मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े कुछ ऐसे बड़े न्यूज एंकर्स की, जिनके लिए साल 2022 उनके करियर के लिहाज से एक अच्छी सौगात दे गया।
by
विकास सक्सेना
कुछ अच्छी-बुरी यादों के साथ साल 2022 बीतने वाला है। एक नया साल, नई उम्मीदों के साथ आपके जीवन में दस्तक देने को तैयार खड़ा है, लिहाजा साल 2023 के आने का लोगों को बेसब्री से इंतजार है। लेकिन यहां बात करेंगे मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े कुछ ऐसे बड़े न्यूज एंकर्स की, जिनके लिए यह बीता हुआ साल उनके करियर के लिहाज से एक अच्छी सौगात दे गया है। आइए, यहां ऐसे ही कुछ बड़े न्यूज एंकर्स के बारे में जानते हैं-
ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकार हुईं निधि राजदान की एक साल से ज्यादा समय बाद यानी इस साल फरवरी में 'एनडीटीवी 24ंंX7' चैनल पर वापसी हुई थी। दरअसल, पिछले साल जून में निधि राजदान का एक ट्वीट सामने आया था, जिसमें उन्होंने घोषणा की थी कि वह ‘एनडीटीवी’ में 21 साल की अपनी पारी को विराम देकर साल के अंत तक ‘हार्वर्ड यूनिवर्सिटी’ के फैकल्टी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर अपनी पारी शुरू करने जा रही हैं। हालांकि, बाद में खुलासा हुआ था कि वह फिशिंग अटैक (ऑनलाइन धोखाधड़ी, जहां ईमेल के जरिये धोखा देकर सारी जानकारी ले ली जाती है) का शिकार हुई थीं।
जून में भारतीय पत्रकार मिताली मुखर्जी ‘रॉयटर्स इंस्टीट्यूट’ से जुड़ने की खबर सामने आयी। उन्हें ‘फॉर द स्टडी ऑफ जर्नलिज्म’ के पत्रकार कार्यक्रमों (जर्नलिस्ट प्रोग्राम्स) की डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया था। यह दुनियाभर में परिचर्चा, जुड़ाव और शोध के माध्यम से पत्रकारिता के भविष्य की खोज के लिये समर्पित एक अनुसंधान केंद्र है और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग का हिस्सा है। हालांकि उन्होंने 1 सितंबर को अपना पदभार ग्रहण संभाला। मिताली मुखर्जी राजनीतिक अर्थव्यवस्था से जुड़ी पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में दो दशकों से अधिक का अनुभव है। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान, मिताली ‘द वायर’ (The Wire) और ‘मिंट’ (Mint) में कंसल्टिंग बिजनेस एडिटर की भूमिका निभा चुकी हैं। इससे पहले वह ‘सीएनबीसी टीवी18’ (CNBC TV18) में मार्केट्स एडिटर और ‘टीवी टुडे’ (TV Today) और ‘दूरदर्शन’ (Doordarshan) में प्राइम टाइम एंकर थीं। वह ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) में फेलो रही हैं, जहां उन्होंने संगठन के लिए जेंडर इनिशिएटिव्स का नेतृत्व किया। मिताली ने दो स्टार्ट-अप की भी सह-स्थापना की है, जो सिविल सोसायटी और फाइनेंशियल लिट्रेसी पर केंद्रित हैं। मिताली ने अपनी पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। 2001 में वह नई दिल्ली स्थित आईआईएमसी से टेलीविजन जर्नलिज्म में गोल्ड मेडलिस्ट हैं। साथ ही पॉलिटिकल साइंस में भी वह गोल्ड मेडलिस्ट हैं।
जून में ही खबर आयी कि जानी-मानी न्यूज एंकर सुरभि शर्मा ने हिंदी न्यूज चैनल ‘टीवी9 भारतवर्ष’ (TV9 Bharatvarsh) में बतौर एंकर और सीनियर एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर जॉइन किया। वह ‘इंडिया टीवी’ (India TV) में अपनी 18 साल पुरानी पारी को विराम देकर यहां पहुंची। ‘इंडिया टीवी’ में वह एंकर और सीनियर एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रही थीं। सुरभि शर्मा ने वर्ष 2004 में ‘इंडिया टीवी‘ जॉइन किया था। बतौर ट्रेनी रिपोर्टर ‘इंडिया टीवी‘ से शुरुआत करने वाली सुरभि शर्मा इस दौरान तमाम पदों पर अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए फिलहाल सीनियर एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर के पद पर काम कर रही थीं।पढ़ाई-लिखाई में सुरभि शर्मा ने ‘पंजाब यूनिवर्सिटी’ से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन (बीएससी) की डिग्री ली है। मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली सुरभि शर्मा को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब 20 साल का अनुभव है। उन्होंने वर्ष 2002 मे ‘जी मीडिया‘ में ‘सिटी केबल नेटवर्क्स’ (अब सिटी नेटवर्क्स) से पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत की थी।
जुलाई में ‘जी समूह’ (Zee Group) के हिंदी न्यूज चैनल ‘जी न्यूज’ (Zee News) के पूर्व एडिटर-इन-चीफ और सीईओ सुधीर चौधरी के बारे में एक बड़ी खबर सामने आई कि सुधीर चौधरी अब हिंदी न्यूज चैनल 'आजतक' (AajTak) के साथ अपनी नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। यहां पर वह बतौर कंसल्टिंग एडिटर अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। हालांकि यह खबर सच साबित हुई और सुधीर चौधरी की नियुक्ति के बारे में ‘इंडिया टुडे’ समूह की वाइस चेयरपर्सन कली पुरी ने एक इंटरनल मेल भी जारी किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि आप सभी को मुझे यह बताते हुए काफी प्रसन्नता हो रही है कि सुधीर चौधरी ‘आजतक’ में बतौर कंसल्टिंग एडिटर जॉइन करने जा रहे हैं। इसके साथ ही सुधीर चौधरी और आजतक अपने 100 मिलियन व्युअर्स के लिए नया शो लाने की दिशा में जुटे हैं, जिसे सुधीर चौधरी होस्ट करेंगे। यह शो न्यूज डायरेक्टर सुप्रिय प्रसाद के निर्देशन में लाया जाएगा। हालांकि इसके बाद उन्होने 'ब्लैक&व्हाइट' शो शुरू किया, जो अब काफी लोकप्रिय हो गया है। टीवी पत्रकारिता में जाना-माना नाम सुधीर चौधरी करीब एक दशक से ‘जी’ के साथ जुड़े हए थे। इस मीडिया समूह में उनकी यह दूसरी पारी थी। इससे पहले अपने करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने ‘जी न्यूज‘ जॉइन किया था, लेकिन वर्ष 2003 में यहां से अलग होकर ‘सहारा समय‘ (Sahara Samay) जॉइन कर लिया था। इसके अलावा उन्होंने कुछ समय ‘इंडिया टीवी‘ (India TV) भी जॉइन किया था। वर्ष 2012 में वह ‘जी न्यूज‘ में वापस आ गए थे, जहां वह लोकप्रिय शो ‘डीएनए‘ (DNA) होस्ट करते थे।
वहीं, जुलाई में ही सीनियर न्यूज एंकर मीमांसा मलिक ने ‘जी न्यूज’ (Zee News) में अपनी करीब 24 साल पुरानी पारी को विराम दे दिया और इसके बाद ‘भारत24’ (Bharat24) चैनल जॉइन कर लिया, जहां उन्हें बतौर एग्जिक्यूटिव एडिटर/सीनियर एंकर अपनी जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला। ‘जी न्यूज‘ में बतौर सीनियर एंकर और प्रड्यूसर के तौर पर काम कर चुकीं मीमांसा इस मीडिया संस्थान के साथ वर्ष 1998 से जुड़ी हुईं थीं। यहां वह प्राइम टाइम न्यूज बुलेटिंस की एंकरिंग कर रही थीं, जिनमें ‘नॉनस्टॉप एट नाइन’ (Nonstop at Nine), ‘प्राइम टाइम स्पेशल’ (Prime Time Special), ‘मेट्रो न्यूज’ (Metro News) और स्पेशल न्यूज शो ‘जी हेल्पलाइन-हक का सवाल’ (Zee Helpline - Haq Ka Sawaal) शामिल थे। मीमांसा मलिक को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए विभिन्न अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है, जिनमें राजधानी रत्न अवॉर्ड (2004), इंडियन टैली अवॉर्ड (2004), हरियाणा गौरव अवॉर्ड (2006) और महादेव ज्योति अंलकरण अवॉर्ड (2006) शामिल हैं। उन्हें डॉ. एस राधाकृष्णन मेमोरियल नेशनल मीडिया नेटवर्क अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है।
