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पुरुष-महिला एंकर के बीच भेदभाव करता है BBC? ट्रिब्यूनल पहुंचा मामला
महिला कर्मचारी के समर्थन में उतरी नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट, एंप्लॉयमेंट ट्रिब्यूनल में रखा अपना पक्ष
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
दरअसल, बीबीसी के शो ‘न्यूजवॉच’ (Newswatch) की महिला प्रजेंटर समीर अहमद ने इस मामले में बीबीसी को ट्रिब्यूनल में घसीटा है। समीरा का कहना है कि उन्हें अपने पुरुष सहकर्मी जेरेमी वाइन (Jeremy Vine) के मुकाबले कम सैलरी दी जाती है, जबकि वह भी समीरा की तरह एक शो ‘पॉइंट्स ऑफ व्यू’ (Points of View) होस्ट करते थे।
वर्ष 2012 से यह शो होस्ट कर रहीं समीरा का कहना है कि उन्हें प्रति एपिसोड 440 पाउंड्स (करीब 40000 रुपए) दिए जा रहे थे। हालांकि 2015 में इसे बढ़ाकर 465 पाउंड्स (42000 रुपए) कर दिया गया था। इसके विपरीत वाइन को 2008 से 2018 के बीच हर एपिसोड के लिए 3000 पाउंड्स (लगभग 2.73 लाख रुपए) दिए गए। हालांकि जनवरी 2018 में वाइन को मिलने वाली प्रत्येक एपिसोड की पेमेंट को कम कर 1300 पाउंड्स (1.18 लाख रुपए) कर दिया गया था। इस कटौती के बाद वाइन ने उसी साल की जुलाई में इस्तीफ़ा दे दिया था। दोनों शो 15 मिनट से कम समय के हैं और व्युअर्स को बीबीसी के कार्यक्रम देखने के लिए आमंत्रित करते हैं।
वहीं, इस मामले में बीबीसी का कहना है कि समीरा अहमद जिस शो का संचालन करती हैं, वह न्यूज सेगमेंट में आता है, जबकि वाइन का कार्यक्रम एंटरटेनमेंट कैटेगरी का है। न्यूज के मुकाबले एंटरटेनमेंट कार्यक्रमों पर काम करने वाले प्रजेंटर्स का मार्केट रेट अधिक होने के कारण ही सैलरी में यह अंतर था। ट्रिब्यूनल के समक्ष एक लिखित बयान में बीबीसी का यह भी कहना है कि ‘पाइंट्स ऑफ व्यू’ के ऑनस्क्रीन प्रजेंटर को फिर चाहे वह महिला हो अथवा पुरुष हमेशा ‘न्यूजवॉच’ के होस्ट से ज्यादा भुगतान किया गया है।
बीबीसी का यह भी कहना है कि समीरा अहमद को किए जाने वाले भुगतान की तुलना उनसे पहले ‘न्यूजवॉच’ की कमान संभालने वाले से की जानी चाहिए, जिनके मुकाबले समीरा को ज्यादा भुगतान किया गया। पिछले साल बीबीसी (चीन) की संपादक कैरी ग्रेसी (Carrie Gracie) ने भी समान वेतन कंट्रेवर्सी पर ही अपना इस्तीफा दिया था। इसके बाद बीबीसी ने माफी मांगते हुए बकाया भुगतान जारी किया था। बीबीसी ने माना था कि कैरी ग्रेसी को उनके पुरुष सहकर्मियों के मुकाबले लंबे समय तक कम भुगतान किया गया था।
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