मीडिया इंडस्ट्री में 2020 की बड़ी डील, कुछ चढ़ीं परवान, कुछ टूटीं, कुछ का है इंतजार

कोरोना काल कई कंपनियों के बीच ऐसी डील भी हुई, जिससे उनके बिजनेस को नई उपलब्धि मिल सके। आइए एक नजर डालते हैं ऐसी कंपनियों के बीच की डील पर

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 30 December, 2020
Last Modified:
Wednesday, 30 December, 2020
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साल 2020 अपने सफर के अंतिम पड़ाव पर है। पूरी दुनिया नए साल का बेसब्री से इंतजार कर रही है, क्योंकि साल 2020 ने न सिर्फ लोगों के जहन पर, बल्कि तमाम इंडस्ट्री पर भी गहरी छाप छोड़ी है। इन सबके बीच कुछ ऐसी कंपनियां भी रहीं, जो अपनी स्ट्रैटेजी के चलते न केवल कई कंपनियों के लिए प्रेरणा बनीं, बल्कि कोरोना काल के बीच ऐसी डील भी कीं, जिससे उनके बिजनेस को नई उपलब्धि मिल सके। आइए एक नजर डालते हैं ऐसी कंपनियों के बीच की डील पर-

मीडिया इंडस्ट्री के लिहाज से साल 2020 से काफी उम्मीदें थीं और शुरुआती महीनों में हुआ भी कुछ ऐसा ही था। महीना था फरवरी, जब मीडिया कारोबार को लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक बड़ी घोषणा कर दी कि वह अपने मीडिया कारोबार को रीस्ट्रक्चर करेगा। कंपनी ने इसके तहत मीडिया और डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस को ‘नेटवर्क18’ (Network 18) में मिलाने का फैसला किया। कहा जा रहा था कि इस फैसले से ‘नेटवर्क18’ मीडिया और एंटरटेनमेंट क्षेत्र में देश की अग्रणी कंपनी बन जाएगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा भी की थी। तब रिलायंस इंडस्ट्रीज ने यह जानकारी दी थी कि इस कदम के बाद ‘नेटवर्क18’ का सालाना रेवेन्यू 8,000 करोड़ हो जाएगा। 

पूरी खबर यहां पढ़ें: मीडिया कारोबार को लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने की ये बड़ी घोषणा 

वहीं दूसरी तरफ, साल 2020 की जनवरी में एक ऐसी खबर पनप रही थी, जो चीन के वुहान तक ही सीमित थी। यह खबर कोरोना वायरस से जुड़ी थी। किसी को नहीं पता था कि मार्च आते-आते कोरोना वायरस का कहर न केवल पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लेगा, बल्कि तमाम देशों की अर्थव्यवस्था की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा देगा। अप्रैल में इसका असर भी तेजी से दिखाई देने लगा। मीडिया इंडस्ट्री भी इसके प्रभाव से बच नहीं सकी। अप्रैल में कई कंपनियों का कारोबार थमने लगा था, क्योंकि कोरोना महामारी ने न सिर्फ बड़े पैमाने पर आर्थिक संकट पैदा कर दिया था, बल्कि वैश्विक मतभेदों और प्रतिस्पर्धाओं को भी और गहरा कर दिया था। इस बीच अप्रैल में एक खबर सामने आई कि ‘स्टार इंडिया’ (Star India) ने अपने पांच चैनल्स की लॉन्चिंग को टाल दिया और यह कह दिया गया कि इस बारे में कोई निर्णय अब अगले आदेश के बाद ही लिया जाएगा। वैसे ‘स्टार इंडिया’ (Star India) ने अपने पांच नए चैनल्स को लॉन्च करने की घोषणा नए साल की शुरुआत में की थी।

यहां पढ़ें पूरी खबर- Star India ने अपनी इस योजना पर लगाया ‘ब्रेक’

तीन महीने ही बीते थे कि अप्रैल में इस खबर के साथ ही कोरोना का कहर दिखने लगा था। इंडस्ट्री पर छंटनी के बादल छा गए थे। तब तक, महामारी का रूप धारण कर चुके कोरोनावायरस (कोविड-19) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी। इससे तमाम उद्योग धंधे बंद पड़ गए थे, जिसका विपरीत प्रभाव मीडिया इंडस्ट्री पर भी दिखने लगा था। इस बीच मार्केट में ऐसी सुगबुगाहट होने लगी थीं कि ‘क्विंटिलियन मीडिया’ (Quintillion Media) और अमेरिकी कंपनी ‘ब्लूमबर्ग एलपी’ (Bloomberg LP) के जॉइंट वेंचर ‘ब्लूमबर्गक्विंट’ (BQ) कोई बड़ा निर्णय ले सकता है। लिहाजा इस बीच न्यूज पोर्टल ‘द क्विंट’ (The Quint) के एडिटर-इन-चीफ राघव बहल ने अपने ट्विटर हैंडल से यह घोषणा कर दी कि ‘ब्लूमबर्गक्विंट’ (BQ) अपनी डिजिटल ऑपरेशंस स्ट्रैटेजी पर पूरा फोकस करेगा और अपने टेलिविजन डिवीजन को बंद कर देगा। हालांकि टेलिविजन डिवीजन को बंद करने के फैसले के पीछे का कारण उसके ब्रॉडकास्ट लाइसेंस का लंबित पड़ा होना बताया गया।

पढ़ें ये पूरी खबर: ‘ब्लूमबर्ग-Quint’ मीडिया वेंचर को लेकर राघव बहल ने की बड़ी घोषणा

