैक कर लिया गया था। उसने यह भी कहा कि हैकिंग के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जा रही है।  

इस सरकार के इस फैसले से पहले, 'एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया' और अन्य पत्रकार संगठनों ने क्लब पर 'जबरन नियंत्रण' हासिल किए जाने की निंदा की। उन्होंने इसे जम्मू-कश्मीर में प्रेस की आजादी को दबाने की लगातार जारी कोशिश का हिस्सा बताया। साथ ही इसे पुलिस की मदद से केंद्र शासित प्रदेश में प्रेस की स्वतंत्रता का गला घोंटने की प्रवृत्ति करार दिया।  

गिल्ड ने जारी बयान में कहा कि सशस्त्र पुलिसकर्मियों की मदद से पत्रकारों के एक समूह ने शनिवार को जिस प्रकार घाटी के सबसे बड़े पत्रकार संघ केपीसी के कार्यालय और प्रबंधन पर जबरन कब्जा किया, वह उसे देखकर वह स्तब्ध है।

गिल्ड ने कहा कि इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस किसी वारंट या कागजी कार्रवाई के बिना परिसर में घुसी और इस तरह इस जबरन नियंत्रण की कार्रवाई में उसकी शर्मनाक मिलीभगत थी, जिसके तहत एक समूह के लोग क्लब के स्वयंभू प्रबंधक बन गए हैं।

साथ ही गिल्ड ने कहा कि वह क्लब पर नियंत्रण से एक दिन पहले रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटीज द्वारा कश्मीर प्रेस क्लब के पंजीकरण को स्थगित करने के मनमाने आदेश से भी उतना ही चिंतित है।

उसने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे एक परिवार को दिखाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर केवल पोस्ट करने के कारण युवा पत्रकार सजाद गुल को गिरफ्तार किए जाने का भी जिक्र किया।

गिल्ड ने क्लब में 'जबरन नियंत्रण' से पहले की यथास्थिति तत्काल बहाल किए जाने की मांग की और नए प्रबंधन निकाय और कार्यकारी परिषद की नियुक्ति के लिए चुनाव कराए जाने का आह्वान किया।

बयान में कहा गया,  ‘गिल्ड इस बात की स्वतंत्र जांच कराए जाने का अनुरोध करता है कि सशस्त्र बल क्लब परिसर में कैसे घुसे।'

   

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हवास मीडिया समूह में उदय मोहन का हुआ प्रमोशन, अब मिली ये बड़ी जिम्मेदारी

उदय मोहन करीब 14 साल से इस समूह के साथ जुड़े हुए हैं। वह सीईओ मोहित जोशी को रिपोर्ट करना जारी रखेंगे।

Last Modified:
Monday, 17 January, 2022
Uday Mohan

‘हवास मीडिया समूह’ (havas media Group) इंडिया ने उदय मोहन को प्रेजिडेंट और चीफ क्लाइंट ऑफिसर के पद पर प्रमोट किया है। उनका यह प्रमोशन तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। उदय मोहन ‘हवास मीडिया समूह‘ इंडिया के सीईओ मोहित जोशी को रिपोर्ट करना जारी रखेंगे।

‘हवास मीडिया समूह’ इंडिया के साथ उदय करीब 14 साल से जुड़े हुए हुएं। इस दौरान उन्होंने एक प्रभावी नेता और तमाम क्लाइंट्स के लिए एक मजबूत भागीदार के रूप में अपनी भूमिका को मजबूत किया है। पिछले कुछ वर्षों में उदय ने मार्केट की बेहद अस्थिर स्थितियों के दौरान क्लाइंट्स के लिए इनोवेशन, ट्रांसफोर्मेशन और सार्थक मीडिया रणनीति (meaningful media strategy) को आगे बढ़ाया है।

इस बारे में ‘हवास ग्रुप‘ इंडिया के ग्रुप सीईओ राणा बरुआ का कहना है, ‘हम अपनी प्रत्येक एजेंसी की वरिष्ठ लीडरशिप टीमों को मजबूत कर रहे हैं। ये लीडर्स न केवल हमारे बिजनेस की ग्रोथ को आगे बढ़ाएंगे, बल्कि एकीकरण के हमारे दृष्टिकोण को और मजबूत करेंगे, हमारी प्रतिष्ठा को बढ़ाएंगे और अधिक से अधिक मील के पत्थर और उपलब्धियों को हासिल करने में मदद करेंगे। उदय का अनुभव और क्लाइंट पार्टनरशिप उन्हें मोहित के विजन के साथ हवास मीडिया ग्रुप इंडिया के लिए उपयुक्त लीडर बनाती हैं।‘

