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मानवाधिकार आयोग पहुंचा दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ से जुड़ा ये मामला
सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ ‘सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस’ (CJP) की ओर से आयोग को लिखा गया है पत्र
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
पत्र में कहा गया है कि धर्मेंद्र मिश्र सुल्तानपुर में बढ़ते अपराधों और इनकी तफ्तीश में पुलिस की नाकामियों को अपने अखबार के माध्यम से लगातार उजागर कर रहे थे। पत्र के अनुसार, इसी बात का बदला लेने के लिए पुलिस ने धर्मेंद्र मित्र के खिलाफ यह एफआईआर दर्ज की है। पत्र में आयोग से इस मामले में दखल देने की मांग की गई है।
बता दें कि सितंबर 2018 में 'दैनिक जागरण' ने अमेठी जिले के निवासी धर्मेंद्र मिश्र को सुल्तानपुर में ब्यूरो चीफ के पद पर तैनात किया था। धर्मेंद्र मिश्र के खिलाफ इस साल 16 नवंबर को जो एफआईआर दर्ज की गई है, उसमें लूट का आरोप लगाते हुए घटना की तारीख दिसंबर 2018 बताई गई है। एक साल बाद इस मामले में दर्ज एफआईआर को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, अपने खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद धर्मेंद्र मिश्र ने सोशल मीडिया पर इस मामले को उठाते हुए पुलिस पर कई आरोप लगाए हैं।
धर्मेंद्र मिश्र का आरोप है कि सुल्तानपुर एसपी हिमांशु कुमार उनके द्वारा पुलिस की नाकामियों को उजागर करने वाले खबरों से नाराज हैं। धर्मेंद्र मिश्र के अनुसार, एसपी हिमांशु कुमार ने सच्चाई की आवाज दबाने के लिए उनके ऊपर लूट का फर्जी मुकदमा दर्ज किया है। धर्मेंद्र मिश्र ने मीडिया की आवाज को दबाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है।
इधर, कांग्रेस प्रवक्ता राजीव त्यागी ने भी अपने ट्विटर हैंडल पर इस मामले को उठाते हुए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर मीडिया की आवाज को दबाने का आरोप लगाया है।
यूपी में सच लिखने वाले पत्रकारों पर फर्जी मुकदमा दर्ज़ कराकर @myogiadityanathसरकार मीडिया की आवाज को दबा रही है सुलतानपुर जिले में महिलाओं के साथ दुष्कर्म व अन्य अपराध की सच्चाई लिखने वाले एक अखबार के ब्यूरोचीफ धर्मेंद्र मिश्रा पर ₹2500 की लूट का फ़र्ज़ी मुकदमा दर्ज़ करा दिया
— Rajiv Tyagi (@RTforINC) December 4, 2019
‘CJP’ द्वारा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेजे गए पत्र की कॉपी आप यहां क्लिक कर देख सकते हैं।
धर्मेंद्र मिश्र के अनुसार, करीब दो महीने पहले ही इस बारे में उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर हिमांशु कुमार पर उन्हें जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाया था, जिसकी कॉपी आप नीचे देख सकते हैं।
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