मई आते-आते मीडिया इंडस्ट्री एक अलग तरह के बदलाव के दौर से गुजरने लगी थी। तमाम मीडिया कंपनियों में कॉस्टकटिंग का सिलसिला शुरू हो चुका था। एम्प्लॉयीज की सैलरी पर कैंची चलने लगी थी। तमाम मीडिया एम्प्लॉयीज को 'लीव विदआउट पे' पर भेजा जाने लगा था। अखबारों के सर्कुलेशन प्रभावित होने लगे थे। इस बीच फिर ‘द क्विंट’(The Quint) के स्वामित्व वाली कंपनी को लेकर एक खबर सामने आई कि ‘हल्दीराम स्नैक्स’ (Haldiram Snacks) की हिस्सेदारी वाली कंपनी ‘गौरव मर्केंटाइल्स लिमिटेड’ (Gaurav Mercantiles Ltd) अब मीडिया मुगल राघव बहल और उनकी पत्नी रितु कपूर के स्वामित्व वाली ‘क्विंटिलियन मीडिया’ (Quintillion Media) के डिजिटल बिजनेस का अधिग्रहण करेगी। ‘VCCircle’ की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि ‘गौरव मर्केंटाइल्स लिमिटेड’ ने स्टॉक एक्सचेंज को इस बारे में जानकारी दे दी है। दावा किया गया कि इस डील में ‘द क्विंट’ की हिंदी और अंग्रेजी वेबसाइट शामिल हैं, लेकिन ‘क्विंटिलियन मीडिया’ (Quintillion Media) और अमेरिकी कंपनी ‘ब्लूमबर्ग एलपी’ (Bloomberg LP) के जॉइंट वेंचर ‘ब्लूमबर्गक्विंट’ (BQ) की न्यूज वेबसाइट का बिजनेस शामिल नहीं है।’ VCCircle’ की रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया कि गौरव मर्केंटाइल्स ने कहा कि वह अपना नाम बदलेगी और अपना रजिस्टर्ड ऑफिस मुंबई से दिल्ली शिफ्ट करेगी, जहां पर क्विंटिलियन का ऑफिस है।

पढ़ें ये पूरी खबर: न्यूज वेबसाइट The Quint का अधिग्रहण करेगी यह कंपनी

वहीं, जहां कोरोना के कहर से 2020 का ये साल कई कंपनियों के लिए काल बन गया, वहीं एक ऐसी कंपनी थी जिसके कर्मचारियों के लिए साल 2020 किसी वरदान से कम नहीं रहा। यह कंपनी थी 'जिफी' (GIPHY)। दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक (Facebook) ने एनिमेटेड इमेज लाइब्रेरी 'जिफी' (GIPHY) को 40 करोड़ डॉलर (करीब 3040 करोड़ रुपए) में खरीद लिया था। Giphy विडियो क्लिप्स और एनिमेटेड इमेज जिन्हें GIF के नाम से जाना जाता है, की एक बहुत बड़ी लाइब्रेरी है। इस बिजनेस डील के तहत ही फेसबुक ने 100 से ज्यादा Giphy के कर्मचारियों को अपने साथ शामिल कर लिया था।

पढ़ें ये पूरी खबर: Facebook की नई डील, अब इस कंपनी को खरीदा

अब मई महीना था। एक तरफ जहां, कोरोना संक्रमण के प्रसार को कम करने के लिए लागू किए लॉकडाउन की वजह से कई मीडिया कंपनियों की आर्थिक स्थिति इस कदर बिगड़ गई थी कि उन्हें वित्तीय बोझ को कम करने के लिए अपने स्टाफ या उनके मासिक वेतन में कटौती करनी पड़ रही थी। वहीं न्यूजीलैंड से एक ऐसी खबर सामने आई, जिसने तमाम लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। खबर थी कि यहां के सबसे बड़े मीडिया घरानों में से एक को उसके मालिकों ने सिर्फ 1 डॉलर (61 cents) में बेच दिया। दरअसल, यह सौदा नाइन एंटरटेनमेंट  (Nine Entertainment Holdings Ltd) ने अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के साथ किया था, जिसके तहत कंपनी ने उन्हें अपने मीडिया हाउस 'स्टफ' को महज एक डॉलर में बेचने का फैसला किया था। 'स्टफ' देश के कई दैनिक अखबारों का प्रकाशन करता है और इसी नाम से एक लोकप्रिय न्यूज वेबसाइट चलाता है। तब इसमें 400 पत्रकारों सहित लगभग 900 कर्मचारी कार्यरत थे।       

बताया जा रहा था कि ऑस्ट्रेलिया के नाइन एंटरटेनमेंट के स्वामित्व वाला 'स्टफ' महामारी के पहले से ही वित्तीय कठिनाइयों से जूझ रहा था। लिहाजा इस बीच कंपनी ने विज्ञापन राजस्व में बड़ी गिरावट दर्ज की थी। ऑस्ट्रेलियाई शेयर बाजार को दिए एक बयान में कंपनी ने कहा था कि 'स्टफ' को सीईओ सिनैड बाउचर को बेचा जाएगा और यह पूरी कार्रवाई महीने के अंत तक पूरी कर ली जाएगी।

पूरी खबर यहां पढ़ें: महज 1 डॉलर में बिक गया ये बड़ा मीडिया हाउस

वहीं मई के अंत में डायरेक्ट टू होम (डीटीएच) ऑपरेटर ‘टाटा स्काई’ (Tata Sky) और ‘शेमारू एंटरटेनमेंट लिमिटेड’ (Shemaroo Entertainment Ltd) के बीच भी एक बड़ी डील हुई और बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए दोनों ने आपस में हाथ मिलाया। इस पार्टनरशिप का फायदा दर्शकों को भी होने वाला था, क्योंकि ऐसा करने से टाटा स्काई बिंगे पर उपलब्ध शेमारू ऐप के द्वारा दर्शकों को फिल्मी और गैर फिल्मी एंटरटेनमेंट की बड़ी श्रृंखला देखने को मिलती।  

पूरी खबर यहां पढ़ें: Tata Sky और ShemarooMe ने मिलाया हाथ, ऑडियंस को कुछ यूं होगा फायदा

अब महीना था जून। गर्मी के साथ कोरोना भी चरम पर था। लेकिन इस बीच ‘सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट’ (Sony Pictures Entertainment) से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई। खबर थी कि ‘केसी ग्लोबल मीडिया’ (KC Global Media Entertainment) ने एशिया में ‘सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट’ के पे टीवी चैनल्स (Pay TV Channels) का अधिग्रहण कर लिया। ‘केसी ग्लोबल मीडिया’ के हेड एंडी कापलान (Andy Kaplan) और जॉर्ज चिएन (George Chien) पहले सोनी नेटवर्क से ही जुड़े हुए थे। दोनों ने पिछले साल आपस में हाथ मिलाया था।

पूरी खबर यहां पढ़ें: इस कंपनी ने खरीदे एशिया में सोनी पिक्चर्स के Pay TV Channels

