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सस्ता हो सकता है आपके केबल टीवी का बिल, उठी ये मांग
‘महाराष्ट्र केबल ऑपरेटर्स फाउंडेशन’ ने ‘इस बारे में इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन’ को लिखा है एक लेटर
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
‘महाराष्ट्र केबल ऑपरेटर्स फाउंडेशन’ (MCOF) ने ‘इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन’ (MCOF) से गुजारिश की है कि वह अपने सदस्यों से कहे कि वे पे चैनल्स (Pay Channels) के लिए टैरिफ में डिस्काउंट दें अथवा चार महीने (20 अप्रैल से 20 अगस्त) तक इसे माफ कर दें।
‘महाराष्ट्र केबल ऑपरेटर्स फाउंडेशन’ ने इसके पीछे दो कारण बताए हैं। ‘MCOF’ के अनुसार, पहली बात तो यह है कि पिछले दो महीने से चैनल्स के पास ऑरिजनल कंटेंट नहीं है। दूसरा, तमाम सबस्क्राइबर्स चैनल्स के लिए भुगतान नहीं कर पा रहे हैं।
‘आईबीएफ’ प्रेजिडेंट एनपी सिंह को भेजे गए एक लेटर में ‘MCOF’ का कहना है कि यह गुजारिश विशेषकर उन आईबीएफ मेंबर्स के लिए की गई है, जो पे चैनल्स (pay channels) संचालित करते हैं और उनका मंथली टैरिफ एसडी फीड (SD Feed) के लिए 10 से 19 रुपए और एचडी फीड (HD Feed) के लिए अतिरिक्त होता है।
लेटर में यह भी कहा गया है, ‘हमारे सबस्क्राइबर्स कह रहे हैं कि सभी चैनल्स लगभग दो महीने से पुराने प्रोग्राम ही दिखा रहे हैं। वहीं, कोई भी यह सुनिश्चित करने की स्थिति में नहीं है कि फ्रेश प्रोग्राम्स कब से प्रसारित किए जाएंगे। स्पोर्ट्स और मूवी चैनल्स के लिए भी ऐसा ही है, जो जनरल एंटरटेनमेंट चैनल्स और अन्य जॉनर्स के मुकाबले फ्रेश कंटेंट देने में अभी काफी धीमे रहेंगे।’
‘MCOF’ का कहना है, ‘इस स्थिति में सबस्क्राइबर्स इन चैनल्स को अपने आप ही बंद कर देंगे अथवा हम ही ऐसा करने के लिए मजबूर हो जाएंगे, क्योंकि मल्टीसिस्टम ऑपरेटर्स (MSOs) हम पर भुगतान करने के लिए दबाव बना रहे हैं, जबकि हमारे सबस्क्राइबर्स भुगतान करने में असमर्थ हैं। ऐसे में हमारा मानना है कि यह सभी लोगों के लिए अच्छा रहेगा कि पे चैनल्स टैरिफ में भारी छूट देने की पेशकश करें, यदि छूट नहीं देते हैं तो इन्हें चार महीने के लिए पूरी तरह से माफ कर देना चाहिए।’
‘MCOF’ का कहना है कि जुलाई के मध्य में इसकी समीक्षा की जा सकती है और जनरल एंटरटेनमेंट चैनल्स (GECs) को स्पोर्ट्स और मूवी चैनल्स से अलग एक वर्ग के रूप में देखा जा सकता है। फेडरेशन ने उम्मीद जताई है कि इस तरह के कदम से न केवल सबस्क्राइबर्स के बीच अच्छी साख बनेगी, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि विज्ञापन आय कम न हो, कस्टमर्स को चैनल्स से जोड़े रखने में मदद मिलेगी।
लेटर में ‘MCOF’ की ओर से कहा गया है, ‘हमें उम्मीद है कि आप इस बारे में गौर करेंगे कि हम भी इसमें अपनी मार्केटिंग फीस से समझौता कर रहे हैं, ताकि पूरी वैल्यू चेन बनी रहे। उम्मीद है कि इन गुजारिशों पर जल्द और उचित विचार किया जाएगा।’
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