मीडिया इंडस्ट्री में 2020 की बड़ी डील, कुछ चढ़ीं परवान, कुछ टूटीं, कुछ का है इंतजार

कोरोना काल कई कंपनियों के बीच ऐसी डील भी हुई, जिससे उनके बिजनेस को नई उपलब्धि मिल सके। आइए एक नजर डालते हैं ऐसी कंपनियों के बीच की डील पर

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 30 December, 2020
Last Modified:
Wednesday, 30 December, 2020
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साल 2020 अपने सफर के अंतिम पड़ाव पर है। पूरी दुनिया नए साल का बेसब्री से इंतजार कर रही है, क्योंकि साल 2020 ने न सिर्फ लोगों के जहन पर, बल्कि तमाम इंडस्ट्री पर भी गहरी छाप छोड़ी है। इन सबके बीच कुछ ऐसी कंपनियां भी रहीं, जो अपनी स्ट्रैटेजी के चलते न केवल कई कंपनियों के लिए प्रेरणा बनीं, बल्कि कोरोना काल के बीच ऐसी डील भी कीं, जिससे उनके बिजनेस को नई उपलब्धि मिल सके। आइए एक नजर डालते हैं ऐसी कंपनियों के बीच की डील पर-

मीडिया इंडस्ट्री के लिहाज से साल 2020 से काफी उम्मीदें थीं और शुरुआती महीनों में हुआ भी कुछ ऐसा ही था। महीना था फरवरी, जब मीडिया कारोबार को लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक बड़ी घोषणा कर दी कि वह अपने मीडिया कारोबार को रीस्ट्रक्चर करेगा। कंपनी ने इसके तहत मीडिया और डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस को ‘नेटवर्क18’ (Network 18) में मिलाने का फैसला किया। कहा जा रहा था कि इस फैसले से ‘नेटवर्क18’ मीडिया और एंटरटेनमेंट क्षेत्र में देश की अग्रणी कंपनी बन जाएगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा भी की थी। तब रिलायंस इंडस्ट्रीज ने यह जानकारी दी थी कि इस कदम के बाद ‘नेटवर्क18’ का सालाना रेवेन्यू 8,000 करोड़ हो जाएगा। 

पूरी खबर यहां पढ़ें: मीडिया कारोबार को लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने की ये बड़ी घोषणा 

वहीं दूसरी तरफ, साल 2020 की जनवरी में एक ऐसी खबर पनप रही थी, जो चीन के वुहान तक ही सीमित थी। यह खबर कोरोना वायरस से जुड़ी थी। किसी को नहीं पता था कि मार्च आते-आते कोरोना वायरस का कहर न केवल पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लेगा, बल्कि तमाम देशों की अर्थव्यवस्था की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा देगा। अप्रैल में इसका असर भी तेजी से दिखाई देने लगा। मीडिया इंडस्ट्री भी इसके प्रभाव से बच नहीं सकी। अप्रैल में कई कंपनियों का कारोबार थमने लगा था, क्योंकि कोरोना महामारी ने न सिर्फ बड़े पैमाने पर आर्थिक संकट पैदा कर दिया था, बल्कि वैश्विक मतभेदों और प्रतिस्पर्धाओं को भी और गहरा कर दिया था। इस बीच अप्रैल में एक खबर सामने आई कि ‘स्टार इंडिया’ (Star India) ने अपने पांच चैनल्स की लॉन्चिंग को टाल दिया और यह कह दिया गया कि इस बारे में कोई निर्णय अब अगले आदेश के बाद ही लिया जाएगा। वैसे ‘स्टार इंडिया’ (Star India) ने अपने पांच नए चैनल्स को लॉन्च करने की घोषणा नए साल की शुरुआत में की थी।

यहां पढ़ें पूरी खबर- Star India ने अपनी इस योजना पर लगाया ‘ब्रेक’

तीन महीने ही बीते थे कि अप्रैल में इस खबर के साथ ही कोरोना का कहर दिखने लगा था। इंडस्ट्री पर छंटनी के बादल छा गए थे। तब तक, महामारी का रूप धारण कर चुके कोरोनावायरस (कोविड-19) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी। इससे तमाम उद्योग धंधे बंद पड़ गए थे, जिसका विपरीत प्रभाव मीडिया इंडस्ट्री पर भी दिखने लगा था। इस बीच मार्केट में ऐसी सुगबुगाहट होने लगी थीं कि ‘क्विंटिलियन मीडिया’ (Quintillion Media) और अमेरिकी कंपनी ‘ब्लूमबर्ग एलपी’ (Bloomberg LP) के जॉइंट वेंचर ‘ब्लूमबर्गक्विंट’ (BQ) कोई बड़ा निर्णय ले सकता है। लिहाजा इस बीच न्यूज पोर्टल ‘द क्विंट’ (The Quint) के एडिटर-इन-चीफ राघव बहल ने अपने ट्विटर हैंडल से यह घोषणा कर दी कि ‘ब्लूमबर्गक्विंट’ (BQ) अपनी डिजिटल ऑपरेशंस स्ट्रैटेजी पर पूरा फोकस करेगा और अपने टेलिविजन डिवीजन को बंद कर देगा। हालांकि टेलिविजन डिवीजन को बंद करने के फैसले के पीछे का कारण उसके ब्रॉडकास्ट लाइसेंस का लंबित पड़ा होना बताया गया।

पढ़ें ये पूरी खबर: ‘ब्लूमबर्ग-Quint’ मीडिया वेंचर को लेकर राघव बहल ने की बड़ी घोषणा

मई आते-आते मीडिया इंडस्ट्री एक अलग तरह के बदलाव के दौर से गुजरने लगी थी। तमाम मीडिया कंपनियों में कॉस्टकटिंग का सिलसिला शुरू हो चुका था। एम्प्लॉयीज की सैलरी पर कैंची चलने लगी थी। तमाम मीडिया एम्प्लॉयीज को 'लीव विदआउट पे' पर भेजा जाने लगा था। अखबारों के सर्कुलेशन प्रभावित होने लगे थे। इस बीच फिर ‘द क्विंट’(The Quint) के स्वामित्व वाली कंपनी को लेकर एक खबर सामने आई कि ‘हल्दीराम स्नैक्स’ (Haldiram Snacks) की हिस्सेदारी वाली कंपनी ‘गौरव मर्केंटाइल्स लिमिटेड’ (Gaurav Mercantiles Ltd) अब मीडिया मुगल राघव बहल और उनकी पत्नी रितु कपूर के स्वामित्व वाली ‘क्विंटिलियन मीडिया’ (Quintillion Media) के डिजिटल बिजनेस का अधिग्रहण करेगी। ‘VCCircle’ की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि ‘गौरव मर्केंटाइल्स लिमिटेड’ ने स्टॉक एक्सचेंज को इस बारे में जानकारी दे दी है। दावा किया गया कि इस डील में ‘द क्विंट’ की हिंदी और अंग्रेजी वेबसाइट शामिल हैं, लेकिन ‘क्विंटिलियन मीडिया’ (Quintillion Media) और अमेरिकी कंपनी ‘ब्लूमबर्ग एलपी’ (Bloomberg LP) के जॉइंट वेंचर ‘ब्लूमबर्गक्विंट’ (BQ) की न्यूज वेबसाइट का बिजनेस शामिल नहीं है।’ VCCircle’ की रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया कि गौरव मर्केंटाइल्स ने कहा कि वह अपना नाम बदलेगी और अपना रजिस्टर्ड ऑफिस मुंबई से दिल्ली शिफ्ट करेगी, जहां पर क्विंटिलियन का ऑफिस है।