जून में ही एक और डील की खबर सामने आई। खबर थी कि ‘आंध्र प्रभा पब्लिकेशन’ (Andhra Prabha Publication) के मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम मूथा (Goutam Mootha) अंग्रेजी न्यूज चैनल इंडिया अहेड (India Ahead) में बड़ी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में हैं। उस समय, इस हिस्सेदारी को लेने में जिन लोगों ने रुचि दिखाई थी, उनमें राजीव चंद्रशेखर, भूपेंद्र चौबे के नेतृत्व वाले समूह और एक अन्य प्रोफेशनल एंटरप्रिन्योर के नेतृत्व वाला समूह शामिल है। चंद्रशेखर के नेतृत्व वाला समूह ‘जुपिटर कैपिटल’ (Jupiter Capital) 25 से 30 करोड़ रुपए में इसमें 51 प्रतिशत की हिस्सेदारी (stake) खरीदने की सोच रही था। हालांकि बाद में वरिष्ठ पत्रकार और CNN News18 (सीएनएन न्यूज) 18 के पूर्व एग्जिक्यूटिव एडिटर भूपेंद्र चौबे ने ‘आंध्र प्रभा पब्लिकेशन’ (Andhra Prabha Publication) में बतौर ग्रुप एडिटर-इन-चीफ और सीईओ के पद पर जुड़ गए। साथ ही वे इसके को-प्रमोटर/ओनर के साथ-साथ इसकी कोर फाउंडिग टीम के सदस्य भी बने। अपनी इस भूमिका में वह अखबार के 12 एडिशन, अंग्रेजी न्यूज चैनल 'इंडिया अहेड' (India Ahead) और कंपनी के रीजनल कामों की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।

पूरी खबर यहां पढ़ें: आंध्र प्रभा पब्लिकेशन के MD गौतम मूथा India Ahead में बेचेंगे बड़ी हिस्सेदारी!

पूरी खबर यहां पढ़ें: वरिष्ठ पत्रकार भूपेंद्र चौबे ने अब इस मीडिया समूह के साथ शुरू की नई पारी

वहीं जुलाई में जहां कोरोना का खौफ लोगों के दिलों में इस कदर घर गया कि वे पूरे दिन न्यूज चैनल से चिपके रहे, जिसकी वजह से चैनलों की टीआरपी ने बेहताशा वृद्धि दर्ज की। ऐसे में आरपी संजीव गोयनका ग्रुप (RP Sanjiv Goenka Group) ने ऑनलाइन न्यूज प्लेटफॉर्म ‘एडिटरजी’ (Editorji) में  51% की बहुमत हिस्सेदारी (majority stake) हासिल करने की खबर सामने आई, जिसकी जानकारी खुद ‘एडिटरजी’ (Editorji) के फाउंडर विक्रम चंद्रा ने एक ट्वीट के जरिए दी।

पूरी खबर यहां पढ़ें: इस कंपनी ने ऑनलाइन न्यूज प्लेटफॉर्म Editorji में हासिल की 51% की हिस्सेदारी

जुलाई में ही एक बड़ी घोषणा हुई, जो भारत में डिजिटल के क्षेत्र में एक बड़ी खुशी की खबर लेकर आया। दरअसल, पहली बार वर्चुअली आयोजित किए गए गूगल के छठे ‘गूगल फॉर इंडिया इवेंट 2020’ में सीईओ सुंदर पिचाई ने यह घोषणा की कि डिजिटल इंडिया (India Digitization Fund) के लिए गूगल अगले 5-7 सालों में 75,000  करोड़ रुपए का निवेश करेगा और बताया कि कैसे गूगल का यह निवेश इक्विटी इनवेस्टमेंट, पार्टनरशिप और ऑपरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम इंडस्ट्री में होगा। साथ ही यह भी कहा कि गूगल ने सीबीएसई के साथ एक साझेदारी की है, जिसके तहत ई-लर्निंग का विस्तार किया जाएगा।  

सीईओ सुंदर पिचाई ने ये भी बताया कि यह निवेश डिजिटल इंडिया के चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर पर होगा, जिसमें पहले है कि इस राशि का इस्तेमाल हिन्दी, तमिल और पंजाबी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में सूचनाओं को हर देशवासी तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा।  

पढ़ें पूरी खबर: डिजिटल इंडिया के लिए गूगल 5-7 वर्षों में करेगा 75,000 करोड़ का निवेश

जुलाई में ही Viacom 18 और SONY से जुड़ी एक खबर ने रफ्तार पकड़ी कि जल्द ही दोनों के बीच विलय को मंजूरी मिल जाएगी, क्योंकि यह डील अंतिम दौर में है। तब सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी गई थी कि इस डील के बाद सोनी की Viacom 18 में 74 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि वायकॉम18 की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी।

पढ़ें ये खबर: Viacom 18 और SONY से जुड़ी इन खबरों ने फिर पकड़ी ‘रफ्तार’

हालांकि सितंबर के तीसरे सप्ताह में सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स (SPN) इंडिया और ‘वॉयकॉम18’ के विलय की घोषणा होने संभावना जताई जा रही थी, लेकिन अक्टूबर में दोनों के बीच चल रही इस डील को रद्द कर दिया गया और हवाला दिया गया कि रणनीतिक पुनर्विचार के बाद ‘वॉयकॉम18’ ने यह कदम उठाया है। साथ ही यह भी कहा गया कि अब रिलायंस जियो ने ज्यादा से ज्यादा हिस्सेदारी को बनाए रखने और मैनेजमेंट पर नियंत्रण रखने का फैसला किया है। लेकिन खबर निकलकर ये सामने आ रही थी कि कुछ कंटेंट क्रिएटर्स और प्रॉडक्शन हाउसेज ने जियो के साथ पार्टनरशिप करने की इच्छा जताई है।

ये भी पढ़ें: Viacom18 और SONY के विलय से जुड़ी खबरों के बीच अब उठा ये बड़ा कदम

फिर जुलाई ये खबर आई कि ‘द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप’ ने इंश्योरेंस वेब एग्रिगेटर कंपनी ‘माय इंश्योरेंस क्लब’ (MyInsuranceClub) का अधिग्रहण कर लिया है। एक्सप्रेस ग्रुप ने MyInsuranceClub में 100 फीसदी हिस्सेदारी हासिल की है। एक्सप्रेस ग्रुप ने यह जानकारी दी थी  कि यह डील इस साल की शुरुआत में ही हो चुकी थी, लेकिन इंश्योरेंस रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (IRDA) की ओर से मंजूरी मिलने का इंतजार था, जोकि अब मिल चुकी है।

पूरी खबर यहां पढ़ें: एक्सप्रेस ग्रुप ने इस वेब एग्रिगेटर का किया अधिग्रहण, खरीदी 100 फीसदी हिस्सेदारी

