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बड़े नाम, बड़ी जीत व बड़ा विवाद: 60 चैनल्स ने हासिल किए DD Free Dish पर MPEG2 स्लॉट
प्रसार भारती ने डीडी फ्री डिश को लेकर पूरे हफ्ते चले विवाद और चर्चाओं के बाद आखिरकार 7वें वार्षिक (85वें) ई-ऑक्शन के लिए 60 सफल बोलीदाताओं की सूची जारी कर दी है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 year ago
प्रसार भारती (Prasar Bharati) ने डीडी फ्री डिश (DD Free Dish) को लेकर पूरे हफ्ते चले विवाद और चर्चाओं के बाद आखिरकार 7वें वार्षिक (85वें) ई-ऑक्शन के लिए 60 सफल बोलीदाताओं की सूची जारी कर दी है। यह ऑक्शन 10 से 14 फरवरी 2025 के बीच आयोजित किया गया था, जिसमें Sony, Zee Entertainment और JioStar जैसे प्रमुख जनरल एंटरटेनमेंट चैनल (GECs) ने फ्री-टू-एयर (FTA) मार्केट में अपनी उपस्थिति बनाए रखी।
जो प्रमुख एंटरटेनमेंट चैनल स्लॉट हासिल करने में सफल रहे, उनमें Big Magic, Colors Rishtey, Dangal, Sony Pal, Star Utsav, Zee Anmol, Shemaroo TV और Goldmines Movies शामिल हैं। इन चैनल्स की मौजूदगी DD Free Dish के एंटरटेनमेंट पोर्टफोलियो को और मजबूत बनाती है। वहीं, मूवी-केंद्रित चैनल्स में B4U Kadak, Manoranjan Movies, Zee Anmol Cinema और Goldmines Bollywood को अंतिम सूची में स्थान मिला।
इस ऑक्शन में न्यूज ब्रॉडकास्टर्स की भी मजबूत उपस्थिति देखने को मिली। Aaj Tak, ABP News, NDTV India, Republic Bharat, Zee News और TV9 Bharatvarsh जैसे प्रमुख न्यूज चैनल्स ने भी अपने स्लॉट सुरक्षित कर लिए।
इसी बीच, रीजनल व आध्यात्मिक कंटेंट वाले चैनल्स ने भी अपनी जगह बनाई। Fakt Marathi, Sun Marathi, Zee Chitramandir, Aastha, Sanskar और Sadhna Gold जैसे चैनल इस ऑक्शन में सफल रहे।
हालांकि, 7वें वार्षिक ई-ऑक्शन में पिछले वर्ष की तुलना में मार्केट में बदलाव देखने को मिला। इस साल केवल 60 स्लॉट्स बेचे गए, जबकि 2024 में यह संख्या 64 थी। इससे पता चलता है कि इस बार बोली प्रक्रिया अधिक चयनात्मक रही और कुछ ब्रॉडकास्टर्स में झिझक देखी गई। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि कीमतों को लेकर चिंता, कंटेंट रणनीतियों में बदलाव और नियामक अनिश्चितताओं ने कुछ कंपनियों को आक्रामक भागीदारी से रोका।
एक्सचेंज4मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, डीडी फ्री डिश पर MPEG-2 स्लॉट के ई-ऑक्शन का दूसरा राउंड ब्रॉडकास्टर्स के लिए फायदेमंद रहा, लेकिन प्रसार भारती को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रसार भारती को करीब 150 करोड़ रुपये के संभावित राजस्व का नुकसान हुआ।
पहले राउंड में सभी आवेदकों के आयोग्य हो जाने से प्रमुख ब्रॉडकास्टर्स ने कमजोर बोली माहौल का लाभ उठाया और कीमतों में गिरावट का इंतजार किया। पहले राउंड में, जहां A+ कैटेगरी के स्लॉट्स की बोली 18.6 करोड़ रुपये तक गई थी, वहीं दूसरे राउंड में अधिकतर स्लॉट्स बेस प्राइस के करीब बिके, और प्रति स्लॉट बढ़ोतरी केवल 10-15 लाख रुपये तक ही सीमित रही। इससे Prasar Bharati को काफी नुकसान हुआ।
कुल मिलाकर, पहले राउंड में भी बोली की कीमतों में गिरावट देखी गई, लेकिन यह गिरावट दूसरे राउंड की तुलना में कम थी। उदाहरण के लिए, Sun NEO ने GEC A+ कैटेगरी में इस बार करीब 18.5 करोड़ रुपये में स्लॉट हासिल किया, जबकि पिछले साल यह बोली 21 करोड़ रुपये थी। इसी कैटेगरी में, Big Magic ने 2024-25 में लगभग 18 करोड़ रुपये में स्लॉट लिया था, जबकि इस बार यह 17 करोड़ रुपये में हासिल किया। मूवी कैटेगरी में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला। 12 करोड़ रुपये के बेस प्राइस वाले इस कैटेगरी में इस साल जीतने वाली बोलियां लगभग 15.5 करोड़ रुपये से 17 करोड़ रुपये के बीच रही, जबकि पिछले सीजन में यह 17 करोड़ रुपये से 18.5 करोड़ रुपये के बीच थी।
न्यूज़ कैटेगरी में भी गिरावट आई। इस बार जीतने वाली बोलियां 13.4 करोड़ रुपये से 14.4 करोड़ रुपये के बीच रही, जबकि पिछले साल यह 17 करोड़ रुपये से 18.5 करोड़ रुपये के बीच थी।
हालांकि कुछ ब्रॉडकास्टर्स ने इस स्थिति से फायदा उठाया, लेकिन पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवाल DD Free Dish ऑक्शन प्रक्रिया की दीर्घकालिक स्थिरता पर संदेह पैदा कर रहे हैं। फ्री डिश बड़े पैमाने पर दर्शकों तक पहुंचने का एक महत्वपूर्ण डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म बना हुआ है, ऐसे में प्रसार भारती के सामने चुनौती यह होगी कि वह भविष्य के ऑक्शन्स में विश्वास बहाल करे और एक निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धात्मक बोली माहौल सुनिश्चित करे।
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