पढ़ें ये पूरी खबर: न्यूज वेबसाइट The Quint का अधिग्रहण करेगी यह कंपनी

वहीं, जहां कोरोना के कहर से 2020 का ये साल कई कंपनियों के लिए काल बन गया, वहीं एक ऐसी कंपनी थी जिसके कर्मचारियों के लिए साल 2020 किसी वरदान से कम नहीं रहा। यह कंपनी थी 'जिफी' (GIPHY)। दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक (Facebook) ने एनिमेटेड इमेज लाइब्रेरी 'जिफी' (GIPHY) को 40 करोड़ डॉलर (करीब 3040 करोड़ रुपए) में खरीद लिया था। Giphy विडियो क्लिप्स और एनिमेटेड इमेज जिन्हें GIF के नाम से जाना जाता है, की एक बहुत बड़ी लाइब्रेरी है। इस बिजनेस डील के तहत ही फेसबुक ने 100 से ज्यादा Giphy के कर्मचारियों को अपने साथ शामिल कर लिया था।

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अब मई महीना था। एक तरफ जहां, कोरोना संक्रमण के प्रसार को कम करने के लिए लागू किए लॉकडाउन की वजह से कई मीडिया कंपनियों की आर्थिक स्थिति इस कदर बिगड़ गई थी कि उन्हें वित्तीय बोझ को कम करने के लिए अपने स्टाफ या उनके मासिक वेतन में कटौती करनी पड़ रही थी। वहीं न्यूजीलैंड से एक ऐसी खबर सामने आई, जिसने तमाम लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। खबर थी कि यहां के सबसे बड़े मीडिया घरानों में से एक को उसके मालिकों ने सिर्फ 1 डॉलर (61 cents) में बेच दिया। दरअसल, यह सौदा नाइन एंटरटेनमेंट  (Nine Entertainment Holdings Ltd) ने अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के साथ किया था, जिसके तहत कंपनी ने उन्हें अपने मीडिया हाउस 'स्टफ' को महज एक डॉलर में बेचने का फैसला किया था। 'स्टफ' देश के कई दैनिक अखबारों का प्रकाशन करता है और इसी नाम से एक लोकप्रिय न्यूज वेबसाइट चलाता है। तब इसमें 400 पत्रकारों सहित लगभग 900 कर्मचारी कार्यरत थे।       

बताया जा रहा था कि ऑस्ट्रेलिया के नाइन एंटरटेनमेंट के स्वामित्व वाला 'स्टफ' महामारी के पहले से ही वित्तीय कठिनाइयों से जूझ रहा था। लिहाजा इस बीच कंपनी ने विज्ञापन राजस्व में बड़ी गिरावट दर्ज की थी। ऑस्ट्रेलियाई शेयर बाजार को दिए एक बयान में कंपनी ने कहा था कि 'स्टफ' को सीईओ सिनैड बाउचर को बेचा जाएगा और यह पूरी कार्रवाई महीने के अंत तक पूरी कर ली जाएगी।

पूरी खबर यहां पढ़ें: महज 1 डॉलर में बिक गया ये बड़ा मीडिया हाउस

वहीं मई के अंत में डायरेक्ट टू होम (डीटीएच) ऑपरेटर ‘टाटा स्काई’ (Tata Sky) और ‘शेमारू एंटरटेनमेंट लिमिटेड’ (Shemaroo Entertainment Ltd) के बीच भी एक बड़ी डील हुई और बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए दोनों ने आपस में हाथ मिलाया। इस पार्टनरशिप का फायदा दर्शकों को भी होने वाला था, क्योंकि ऐसा करने से टाटा स्काई बिंगे पर उपलब्ध शेमारू ऐप के द्वारा दर्शकों को फिल्मी और गैर फिल्मी एंटरटेनमेंट की बड़ी श्रृंखला देखने को मिलती।  

पूरी खबर यहां पढ़ें: Tata Sky और ShemarooMe ने मिलाया हाथ, ऑडियंस को कुछ यूं होगा फायदा

अब महीना था जून। गर्मी के साथ कोरोना भी चरम पर था। लेकिन इस बीच ‘सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट’ (Sony Pictures Entertainment) से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई। खबर थी कि ‘केसी ग्लोबल मीडिया’ (KC Global Media Entertainment) ने एशिया में ‘सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट’ के पे टीवी चैनल्स (Pay TV Channels) का अधिग्रहण कर लिया। ‘केसी ग्लोबल मीडिया’ के हेड एंडी कापलान (Andy Kaplan) और जॉर्ज चिएन (George Chien) पहले सोनी नेटवर्क से ही जुड़े हुए थे। दोनों ने पिछले साल आपस में हाथ मिलाया था।

पूरी खबर यहां पढ़ें: इस कंपनी ने खरीदे एशिया में सोनी पिक्चर्स के Pay TV Channels

जून में ही एक और डील की खबर सामने आई। खबर थी कि ‘आंध्र प्रभा पब्लिकेशन’ (Andhra Prabha Publication) के मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम मूथा (Goutam Mootha) अंग्रेजी न्यूज चैनल इंडिया अहेड (India Ahead) में बड़ी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में हैं। उस समय, इस हिस्सेदारी को लेने में जिन लोगों ने रुचि दिखाई थी, उनमें राजीव चंद्रशेखर, भूपेंद्र चौबे के नेतृत्व वाले समूह और एक अन्य प्रोफेशनल एंटरप्रिन्योर के नेतृत्व वाला समूह शामिल है। चंद्रशेखर के नेतृत्व वाला समूह ‘जुपिटर कैपिटल’ (Jupiter Capital) 25 से 30 करोड़ रुपए में इसमें 51 प्रतिशत की हिस्सेदारी (stake) खरीदने की सोच रही था। हालांकि बाद में वरिष्ठ पत्रकार और CNN News18 (सीएनएन न्यूज) 18 के पूर्व एग्जिक्यूटिव एडिटर भूपेंद्र चौबे ने ‘आंध्र प्रभा पब्लिकेशन’ (Andhra Prabha Publication) में बतौर ग्रुप एडिटर-इन-चीफ और सीईओ के पद पर जुड़ गए। साथ ही वे इसके को-प्रमोटर/ओनर के साथ-साथ इसकी कोर फाउंडिग टीम के सदस्य भी बने। अपनी इस भूमिका में वह अखबार के 12 एडिशन, अंग्रेजी न्यूज चैनल 'इंडिया अहेड' (India Ahead) और कंपनी के रीजनल कामों की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।

पूरी खबर यहां पढ़ें: आंध्र प्रभा पब्लिकेशन के MD गौतम मूथा India Ahead में बेचेंगे बड़ी हिस्सेदारी!

