एबीपी न्यूज नेटवर्क: CEO अविनाश पांडे ने टीम को लिखा पत्र, दिया ये भरोसा

देश के बड़े न्यूज नेटवर्क्स में शुमार ‘एबीपी न्यूज नेटवर्क’ (ANN) के सीईओ अविनाश पांडे ने अपनी टीम के लिए एक मेल जारी किया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 15 April, 2020
Last Modified:
Wednesday, 15 April, 2020
avinash

देश के बड़े न्यूज नेटवर्क्स में शुमार ‘एबीपी न्यूज नेटवर्क’ (ANN) के सीईओ अविनाश पांडे ने अपनी टीम के लिए एक मेल जारी किया है। इस मेल में उन्होंने अपनी टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। खास बात यह है कि इस मेल में किसी भी तरह के सैलरी कट, छंटनी और कॉस्ट कटिंग जैसी कोई घोषणा नहीं की गई है, जैसी कि अधिकांश मीडिया संस्थानों के बारे में कई दिनों से खबरें आ रही हैं।   

हालांकि, अभी यह देखा जाना बाकी है कि एबीपी न्यूज नेटवर्क के संरक्षक और पश्चिम बंगाल के प्रमुख अंग्रेजी अखबार ‘द टेलिग्राफ’ के मालिक अपने न्यूजपेपर बिजनेस पर पड़ रहे कोरोनावायरस-कोविड-19 के प्रभाव से निपटने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं।

सोमवार को अपनी पूरी टीम के लिए लिखे गए मेल में ‘एबीपी न्यूज नेटवर्क’ के सीईओ अविनाश पांडे ने कहा है, ‘पिछले कुछ हफ्ते हमारे लिए कुछ ऐसे रहे हैं, जिसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। इस हफ्ते आप काम शुरू करें, उससे पहले मैं आपसे इस मेल के माध्यम से कहना चाहता हूं कि आप लोग जो त्याग कर रहे हैं और इस बिजनेस को चलाने के लिए जितनी कड़ी मेहनत कर रहे हैं, उसके लिए मैं आपका बहुत आभारी हूं। जैसा कि मैंने पिछली बार लिखा था कि इस महामारी का प्रकोप कितना रहेगा और कब तक चलेगा, अभी तक पता नहीं है, यही स्थिति अब भी है। ऐसे में हमेशा यह याद रखना बहुत जरूरी है कि हम इससे किस तरह से अपना बचाव कर सकते हैं। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हमें सोशल डिस्टेंसिंग रखनी है, बाहर जाते समय मास्क का इस्तेमाल करना है। बार-बार अपने हाथ साबुन से धोने हैं और इस बीमारी का संक्रमण न फैले, इसके लिए घर पर ही रहना है।’

अविनाश पांडे ने लिखा है, ‘मुझे इस बात पर गर्व है कि हमारा नेटवर्क विभिन्न प्रोग्राम्स के माध्यम से अपने लाखों दर्शकों को इस बारे में जागरूक करने के साथ ही तमाम नई सूचनाएं उपलब्ध कराने में अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई है, जैसा कि मैंने पिछले कुछ समय में देखा है। इस तरह के मुश्किल समय में ही भरोसे की पहचान होती है और दर्शकों ने हमारे नेटवर्क पर काफी भरोसा दिखाया है। यही कारण है कि पिछले कुछ हफ्तों से यह नंबर वन बना हुआ है। इस महामारी के बीच भी हम अपना बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। हम न सिर्फ रिकॉर्ड-ब्रेकिंग नंबर दे रहे हैं,  वहीं, विभिन्न जोखिमों को कम करने और शानदार परिणाम देने के लिए नए-नए तरीके खोज रहे हैं।’  

अविनाश पांडे के अनुसार, ‘हमारी एडिमिस्ट्रेशन टीम बेघरों को खाना खिलाने के लिए और हमारे स्टाफ के अधिकांश सदस्य दर्शकों तक न्यूज पहुंचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। पूरे नेटवर्क द्वारा इस समय जो बेहतर काम किया जा रहा है, उसका आभार शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता है। पिछले चार-पांच हफ्तों में मैंने जो निस्वार्थता देखी है, इससे पहले कभी नहीं देखी। फिलहाल हमें नहीं पता कि यह मुश्किल दौर कब खत्म होगा, लेकिन हम यह अच्छी तरह जानते हैं कि लॉकडाउन और सीमित स्तर पर आवागमन कई हफ्तों तक चलेगा। जब तक वायरस का खात्मा नहीं हो जाता, सोशल डिस्टेंसिंग भी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा रहेगी। आप लोगों के लिए यह जानना बहुत महत्वपूर्ण है कि आप कंपनी के लिए बहुत मूल्यवान हैं। ऐसे में यह बहुत जरूरी है कि आप खुद को सुरक्षित रखें। पिछले वर्षों में रिपोर्टिंग के दौरान हमने जिन तमाम चुनौतियों का सामना किया है, उन्हीं अनुभवों ने शायद हमें आज की स्थिति के लिए तैयार किया है। जब तक बहुत जरूरी न हो, बाहर न निकलें और सबसे खास बात यह है कि एचआर की ओर से दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें।’