जुलाई जाते-जाते एक और डील की खबर सामने आ गई कि 'हिन्दुस्तान टाइम्स', 'हिन्दुस्तान' और 'मिंट' अखबार की प्रकाशक कंपनी ‘एचटी मीडिया लिमिटेड’ (HT Media Ltd) ने ‘Mosaic Media Ventures Private Limited’ में 100 प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल कर ली है। ‘वीसीसर्कल’ (VCCircle) और ‘टेकसर्कल’ (TechCircle) का बिजनेस ‘Mosaic’ ही संभालती है।  

पूरी खबर यहां पढ़ें: इस मीडिया वेंचर में HT Media ने हासिल की सौ फीसदी हिस्सेदारी

वहीं अगस्त में मीडिया गलियारों में एक और खबर तेजी से फैलने लगी कि बेनेट कोलमेन एंड कंपनी लिमिटेड (BCCL) अपनी इंटरनेट इकाई में कथित तौर पर हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि टाइम्स ऑफ इंडिया अपने डिजिटल बिजनेस का विस्तार करने की योजना बना रहा है।
कहा जा रहा था कि टाइम्स ग्रुप हिस्सेदारी बेचने के विकल्पों पर एक एडवाइजर से सलाह ले रहा है और इस महीने अन्य प्लेयर्स के साथ बातचीत शुरू करेगा। कहा तो ये भी जा रहा था कि बीसीसीएल कथित तौर पर इस डील को भुनाने के लिए ग्लोबल स्तर की बड़ी टेक कंपनियों से बातचीत कर रहा है। फिलहाल डील भुनाने के लिए कहां तक ये बात पहुंची, अभी इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।  

पढ़ें ये पूरी रिपोर्ट: टाइम्स इंटरनेट में हिस्सेदारी बेचेगी BCCL: रिपोर्ट

अगस्त तक कोविड-19 (COVID-19) के कारण भारत में मीडिया बिजनेस काफी प्रभावित हो चुका था। तमाम प्रतिष्ठान बंद होने लगे थे, रेवेन्यू घट रहा था, ऐसे में गोवा के स्टार्टअप ‘Kaydence Media Ventures Private Limited’ (KMV) ने अपने ऑनलाइन न्यूज पोर्टल GoaChronicle.com में पांच प्रतिशत इक्विटी की पेशकश कर दी, जिससे उम्मीद जताई गई उस कदम से वह करीब 5 करोड़ रुपए जुटाए लेगा। हुआ भी ऐसा ही, ‘KMV’ को ऑनलाइन न्यूज पोर्टल GoaChronicle.com में पांच प्रतिशत इक्विटी हासिल करने के लिए हाईटेक नेचुरल प्रॉडक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड से ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ (Letter of Intent) मिल गया था।

पूरी खबर यहां पढ़ें: विस्तार की दिशा में Kaydence Media Ventures ने उठाए कदम, बनाई यह स्ट्रैटेजी

सितंबर आते-आते लोगों का कोरोना की खबरों से मोह भंग हो चुका था। क्रिकेट के लिए भारतीय फैंस की दीवानगी चरम पर थी, क्योंकि इसी महीने आईपीएल शुरू हो रहा था। अपने बिजनेस ग्रोथ के लिए तमाम कंपनियां स्ट्रैटजी बनानी शुरू कर चुकीं थीं। लिहाजा ऐसे में आईपीएल को कंपनी गेमचेंजर की तरह देख रहीं थीं। ऐसे में खबर आई कि हिंदी न्यूज चैनल ‘टीवी9 भारतवर्ष’ (TV9 Bharatvarsh) ने ‘कोलकाता नाइट राइडर्स’ (इंडियन प्रीमियर लीग 2020) और ‘त्रिनबगो नाइट राइडर्स’ (कैरेबियन प्रीमियर लीग 2020) की स्पॉन्सरशिप हासिल कर ली। ‘टीवी9 भारतवर्ष’ इसके तहत ‘कोलकाता नाइट राइडर्स’ में आर्म स्पॉन्सर (Arm Sponsor) और ‘त्रिनबगो नाइट राइडर्स’ का अपर चेस्ट स्पॉन्सर (Upper Chest Sponsor)  होगा।

पूरी खबर यहां पढ़ें: टीवी9 भारतवर्ष ने ली इन दो क्रिकेट टीमों की स्पॉन्सरशिप

सितंबर में आपीएल अभी शुरू नहीं हुआ था कि एक और डील की खबर सामने आई कि ‘इंडियन प्रीमियर लीग’ (Indian Premier League) के ऑफिशियल ब्रॉडकास्टर ‘स्टार स्पोर्ट्स’ (Star Sports) ने ‘डेलीहंट’ (DailyHunt) के साथ एसोसिएट स्पॉन्सरशिप के रूप में पार्टनरशिप की है। तब ‘डेलीहंट’ ने कुछ ही दिनों पहले ही शॉर्ड वीडियो ऐप ‘जोश’(Josh) लॉन्च किया था और इस पार्टनरशिप के द्वारा वह ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी पहुंच बनाना चाहता था। मीडिया रिपोर्ट्स में या दावा किया गया कि नए लॉन्च को बढ़ावा देने के लिए आईपीएल ब्रॉडकास्ट स्पॉन्सरशिप का इस्तेमाल किया जाएगा। 

पूरी खबर यहां पढ़ें: IPL 2020: स्टार ने डेलीहंट के साथ किया ये करार

आईपीएल शुरू होने के ठीक एक दिन पहले ये खबर सामने आई कि भारतीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शेयरचैट (Share Chat) ने वीडियो उत्पादन करने वाली कंपनी ‘एचपीएफ फिल्म्स’ (HPF Films) का अधिग्रहण कर लिया है। ‘एचपीएफ फिल्म्स’ को डिजिटल कंटेंट में विशेषज्ञता हासिल है। कंपनी ने कहा कि अधिग्रहण से शेयरचैट और इसके लघु वीडियो प्लेटफॉर्म मौज (Moj) को बेहतर कंटेंट इकोसिस्टम बनाने की दिशा में मदद मिलेगी और ब्रैंड के लिए उसके विज्ञापन समाधानों में वृद्धि होगी। हालांकि कंपनी ने इस सौदे की राशि की जानकारी नहीं दी।  