जुलाई में ही यह भी खबर आयी कि टीवी न्यूज इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम अंजलि इस्टवाल ने 'एनडीटीवी इंडिया' से इस्तीफा दे दिया, जहां वह पिछले 19 वर्षों से कार्यरत थीं और सीनियर एडिटर की भूमिका में थीं। इसके बाद वह ‘आजतक’ के डिजिटल विंग के साथ बतौर सीनियर एडिटर जुड़ गईं। ‘आजतक’ में यह उनकी दूसरी पारी है। इससे पहले वह फरवरी 2001 से जनवरी 2003 तक ‘आजतक’ के साथ बतौर कॉरेस्पोंडेंट जुड़ी हुईं थीं, जहां उन पर हेल्थ रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी थी। इसके अतिरिक्त वह दुनिया के करेंट अफेयर्स पर आधारित वीकली शो ‘दुनिया आजतक’ को प्रड्यूस करती थीं और उसकी एंकरिग का जिम्मा भी खुद ही संभालती थीं। अगस्त 1999 में ‘जी न्यूज’ से बतौर ट्रेनी अपने करियर की शुरुआत करने वाली अंजलि इस्टवाल ने 2003 में 'एनडीटीवी' जॉइन किया था। तब उन्हें यहां कॉरेस्पोंडेंट कम एंकर की जिम्मेदारी दी गई थी। वह 'एनडीटीवी' की उस कोर टीम का हिस्सा रहीं हैं, जिसने तब ‘एनडीटीवी’ के हिन्दी न्यूज चैनल ‘एनडीटीवी इंडिया’ को लॉन्च कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 'एनडीटीवी' में वह एंकरिंग के साथ-साथ रिपोर्टिंग भी करती थीं। यहां उन पर वीकली शो ‘फिट रहे इंडिया’ (Fit Rahe India), लाइफ स्टाइल व शॉपिंग शो ‘स्मार्ट शॉपर’ (Smart Shopper) और टेक शो ‘सेल गुरु’ (Cell Guru) की रिपोर्टिंग, स्क्रिप्टिंग से लेकर एंकरिंग तक पूरी जिम्मेदारी थी। इसके अतिरिक्त भी उन्होंने कई शोज की एंकरिंग की।
अगस्त में ‘मिरर नाउ’ (Mirror Now) ने श्रेया ढौंडियाल को अपना एग्जिक्यूटिव एडिटर बनाया, जिसके बाद से ढौंडियाल रात 8 बजे आने वाले चैनल के प्रमुख शो ‘दी अर्बन डिबेट’ ( The Urban Debate) को होस्ट करती हैं और एडिटोरियल टीम का नेतृत्व भी करती हैं। श्रेया ढौंडियाल ‘नेटवर्क18‘ के अंग्रेजी न्यूज चैनल 'CNN-न्यूज18' (CNN News 18) को विराम देकर यहा पहुंची थीं। 'CNN-न्यूज18' में वह करीब 17 साल से जुड़ी हुईं थीं, जहां वह एडिटर (डिफेंस) के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रही थीं और प्राइम टाइम की एंकर थीं। मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वालीं श्रेया ढौंडियाल का जन्म उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ है। उनके पिता आर्मी में रहे हैं। श्रेया ढौंडियाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब 20 साल का अनुभव है। श्रेया ढौंडियाल ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत ‘जी न्यूज’ (Zee News) से की थी। हालांकि, यहां उनका सफर काफी कम (लगभग एक साल) ही रहा। इसके बाद वह ‘एबीपी’ (ABP) में चली गईं और करीब दो साल वहां अपनी जिम्मेदारी निभाई। ‘एबीपी’ के बाद वह ‘सीएनएन न्यूज18’ से जुड़ गईं और तब से यहीं अपनी भूमिका निभा रही थीं।
सितंबर में ‘नेटवर्क18’ (Network18) ने सीनियर ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट और एडिटर पलकी शर्मा को मैनेजिंग एडिटर के पद पर नियुक्त किया। बता दें कि नेटवर्क18 के साथ उनकी यह दूसरी पारी है। इससे पहले वह इस मीडिया समूह में विभिन्न पदों पर अपनी भूमिका निभा चुकी हैं। पलकी शर्मा ने यहां जॉइन करने से कुछ पिछले दिनों पहले ही ‘जी मीडिया’ (Zee Media) समूह के अंग्रेजी न्यूज चैनल 'विऑन' (WION) में मैनेजिंग एडिटर पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने प्राइम टाइम शो 'ग्रेविटास' (Gravitas) के आखिरी एपिसोड की दो सितंबर को मेजबानी की थी। उन्हें इस साल मई में ही एग्जिक्यूटिव एडिटर से मैनेजिंग एडिटर के पद पर प्रमोट किया गया था। पिछले करीब तीन साल से पलकी शर्मा और विऑन एक-दूसरे के पर्याय बन गए थे। पलकी शर्मा को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। पूर्व में वह ‘दूरदर्शन न्यूज‘,‘हिन्दुस्तान टाइम्स‘,‘सीएनएन-आईबीएन‘ और ‘आईटीवी नेटवर्क‘ में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं।
सितंबर में ही ‘सहारा न्यूज नेटवर्क’ (Sahara News Network) से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आयी कि सहारा न्यूज नेटवर्क के सीईओ व एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद यह खबर आयी कि वह अपना खुद का न्यूज वेंचर शुरू करने जा रहे हैं। दरअसल, उपेंद्र राय अगले साल जनवरी में ‘भारत एक्सप्रेस’ नाम से मीडिया समूह लॉन्च करेंगे। ‘भारत एक्सप्रेस’ मीडिया समूह हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू भाषाओं में टीवी, डिजिटल और अखबार तीनों प्लेटफॉर्म पर जनता को अपनी सेवाएं देगा। उपेन्द्र राय का यह वेंचर टीवी के साथ-साथ अखबार और डिजिटल में खबरों के सभी पहलुओं पर जोर देगा। बता दें कि वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र राय ने सितंबर, 2019 में सहारा समूह की मास मीडिया कंपनी से मेनस्ट्रीम मीडिया में वापसी की थी। उस दौरान उन्हें कंपनी में बतौर सीनियर एडवाइजर नियुक्त किया गया था। यहां इनकी ये दूसरी पारी थी। इसके बाद कंपनी ने उपेंद्र राय की जिम्मेदारी में परिवर्तन करते हुए उन्हें ‘सहारा न्यूज नेटवर्क’ के सीईओ व एडिटर-इन-चीफ की जिम्मेदारी सौंपी थी।
सितंबर में ही ‘जी बिजनेस’ (Zee Business) के सीनियर एंकर प्रशान्त पाण्डेय ने यहां से अलविदा कह दिया और अपनी नई पारी ‘टाइम्स ग्रुप‘ के बिजनेस चैनल ‘ET NOW स्वदेश‘ से शुरू की, जहां उन्हें डिप्टी न्यूज एडिटर की जिम्मेदारी मिली। प्रशान्त जी बिजनेस चैनल से साढ़े तीन वर्ष से ज्यादा समय से जुड़े थे। उन्होंने ‘जी मीडिया‘ में वर्ष 2019 में अपनी पारी की शुरुआत की थी। प्रशान्त को ब्रॉडकास्ट मीडिया में 15 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। इस दौरान वह ‘ईटीवी भारत‘,‘नेटवर्क18‘ और ‘स्टार स्पोर्ट्स‘ जैसे तमाम प्रतिष्ठित संस्थानों में अहम भूमिका निभा चुके हैं। प्रशान्त की बॉलीवुड में काफी अच्छी पकड़ है। मीडिया की दुनिया में उन्हें सौम्य, सुलझा हुआ और एक्सपेरिमेंट करने वाला पत्रकार माना जाता है। मूलरूप से गोरखपुर( यूपी) के रहने वाले प्रशान्त ने वर्ष 2008 में ‘ईटीवी‘ से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह ‘स्टार स्पोर्ट्स‘ और फिर ‘न्यूज18‘ से जुड़े।