‘हवास मीडिया समूह’ इंडिया के सीईओ मोहित जोशी का कहना है, ‘इस समूह में मेरे 15 साल पूरे हो चुके हैं, जबकि उदय मोहन यहां 14 साल पूरे कर चुके हैं। उदय पिछले कुछ वर्षों में मीडिया समूह के पुनरुत्थान के लिए एक मित्र और भागीदार रहे हैं। वह गुरुग्राम के संचालन को भारत में सबसे बड़े में से एक में बदलने के लिए मेरे और नेतृत्व टीम के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मैं उनके निरंतर समर्थन और नेतृत्व की आशा करता हूं।’

वहीं, उदय मोहन का कहना है, ‘मैंने हवास मीडिया ग्रुप इंडिया के साथ एक लंबी पारी बिताई है और एजेंसी को कई बदलावों से गुजरते हुए देखा है। हालांकि, पिछले तीन वर्षों में इनोवेशन, एकीकरण और सहयोग अभूतपूर्व रहे हैं और हम देश में शीर्ष लीग में आ गए है। मैं नई चुनौतियों के साथ सशक्त बनाने के लिए समूह को धन्यवाद देता हूं और इसे और मजबूत करने के लिए लीडरशिप टीम, बेहतरीन क्लाइंट्स व सहयोगियों के साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं।’

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Disney India में अरवामुधन. के का कद बढ़ा, अब मिली ये बड़ी जिम्मेदारी

इस प्रमोशन से पहले वह स्टार इंडिया में सीनियर वाइस प्रेजिडेंट (रेगुलेटरी) की जिम्मेदारी निभा रहे थे, जो अब वॉल्ट डिज्नी का हिस्सा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 15 January, 2022
Last Modified:
Saturday, 15 January, 2022
Aravamudhan K

‘द वॉल्ट डिज्नी कंपनी’ (The Walt Disney Company) इंडिया ने अरवामुधन. के (Aravamudhan K) को एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (गवर्नमेंट रिलेशंस) के पद पर प्रमोट किया है। इस प्रमोशन से पहले वह ‘स्टार इंडिया’ (Star India) में सीनियर वाइस प्रेजिडेंट (रेगुलेटरी) की जिम्मेदारी निभा रहे थे, जो अब वॉल्ट डिज्नी का हिस्सा है।

बता दें कि अरवामुधन स्टार और डिज्नी इंडिया की नियामक टीम का अहम हिस्सा रहे हैं। ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर में अपने करीब डेढ़ दशक लंबे करियर में उन्होंने डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम (DAS), न्यू टैरिफ ऑर्डर (NTO) और ओवर द टॉप (OTT) कंटेंट रेगुलेशन सहित बड़े रेगुलेटरी बदलाव किए हैं।

अपनी लिंक्डइन पोस्ट में अरवामुधन ने लिखा है, ‘स्टार इंडिया में आज मेरे 15 वर्ष पूरे हो गए हैं। इस दौरान मैंने प्रसारण क्षेत्र और कंपनी में कई बदलाव देखे। मेरे सलाहकारों, सहयोगियों, दोस्तों, परिवार और हितधारकों को धन्यवाद, जिन्होंने पेशेवर के रूप में मेरे विकास में एक प्रमुख भूमिका निभाई है।’

अरवामुधन ने कॉरपोरेट सेक्टर में अपने करियर की शुरुआत ‘मीडिया कंटेंट एंड कम्युनिकेशंस सर्विसेज’ (MCCS) इंडिया में बतौर मैनेजर की थी, जिसे अब ‘एबीपी नेटवर्क‘ (ABP Network) के नाम से जाना जाता है। इसके बाद उन्होंने ‘स्टार इंडिया’ में मैनेजर (कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस) के पद पर जॉइन कर लिया था।  

वह ‘स्टार इंडिया’ की गवर्नमेंट रिलेशंस और रेगुलेटरी अफेयर्स टीम में बतौर मैनेजर काम कर चुके हैं। इसके बाद उन्हें एसोसिएट वाइस प्रेजिडेंट के पद पर प्रमोट कर दिया गया था। इसके अलावा अरवामुधन ने भारत सरकार के साथ उद्योग मंत्रालय में भी पांच साल काम किया है। वह प्रोडक्शन हाउस-वीडियो मैगज़ीन (Eyewitness), दूरदर्शन, और होम टीवी (जनरल एंटरटेनमेंट चैनल) के साथ वर्ष 1993 से टेलीविजन इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं।

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