पूरी खबर यहां पढ़े: Share Chat ने इस वीडियो प्रॉडक्शन कंपनी का किया अधिग्रहण

अब अक्टूबर आ चुका था। मौसम भी सर्द होने लगा था लिहाजा मीडिया गलियारों में एक खबर आई कि एंटरटेनमेंट कंपनी ‘डिज्नी’ (Disney) कथित रूप से डीटीएच सेवा प्रदाता कंपनी ‘टाटा स्काई’ में अपनी हिस्सेदारी बेचने के बारे में विचार कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया कि कंपनी यह हिस्सेदारी इसलिए बेचना चाह रही है क्योंकि इसके पास दुनिया के किसी भी हिस्से में डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म्स जैसे केबल और डायरेक्ट टू होम सर्विसेज में हिस्सेदारी नहीं है और न ही यह इसके मुख्य बिजनेस का हिस्सा है। बताया जाता है कि फॉक्स के अधिग्रहण के बाद डिज्नी की टाटा स्काई में 20 प्रतिशत प्रत्यक्ष और 9.8 प्रतिशत अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी है।  

पूरी खबर यहां पढ़े: टाटा स्काई में अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है Disney: रिपोर्ट

ठंड चरम पर थी,अब ठंड चरम पर थी जो कि आए दिन नए रिकॉर्ड बना रही थी क्योंकि महीना था दिसंबर का। ऐसे में खबर आई कि अनिल अंबानी के स्वामित्व वाले बिजनेस न्यूज चैनल ‘बीटीवीआई’ (BTVI) के को कथित तौर पर नया मालिक मिल गया है। मुंबई से संचालित इस बिजनेस न्यूज चैनल ने 31 अगस्त 2019 रात 12 बजे से अपना संचालन बंद कर दिया था। बताया गया कि अब इसे खरीदने के लिए टीएनपी (TNP Group) ग्रुप ने समझौता पत्र (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं। टीएनपी ग्रुप के प्रमोटर्स का कहना है कि डील अभी पूरी तरह परवान नहीं चढ़ी है और इसकी प्रक्रिया जारी है। इस चैनल में अब टीएनपी ग्रुप की 100 प्रतिशत इक्विटी है।

पूरी खबर यहां पढ़े: बिजनेस न्यूज चैनल BTVI के नए स्वामित्व को लेकर आई ये बड़ी खबर

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पत्रकार ने कीटनाशक पीकर मौत को लगाया गले, मामले की जांच में जुटी पुलिस

मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक पत्रकार द्वारा जहर खाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है।

Last Modified:
Monday, 08 March, 2021
Suicide

मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक पत्रकार द्वारा जहर खाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 20 वर्षों से जुड़े और विभिन्न समाचार पत्रों में काम कर चुके पत्रकार अनिल भलिका इन दिनों एक स्थानीय न्यूज चैनल में कार्यरत थे। निजातपुरा निवासी अनिल ने शनिवार की सुबह घर में पौधों में डालने वाला कीटनाशक पी लिया। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई। अनिल की पत्नी पत्नी नीता उन्हें जिला चिकित्सालय लेकर पहुंची, जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले में कुछ लोगों का कहना है कि अनिल कुछ समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे, जिस कारण उन्होंने यह कदम उठाया है। फिलहाल पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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जानिए, इस साल किसके सिर सजा e4m Influencer Of Year Award का ताज

यह अवॉर्ड हर साल ऐसे व्यक्ति को दिया जाता है, जिसने अपने आइडिया अथवा कामों से इंडस्ट्री की दशा और दिशा को बदलने में महत्वपूर्ण काम किया है।

Last Modified:
Saturday, 06 March, 2021
e4m enfluencer

‘इनमोबी और ग्लांस’(InMobi & Glance) के फाउंडर और सीईओ नवीन तिवारी को ‘एक्सचेंज4मीडिया इन्फ्लुएन्सर ऑफ द ईयर’ (exchange4media Influencer of the Year Award) अवॉर्ड 2020 से सम्मानित किया गया है। शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में नवीन तिवारी को यह अवॉर्ड दिया गया। यह अवॉर्ड हर साल ऐसे व्यक्ति को दिया जाता है, जिसने अपने आयडिया अथवा कामों से इंडस्ट्री की दशा और दिशा को बदलने में महत्वपूर्ण काम किया है।

नवीन तिवारी को थोड़े से समय में ही उनके द्वारा किए गए अनुकरणीय कार्यों के लिए जाना जाता है। उन्होंने एक स्टार्ट-अप कंपनी को एक सफल ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी में परिवर्तित कर अपनी खास पहचान बनाई है।

ग्लोबल कंसल्टेंसी कंपनी ‘मैकिन्से’ (McKinsey) में संक्षिप्त पारी के बाद नवीन तिवारी ने वर्ष 2008 में ‘इनमोबी’ (InMobi) की स्थापना कर एंटरप्रिन्योरशिप की दुनिया में कदम रखा था। उनके नेतृत्व में भारत की पहली यूनिकॉर्न कंपनियों में से एक ‘इनमोबी’ ने अब खुद को दुनिया के अग्रणी एडवर्टाइजिंग प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित कर लिया है। बता दें कि जब कोई कंपनी एक अरब डॉलर का वैल्यूएशन हासिल करती है, तो उसे यूनिकॉर्न कहा जाता है। तिवारी के दूसरे बिजनेस वेंचर ‘ग्लांस’ (Glance) ने भी यूजर्स के बीच अपनी खास पहचान बना ली है। नवीन तिवारी ‘पेटीएम’ (Paytm) के बोर्ड मेंबर भी रह चुके हैं।

यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड मिलने पर नवीन तिवारी ने कहा, ‘मैं काफी शुक्रगुजार हूं और अपनी टीम की ओर से इस अवॉर्ड को स्वीकार करता हूं, जिसने अपनी मेहनत से यह सब कर दिखाया है। पिछला साल देखें तो एक बात तो स्पष्ट हो गई है कि जीवन में बहुत सी बड़ी चीजें हैं, जिनकी हमने पहले कल्पना नहीं की थी। e4m एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म है, जो लोगों के काम की पहचान कर उन्हें सम्मानित करता है। यह अवॉर्ड मिलने पर मैं काफी खुश हूं।’

इस कार्यक्रम के दौरान नवीन तिवारी और ‘बिजनेस वर्ल्ड’ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा के बीच सवाल-जवाब का दौर भी चला। इस दौरान यह पूछे जाने पर कि पिछले 12 महीने उनके लिए कैसे रहे हैं और इस समय से उन्हें क्या सीखने को मिला, तिवारी ने कहा कि दुनिया पिछले 12 महीनों में हुई हर चीज से प्रभावित हुई है। हालांकि शारीरिक व मानसिक तौर पर यह लोगों के लिए काफी मुश्किल समय रहा है, लेकिन कुछ चीजें विकसित भी हुई हैं। मैं अपने बिजनेस की बात करूं तो डिजिटल काफी तेजी से आगे बढ़ा है। व्यक्तिगत रूप से अपनी बात करूं तो इन महीनों में मेरी सोच में काफी महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं और जीवन जीने के तरीकों में काफी बदलाव आया है। उम्मीद है कि आगे काफी अच्छा होगा।