सितंबर में ही सीनियर जर्नलिस्ट नेहा खन्ना के बारे में खबर आयी कि उन्होंने ‘जी मीडिया’ (Zee Media) समूह के अंग्रेजी न्यूज चैनल 'विऑन' (WION) के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत की, जहां उन्हें एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर व सीनियर एंकर की जिम्मेदारी दी गई। इससे पहले नेहा खन्ना बतौर एग्जिक्यूटिव एडिटर और प्राइम टाइम एंकर ‘इंडिया अहेड’ (India Ahead) से जुड़ी हुई थीं। खन्ना करीब 16 साल से ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रही हैं। उन्होंने 13 साल तक ‘एनडीटीवी‘ के साथ काम किया, जहां वह रिपोर्टर, न्यूज एडिटर और प्राइम टाइम एंकर के तौर पर कार्यरत थीं। उन्होंने कानूनी, राजनीतिक, सामाजिक-आर्थिक, विदेश नीति, जेंडर, सोशल ट्रेंड्स और ह्यूमन राइट्स से जुड़ीं खबरों को कवर किया है। वह ‘न्यूजX’ (News X) में सीनियर एडिटर और सीनियर एंकर के रूप में काम कर चुकीं हैं। खन्ना ने वर्ष 2009 में लंदन में ‘बीबीसी’ की पार्लियामेंट्री प्रोग्राम्स टीम के साथ इंटर्नशिप की है।
सितंबर में यह भी खबर आयी कि न्यूज एंकर अर्चना सिंह ने ‘आईटीवी नेटवर्क’ के हिंदी न्यूज चैनल ‘इंडिया न्यूज’ (India News) से विराम ले लिया और इसके बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया की राह पकड़ ली। अर्चना सिंह ने अपना खुद का यू-ट्यूब चैनल शुरू कर चुकीं हैं। बता दें कि एंकर और रिपोर्टर ‘इंडिया टीवी’ में अपनी करीब 14 साल की पारी को छोड़कर उन्होंने 'न्यूज इंडिया' जॉइन कर लिया था, लेकिन वहां उनकी पारी संक्षिप्त ही रही थी। इसके बाद उन्होंने ‘आईटीवी नेटवर्क’ के हिंदी न्यूज चैनल ‘इंडिया न्यूज’ में बतौर सलाहकार संपादक अपनी भूमिका निभाई, जिसे विराम देकर अब उन्होंने टीवी से ब्रेक ले लिया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश में कानपुर की रहने वालीं अर्चना सिंह को मीडिया के क्षेत्र में काम करने का करीब 20 साल का अनुभव है। उन्होंने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत ‘दूरदर्शन‘ से की। उसके बाद उन्होंने ‘ईटीवी‘ में बतौर एंकर तीन साल तक काम किया। फिर वह दिल्ली आ गईं और यहां ‘जनमत टीवी’ में करीब दो साल तक अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद ‘इंडिया टीवी’ के साथ जुड़ गईं थीं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो अर्चना सिंह ने जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है और अब वह पीएचडी कर रही हैं, जो जल्द ही पूरी होने वाली है।
अक्टूबर में जाने-माने टीवी एंकर अंकित त्यागी ने ‘एनडीटीवी’ (NDTV) के साथ मीडिया में अपने नए सफर की शुरुआत की। उन्होंने यहां पर रेजिडेंट एडिटर के तौर पर जॉइन किया। बता दें कि अंकित त्यागी ने ‘टाइम्स नाउ’ (Times Now) में सीनियर एडिटर के पद से इस्तीफा देकर यहां पहुंचे थे। वह ‘टाइम्स नाउ’ के साथ पिछले साल जुलाई से जुड़े हुए थे। ‘टाइम्स नाउ’ से पहले अंकित त्यागी एक दशक से ज्यादा समय से ‘इंडिया टुडे’ (India Today) से जुड़े हुए थे और डिप्टी एडिटर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।
अक्टूबर में ही जाने-माने सीनियर न्यूज एंकर विद्यानाथ झा ने ‘न्यूज नेशन’ को अलविदा कह दिया और अपनी नई पारी ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ के साथ शुरू की। विद्यानाथ झा को टीवी पत्रकारिता में 15 वर्षों से भी ज्यादा का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने ‘स्टार न्यूज’ (अब एबीपी न्यूज), ‘न्यूज 24’, ‘जी न्यूज’ से ‘न्यूज नेशन’ तक की यात्रा तय की और अब ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ के साथ एक नए सफर पर हैं। ‘न्यूज नेशन’ में विद्यानाथ झा जुलाई, 2018 से सितंबर, 2022 तक यानी लगभग 4 सालों तक रहे। यहां रहते हुए उन्होंने सीनियर एंकर व एडिटर की भूमिका निभाई। बिहार के सीतामढ़ी के रहने वाले विद्यानाथ झा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की और इसके बाद अपना करियर जून, 2007 में ‘स्टार न्यूज’ (अब ABP न्यूज) से शुरू किया और यहां वह मार्च, 2013 तक रहे। यहां रहते हुए विद्यानाथ ने एंकरिंग के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की। इसके बाद मार्च, 2013 में ही विद्यानाथ ‘न्यूज24’ से जुड़ गए, जहां उन्होंने प्राइम टाइम बुलेटिन की जिम्मेदारी संभाली। नवंबर, 2014 में यहां से विदाई लेने के बाद विद्यानाथ ‘जी न्यूज’ (Zee News) से जुड़ गए और जून, 2018 तक रहे। इसके बाद वह ‘न्यूज नेशन’ आ गए और अभी तक वहीं थे।
अक्टूबर में सीनियर न्यूज एंकर प्रीति रघुनंदन हिंदी न्यूज चैनल ‘न्यूज18 इंडिया’ (News18 India) से विदाई लेकर ‘टीवी9 भारतवर्ष’ (TV9 Bharatvarsh) के साथ जुड़ गईं, जहां उन्होंने बतौर सीनियर एंकर और एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर जॉइन किया। प्रीति रघुनंदन ‘न्यूज18 इंडिया’ चैनल से करीब छह साल तक जुड़ी रहीं। चैनल छोड़ने से पहले वह यहां सीनियर एंकर और डिप्टी एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर अपनी जिम्मेदारी निभा रही थीं। वह रात दस बजे प्रसारित होने वाले लोकप्रिय टीवी शो ‘कच्चा चिट्ठा’ (Kaccha Chittha) को होस्ट करती थीं। प्रीति को मीडिया में काम करने का करीब दो दशक का अनुभव है। ‘न्यूज18 इंडिया’ से पहले वह करीब साढ़े पांच साल तक ‘न्यूज24’ (News24) में कार्य कर चुकी हैं। इसके अलावा वह ‘इंडिया न्यूज’ (India News) में भी अपनी पारी खेल चुकी हैं। अपने अब तक के करियर में प्रीति ने तमाम बड़े इवेंट्स को कवर किया है। चीन-ताइवान विवाद को कवर करने के लिए वह पिछले दिनों ताइवान भी गई थीं। मूल रूप से सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश) की रहने वालीं प्रीति की परवरिश दिल्ली में हुई है। उन्होंने गार्गी कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ़ाई की है।
नवंबर में सीनियर टीवी जर्नलिस्ट और जानी-मानी न्यूज एंकर चित्रा त्रिपाठी ने हिंदी न्यूज चैनल ‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) से ‘आजतक’ (AajTak) में वापसी की, जहां पर उन्होंने बतौर सीनियर एडिटर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) जॉइन किया था और आजतक में भी वह इसी पद पर वापसी आयीं। हालांकि आजतक से ही वह एबीपी गईं थी, लेकिन यह उनकी बहुत ही छोटी और दूसरी पारी थी। ‘एबीपी न्यूज’ को जॉइन करने से पहले भी चित्रा त्रिपाठी ‘आजतक’ से करीब पौने चार साल से जुड़ी रहीं थीं और बतौर एडिटर व सीनियर एंकर अपनी जिम्मेदारी संभाल रही थीं। चित्रा ‘आजतक’ पर शाम पांच बजे का डिबेट शो ‘दंगल’ कर रही थीं। शाम पांच बजे तकरीबन सभी न्यूज चैनल्स पर डिबेट का कार्यक्रम होता है, जिसमें ‘दंगल’ TRP में नंबर वन है। इसके अलावा चित्रा शाम सात बजे न्यूज बुलेटिन ‘शंखनाद’ कर रही थीं। ‘आजतक’ से पहले भी चित्रा त्रिपाठी ‘एबीपी न्यूज’ से जुड़ी हुई थीं। वह ‘एबीपी न्यूज’ में ‘2019 कौन जीतेगा’ शो करती थीं, साथ ही उनके पास 'प्रेस कॉन्फ्रेंस' जैसा बड़ा वीकली प्रोग्राम भी था। ‘एबीपी’ में उन्हें सियाचिन में की गई रिपोर्टिंग के लिए बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड भी मिल चुका है, जबकि #कौनबनेगामुख्यमंत्री, #मोदीकेचारसाल और #बिहारकानेता कैसा हो, जैसे फ्लैगशिप शो जो लोगों के बीच जाकर किए गए, के जरिये उन्हें बड़ी पहचान मिली और एबीपी प्रबंधन ने उन्हें सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त वह कई अन्य प्रतिष्ठित चैनलों में विभिन्न पदों पर काम कर चुकीं हैं।