पूरी खबर यहां पढ़ें: वरिष्ठ पत्रकार भूपेंद्र चौबे ने अब इस मीडिया समूह के साथ शुरू की नई पारी

वहीं जुलाई में जहां कोरोना का खौफ लोगों के दिलों में इस कदर घर गया कि वे पूरे दिन न्यूज चैनल से चिपके रहे, जिसकी वजह से चैनलों की टीआरपी ने बेहताशा वृद्धि दर्ज की। ऐसे में आरपी संजीव गोयनका ग्रुप (RP Sanjiv Goenka Group) ने ऑनलाइन न्यूज प्लेटफॉर्म ‘एडिटरजी’ (Editorji) में  51% की बहुमत हिस्सेदारी (majority stake) हासिल करने की खबर सामने आई, जिसकी जानकारी खुद ‘एडिटरजी’ (Editorji) के फाउंडर विक्रम चंद्रा ने एक ट्वीट के जरिए दी।

पूरी खबर यहां पढ़ें: इस कंपनी ने ऑनलाइन न्यूज प्लेटफॉर्म Editorji में हासिल की 51% की हिस्सेदारी

जुलाई में ही एक बड़ी घोषणा हुई, जो भारत में डिजिटल के क्षेत्र में एक बड़ी खुशी की खबर लेकर आया। दरअसल, पहली बार वर्चुअली आयोजित किए गए गूगल के छठे ‘गूगल फॉर इंडिया इवेंट 2020’ में सीईओ सुंदर पिचाई ने यह घोषणा की कि डिजिटल इंडिया (India Digitization Fund) के लिए गूगल अगले 5-7 सालों में 75,000  करोड़ रुपए का निवेश करेगा और बताया कि कैसे गूगल का यह निवेश इक्विटी इनवेस्टमेंट, पार्टनरशिप और ऑपरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम इंडस्ट्री में होगा। साथ ही यह भी कहा कि गूगल ने सीबीएसई के साथ एक साझेदारी की है, जिसके तहत ई-लर्निंग का विस्तार किया जाएगा।  

सीईओ सुंदर पिचाई ने ये भी बताया कि यह निवेश डिजिटल इंडिया के चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर पर होगा, जिसमें पहले है कि इस राशि का इस्तेमाल हिन्दी, तमिल और पंजाबी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में सूचनाओं को हर देशवासी तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा।  

पढ़ें पूरी खबर: डिजिटल इंडिया के लिए गूगल 5-7 वर्षों में करेगा 75,000 करोड़ का निवेश

जुलाई में ही Viacom 18 और SONY से जुड़ी एक खबर ने रफ्तार पकड़ी कि जल्द ही दोनों के बीच विलय को मंजूरी मिल जाएगी, क्योंकि यह डील अंतिम दौर में है। तब सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी गई थी कि इस डील के बाद सोनी की Viacom 18 में 74 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि वायकॉम18 की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी।

पढ़ें ये खबर: Viacom 18 और SONY से जुड़ी इन खबरों ने फिर पकड़ी ‘रफ्तार’

हालांकि सितंबर के तीसरे सप्ताह में सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स (SPN) इंडिया और ‘वॉयकॉम18’ के विलय की घोषणा होने संभावना जताई जा रही थी, लेकिन अक्टूबर में दोनों के बीच चल रही इस डील को रद्द कर दिया गया और हवाला दिया गया कि रणनीतिक पुनर्विचार के बाद ‘वॉयकॉम18’ ने यह कदम उठाया है। साथ ही यह भी कहा गया कि अब रिलायंस जियो ने ज्यादा से ज्यादा हिस्सेदारी को बनाए रखने और मैनेजमेंट पर नियंत्रण रखने का फैसला किया है। लेकिन खबर निकलकर ये सामने आ रही थी कि कुछ कंटेंट क्रिएटर्स और प्रॉडक्शन हाउसेज ने जियो के साथ पार्टनरशिप करने की इच्छा जताई है।

ये भी पढ़ें: Viacom18 और SONY के विलय से जुड़ी खबरों के बीच अब उठा ये बड़ा कदम

फिर जुलाई ये खबर आई कि ‘द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप’ ने इंश्योरेंस वेब एग्रिगेटर कंपनी ‘माय इंश्योरेंस क्लब’ (MyInsuranceClub) का अधिग्रहण कर लिया है। एक्सप्रेस ग्रुप ने MyInsuranceClub में 100 फीसदी हिस्सेदारी हासिल की है। एक्सप्रेस ग्रुप ने यह जानकारी दी थी  कि यह डील इस साल की शुरुआत में ही हो चुकी थी, लेकिन इंश्योरेंस रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (IRDA) की ओर से मंजूरी मिलने का इंतजार था, जोकि अब मिल चुकी है।

पूरी खबर यहां पढ़ें: एक्सप्रेस ग्रुप ने इस वेब एग्रिगेटर का किया अधिग्रहण, खरीदी 100 फीसदी हिस्सेदारी

जुलाई जाते-जाते एक और डील की खबर सामने आ गई कि 'हिन्दुस्तान टाइम्स', 'हिन्दुस्तान' और 'मिंट' अखबार की प्रकाशक कंपनी ‘एचटी मीडिया लिमिटेड’ (HT Media Ltd) ने ‘Mosaic Media Ventures Private Limited’ में 100 प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल कर ली है। ‘वीसीसर्कल’ (VCCircle) और ‘टेकसर्कल’ (TechCircle) का बिजनेस ‘Mosaic’ ही संभालती है।  

पूरी खबर यहां पढ़ें: इस मीडिया वेंचर में HT Media ने हासिल की सौ फीसदी हिस्सेदारी

वहीं अगस्त में मीडिया गलियारों में एक और खबर तेजी से फैलने लगी कि बेनेट कोलमेन एंड कंपनी लिमिटेड (BCCL) अपनी इंटरनेट इकाई में कथित तौर पर हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि टाइम्स ऑफ इंडिया अपने डिजिटल बिजनेस का विस्तार करने की योजना बना रहा है।
कहा जा रहा था कि टाइम्स ग्रुप हिस्सेदारी बेचने के विकल्पों पर एक एडवाइजर से सलाह ले रहा है और इस महीने अन्य प्लेयर्स के साथ बातचीत शुरू करेगा। कहा तो ये भी जा रहा था कि बीसीसीएल कथित तौर पर इस डील को भुनाने के लिए ग्लोबल स्तर की बड़ी टेक कंपनियों से बातचीत कर रहा है। फिलहाल डील भुनाने के लिए कहां तक ये बात पहुंची, अभी इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।  

पढ़ें ये पूरी रिपोर्ट: टाइम्स इंटरनेट में हिस्सेदारी बेचेगी BCCL: रिपोर्ट

अगस्त तक कोविड-19 (COVID-19) के कारण भारत में मीडिया बिजनेस काफी प्रभावित हो चुका था। तमाम प्रतिष्ठान बंद होने लगे थे, रेवेन्यू घट रहा था, ऐसे में गोवा के स्टार्टअप ‘Kaydence Media Ventures Private Limited’ (KMV) ने अपने ऑनलाइन न्यूज पोर्टल GoaChronicle.com में पांच प्रतिशत इक्विटी की पेशकश कर दी, जिससे उम्मीद जताई गई उस कदम से वह करीब 5 करोड़ रुपए जुटाए लेगा। हुआ भी ऐसा ही, ‘KMV’ को ऑनलाइन न्यूज पोर्टल GoaChronicle.com में पांच प्रतिशत इक्विटी हासिल करने के लिए हाईटेक नेचुरल प्रॉडक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड से ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ (Letter of Intent) मिल गया था।