बता दें कि ‘एक्सचेंज4मीडिया इन्फ्लुएन्सर ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड 2016 में शुरू हुआ था। उस साल ‘वायकॉम 18’ (Viacom18) के तत्कालीन सीओओ राज नायक को इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2017 में इस अवॉर्ड से ‘डब्ल्यूपीपी इंडिया’ (WPP India) के कंट्री मैनेजर सीवीएल श्रीनिवास को सम्मानित किया गया था। वर्ष 2018 में यह अवॉर्ड ‘डेलीहंट’ (Dailyhunt) के फाउंडर और सीईओ वीरेंद्र गुप्ता और इसके को-फाउंडर उमंग बेदी को दिया गया था, जबकि पिछले साल ‘गूगल इंडिया’ (Google India) के कंट्री मैनेजर संजय गुप्ता को इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

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दुनिया को अलविदा कह गए 'दिनामलार' के पूर्व संपादक आर. कृष्णमूर्ति

लोकप्रिय तमिल दैनिक अखबार 'दिनामलार' के पूर्व संपादक और प्रसिद्ध मुद्राविज्ञानविद् आर. कृष्णमूर्ति का गुरुवार को चेन्नई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।

Last Modified:
Saturday, 06 March, 2021
R Krishnamurthy55

लोकप्रिय तमिल दैनिक अखबार 'दिनामलार' के पूर्व संपादक और प्रसिद्ध मुद्राविज्ञानविद् आर. कृष्णमूर्ति का गुरुवार को चेन्नई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 88 साल के थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और दो बेटियां हैं।

इस बात की जानकारी देते हुए ‘दिनामलार’ के संपादक के रामासुब्बू ने कहा, ‘उन्हें गुरुवार सुबह उनके आवास पर दिल का दौरा पड़ा और उनका निधन हो गया।’

‘आरके’ नाम से प्रसिद्ध कृष्णमूर्ति 1956 में ‘दिनामलार’ से जुड़ने के बाद 1977 में उसके संपादक बन गए, जिसकी स्थापना उनके पिता टी.वी. रामासुबियर ने की थी।

वह प्रेसीडेंसी कॉलेज से भूविज्ञान में स्नातकोत्तर थे। उन्होंने 1977 में प्रसिद्ध 'पेरियार' लिपि पेश की थी। बाद में, तमिलनाडु सरकार ने पाठ्य पुस्तकों में इस लिपि को पेश किया और आज भी इसका व्यापक उपयोग किया जाता है।

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TRP Case: सीबीआई ने BARC के सीईओ सुनील लुल्ला से की पूछताछ

सूत्रों की मानें तो सीबीआई द्वारा लुल्ला की कोर टीम के कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी पूछताछ की गई।

Last Modified:
Friday, 05 March, 2021
BARC

फर्जी टीआरपी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा भी अपनी समानांतर जांच शुरू करने की खबर सामने आई है। सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार, जांच एजेंसी ने पिछले सप्ताह ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया के सीईओ सुनील लुल्ला को कथित रूप से समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था।

सूत्रों की बात पर यदि भरोसा करें तो लुल्ला को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया था, जो कुछ घंटों तक चली। सूत्रों की मानें तो सीबीआई द्वारा लुल्ला की कोर टीम के कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी पूछताछ की गई।

हालांकि, बार्क की ओर से इस मामले में पूरी तरह से चुप्पी साधी हुई है और इस बारे में पुष्टि के लिए भेजे गए किसी भी मेल का कोई जवाब नहीं दिया गया है। गौरतलब है कि इसी साल जनवरी में ‘प्रवर्तन निदेशालय’ (Enforcement Directorate) ने भी बार्क में विसंगतियों को लेकर बार्क के वरिष्ठ अधिकारियों और सुनील लुल्ला की टीम के सदस्यों को पूछताछ के लिए समन जारी किया था।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ‘बार्क में मीजरमेंट साइंस के चीफ और सीनियर मैनेजमेंट टीम के सदस्य डॉ. डेरिक ग्रे (Dr Derrick Gray) से मुंबई में पूछताछ की जा रही है। ईडी के कुछ अधिकारी भी बार्क के ऑफिस में टीआरपी केस को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ कर रहे हैं।’

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने दिसंबर 2020 में मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज मामले के आधार पर एफआईआर की तरह Enforcement Case Information Report (ECIR) दर्ज की थी। गौरतलब है कि टीआरपी से छेड़छाड़ का मामला अक्टूबर में तब सामने आया था, जब ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) द्वारा देश में टीवी दर्शकों की संख्या मापने के लिए घरेलू पैनल के प्रबंधन का जिम्मा संभालने वाली एजेंसी ‘हंसा रिसर्च’ (Hansa Research) के अधिकारी नितिन देवकर ने एक शिकायत दर्ज की, जिसमें कहा गया था जिन घरों में बार-ओ-मीटर लगे हैं, उन घरों को भुगतान करके कुछ टीवी चैनल्स दर्शकों की संख्या में हेरफेर कर रहे हैं।

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ऑटो में जा रहे न्यूज एजेंसी के पत्रकार के साथ हो गई ये वारदात

पुलिस ने मामला दर्ज कर मोटरसाइकिल सवार तीनों बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।

Last Modified:
Friday, 05 March, 2021
Crime

दक्षिणी दिल्ली में ऑटो सवार एक पत्रकार के साथ मोबाइल झपटमारी का मामला सामने आया है। पीड़ित पत्रकार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर झपटमारों की तलाश शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक न्यूज एजेंसी में पत्रकार कुणाल दत्त मंगलावार की शाम मोदी मिल फ्लाईओवर पर जा रहे थे। इसी बीच पीछे से मोटरसाइकिल पर आए तीन बदमाश उनका मोबाइल छीनकर भाग गए।

पीड़ित पत्रकार ने इस बात की शिकायत न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस स्टेशन में की, जिसके बाद देर रात पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। तीनों बदमाशों का पता लगाने के लिए पुलिस इलेक्ट्रॉनिक सर्विलॉन्स का सहारा भी ले रही है।