नवंबर में खबर आयी कि ‘जी मीडिया’ (Zee Media) के हिंदी न्यूज चैनल ‘जी हिन्दुस्तान’ (Zee Hindustan) में मैनेजिंग एडिटर के पद से वरिष्ठ टीवी पत्रकार शमशेर सिंह ने अपना इस्तीफा दे दिया है और अब नई पारी की शुरुआत न्यूज चैनल ‘भारत24’ (Bharat24) से बतौर मैनेजिंग एडिटर करने जा रहे हैं। हालांकि इसके बाद उन्होंने 28 नवंबर को नोएडा स्थित इस चैनल के मुख्यालय में अपना कार्यभार संभाल लिया। गौरतलब है कि ‘जी हिन्दुस्तान’ में शमशेर सिंह की यह दूसरी पारी थी। ‘जी हिन्दुस्तान’ से पहले शमशेर सिंह हिंदी न्यूज चैनल ‘रिपब्लिक भारत’ (Republic Bharat) में कार्यरत थे। शमशेर सिंह नवंबर 2018 से ‘रिपब्लिक भारत’ के साथ बतौर एडिटर जुड़े हुए थे। मूल रूप से पूर्णिया (बिहार) के रहने वाले शमशेर सिंह 'रिपब्लिक भारत' से पहले ‘इंडिया न्यूज’ चैनल के साथ बतौर एडिटर (नेशनल अफेयर्स) जुड़े हुए थे। उन्होंने ‘इंडिया न्यूज’ (India News) के साथ अपना सफर मार्च, 2018 में शुरू किया था। इसके पहले 'जी हिन्दुस्तान' (Zee Hindustan) में अपनी पहली पारी के दौरान वह पॉलिटिकल एडिटर के तौर पर कार्यरत थे। यहां वह अप्रैल, 2017 से अक्टूबर, 2017 तक रहे। दो दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाने वाले टीवी पत्रकार शमशेर सिंह ‘इंडिया टीवी’ और ‘आजतक’ के चर्चित चेहरों में से एक रहे हैं। 'जी हिन्दुस्तान' से पहले वह ‘इंडिया टीवी’ में बतौर एडिटर (करेंट अफेयर्स) कार्यरत थे। यहां वह नवंबर 2013 से अप्रैल 2017 तक रहे। शमशेर सिंह ने अपने करियर की शुरुआत टीवी न्यूज चैनल से ही की थी। अप्रैल 1998 में उन्होंने ‘आजतक’ (AajTak) न्यूज चैनल से पत्रकारिता में अपना सफर शुरू किया और विभिन्न पदों पर रहते हुए यहां वे डिप्टी एडिटर तक बने। 16 साल बाद यानी 2013 में ‘आजतक’ के साथ उनका सफर थम गया और ‘इंडिया टीवी’, 'जी हिन्दुस्तान', ‘इंडिया न्यूज’ और ‘रिपब्लिक भारत’ व वर्ष 2020 में फिर 'जी हिन्दुस्तान' होते हुए वह ‘भारत24’ से जुड़ गए हैं।
नवबंर के अंत में एक बड़ी खबर आयी कि ‘एनडीटीवी इंडिया’ (NDTV India) के सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर रवीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वह यहां चैनल के फ्लैगशिप शो ‘हम लोग’, ‘रवीश की रिपोर्ट’, ‘देश की बात’ और ‘प्राइम टाइम’ समेत तमाम कार्यक्रम होस्ट करते थे। हालांकि इस्तीफे से पहले ही उन्होंने डिजिटल मीडिया की राह पकड़ ली थी। उन्होंने अपना खुद का यू-ट्यूब चैनल (@ravishkumar.official) शुरू कर दिया था, जो उनका नया पता है। बता दें कि रवीश कुमार को देश के लोगों को प्रभावित करने वाले आम मुद्दों की बेहतरीन कवरेज के लिए जाना जाता है। पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें दो बार प्रतिष्ठित ‘रामनाथ गोयनका’ अवॉर्ड और वर्ष 2019 में रैमन मैगसायसाय (Ramon Magsaysay) अवॉर्ड मिल चुका है।
दिसंबर में टीवी न्यूज की दुनिया के जाने-माने चेहरे और सीनियर न्यूज एंकर सुमित अवस्थी के बारे में एक बड़ी खबर सामने आयी कि वह अब क्विंटिलियन बिजनेस मीडिया ग्रुप (Quintillion Business Media) की हिंदी न्यूज वेबसाइट ‘BQ प्राइम’ से बतौर कंसल्टेंट जुड़ गए हैं। बता दें कि इससे पहले सुमित अवस्थी ‘एबीपी न्यूज’ में वाइस प्रेजिडेंट (न्यूज व प्रॉडक्शन) के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। सुमित अवस्थी ने वर्ष 2018 में ‘एबीपी न्यूज’ में बतौर कंसल्टिंग एडिटर जॉइन किया था। इससे पहले वह ‘नेटवर्क18’ (Network 18) में डिप्टी मैनेजिंग एडिटर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वह ‘जी न्यूज’ (Zee News) में रेजिडेंट एडिटर भी रह चुके हैं। सुमित अवस्थी करीब पांच साल तक ‘आजतक’ (Aaj Tak) में भी रह चुके हैं। यहां वह डिप्टी एडिटर के तौर पर कार्यरत थे। सुमित राजनीति में अच्छी पकड़ और बेहतर रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। सुमित अवस्थी को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का दो दशक से ज्यादा का अनुभव है।
पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें अब तक ‘दादा साहेब फाल्के एक्सीलेंस अवॉर्ड‘ और ‘माधव ज्योति अवॉर्ड‘ समेत तमाम प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स से नवाजा जा चुका है। इसके साथ ही उन्हें प्रतिष्ठित ‘एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba) से भी नवाजा जा चुका है। सुमित अवस्थी का जन्म लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में हुआ है। केंद्रीय विद्यालय, इंदौर से अपनी स्कूलिंग पूरी करने के बाद उन्होंने इंदौर में ही ‘होलकर साइंस कॉलेज’ से ग्रेजुएशन की है। इसके बाद उन्होंने दिल्ली स्थित ‘भारतीय विद्या भवन‘ से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
दिसंबर में वरिष्ठ टीवी पत्रकार और जाने-माने न्यूज एंकर दीपक चौरसिया ने जल्द लॉन्च होने वाले न्यूज चैनल ‘भारत एक्सप्रेस’ (Bharat Express) के साथ अपना सफर शुरू किया। उन्होंने यहां कंसल्टिंग एडिटर के पद पर जॉइन किया है। बता दें कि दीपक चौरसिया ने लगभग एक साल बाद टीवी मीडिया की दुनिया में वापसी की है। दीपक चौरसिया अपनी पारी के दौरान इस चैनल में रात आठ बजे के प्राइम टाइम शो में नजर आएंगे। बता दें कि दीपक चौरसिया इससे पहले 'न्यूज नेशन' में कंसल्टिंग एडिटर के पद पर कार्यरत थे और वह पूर्व में 'दूरदर्शन', 'आजतक', 'इंडिया न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर अपनी भूमिका निभा चुके हैं।
भारत के ऑनलाइन गेमिंग उद्योग को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने GST विवाद में अहम फैसला सुनाते हुए टैक्स विभाग की उस गणना पद्धति को खारिज कर दिया है
by
Samachar4media Bureau
इमरान फजल, असिसटेंट एडिटर, समाचार4मीडिया ।।
भारत के ऑनलाइन गेमिंग उद्योग को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने GST विवाद में अहम फैसला सुनाते हुए टैक्स विभाग की उस गणना पद्धति को खारिज कर दिया है, जिसके आधार पर गेमिंग कंपनियों पर करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की टैक्स देनदारी बनाई गई थी। हालांकि, इस फैसले के बावजूद एक बड़ा सवाल अभी भी बाकी है- क्या इन टैक्स मामलों में कंपनियों के प्रमोटर्स और निदेशकों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है?