पूरी खबर यहां पढ़ें: विस्तार की दिशा में Kaydence Media Ventures ने उठाए कदम, बनाई यह स्ट्रैटेजी

सितंबर आते-आते लोगों का कोरोना की खबरों से मोह भंग हो चुका था। क्रिकेट के लिए भारतीय फैंस की दीवानगी चरम पर थी, क्योंकि इसी महीने आईपीएल शुरू हो रहा था। अपने बिजनेस ग्रोथ के लिए तमाम कंपनियां स्ट्रैटजी बनानी शुरू कर चुकीं थीं। लिहाजा ऐसे में आईपीएल को कंपनी गेमचेंजर की तरह देख रहीं थीं। ऐसे में खबर आई कि हिंदी न्यूज चैनल ‘टीवी9 भारतवर्ष’ (TV9 Bharatvarsh) ने ‘कोलकाता नाइट राइडर्स’ (इंडियन प्रीमियर लीग 2020) और ‘त्रिनबगो नाइट राइडर्स’ (कैरेबियन प्रीमियर लीग 2020) की स्पॉन्सरशिप हासिल कर ली। ‘टीवी9 भारतवर्ष’ इसके तहत ‘कोलकाता नाइट राइडर्स’ में आर्म स्पॉन्सर (Arm Sponsor) और ‘त्रिनबगो नाइट राइडर्स’ का अपर चेस्ट स्पॉन्सर (Upper Chest Sponsor)  होगा।

पूरी खबर यहां पढ़ें: टीवी9 भारतवर्ष ने ली इन दो क्रिकेट टीमों की स्पॉन्सरशिप

सितंबर में आपीएल अभी शुरू नहीं हुआ था कि एक और डील की खबर सामने आई कि ‘इंडियन प्रीमियर लीग’ (Indian Premier League) के ऑफिशियल ब्रॉडकास्टर ‘स्टार स्पोर्ट्स’ (Star Sports) ने ‘डेलीहंट’ (DailyHunt) के साथ एसोसिएट स्पॉन्सरशिप के रूप में पार्टनरशिप की है। तब ‘डेलीहंट’ ने कुछ ही दिनों पहले ही शॉर्ड वीडियो ऐप ‘जोश’(Josh) लॉन्च किया था और इस पार्टनरशिप के द्वारा वह ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी पहुंच बनाना चाहता था। मीडिया रिपोर्ट्स में या दावा किया गया कि नए लॉन्च को बढ़ावा देने के लिए आईपीएल ब्रॉडकास्ट स्पॉन्सरशिप का इस्तेमाल किया जाएगा। 

पूरी खबर यहां पढ़ें: IPL 2020: स्टार ने डेलीहंट के साथ किया ये करार

आईपीएल शुरू होने के ठीक एक दिन पहले ये खबर सामने आई कि भारतीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शेयरचैट (Share Chat) ने वीडियो उत्पादन करने वाली कंपनी ‘एचपीएफ फिल्म्स’ (HPF Films) का अधिग्रहण कर लिया है। ‘एचपीएफ फिल्म्स’ को डिजिटल कंटेंट में विशेषज्ञता हासिल है। कंपनी ने कहा कि अधिग्रहण से शेयरचैट और इसके लघु वीडियो प्लेटफॉर्म मौज (Moj) को बेहतर कंटेंट इकोसिस्टम बनाने की दिशा में मदद मिलेगी और ब्रैंड के लिए उसके विज्ञापन समाधानों में वृद्धि होगी। हालांकि कंपनी ने इस सौदे की राशि की जानकारी नहीं दी।  

पूरी खबर यहां पढ़े: Share Chat ने इस वीडियो प्रॉडक्शन कंपनी का किया अधिग्रहण

अब अक्टूबर आ चुका था। मौसम भी सर्द होने लगा था लिहाजा मीडिया गलियारों में एक खबर आई कि एंटरटेनमेंट कंपनी ‘डिज्नी’ (Disney) कथित रूप से डीटीएच सेवा प्रदाता कंपनी ‘टाटा स्काई’ में अपनी हिस्सेदारी बेचने के बारे में विचार कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया कि कंपनी यह हिस्सेदारी इसलिए बेचना चाह रही है क्योंकि इसके पास दुनिया के किसी भी हिस्से में डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म्स जैसे केबल और डायरेक्ट टू होम सर्विसेज में हिस्सेदारी नहीं है और न ही यह इसके मुख्य बिजनेस का हिस्सा है। बताया जाता है कि फॉक्स के अधिग्रहण के बाद डिज्नी की टाटा स्काई में 20 प्रतिशत प्रत्यक्ष और 9.8 प्रतिशत अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी है।  

पूरी खबर यहां पढ़े: टाटा स्काई में अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है Disney: रिपोर्ट

ठंड चरम पर थी,अब ठंड चरम पर थी जो कि आए दिन नए रिकॉर्ड बना रही थी क्योंकि महीना था दिसंबर का। ऐसे में खबर आई कि अनिल अंबानी के स्वामित्व वाले बिजनेस न्यूज चैनल ‘बीटीवीआई’ (BTVI) के को कथित तौर पर नया मालिक मिल गया है। मुंबई से संचालित इस बिजनेस न्यूज चैनल ने 31 अगस्त 2019 रात 12 बजे से अपना संचालन बंद कर दिया था। बताया गया कि अब इसे खरीदने के लिए टीएनपी (TNP Group) ग्रुप ने समझौता पत्र (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं। टीएनपी ग्रुप के प्रमोटर्स का कहना है कि डील अभी पूरी तरह परवान नहीं चढ़ी है और इसकी प्रक्रिया जारी है। इस चैनल में अब टीएनपी ग्रुप की 100 प्रतिशत इक्विटी है।

पूरी खबर यहां पढ़े: बिजनेस न्यूज चैनल BTVI के नए स्वामित्व को लेकर आई ये बड़ी खबर

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चैनलों और OTT प्लेटफॉर्म को पुराने कंटेंट नीलाम करेगा प्रसार भारती

प्रसार भारती ने डिजिटलाइजेशन की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। इसी कड़ी में प्रसार भारती ने टीवी चैनलों और ओटीटी प्लेटफॉर्म को अपना वो आर्काइवल कंटेंट नीलाम करने का फैसला लिया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 16 October, 2021
Last Modified:
Saturday, 16 October, 2021
PRASAR BHARATI

प्रसार भारती ने डिजिटलाइजेशन की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। इसी कड़ी में प्रसार भारती ने टीवी चैनलों और ओटीटी प्लेटफॉर्म को अपना वो आर्काइवल कंटेंट नीलाम करने का फैसला लिया है जो स्वतंत्रता से पहले का है। इसी के मद्देनजर प्रसार भारती ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसके मुताबिक उसका प्रीमियम कंटेंट दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो और प्रसार भारती की नई यूनिटों से खरीदने के लिए उपलब्ध होगा।