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डिजिटल न्यूज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को दबाने का प्रयास है ये आदेश: डॉ.शमा मोहम्मद

‘गवर्नेंस नाउ’ के एमडी कैलाशनाथ अधिकारी के साथ एक बातचीत में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ.शमा मोहम्मद ने तमाम पहलुओं पर अपने विचार रखे

Last Modified:
Friday, 05 March, 2021
Shama Mohamed

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ.शमा मोहम्मद का कहना है कि डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म्स को विनियमित (regulate) करने के लिए सरकार की हालिया अधिसूचना डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म्स समेत सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को दबाने का एक प्रयास है।

‘गवर्नेंस नाउ’ (Governance Now) के एमडी कैलाशनाथ अधिकारी के साथ एक बातचीत में शमा मोहम्मद का कहना था, ‘सिर्फ डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म्स ही वह बात कहने में सक्षम हैं, जो वह कहना चाहते हैं, इसलिए सरकार अब इन्हें दबाने का प्रयास कर रही है।’

पब्लिक पॉलिसी प्लेटफॉर्म पर ‘विजिनरी टॉक सीरीज’ (Visionary Talk series) के तहत होने वाले इस वेबिनार के दौरान डॉ.शमा मोहम्मद ने कहा, ‘नियम सभी के लिए समान होने चाहिए। बीजेपी की तरफ से तमाम फर्जी खबरें आ रही हैं। यह दिखाता है कि इस तरह की चीजों में पार्टी की मंजूरी होती है।’

कांग्रेस के भीतर असंतोष को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में डॉ.शमा ने कहा कि बीजेपी के विपरीत जहां पर लोग अपने नेता के साथ बैठने में डरते हैं, कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र है। प्रधानमंत्री का नाम लिए बिना शमा मोहम्मद का कहना था कि वह अभी सुप्रीम लीडर हैं और वही करते हैं जो चाहते हैं।  

शमा मोहम्मद ने कहा, ‘हमें लोगों की बात सुननी होगी और किसानों के मुद्दों को समझना होगा। इन किसानों ने हरित क्रांति के दौरान हमारी मदद की है। तमाम किसानों के बेटे सेना में हैं। हमें लोगों के मुद्दों को समझना होगा। इस सरकार में किसी भी तरह की सहानुभूति का पूरी तरह अभाव है। काफी बेरोजगारी है, महंगाई बढ़ रही है और गरीबों के लिए किसी तरह का कोई सपोर्ट सिस्टम नहीं है। शासन तब अच्छा होता है, जब लोगों के पास पैसा हो, वे खुश हों और उनके पास घर हों।’

उन्होंने कहा कि कृषि कानून संसद में बिना बहस और चर्चा के पारित हो गए। जब उन्होंने इस बात पर आपत्ति जताई तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट में जाने को कहा गया। शमा मोहम्मद के अनुसार, ‘इस बिल पर संसद में चर्चा और बहस की जरूरत है। सभी चीजों को सुप्रीम कोर्ट क्यों जाना चाहिए। हम इस सरकार से कुछ भी पूछते हैं तो हमें कहा जाता है कि सुप्रीम कोर्ट में केस फाइल करें। जब हमने राफेल लड़ाकू विमानों पर एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने के लिए कहा, तब भी उन्होंने हमें सुप्रीम कोर्ट में जाने के लिए कहा।’

मोहम्मद ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी और जब उस पर आरोप लगाए गए थे, तो पार्टी अगस्ता वेस्टलैंड समेत सभी मामलों के लिए संयुक्त संसदीय समिति के लिए तैयार थी। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी काफी पारदर्शी थी और जब भी कांग्रेस के किसी मंत्री के खिलाफ कोई आरोप लगता था, तो पार्टी पारदर्शी जांच के लिए मंत्री को इस्तीफा देने के लिए कहती थी। कांग्रेस ने पारदर्शिता का सबसे बड़ा हथियार लोकपाल को बनाया था और तब गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए मोदी ने लोकपाल का विरोध किया था और इसे रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट गए थे।’

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आर्थिक संकट से उबरने लगा ये मीडिया वेंचर, जल्द होगा री-लॉन्च

अब जब कई कंपनियां इस संकट से उबरने लगी हैं, तो यह वेंचर भी अपने मार्ग को प्रशस्त करने में जुट गया है और जल्द ही री-लॉन्च की तैयारी कर रहा है।

Last Modified:
Thursday, 04 March, 2021
parliamentryBusiness54

कोरोना महामारी के बीच खड़े हुए आर्थिक संकट का सामना मीडिया इंडस्ट्री को भी करना पड़ा है। कुछ कंपनियां अब इससे ऊबर रहीं हैं, तो कुछ ऐसी भी रही हैं जो बंद तक हो गई हैं। पिछले साल के शुरुआत में एक ऐसा मीडिया वेंचर शुरू हुआ था, जो संसदीय कार्यप्रणाली, संसद व सांसदों से जुड़ी खबरों से आपको रूबरू कराता है। इस मीडिया वेंचर का नाम है ‘पार्लियामेंट्री बिजनेस’। यह मीडिया वेंचर भी देश में आए आर्थिक संकट के प्रभाव से बच न सका और भंवर में फंसकर डूबने लगा। हालात ये हो गए कि एम्प्लॉयीज की सैलरी में देरी होने लगी, जिसकी वजह से कई एम्प्लॉयीज ने कंपनी को बाय बोलकर इससे दूरी बना ली।

लेकिन अब जब कई कंपनियां इस संकट से उबरने लगी हैं, तो यह वेंचर भी अपने मार्ग को प्रशस्त करने में जुट गया है और जल्द ही री-लॉन्च की तैयारी कर रहा है। इसी कवायद के तहत वह अपने पूर्व कर्मचारियों के बकाए का भुगतान करने लगा है। इस बीच कंपनी का कहना है कि जिन लोगो के पास कंपनी का कोई भी एसेट किसी ना किसी रूप मे उपलब्ध है, उसे वापस करने के बाद ही उसका भुगतान किया जाएगा।

वहीं कंपनी के प्रबंधन ने उन एम्प्लॉयीज के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की बात कही है, जिन लोगो ने स्वयं ताला लगाकर कंपनी को बदनाम करने की साजिश रची है। यह कार्यवाही सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जाएगी। साथ ही कंपनी ने उन लोगों के नाम भी सार्वजनिक करने की बात कही है।  

 