यह मामला ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स, फैंटेसी स्पोर्ट्स कंपनियों और कैसीनो से जुड़ा है। टैक्स विभाग का दावा था कि खिलाड़ियों द्वारा लगाए गए हर दांव (Bet) पर 28% GST लगाया जाना चाहिए। वहीं कैसीनो के मामलों में बार-बार इस्तेमाल होने वाले चिप्स की पूरी राशि को टैक्स के दायरे में शामिल किया गया था। इसी आधार पर कई कंपनियों को भारी-भरकम नोटिस भेजे गए थे।
सबसे चर्चित मामला गेम्सक्राफ्ट (Gameskraft) का रहा, जिस पर लगभग 2.09 लाख करोड़ रुपये का GST नोटिस जारी किया गया था। यह रकम कंपनी की उस अवधि की कुल आय, जो करीब 4,650 करोड़ रुपये थी, से कई गुना अधिक थी।
अब सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ऑनलाइन मनी गेमिंग कंपनियों के मामलों में टैक्स की गणना CGST नियमों के Rule 31B के तहत की जाएगी। इसका मतलब यह है कि GST केवल खिलाड़ियों द्वारा प्लेटफॉर्म में जमा की गई मूल राशि (Player Deposits) पर लगेगा, न कि हर बार लगाए गए दांव पर। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि खिलाड़ी अपनी जीती हुई रकम को निकाले बिना दोबारा खेल में इस्तेमाल करता है, तो उसे नई जमा राशि नहीं माना जाएगा।
गेमिंग और टेक्नोलॉजी कानून विशेषज्ञ जय सयटा के अनुसार, इस फैसले से गेमिंग कंपनियों की टैक्स देनदारी में बड़ी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि अब टैक्स की गणना हर दांव पर नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के शुरुआती जमा पर होगी, जिससे पहले जारी किए गए नोटिसों की रकम काफी कम हो सकती है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला टैक्स विभाग की पहले की गणना पद्धति में बड़ा बदलाव लाता है। CMS INDUSLAW के पार्टनर शशि मैथ्यूज के मुताबिक, कोर्ट ने माना है कि Rule 31B केवल नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि पहले से मौजूद नियमों की स्पष्टता के लिए लाया गया प्रावधान है। इसलिए इसे पिछली अवधि पर भी लागू किया जाएगा।
इसका सीधा असर यह होगा कि 1 अक्टूबर 2023 से पहले के सभी लंबित मामलों और नोटिसों की फिर से गणना करनी होगी। हालांकि कोर्ट ने टैक्स देनदारी पूरी तरह खत्म नहीं की है, बल्कि सिर्फ उसकी गणना का तरीका बदला है। इसलिए उद्योग पर टैक्स का बोझ कम होगा, लेकिन समाप्त नहीं होगा।
फैसले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि सुप्रीम कोर्ट ने कंपनियों के साथ-साथ उनके निदेशकों, प्रमोटर्स और प्रमुख प्रबंधन अधिकारियों को जारी किए गए नोटिसों को रद्द नहीं किया है। कोर्ट ने संबंधित पक्षों को आठ सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने और उसके बाद अधिकारियों को मामलों का निपटारा करने का निर्देश दिया है।
यही कारण है कि अब उद्योग में एक नई बहस शुरू हो गई है। यदि कोई गेमिंग कंपनी वित्तीय संकट या दिवालिया होने की स्थिति में पहुंचती है, तो क्या उसके प्रमोटर्स और निदेशकों से व्यक्तिगत रूप से टैक्स वसूला जा सकता है?
विशेषज्ञों का कहना है कि इस सवाल का जवाब अभी पूरी तरह साफ नहीं है। शशि मैथ्यूज के मुताबिक, व्यक्तिगत जिम्मेदारी का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि टैक्स विभाग ने किस कानूनी प्रावधान के तहत नोटिस जारी किया है और क्या कंपनी के अधिकारियों की किसी तरह की जानबूझकर की गई चूक, धोखाधड़ी या कर चोरी में भूमिका साबित होती है।
गेमिंग नीति विशेषज्ञ और वकील राजाराम सुरियनारायणन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में प्रमोटर्स या निदेशकों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी पर कोई सीधा फैसला नहीं दिया गया है। इस मुद्दे की जांच अलग-अलग मामलों में कंपनियों अधिनियम, दिवाला कानून (IBC) और CGST अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत की जाएगी।
वहीं जय सयटा का मानना है कि चूंकि यह पूरा विवाद कानून की व्याख्या से जुड़ा था और पहले कई हाई कोर्ट गेमिंग कंपनियों के पक्ष में फैसले दे चुके थे, इसलिए धोखाधड़ी या जानबूझकर जानकारी छिपाने जैसे आरोपों को साबित करना आसान नहीं होगा।
KS Legal & Associates की मैनेजिंग पार्टनर सोनम चंदवानी ने भी कहा कि किसी कंपनी के दिवालिया होने मात्र से उसके प्रमोटर्स या निदेशकों पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं आ जाती। GST कानून के तहत व्यक्तिगत जवाबदेही केवल विशेष परिस्थितियों में तय की जा सकती है, जब यह साबित हो कि टैक्स की वसूली न हो पाने के पीछे निदेशकों की गंभीर लापरवाही, कर्तव्य उल्लंघन या गलत आचरण जिम्मेदार था।
कुल मिलाकर, सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भारत के ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इससे कंपनियों पर बने भारी GST दावों में उल्लेखनीय कमी आ सकती है। लेकिन अब उद्योग की नजर एक नए सवाल पर टिक गई है—क्या टैक्स की अंतिम जिम्मेदारी सिर्फ कंपनियों तक सीमित रहेगी या फिर उसके प्रमोटर्स और निदेशकों तक भी पहुंचेगी। आने वाले महीनों में शुरू होने वाली सुनवाई और निर्णय इस सवाल का जवाब तय करेंगे।
ब्लूगॉड एंटरटेनमेंट लिमिटेड ने अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए रितु तिवारी को अतिरिक्त गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया है
by
Vikas Saxena
फिल्म प्रोडक्शन और कंटेंट बनाने वाली कंपनी 'ब्लूगॉड एंटरटेनमेंट लिमिटेड' (पूर्व नाम इंद्रा इंडस्ट्री लिमिटेड) ने अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए रितु तिवारी को अतिरिक्त गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक (Additional Non-Executive Independent Director) नियुक्त किया है। कंपनी के बोर्ड ने 16 जून 2026 को पारित प्रस्ताव के जरिए उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी। हालांकि, यह नियुक्ति कंपनी के शेयरधारकों की स्वीकृति के अधीन रहेगी।
कंपनी ने इस संबंध में बताया कि रितु तिवारी का पहला कार्यकाल लगातार पांच वर्षों का होगा, जो 16 जून 2026 से प्रभावी माना जाएगा। यह फैसला कंपनी की नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति (Nomination and Remuneration Committee) की सिफारिश के आधार पर लिया गया है।
रितु तिवारी एक योग्य कंपनी सेक्रेटरी हैं और उन्हें कॉरपोरेट अनुपालन (Corporate Compliance), कॉरपोरेट गवर्नेंस तथा शैक्षणिक क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह खैरातुंडा बरवा अड्डा रोड लिमिटेड में कंपनी सेक्रेटरी एवं कंप्लायंस ऑफिसर के रूप में कार्यरत हैं।
इसके अलावा वह कबरा ड्रग्स लिमिटेड, केसीडी इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड और ब्लू पर्ल एग्रीवेंचर्स लिमिटेड के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रही हैं।
कॉरपोरेट जिम्मेदारियों के साथ-साथ रितु तिवारी शिक्षा जगत से भी जुड़ी हुई हैं। वह प्रबंधन, कानून और वाणिज्य विषयों में फैकल्टी एवं प्रोफेसर के रूप में कार्य कर चुकी हैं और छात्रों के मार्गदर्शन तथा शिक्षण का लंबा अनुभव रखती हैं।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि रितु तिवारी का कंपनी के किसी भी मौजूदा निदेशक से कोई संबंध नहीं है। साथ ही, बीएसई के दिशानिर्देशों के अनुसार उन पर सेबी या किसी अन्य नियामक अथॉरिटी द्वारा निदेशक पद संभालने पर किसी प्रकार की रोक नहीं है।
ब्लूगॉड एंटरटेनमेंट का मानना है कि रितु तिवारी का अनुभव और विशेषज्ञता कंपनी के कॉरपोरेट गवर्नेंस को और मजबूत करने में मदद करेगी तथा बोर्ड को रणनीतिक स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