‘आजतक’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जारी किए गए इस नोटिफिकेशन की मानें तो प्रसार भारती ने अपने आर्काइवल में अपने केंद्रीकृत भंडार के साथ-साथ राष्ट्र के सभी कोनों में स्थित स्टेशनों, केंद्रों की संख्या में बहुत शानदार और एतिहासिक कंटेंट जमा किया हुआ है। आकाशवाणी और डीडी के समाचार प्रभाग में भी भारत के विकास के कई महत्वपूर्ण मील के पत्थरों की शानदार रिकॉर्डिंग है।'

इसमें आगे कहा गया है कि हम प्रसार भारती को लीनियर ब्रॉडकास्टिंग (टीवी, रेडियो) के साथ-साथ इंटरनेट-आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑन डिमांड देखने/सुनने के लिए थर्ड पार्टी को ई-नीलामी के माध्यम से अपना कंटेंट प्रदान करने की उम्मीद कर रहे हैं।

भारत और विदेशों में प्रसार भारती के कार्यक्रम कंटेट के लिए प्रसारण के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीमिंग की मांग पैदा हुई है, ऐसे में इस कंटेंट के मोनिटाइजेशन की बेहतर संभावना है, जिसके लिए एक उचित और अच्छी तरह से परिभाषित कंटेंट सिंडिकेशन पॉलिसी की जरूरत है।

अधिसूचना के अनुसार ये ई-नीलामी चार कैटेगरी में होगी- ग्लोबल लीनियर ब्रॉडकास्ट राइट्स, ग्लोबल ऑन-डिमांड राइट्स, इंडिया लीनियर ब्रॉडकास्ट राइट्स और इंडिया ऑन-डिमांड राइट्स।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रसार भारती ने पंजीकरण से लेकर अधिकार, भुगतान और सामग्री साझा करने तक सिडिकेशन के पूरे लाइफ साइकिल के प्रबंधन के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बनाने की योजना बनाई है.

नोटिफिकेशन में कहा गया है कि उपलब्ध सामग्री को कैटलॉग स्तर पर सिंडिकेशन के उद्देश्य के लिए कंपेलिंग कैटलॉग में क्यूरेट किया जाएगा। बाजार, विशिष्टता की शर्तों, लाइसेंसिंग अधिकारों की अवधि के आधार पर बेस प्राइस अलग से तय किया जा सकता है।

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दैनिक जागरण को बाय बोलकर Times Network पहुंचे युवा पत्रकार अम्बर बाजपेयी

युवा पत्रकार अम्बर बाजपेयी ने ‘दैनिक जागरण’, कानपुर को बाय बोल दिया है। वह करीब चार साल से यहां कार्यरत थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 16 October, 2021
Last Modified:
Saturday, 16 October, 2021
Amber Bajpai

युवा पत्रकार अम्बर बाजपेयी ने ‘दैनिक जागरण’, कानपुर को बाय बोल दिया है। वह करीब चार साल से यहां कार्यरत थे। अम्बर बाजपेयी ने अब टाइम्स नेटवर्क (Times Network) के साथ अपने नए सफर की शुरुआत की है। उन्होंने यहां पर बतौर सीनियर कॉपी एडिटर जॉइन किया है।

मूल रूप से इटावा (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले अम्बर बाजपेयी को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब आठ साल का अनुभव है। इससे पहले वह आगरा में ‘अमर उजाला’ और ‘हिंदुस्तान’ अखबार में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो उन्होंने पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। समाचार4मीडिया की ओर से अम्बर बाजपेयी को उनके नए सफर के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

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ZEE ने इनवेस्को के खिलाफ खोला नया ‘मोर्चा’, लगाया ये आरोप

स्टॉक एक्सचेंज को दिए गए स्टेटमेंट में 'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ का कहना है, ‘जी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुनीत गोयनका ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 13 October, 2021
Last Modified:
Wednesday, 13 October, 2021
Zee Entertainment

'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEEL) और ‘इनवेस्को डेवलपिंग मार्केट फंड्स’ (Invesco Developing Market Funds) वाले मामले में नया मोड़ आया है। दरअसल, स्टॉक एक्सचेंज को दी गई सूचना में 'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ ने कहा है कि ‘इनवेस्को डेवलपिंग मार्केट फंड्स’ ने पहले उन्हें एक बड़े भारतीय समूह के साथ कंपनी का विलय करने की पेशकश की थी।

स्टॉक एक्सचेंज को दिए गए इस स्टेटमेंट में 'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ का कहना है, ‘जी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुनीत गोयनका ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। इनवेस्को के प्रतिनिधि के तौर पर अरुण बलानी और भवतोष वाजपेयी की ओर से पुनीत गोयनका के सामने फरवरी 2021 में एक डील पेश की गई थी, जिसमें कंपनी और एक बड़े भारतीय समूह के स्वामित्व वाली कुछ संस्थाओं का विलय शामिल था।’  

इस स्टेटमेंट के अनुसार, 'इस डील में पेशकश की गई थी कि उपरोक्त विलय के पूरा होने पर रणनीतिक समूह के पास विलय की गई इकाई में बहुमत हिस्सेदारी होगी और पुनीत गोयनका को एमडी और सीईओ के रूप में नियुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें चार प्रतिशत हिस्सेदारी देने की पेशकश भी की गई थी।'

'जी' के अनुसार, 'इनवेस्को ने गोयनका के रणनीतिक समूह के साथ कथित विलय प्रस्ताव के विरोध के बारे में कहा था कि यह डील उनके साथ या उनके बिना पूरा की जाएगी। इनवेस्को ने बार-बार गोयनका को कहा कि अगर उन्होंने डील को आगे बढ़ाने से इनकार किया तो उन्हें और उनके परिवार को नुकसान होगा।'

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KOO से जुड़े गौरव खेतान, मिली यह बड़ी जिम्मेदारी

‘कू’ से पहले गौरव खेतान ‘स्टार स्पोर्ट्स’ (Star Sports) में वाइस प्रेजिडेंट (Rights Acquisitions & Strategy) के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 13 October, 2021
Last Modified:
Wednesday, 13 October, 2021
Gaurav Khetan

इंडियन माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘कू’ (Koo) ने गौरव खेतान को वाइस प्रेजिडेंट (बिजनेस) के पद पर नियुक्त किया है। खेतान के लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने सितंबर में यहां जॉइन कर लिया है। ‘कू’ से पहले गौरव खेतान ‘स्टार स्पोर्ट्स’ (Star Sports) में वाइस प्रेजिडेंट (Rights Acquisitions & Strategy) के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

बता दें कि ‘कू’ ने हाल ही में टाइगर ग्लोबल के नेतृत्व में सीरीज बी फंडिंग के जरिये तीन करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 218 करोड़ रुपये) जुटाए हैं। इस फंडिंग में मौजूदा निवेशकों एक्सेल पार्टनर्स, कलारी कैपिटल, ब्लूम वेंचर्स और ड्रीम इनक्यूबेटर ने भी हिस्सा लिया है। इसके अलावा नए निवेशकों के तौर पर आईआईएफएल और मिराए एसेट्स भी इसमें शामिल हुए हैं।