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MIB ने BOC में सत्येन्द्र प्रकाश को दी अब और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने दूसरा महत्वपूर्ण दायित्व भारतीय सूचना सेवा के 1988 बैच के अधिकारी सत्येन्द्र प्रकाश को दिया है।

Last Modified:
Thursday, 04 March, 2021
satyendraPrakash87

प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) के प्रधान महानिदेशक (Principal Director General) के पद पर भारतीय सूचना सेवा के वरिष्ठ अफसर जयदीप भटनागर को नियुक्त किए जाने के बाद सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने दूसरा महत्वपूर्ण दायित्व भारतीय सूचना सेवा के 1988 बैच के अधिकारी सत्येन्द्र प्रकाश को दिया है। सत्येन्द्र प्रकाश को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देते हुए उन्हें ब्यूरो ऑफ आउटरीच कम्युनिकेशन (बीओसी) का प्रधान महानिदेशक बनाया गया है। उन्हें दी गई नई जिम्मेदारी 1 मार्च 2021 से मान्य है। 

सत्येन्द्र प्रकाश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले हैं। सत्येन्द्र प्रकाश प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो से विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय (डीएवीपी) में स्थानांतरित हुए थे और वहां उन्होंने लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई। डीएवीपी के महानिदेशक बने और डीएवीपी को ब्यूरो ऑफ आउटरीच कम्युनिकेशन का स्वरूप दिए जाने के बाद उन्हें इसका महानिदेशक (Director General) नियुक्त किया गया था और तब से वे इसी पद पर कार्यरत थे।

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Enterr10 मीडिया में इस बड़े पद से दीप द्रोण ने दिया इस्तीफा

करीब एक साल से इस मीडिया नेटवर्क के साथ जुड़े हुए थे दीप द्रोण

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 03 March, 2021
Last Modified:
Wednesday, 03 March, 2021
Enterr10

‘एंटर10’ (Enterr10) मीडिया के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर दीप द्रोण (Deep Drona) ने कंपनी को बाय बोल दिया है। वह करीब एक साल से इस कंपनी में कार्यरत थे। बताया जाता है कि वह इस महीने के अंत तक कंपनी के साथ बने रहेंगे।

‘एंटर10’ मीडिया में सीओओ के तौर पर नेटवर्क की पूरी ग्रोथ की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। इस नेटवर्क में Dangal TV, Enterr10 Movies, Bhojpuri Cinema, Fakt Marathi और Enterr10 Bangla चैनल्स शामिल हैं। ‘एंटर10’ मीडिया में दीप द्रोण कंपनी के एमडी मनीष सिंघल को सीधे रिपोर्ट करते थे। फरवरी 2020 में ‘एंटर10’ को जॉइन करने से पूर्व वह ‘ITW Consulting’ में चीफ बिजनेस ऑफिसर के तौर पर अपनी भूमिका निभा रहे थे।

दीप द्रोण को करीब ढाई दशक का अनुभव है। पूर्व में वह ‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया’ (SPNI) में लंबी पारी खेल चुके हैं। ‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स’ से पहले वह ‘श्री अधिकारी ब्रदर्स’ (Sri Adhikari Brothers) टेलिविजन नेटवर्क के साथ जुड़े हुए थे। दीपी द्रोण ने ‘निंबस कम्युनिकेशन’ (Nimbus Communication) से अपने टीवी करियर की शुरुआत की थी। 

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TRAI के साथ बैठक में उठे ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर से जुड़े ये अहम मुद्दे

ट्राई के चेयरमैन पीडी वाघेला और सचिव एसके गुप्ता की मौजूदगी में हुई इस बैठक में तमाम ब्रॉडकास्टिंग कंपनियों के सीईओ और प्रबंधन से जुड़े शीर्ष अधिकारियों ने आगामी वित्तीय वर्ष की योजनाओं पर चर्चा की।  

Last Modified:
Tuesday, 02 March, 2021
TRAI

‘भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण’ (TRAI) ने सोमवार को तमाम ब्रॉडकास्टिंग कंपनियों के सीईओ और प्रबंधन से जुड़े शीर्ष अधिकारियों के साथ एक बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष की योजनाओं पर चर्चा की।   

ट्राई के चेयरमैन पीडी वाघेला और सचिव एसके गुप्ता की मौजूदगी में हुई इस बैठक में डिश टीवी के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर जवाहर गोयल, टाटा स्काई के एमडी और सीईओ हरित नागपाल, डेन नेटवर्क्स के सीईओ एसएन शर्मा, सिटी नेटवर्क्स के सीईओ अनिल मल्होत्रा और एबीपी नेटवर्क के सीईओ अविनाश पांडेय भी शामिल हुए।  

बताया जाता है कि बैठक में डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म्स ऑपरेटर्स (DPOs) सिस्टम के ऑडिट जैसे-कंडीशनल एक्सेस सिस्टम (CAS) और सबस्क्राइबर मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) पर भी चर्चा हुई। ब्रॉडकास्टर्स इस बात से नाखुश थे कि डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म्स ऑपरेटर्स ऑडिट संबंधी गाइडलाइंस का पालन नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा नेटवर्क कैपेसिटी फीस (NCF) को दो साल तक अपरिवर्तित रहने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बारे में ट्राई के सचिव एसके गुप्ता का कहना था कि यह हर साल की तरह होने वाली एक नियमित बैठक थी, जिसमें ट्राई द्वारा स्टेकहोल्डर्स से तमाम मुद्दों पर चर्चा की जाती है। वहीं, टाटा स्काई के एमडी और सीईओ हरित नागपाल का भी कहना है कि यह बैठक इंडस्ट्री से जुड़े मामलों पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी।

नाम न छापने की शर्त पर एक केबल डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के हेड ने बताया, ‘यह हर साल होने वाली एक नियमित बैठक थी, जिसमें आगामी वित्तीय वर्ष में उठाए जाने वाले कदमों को लेकर चर्चा की जाती है। ढाई से तीन घंटे चली इस बैठक में ब्रॉडकास्टर्स ने ऑडिट संबंधी मुद्दे उठाए जबकि डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म्स ऑपरेटर्स ने अनुपालन (compliance) संबंधी मुद्दों पर अपनी बात रखी।’ एक अन्य प्रमुख टीवी नेटवर्क के सीनियर एग्जिक्यूटिव के अनुसार, यह बैठक काफी अच्छी रही और इसमें सभी स्टेकहोल्डर्स के बीच स्वस्थ चर्चा हुई।

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