प्रियंका अरोड़ा को मार्केटिंग जगत की प्रमुख शख्सियतों में गिना जाता है। उन्हें BW 40 Under 40 और IMPACT 40 Under 40 जैसी प्रतिष्ठित सूचियों में शामिल किया जा चुका है।
by
Samachar4media Bureau
भारत में 'फैमिली कंटिन्यूटी' और डिजिटल लेगेसी मैनेजमेंट कैटेगरी विकसित करने की दिशा में काम कर रही कंपनी ‘द प्लान बियॉन्ड’ (The Plan Beyond) ने प्रियंका अरोड़ा को चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) नियुक्त किया है।
कंपनी में फाउंडिंग मेंबर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर के रूप में वह भारत में ‘फैमिली कंटिन्यूटी’ कैटेगरी के निर्माण का नेतृत्व करेंगी। इसके साथ ही वह संगठन के ब्रैंड, ग्रोथ, मार्केट डेवलपमेंट और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप से जुड़ी पहलों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी संभालेंगी।
प्रियंका अरोड़ा को मार्केटिंग और बिजनेस क्षेत्र की एक अनुभवी पेशेवर के तौर पर जाना जाता है। उनके पास मार्केटिंग, बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन, ग्रोथ स्ट्रैटेजी, कंज्यूमर एंगेजमेंट, ब्रैंड बिल्डिंग और नई कैटेगरी विकसित करने के क्षेत्र में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर में वित्तीय सेवाओं, टेलीकॉम, कंसल्टिंग और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में काम किया है।
‘The Plan Beyond’ से जुड़ने से पहले वह एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस में वाइस प्रेजिडेंट के पद पर कार्यरत थीं। वहां उन्होंने बड़े स्तर पर मार्केटिंग ट्रांसफॉर्मेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मार्केटिंग इकोसिस्टम, डिजिटल-फर्स्ट ग्रोथ स्ट्रैटेजी, ब्रैंड रीपोजिशनिंग और बिजनेस विस्तार से जुड़े कार्यक्रमों का नेतृत्व किया। उनके नेतृत्व में कंज्यूमर्स जुड़ाव, राजस्व वृद्धि, बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने और ब्रैंड विकास से संबंधित कई पहलें आगे बढ़ीं।
अपने करियर के दौरान प्रियंका अरोड़ा भारती लाइफ वेंचर्स, आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस, एयरटेल, मैकिंजी एंड कंपनी और मैक्स न्यूयॉर्क लाइफ इंश्योरेंस जैसी कंपनियों में भी नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभा चुकी हैं। इन संगठनों में उन्होंने कस्टमर एनालिटिक्स, कंज्यूमर इनसाइट्स, ब्रैंड स्ट्रैटेजी, कस्टमर लाइफटाइम वैल्यू मैनेजमेंट, फिनटेक इकोसिस्टम डेवलपमेंट, डिजिटल मार्केटिंग, प्रोडक्ट मैनेजमेंट, स्ट्रैटेजिक प्लानिंग और बिजनेस ग्रोथ जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल की।
प्रियंका अरोड़ा को मार्केटिंग जगत की प्रमुख शख्सियतों में गिना जाता है। उन्हें BW 40 Under 40 और IMPACT 40 Under 40 जैसी प्रतिष्ठित सूचियों में शामिल किया जा चुका है। इसके अलावा वह कई ACEF Awards से भी सम्मानित हो चुकी हैं। वह Effie Awards की जूरी सदस्य रह चुकी हैं, ET Sharks में भाग ले चुकी हैं और विभिन्न इंडस्ट्री प्लेटफॉर्म्स एवं नेतृत्व कार्यक्रमों में नियमित वक्ता के रूप में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराती रहती हैं।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने CBC और DPD के साझा कैडर में प्रोडक्शन मैनेजर (प्रिंटेड पब्लिसिटी) / प्रोडक्शन ऑफिसर (प्रोडक्शन) के एक पद को प्रतिनियुक्ति के आधार पर भरने के लिए आवेदन मांगे हैं।
by
Samachar4media Bureau
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अपने अधीनस्थ कार्यालयों सेंट्रल ब्यूरो ऑफ कम्युनिकेशन (CBC) और डायरेक्टरेट ऑफ प्रिंटिंग एंड डिजाइन (DPD) के साझा कला एवं प्रोडक्शन कैडर में प्रोडक्शन मैनेजर (प्रिंटेड पब्लिसिटी) / प्रोडक्शन ऑफिसर (प्रोडक्शन) के एक पद को प्रतिनियुक्ति (Deputation) के आधार पर भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।
मंत्रालय द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार यह पद ग्रुप ‘A’ गजटेड, गैर-मंत्रालयी श्रेणी का है और इसका वेतनमान सातवें वेतन आयोग के अनुसार पे मैट्रिक्स लेवल-11 (67,700 रुपये से 2,08,700 रुपये) निर्धारित किया गया है।
प्रतिनियुक्ति की अवधि और आयु सीमा
चयनित अधिकारी की नियुक्ति प्रारंभिक रूप से एक वर्ष के लिए होगी, जिसे नियुक्ति प्राधिकारी के विवेक से बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, किसी भी अधिकारी की कुल प्रतिनियुक्ति अवधि सामान्यतः तीन वर्ष से अधिक नहीं होगी।
इस पद के लिए प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति हेतु अधिकतम आयु सीमा 56 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसकी गणना आवेदन प्राप्त होने की अंतिम तिथि के आधार पर की जाएगी।
कौन कर सकता है आवेदन?
यह अवसर केंद्र और राज्य सरकारों के उन अधिकारियों के लिए है जो—
इसके अलावा उम्मीदवार के पास निम्न शैक्षणिक योग्यता और अनुभव होना आवश्यक है—
जरूरी योग्यता
वांछनीय योग्यता
क्या होगी जिम्मेदारी?
चयनित अधिकारी को पोस्टर, फोल्डर, लीफलेट, बुकलेट, ब्रॉडशीट और अन्य प्रचार सामग्री के मुद्रण कार्य की निगरानी और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालनी होगी।
आवेदन प्रक्रिया
सभी मंत्रालयों और विभागों से अनुरोध किया गया है कि वे पात्र अधिकारियों के आवेदन निर्धारित प्रारूप में मंत्रालय को भेजें। आवेदन के साथ पिछले पांच वर्षों की एसीआर/एपीएआर, सतर्कता (Vigilance) मंजूरी, सत्यनिष्ठा (Integrity) प्रमाणपत्र और यह प्रमाणपत्र भी संलग्न करना होगा कि पिछले दस वर्षों में अधिकारी पर कोई बड़ी या छोटी अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हुई है।
आवेदन रोजगार समाचार (Employment News) में विज्ञापन प्रकाशित होने की तिथि (18 जून 2026) से छह सप्ताह के भीतर मंत्रालय के शास्त्री भवन स्थित कार्यालय में भेजने होंगे।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अधूरे आवेदन, निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त आवेदन या आवश्यक दस्तावेजों के बिना भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
इस पद पर उनका कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। एन. मुरली ने डॉ. निर्मला लक्ष्मण का स्थान लिया है।
by
Samachar4media Bureau
देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में से एक 'द हिंदू' समूह की प्रकाशन कंपनी द हिंदू ग्रुप पब्लिशिंग प्राइवेट लिमिटेड (THGPPL) ने एन. मुरली को कंपनी के निदेशक मंडल का चेयरमैन नियुक्त किया है। इस पद पर उनका कार्यकाल तीन वर्ष का होगा।
एन. मुरली ने डॉ. निर्मला लक्ष्मण का स्थान लिया है। बता दें कि डॉ. निर्मला लक्ष्मण ने 18 जून 2026 को आयोजित बोर्ड बैठक में अपने तीन वर्षीय कार्यकाल की समाप्ति के करीब पहुंचने पर चेयरपर्सन पद से इस्तीफा दे दिया था।
कंपनी के बोर्ड की नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी, जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्णा श्रीनिवासन कर रहे हैं, ने सर्वसम्मति से एन. मुरली के नाम की सिफारिश की। समिति का मानना है कि न्यूज मीडिया और पेशेवर पत्रकारिता के लिए चुनौतीपूर्ण दौर में उनके अनुभव और नेतृत्व का लाभ कंपनी को मिलेगा।
एन. मुरली को न्यूजपेपर इंडस्ट्री के प्रबंधन, कारोबार और वित्तीय मामलों में 56 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव है। उन्होंने मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज हाई स्कूल से स्कूली शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद चेन्नई के लोयोला कॉलेज से वाणिज्य (कॉमर्स) में स्नातक की डिग्री हासिल की और चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में पेशेवर योग्यता प्राप्त की।