‘स्टार स्पोर्ट्स’ में नौ साल से ज्यादा के अपने कार्यकाल में गौरव खेतान ने तमाम विभागों में अपनी जिम्मेदारी निभाई। वाइस प्रेजिडेंट (Rights Acquisitions & Strategy) से पहले वह यहां प्रॉडक्ट हेड (Emerging Sports, driving programming for Football, Badminton, Hockey & Others) के तौर पर कार्यरत थे।

इसके अलावा वह मार्केटिंग हेड (Pro Kabaddi league and Kabaddi World Cup) के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। इससे पहले वह ‘स्टार स्पोर्ट्स’ के सभी चैनल्स की प्रोग्रामिंग स्ट्रैटेजी को लीड कर रहे थे। ‘स्टार स्पोर्ट्स’ से पहले वह करीब चार साल तक बतौर बिजनेस कंसल्टेंट ‘PwC’ में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

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युवा पत्रकार आशुतोष दीक्षित ने थामा अब इस मीडिया समूह का दामन

युवा पत्रकार आशुतोष दीक्षित ने दैनिक जागरण, कानपुर में अपनी पारी को विराम दे दिया है। वह करीब चार साल से इस अखबार में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 12 October, 2021
Last Modified:
Tuesday, 12 October, 2021
Ashutosh Dixit

युवा पत्रकार आशुतोष दीक्षित ने दैनिक जागरण, कानपुर में अपनी पारी को विराम दे दिया है। वह करीब चार साल से इस अखबार में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। आशुतोष दीक्षित ने अब इंडिया टुडे समूह के साथ अपने नए सफर की शुरुआत की है।

मूल रूप से प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद) के रहने वाले आशुतोष को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब दस साल का अनुभव है। उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत ‘समाचार प्लस‘ चैनल से की थी। पूर्व में वह फ्रीलॉन्सिंग के साथ-साथ ‘दैनिक भास्कर‘ में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो आशुतोष ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। उन्होंने एलएलबी करने के साथ ही जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री ली है। समाचार4मीडिया की ओर से आशुतोष दीक्षित को उनके नए सफर के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

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प्रसार भारती ने कहा, कुछ मीडिया संस्थान ने फैलायी इस तरह की भ्रामक खबरें

सार्वजनिक प्रसारक संस्थान प्रसार भारती ने आधुनिक तकनीक की ओर कदम बढ़ा दिए हैं और वह पुरानी पड़ चुकी एनलॉग टेक्नालॉजी की जगह डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रयोग बढ़ा रही है।

Last Modified:
Monday, 11 October, 2021
Prasar Bharati

सार्वजनिक प्रसारक संस्थान प्रसार भारती ने आधुनिक तकनीक की ओर कदम बढ़ा दिए हैं और वह पुरानी पड़ चुकी एनलॉग टेक्नालॉजी की जगह डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रयोग बढ़ा रही है। इस कड़ी में अभी तक सभी एनालॉग ट्रांसमीटरों में से लगभग 70% को चरणबद्ध तरीके से बाहर कर दिया गया है। बाकी को चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है। वहीं, कर्मचारियों की पुन: तैनाती के लिए उचित उपाय सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

सार्वजनिक प्रसारक ने कहा कि सामरिक महत्त्व के स्थानों में लगभग 50 एनालॉग टेरेस्ट्रियल टीवी ट्रांसमीटरों को छोड़कर प्रसार भारती 31 मार्च 2022 तक शेष अप्रचलित एनालॉग ट्रांसमीटरों को बाहर कर देगा। इसी क्रम में 2017-18 में 306, 2018-19 में 468, 2019-20 में 6 और 2020-21 में 46 टेरिस्ट्रियल टीवी ट्रांसमीटर हटाये गए हैं।

प्रसार भारती ने साफ किया है कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कुछ क्षेत्रों को छोड़कर बाकी जगहों से अब एनालॉग तकनीकी पर आधारित टेरिस्ट्रियल टीवी ट्रांसमीटर को हटाया जा रहा है।

प्रसार भारती ने उल्लेख किया कि एनालॉग टेरेस्ट्रियल टीवी (एटीटी) एक अप्रचलित तकनीक है और इसे चरणबद्ध रूप से हटाना सार्वजनिक और राष्ट्रीय हित दोनों में है, क्योंकि यह बिजली पर होने वाले व्यर्थ खर्च को कम करने के अलावा 5जी जैसी नई व उभरती टेक्नोलॉजी के लिए मूल्यवान स्पेक्ट्रम उपलब्ध कराता है। एटीटी के चरणबद्ध तरीके से हटाने के चलते कई मेगाहर्ट्स के सेपेक्ट्रम मुक्त होंगे, साथ ही  परिचालन खर्च में 100 करोड़ रुपए सालाना तक की बचत होने की उम्मीद है। साथ ही इससे आधुनिक प्रौद्योगिकियों और नए अवसरों की दिशा खुलेगी।

पिछले कुछ वर्षों में दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो में प्रसारण सुधारों को लागू करते हुए, प्रसार भारती एनालॉग टेरेस्ट्रियल टीवी ट्रांसमीटर जैसी अप्रचलित प्रसारण तकनीकों को तेजी से समाप्त कर रहा है, जिससे उभरती प्रौद्योगिकियों और नए कंटेंट के अवसरों में बदलाव का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।

प्रसार भारती ने साफ किया कि कुछ स्थानों पर इस संबंध में गलत जानकारी प्रसारित की जा रही है कि दूरदर्शन से जुड़ा कोई केन्द्र बंद होने जा रहा है। प्रसार भारती ने स्पष्ट किया कि अप्रचलित एनालॉग टेरेस्ट्रियल टीवी ट्रांसमीटरों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए प्रसारण सुधार कदमों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। हाल ही में ‘डीडी सिलचर’, ‘डीडी कलबुर्गी’ आदि के बारे में ऐसी झूठी खबरें सामने आई हैं।

प्रसार भारती ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ये डीडी केंद्र यूट्यूब और सोशल मीडिया सहित डिजिटल मीडिया पर अपनी उपस्थिति बनाए रखने के अलावा अपने-अपने राज्यों को समर्पित दूरदर्शन के सभी सैटेलाइट चैनल प्रसारण के लिए कार्यक्रम कंटेंट तैयार करना जारी रखेंगे। उदाहरण के लिए ‘डीडी सिलचर’ और ‘डीडी कलबुर्गी’ द्वारा बनाये गए कार्यक्रम अब क्रमशः ‘डीडी असम’ और ‘डीडी चंदना’ पर प्रसारित किए जायेंगे।