वर्ष 1969 में उन्होंने 'द हिंदू' के पारिवारिक व्यवसाय से जुड़कर अपने करियर की शुरुआत की। वर्ष 1977 में वे जनरल मैनेजर बने, जबकि 1995 में उन्हें जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई। वर्ष 2006 में उन्होंने 'द हिंदू' और अन्य संबद्ध प्रकाशनों के प्रकाशक कस्तूरी एंड संस लिमिटेड (Kasturi & Sons Limited) के मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभाला।
इसके बाद उन्होंने कस्तूरी एंड संस लिमिटेड के चेयरमैन के रूप में भी सेवाएं दीं। पिछले कई वर्षों से वे द हिंदू ग्रुप पब्लिशिंग प्राइवेट लिमिटेड (THGPPL) और कस्तूरी एंड संस लिमिटेड (KSL) के निदेशक के रूप में जुड़े रहे हैं।
अदालत विवादित प्रावधान के अमल पर अंतरिम रोक लगा चुकी है। हालांकि पूरी TV रेटिंग पॉलिसी 2026 पर रोक नहीं है, लेकिन नए नियमों के आधार पर रेटिंग जारी करने की प्रक्रिया प्रभावी रूप से प्रभावित हुई है।
by
Samachar4media Bureau
टेलीविजन ऑडियंस मापन में लैंडिंग पेज व्यूअरशिप को शामिल करने या बाहर रखने को लेकर चल रहा विवाद अब और गंभीर होता जा रहा है। केरल हाई कोर्ट ने शुक्रवार को मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई तक स्थगित कर दी। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि जब तक इस विवाद पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक संशोधित TV रेटिंग ढांचे के तहत नई रेटिंग्स लागू नहीं की जा सकतीं।
यह मामला TV रेटिंग पॉलिसी 2026 की धारा 5.4.1 से जुड़ा है, जिसमें लैंडिंग पेज से मिलने वाली व्यूअरशिप को ऑडियंस मापन की गणना से बाहर रखा गया है। इस प्रावधान को ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन (AIDCF) ने अदालत में चुनौती दी है। फेडरेशन का कहना है कि लैंडिंग पेज दर्शकों तक चैनल पहुंचाने का एक वैध माध्यम है और उसकी व्यूअरशिप को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
इससे पहले अदालत विवादित प्रावधान के अमल पर अंतरिम रोक लगा चुकी है। हालांकि पूरी TV रेटिंग पॉलिसी 2026 पर रोक नहीं है, लेकिन नए नियमों के आधार पर रेटिंग जारी करने की प्रक्रिया प्रभावी रूप से प्रभावित हुई है।
केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में कहा है कि लैंडिंग पेज और बूट-अप स्क्रीन वर्षों से TV रेटिंग्स को प्रभावित करते रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार, TV ऑन करते ही किसी चैनल का स्वतः दिखाई देना दर्शकों की वास्तविक पसंद नहीं माना जा सकता। ऐसे इम्प्रेशंस केवल "पैसिव एक्सपोजर" होते हैं, जिससे कुछ चैनलों को कृत्रिम लाभ मिलता है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) का कहना है कि नई नीति व्यापक उद्योग परामर्श के बाद तैयार की गई है और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) भी लंबे समय से लैंडिंग पेज के कारण रेटिंग्स में होने वाली विकृतियों पर चिंता जताता रहा है।
दूसरी ओर, केबल और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों का तर्क है कि लैंडिंग पेज चैनल डिस्कवरी और दर्शक सहभागिता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम हैं। उनका मानना है कि इन्हें रेटिंग गणना से पूरी तरह बाहर करना उचित नहीं होगा।
यह विवाद प्रसारण उद्योग के लिए बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि TV रेटिंग्स का सीधा असर एडवर्टाइजिंग स्पेंड्स, चैनल रैंकिंग, मीडिया प्लानिंग, सब्सक्रिप्शन स्ट्रैटेजी और कैरिज फीस एग्रीमेंट्स पर पड़ता है। ऐसे में अब पूरे उद्योग की नजर 13 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हुई है।
उन्होंने पिछले साल जून में यहां जॉइन किया था और एग्जिक्यूटिव शो प्रड्यूसर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। समाचार4मीडिया से बातचीत में निखिल दुबे ने अपने इस्तीफे की पुष्टि की है।
by
Samachar4media Bureau
वरिष्ठ टीवी पत्रकार निखिल दुबे ने ‘एनडीटीवी’ (NDTV) में अपनी पारी को विराम दे दिया है। उन्होंने पिछले साल जून में यहां जॉइन किया था और एग्जिक्यूटिव शो प्रड्यूसर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। समाचार4मीडिया से बातचीत में निखिल दुबे ने अपने इस्तीफे की पुष्टि की है। निखिल दुबे का कहना था कि वह जल्द ही अपनी नई पारी की शुरुआत करेंगे, तब इसके बारे में बताएंगे।
बता दें कि निखिल दुबे इससे पहले हिंदी न्यूज चैनल ‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) में बतौर सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर रात नौ बजे के प्राइम टाइम शो ‘Public Interes’ को लीड कर चुके हैं। निखिल दुबे की ‘एबीपी न्यूज’ के साथ यह चौथी पारी थी।
‘एबीपी न्यूज’ के साथ अपनी चौथी पारी शुरू करने से पहले निखिल दुबे ‘टीवी9’ में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। वह इस नेटवर्क के हिंदी न्यूज चैनल ‘टीवी9 भारतवर्ष’ (TV9 Bharatvarsh) में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। इस चैनल के साथ भी उनका संक्षिप्त कार्यकाल रहा था। वहीं, इससे पहले वह ‘इंडिया टीवी’ (India TV) में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर कार्यरत थे।
‘इंडिया टीवी’ से पहले निखिल दुबे ‘टीवी टुडे नेटवर्क’ में कार्यरत थे। इससे पहले वह ‘जी न्यूज’ में एग्जिक्यूटिव एडिटर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। ‘जी न्यूज’ से पहले वह ‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) में एग्जिक्यूटिव एडिटर के तौर पर कार्यरत थे।
टीवी न्यूज इंडस्ट्री में पर्दे के पीछे काम करने वालों में निखिल कुमार दुबे ऐसा चेहरा हैं, जिन्हें काफी काबिल माना जाता है। निखिल दुबे को तमाम चैनल्स के साथ काम करने का 22 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने फरवरी 2019 में ‘न्यूज नेशन’ जॉइन किया था और मई में उसे अलविदा कह दिया था। वहीं ‘इंडिया न्यूज’ में वह नवंबर 2018 से जनवरी 2019 तक कार्यरत रहे।
‘इंडिया न्यूज’ से पहले निखिल दुबे ‘एबीपी न्यूज’ में एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने वहां 9 जुलाई 2016 को पदभार संभाला था। जब वहां के मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर ने अचानक चैनल से इस्तीफा दिया था तो निखिल ने भी वहां से अपना इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले वह अप्रैल 2006 से अक्टूबर 2009 में एसोसिएट एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर के तौर पर भी इस चैनल के साथ काम कर चुके हैं। तब इस चैनल का नाम ‘एबीपी न्यूज’ की जगह ‘स्टार न्यूज’ था।
निखिल कुमार ने 1995 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से एलएलबी करने के बाद 2002 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से मॉसकॉम किया और इसके बाद पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा। मई 2003 में उन्होंने ‘सहारा समय’ से अपने करियर की शुरुआत की और नवंबर 2005 तक वह यहां रहे। ‘सहारा समय’ में अपने सफर में वह विशेष संवाददाता की भूमिका में थे। इसके बाद उन्होंने अप्रैल 2006 में ‘स्टार न्यूज’ के साथ अपने सफर को आगे बढ़ाया। वहां तीन साल सात महीने रहने के बाद उनके सफर का अगला पड़ाव ‘आजतक’ बना। नवंबर 2010 से नवंबर 2012 तक वह सीनियर प्रड्यूसर के तौर पर ‘आजतक’ को अपना योगदान देते रहे। इसके बाद उन्होंने कुछ समय तक फ्रीलांस के तौर पर काम किया।
इसके बाद वह जुलाई 2013 में मुंबई में एंडेमॉल प्रॉडक्शन हाउस (Endemol production house) के साथ जुड़ गए और सितंबर 2013 तक बतौर स्क्रिप्ट राइटर काम किया। फिर वह एसोसिएट एडिटर बनकर ‘इंडिया टीवी’ आ गए। सितंबर 2013 से जनवरी 2014 तक वे यहां रहे। ‘इंडिया टीवी’ के बाद उन्होंने ‘न्यूज एक्सप्रेस’ में बतौर डिप्टी एग्जिक्यूटिव एडिटर काम किया और जनवरी से अगस्त 2014 तक रहे।
फिर करीब तीन महीने तक उन्होंने ‘न्यूज24’ का हाथ थामा और डिप्टी एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर के तौर पर नवंबर 2014 तक का सफर तय किया। इसके बाद वह एसोसिएट एडिटर बनकर ‘जी न्यूज’ आ गए और जुलाई 2016 तक रहे। इसके बाद वह ‘टीवी टुडे नेटवर्क’, ‘इंडिया टीवी’ और ‘टीवी9’ होते हुए ‘एबीपी न्यूज’ पहुंचे थे और वहां अपनी पारी को विराम देने के बाद पिछले साल ‘एनडीटीवी’ के साथ नई पारी का आगाज किया था, जहां से अब उन्होंने बाय बोल दिया है।
आपको यह भी बता दें कि निखिल दुबे ने इंडिया टीवी में ‘तलाश’ नाम से शो बनाया था। वह एबीपी में ‘घंटी बजाओ’ और ‘वायरल सच’ शो में काम कर चुके हैं। इसके अलावा चार घंटे का मॉर्निंग शो ‘नमस्ते भारत’ प्रोड्यूस किया। जी न्यूज में रहते हुए उन्होंने क्रिकेट विश्वकप पर सात करोड़ रुपये की प्रॉडक्शन कास्ट का शो ‘वर्ल्ड war’ प्रड्यूस किया। इसके अलावा भी वह तमाम जाने-माने शो प्रड्यूस कर चुके हैं।
कुछ लोग कंपनी बनाते हैं और कुछ पूरी इंडस्ट्री खड़ी कर देते हैं। कारज़ॉनरेंट (Carzonrent) के फाउंडर और चेयरमैन राजीव के. विज इसी दूसरी कैटेगरी में आते हैं।
by
Samachar4media Bureau
कुछ लोग कंपनी बनाते हैं और कुछ पूरी इंडस्ट्री खड़ी कर देते हैं। कारज़ॉनरेंट (Carzonrent) के फाउंडर और चेयरमैन राजीव के. विज इसी दूसरी कैटेगरी में आते हैं। उन्होंने भारत में कैब और कार रेंटल की दुनिया को उस समय नया आकार दिया, जब यह सेक्टर पूरी तरह बिखरा हुआ और असंगठित था।
साल 2000 में उन्होंने सिर्फ 29 गाड़ियों के छोटे से बेड़े के साथ इस कंपनी की शुरुआत की थी। उस वक्त देश में प्रोफेशनल कार रेंटल या कॉर्पोरेट मोबिलिटी जैसी सेवाएं बहुत सीमित थीं। लेकिन विज ने पहले ही समझ लिया था कि आने वाले समय में लोगों को भरोसेमंद, टेक्नोलॉजी-आधारित और प्रोफेशनल ट्रांसपोर्ट सेवाओं की जरूरत होगी।
धीरे-धीरे यह छोटा सा प्रयास एक बड़े मोबिलिटी नेटवर्क में बदल गया, जो आज देशभर में कॉरपोरेट्स, एयरपोर्ट ट्रैवलर्स और बिजनेस यात्रियों को सेवाएं देता है। कंपनी ने सिर्फ रेंटल तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि कॉर्पोरेट मोबिलिटी मैनेजमेंट, लॉन्ग टर्म लीजिंग और प्रीमियम ड्राइवर-सर्विस जैसी सुविधाएं भी शुरू कीं।
राजीव के. विज की खासियत यह रही कि उन्होंने समय के साथ बदलती जरूरतों को पहले ही पहचान लिया। इसी सोच के चलते कंपनी ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में भी कदम बढ़ाया और प्लग मोबिलिटी (Plug Mobility) नाम से अपनी ईवी सर्विस प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। उनका मानना है कि आने वाले समय में शहरी परिवहन का भविष्य इलेक्ट्रिक और टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा।
कंपनी ने भारत के बाहर भी अपनी सेवाओं का विस्तार किया है, जिससे विदेशों में यात्रा करने वाले भारतीय यात्रियों को भी समान क्वॉलिटी की लिमोजिन और ड्राइवर सेवाएं मिल सकें।
इस पूरे सफर में राजीव के. विज की सबसे बड़ी उपलब्धि सिर्फ कंपनी का विस्तार नहीं रही, बल्कि एक ऐसे सेक्टर को संगठित करना रहा जिसमें हजारों ड्राइवर, फ्लीट पार्टनर और मोबिलिटी प्रोफेशनल्स को रोजगार और नई पहचान मिली। उन्होंने इस इंडस्ट्री में सेवा, सुरक्षा और प्रोफेशनलिज्म के नए मानक तय किए।
आज भले ही कंपनी नई पीढ़ी के नेतृत्व की ओर बढ़ रही हो, लेकिन राजीव के. विज की सोच और विजन अब भी कंपनी की कार्यशैली और संस्कृति में गहराई से शामिल है।
समाचार4मीडिया से बातचीत में अरविंद कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि उन्होंने यहां 17 जून को जॉइन किया है और वह दिल्ली से अपना कामकाज संभालेंगे।
by
Samachar4media Bureau
चर्चित मैगजीन 'तहलका' (Tehelka) ने वरिष्ठ पत्रकार अरविंद कुमार चतुर्वेदी को संपादक के पद पर नियुक्त किया है। अरविंद कुमार चतुर्वेदी ने इस बात की जानकारी खुद सोशल मीडिया पर शेयर की है।
अपनी फेसबुक पोस्ट में अरविंद कुमार चतुर्वेदी ने लिखा है, ‘नमस्कार दोस्तों, टेलीविज़न में काम करते -करते कब बीस साल से ज़्यादा समय बीत गया पता ही नहीं चला। आज जब पीछे मुड़ के देखता हूँ तो लगता है ...जैसे कल की बात है। हमेशा जीवन में चुनौतियों को स्वीकार करना ही बड़ों ने सिखाया है। इसी क्रम में एक नई ज़िम्मेदारी मिली है ...देश और दुनिया में अपनी विशेष साख रखने वाली पत्रिका "तहलका " में मुझे सम्पादक के तौर पर काम करने का अवसर मिला है, उम्मीद और विश्वास है कि आप लोगों का पहले की तरह प्रेम और सहयोग मुझे मिलेगा।
समाचार4मीडिया से बातचीत में अरविंद कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि उन्होंने यहां 17 जून को जॉइन किया है और वह दिल्ली से अपना कामकाज संभालेंगे।
बता दें कि अरविंद कुमार चतुर्वेदी को प्रिंट और टीवी मीडिया में काम करने का 20 साल से ज्यादा का अनुभव है। पूर्व में वह हिंदी न्यूज चैनल ‘इंडिया डेली लाइव’ (India Daily Live) में मैनेजिंग एडिटर रह चुके हैं। उससे पहले वह हिंदी न्यूज चैनल ‘इंडिया न्यूज’ (India News) में चैनल हेड (यूपी/यूके) और डिप्टी मैनेजिंग एडिटर (इंडिया न्यूज) के पद पर कार्यरत थे। वह लखनऊ से अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वह वर्ष 2014 से ‘इंडिया न्यूज’ के साथ जुड़े हुए थे। इससे पहले वह इस चैनल में रेजिडेंट एडिटर (यूपी/यूके) के पद पर काम कर रहे थे।
उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर के रहने वाले अरविंद कुमार चतुर्वेदी ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से सोशियोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीन किताबें (द रियल मोदी, मोदी का बनारस, माँ हीरा बहन और नरेन्द्र) लिख चुके हैं। समाचार4मीडिया की ओर से अरविंद कुमार चतुर्वेदी को नई पारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।
उनकी नियुक्ति 18 जून 2026 से प्रभावी हो गई है। कंपनी के अनुसार, अमितेश पुनहानी सीनियर मैनेजमेंट टीम का हिस्सा होंगे और मार्केटिंग से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
by
Samachar4media Bureau
डायरेक्ट-टू-होम (DTH) सर्विस प्रोवाइडर कंपनी डिश टीवी (Dish TV) ने अमितेश पुनहानी को कॉर्पोरेट हेड-मार्केटिंग (DTH) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 18 जून 2026 से प्रभावी हो गई है। कंपनी के अनुसार, अमितेश पुनहानी सीनियर मैनेजमेंट टीम का हिस्सा होंगे और मार्केटिंग से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
अमितेश पुनहानी को बिजनेस ग्रोथ, ब्रैंड निर्माण, बड़े पैमाने पर पी एंड एल (P&L) पोर्टफोलियो प्रबंधन और राजस्व वृद्धि से जुड़ी पहलों का नेतृत्व करने का दो दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने भारत, एशिया-प्रशांत (APAC) और वैश्विक बाजारों में विभिन्न भूमिकाओं में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण व्यावसायिक और मार्केटिंग परियोजनाओं का नेतृत्व किया है।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टाटा स्टील से की थी। इसके बाद उन्होंने रॉकवेल ऑटोमेशन, गैप इंक, भारती एयरटेल लिमिटेड, इंटेक्स टेक्नोलॉजीज और जाब्रा जैसी कंपनियों में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाईं।
अपने पेशेवर सफर के दौरान पुनहानी ने बड़े बिजनेस पोर्टफोलियो का प्रबंधन किया, रणनीतिक साझेदारियों को विकसित किया, विभिन्न श्रेणियों में कारोबार वृद्धि की पहल का नेतृत्व किया और राजस्व बढ़ाने से जुड़ी रणनीतियों को सफलतापूर्वक लागू किया।