प्रसार भारती ने साफ किया कि वह अन्य फ्री टू एयर निजी चैनल सहित दूरदर्शन के सभी चैनल डीडी फ्री डिश और डीटीएच के माध्यम से उपलब्ध करा रहा है। डीडी फ्री डिश डीटीएच चैनलों को ‘फ्री टू एयर मोड’ में प्राप्त करने के लिए सेट-टॉप बॉक्स बाजार से एकमुश्त निवेश के रूप में खरीदे जा सकते हैं और इसके माध्यम से कई शैक्षिक चैनलों के साथ-साथ आकाशवाणी के 40 से अधिक सैटेलाइट रेडियो चैनलों सहित 120 से अधिक फ्री-टू-एयर टीवी चैनल देखे जा सकते हैं।

प्रसार भारती ने यह भी जानकारी दी कि 5जी ब्रॉडकास्ट जैसे उभरते मानकों के अनुरूप डिजिटल टेरेस्ट्रियल ब्रॉडकास्टिंग के लिए नेक्स्ट जेन ब्रॉडकास्ट सॉल्यूशन/रोडमैप विकसित करने के लिए प्रसार भारती ने आईआईटी कानपुर के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि डायरेक्ट टू मोबाइल ब्रॉडकास्टिंग जैसे नए एप्लिकेशन को सक्षम बनाया जा सके और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एल्गोरिदम के इस्तेमाल के जरिए नए कंटेंट के अवसर पैदा किए जा सकें।

 

  

 

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SonyLIV में सीनियर मार्केटिंग मैनेजर रहे मनीष वी. धनवानी ने जॉइन किया MX प्लेयर

सोनीलिव (SonyLIV) में सीनियर मार्केटिंग मैनेजर रहे मनीष वी. धनवानी ने अब MX प्लेयर जॉइन किया है।

Last Modified:
Friday, 08 October, 2021
sonyliv6565

सोनीलिव (SonyLIV) में सीनियर मार्केटिंग मैनेजर रहे मनीष वी. धनवानी ने अब MX प्लेयर जॉइन किया है। उन्हें यहां एसवीओडी (SVOD) का एसोसिएट डायरेक्टर बनाया गया है।

अपनी नई भूमिका में, वह अपने अनुभव का उपयोग एमएक्स प्लेयर में एसवीओडी (SVOD) वर्टिकल को और आगे ले जाने के लिए करेंगे।

अपने 13 साल से भी अधिक लंबे करियर में धनवानी ने टाइम्स ऑफ मनी (Times of Money), बुकमाईशो (BookMyShow), मैककैन (McCann) और पब्लिसिस (Publicis) जैसे ब्रैंड्स के साथ काम किया है।  

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सरकार ने 'प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया' का किया पुनर्गठन, शामिल किए ये 22 नाम

‘सूचना प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) ने ‘भारतीय प्रेस परिषद’ (Press Council of India) के 14वें कार्यकाल के पुनर्गठन के लिए छह अक्टूबर को अधिसूचना जारी कर दी है।

Last Modified:
Friday, 08 October, 2021
Press Council of India

‘सूचना प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) ने ‘भारतीय प्रेस परिषद’ (Press Council of India)  के 14वें कार्यकाल के पुनर्गठन के लिए छह अक्टूबर को अधिसूचना जारी कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंत्रालय ने भारतीय प्रेस परिषद में 22 नए सदस्यों को नामित किया है। इनमें श्रमजीवी पत्रकारों व संपादकों को शामिल किया गया है। बताया जाता है कि ये नियुक्तियां तीन वर्ष के लिए मान्य होंगी।

भारतीय प्रेस परिषद के सदस्य के रूप में जिन्हें नामित किया गया है, उनमें ‘दैनिक भास्कर’ के समूह संपादक प्रकाश दुबे, ‘पीटीआई‘ के जी सुधाकर नायर, ‘मुजफ्फरपुर बुलेटिन‘ के अंकुर दुआ, ‘एक्सप्रेस न्यूज‘ के समूह संपादक डॉ बलदेव राज गुप्ता,  ह्यूयेन लानपाओ के निवासी संपादक डॉ खेदेम अथौबा मीतेई, ‘जनमोर्चा‘ की संपादक डॉ सुमन गुप्ता, ‘द कारवां‘ के कार्यकारी संपादक विनोद के जोस, ‘आज कल‘ के पत्रकार अंशु चक्रवर्ती, ‘देशबंधु‘ के संवाददाता जय शंकर गुप्ता और ‘संगबाद प्रतिदिन‘ के किंगशुक प्रमाणिक के नाम शामिल हैं।

इनके अलावा ‘आनंद बाजार पत्रिका‘ के प्रजनानंद चौधरी, ‘उत्कल मेल‘ के विनोद कोहली, ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस‘ के गुरबीर सिंह, ‘इंडस वैली टाइम्स‘ के प्रसन्ना मोहंती, ‘भारतीय पर्यवेक्षक‘ के गुरिंदर सिंह, ‘आकाशदीप‘ के एल सी भारतीय, ‘जय प्रदेश‘ की आरती त्रिपाठी, ‘जन सामना‘ के श्याम सिंह पंवार, ‘विश्वविद्यालय अनुदान आयोग‘ की ओर से प्रो. जे.एस राजपूत, ‘भारतीय विधिज्ञ परिषद‘ की ओर से शैलेन्द्र दुबे, ‘साहित्य अकादमी‘ की ओर से माधव कौशिक और राज्यसभा सदस्य डॉ. के केशव राव को भी बतौर सदस्य इसमें नामित किया गया है।

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GroupM में हिमांशु शेखर को मिली ये अतिरिक्त जिम्मेदारी

वह कंपनी में इंडोनेशिया मार्केट के सीईओ के तौर पर भी अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 07 October, 2021
Last Modified:
Thursday, 07 October, 2021
Himanshu Shekhar

जानी-मानी मीडिया एडवर्टाइजिंग कंपनी ‘ग्रुपएम’ (GroupM)  ने हिमांशु शेखर को वियतनाम के मार्केट की अतिरिक्त कमान सौंपी है। वह कंपनी में इंडोनेशिया मार्केट के सीईओ के तौर पर भी अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। उन्हें वियतनाम मार्केट में नील हार्डविक (Neil Hardwick) की जगह यह जिम्मेदारी दी गई है।  

बता दें कि हिमांशु शेखर लंबे समय से ग्रुपएम के साथ जुड़े हुए हैं और उन्हें वर्ष 2018 में प्रमोट कर ग्रुपएम इंडोनेशिया में सीईओ बनाया गया था।

शेखर मार्च 2010 से इंडोनेशिया में हैं, जब वे ‘माइंडशेयर’ (Mindshare) के बिजनेस में मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में शामिल हुए थे। दिसंबर 2011 में उन्हें माइंडशेयर, इंडोनेशिया के सीईओ के पद पर प्रमोट कर दिया गया था।

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ZEE के खिलाफ विदेशी मीडिया और इनवेस्को में हो रही बड़ी साजिश, बोले डॉ. सुभाष चंद्रा

बुधवार को अपने लोकप्रिय शो ‘डीएनए’ (DNA) में ‘जी मीडिया’ के एडिटर-इन-चीफ और सीईओ सुधीर चौधरी ने इस मुद्दे पर ‘एस्सेल ग्रुप’ के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा से विस्तार से बातचीत की।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 06 October, 2021
Last Modified:
Wednesday, 06 October, 2021
DNA

‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लि.’ (ZEEL) ने ‘सोनी पिक्चर नेटवर्क्स इंडिया’ (Sony Picture Networks India) के साथ हाल ही में विलय की घोषणा की है। इसके बाद से ही ‘जी’ के सबसे बड़े निवेशक ‘इनवेस्को’ (Invesco) ने जी एंटरटेनमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर व सीईओ पुनीत गोयनका समेत दो अन्य निदेशकों को हटाने और छह नए निदेशकों की नियुक्ति के साथ बोर्ड के पुनर्गठन की मांग शुरू कर दी है। इसी मद्देनजर इनवेस्को की मंशा पर लगातार सवाल उठ रहे हैं कि उसके पीछे किसका हाथ है? इस सवाल से इनवेस्को भाग क्यों रहा है? क्या चीन से उसे मदद मिल रही है? चीन ZEEL के खिलाफ साजिश क्यों कर रहा है? क्या किसी कॉरपोरेट घराने के इशारे पर सब हो रहा है? 

इस मुद्दे पर पिछले दिनों Zee ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और अनुरोध किया है कि वह ईजीएम बुलाने के इनवेस्को के अनुरोध को गैरकानूनी व अमान्य करार देने पर विचार करे। वहीं, ZEE के फाउंडर डॉ. सुभाष चंद्रा ने इनवेस्को की नीयत पर सवाल उठाए हैं।

बुधवार को अपने लोकप्रिय शो ‘डीएनए’ (DNA) में ‘जी मीडिया’ (Zee Media) के एडिटर-इन-चीफ और सीईओ सुधीर चौधरी ने इस मुद्दे पर ‘एस्सेल ग्रुप’ (Essel Group) के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा से विस्तार से बातचीत की। इस दौरान डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा, ‘जब 1992 में ‘जी’ नेटवर्क आया, तब सिर्फ दूरदर्शन था और वह मनोरंजन के क्षेत्र में सक्रिय नहीं था। हमने उस रिक्त स्थान को भरने का काम किया है। आज कोई 10 लाख करोड़ रुपए भी खर्च करे तो ‘जी’ जैसा ब्रैंड नहीं खड़ा कर सकता। हमारे गोदामों में आज भी 1992 से लेकर 1996 के बीच आई 10 करोड़ चिट्ठी पड़ी हैं।’

डॉ. चंद्रा का कहना था, ‘ये चैनल इनवेस्को और मेरा या किसी और का नहीं है। हमारे ढाई लाख शेयर होल्डर्स का चैनल है। विदेशी खतरा तो 1994 में भी आया, जब मुझे 500 मिलियन डॉलर ऑफर किए गए थे, वो भी विदेशी मीडिया ही था। मैंने उस समय भी उनको कहा था कि इंडिया सेल के लिए नहीं है इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि इनवेस्को सिर्फ निवेशक है, मालिक नहीं है।’ डॉ. सुभाष चंद्रा के अनुसार, ‘इनवेस्को का मैं अभी तक समझ नहीं पा रहा कि इनके पीछे किसका हाथ है। लेकिन कोई तो है, जो पुनीत गोयनका को बदलने की कोशिश कर रहा है। दरअसल, वो लालची हैं और इसको टेकओवर करना चाहते हैं। सीधे रास्ते से वो आ नहीं सकते इसलिए वो इस प्रकार के हथकंडे अपना रहे हैं। एक कंपनी कानून के प्रावधान का इस्तेमाल करके वो इस मीडिया कंपनी को हथियाना चाहते हैं।’

उनका कहना था, ‘आज ZEE के छह बोर्ड मेंबर हैं और उस पर किसी का कंट्रोल नहीं है। सातवां पुनीत है, लेकिन वह भाग नहीं ले सकता है। सभी बोर्ड मेंबर ने कानूनी राय ली है और जितना मुझे मालूम है कि इनवेस्को की मांग कानूनी रूप से बिल्कुल गलत है। इनवेस्को आज का नहीं, बल्कि पुराना निवेशक है। पुनीत की क्षमता पर तो उन्हें पहले भी भरोसा था, लेकिन आज अचानक से कैसे उनकी राय बदल गई, ये बड़ा सवाल है।’

डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा, ‘मुझे ऐसा लगता है और मेरी ये निजी राय है कि इनवेस्को में कोई बेईमानी कर रहा है और अपने बड़े अधिकारियों को गुमराह कर रहा है। अगर इनवेस्को ने पहले से कोई डील करके रखी है तो वो कानूनी रूप से गलत है और इनसाइडर ट्रेडिंग के दायरे में आती है। इनवेस्को चाहे तो हम AGM  मीटिंग करने को भी तैयार हैं, लेकिन इससे पहले आप ये बताइये कि आपकी सोनी से क्या डील है? उसके बाद हम अपने शेयर धारकों को बताएंगे कि हमारी क्या योजना है।’

इस शो के दौरान डॉ. सुभाष चंद्रा ने यह भी कहा, ‘मैं ये क्लियर करना चाहता हूं कि इनवेस्को सबसे बड़ी निवेशक भले ही हो सकती है लेकिन 18 फीसदी हिस्से का मतलब यह नहीं है कि आप मालिक हो गए हैं। आज मनोरंजन की दुनिया में अगर कोई ऐसा चैनल है, जिसको पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सकता है, तो वो जी के चैनल्स हैं।’

उन्होंने कहा, ‘इस देश का कानून इनवेस्को को इस तरह टेकओवर करने की इजाजत नहीं देता। इनवेस्को पैसे के बल पर कुछ भी कर सकता है। मैं इनवेस्को को साफ कह देना चाहता हूं कि अगर आप गैरकानूनी तौर से हथियाने की सोच रहे हैं तो न तो ये हो सकता है और न ही हम ऐसा होने देने वाले हैं। इनवेस्को आज ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह बर्ताव कर रही है, लेकिन वो भूल गए कि उसी कंपनी को मैं 1995 में खरीद चुका हूं। आज भी वो डील कागज पर है और मेरे ढाई लाख पाउंड वहीं हैं। उस देश के पीएम तक से मेरी बात हुई थी लेकिन टेकओवर के नियम ऐसे थे कि वो कंपनी मेरे हाथ नहीं आई।’

उनका यह भी कहना था, ‘मुझे इस देश के लोगों पर पूरा भरोसा है कि वो इनवेस्को की मंशा को सफल नहीं होने देंगे। कई लोग यह भी कह रहे होंगे कि सोनी भी विदेशी कंपनी है लेकिन मैं साफ कह दूं कि उन्होंने पूरे पांच साल पुनीत को डायरेक्टर बनाने की हामी भरी है। वो भारत के हिसाब से ही चीजों को बनाना चाहते हैं। मीडिया संस्थान चलाना किसी बैंक को चलाने से कम नहीं है। ये सीधे लोगों के दिल और दिमाग पर असर करता है, इसलिए सरकार ने कानून बनाया हुआ है कि आपको अगर एक डायरेक्टर भी बदलना है तो भी आपको सरकार से इजाजत लेनी होगी। मुझे उम्मीद है कि सरकार भी इस मामले को पूरी तरह से देखेगी।’

इस पूरे शो का वीडियो आप यहां देख सकते हैं।

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