अपनी मेल में अविनाश पांडे ने यह भी लिखा है, ‘निकट भविष्य पूरी तरह सकारात्मक नहीं होगा। यह उथल-पुथल भरा होगा और अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव डालेगा। अन्य तमाम बड़े प्रतिष्ठानों की तरह एबीपी को भी तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। हमें न सिर्फ सीमित संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना होगा, बल्कि कई कठोर फैसले भी लेने होंगे। मैं आपको पूरा विश्वास दिलाता हूं कि हमारी प्रमोटर्स फैमिली पूरी तरह से हम लोगों के साथ है और मैं इस तरह के कड़े फैसले पूरी ईमानदारी के साथ लूंगा।’

बता दें कि इससे पहले 25 मार्च को भी अविनाश पांडे ने अपनी टीम को एक लेटर लिखकर उन्हें भरोसा दिलाया था कि नेटवर्क की प्रमोटर्स फैमिली पूरी तरह एबीपी न्यूज नेटवर्क की टीम के साथ खड़ी है। इसके साथ ही उन्होंने इस मुश्किल दौर में किए जा रहे बेहतर काम के लिए नेटवर्क की टीम की सराहना भी की थी।

अविनाश पांडे द्वारा पूर्व में लिखे गए मेल के चुनिंदा अंशों को आप यहां हूबहू पढ़ सकते हैं।

“As the coronavirus pandemic develops into absolute lockdown for next 21 days, I want all of you to know that health and well-being of all our employees are of utmost importance to me and all in Managing Committee. It is a very unusual time, and we are in a unique position to inform and educate millions of audiences every day through our TV and digital network by bringing facts and truth and thus mitigate the next stage of this pandemic. Much of the work that we do, cannot be done by just being at home! That’s why we have made sure that we implement enough preventive measures for us to be functional, effective and safe.

Our HR has been proactive and continuously communicating with all of you since the time this news first came and then moved into a crisis. HR asked people to operate from home and remotely as much as possible. All of you were asked to come to the office only when it’s absolutely unavoidable. Our reporters and cameraperson are working from their location and has been strictly advised not to come to studio unless unavoidable. Our entire staff of editorial at all location has done incredible work despite working with 1/3 of staff present at any given time and many of them working remotely. We have shown resilience by doing anchoring from home, working extra hours on a few days so that other colleague can avoid coming to office, changing formats of shows and what not all. Just to be there working tirelessly to deliver news which matters.

I am thrilled to see the jump in our digital consumption and it’s a further reassurance of trust that readers and viewers have bestowed upon ANN. Almost the entire team of digital is working from home and remote locations and doing an incredible job.

I am coming to office regularly like some of you. Though I keep a safe distance and most meetings are on zoom call or at a distance of at least a meter. I stopped shaking hands almost a fortnight back and all travel much before there was an advisory against that. Admin, Logistics, Infra & broadcast team at all of our offices have done what needs to be done at this stage by continuously sanitizing the entire office every hour, providing gloves and masks to our support staff, keeping all doors touch-free, functional network infra and seamless streaming and broadcast.

The sales team has managed to avoid large cancellation and utilize existing opportunity to keep advertising sales on, which is our sole source of revenue. The team is using all opportunities and resources to keep the revenue flow and minimize damages. You may know that much before clampdown, all advertising companies closed their offices and started working from home. However, our team has managed to keep the revenue flow all through this March on. Distribution team is in continuous touch with operators to make sure smooth viewing at everyone’s home. Their good relationship with operators is at full play. Marketing working from home has continuously worked on all communication that is required with community outside and has made sure our voices are heard. The finance team is clearing all your bills and vendors payment on time while working from home. Some of the staff from all departments visit the office as and when required but largely we have managed to work from remote and have done it well. This is an unprecedented circumstance and thus it requires resilience in all of us. The resilience is what I call adoptability personified. All disasters are manageable if you know the certainty of their frequency and consequences. The Coronavirus Pandemic is blanc on both counts. The fact is we don’t know its duration and consequences yet! No one knows or have an exit strategy out of this pandemic. The only thing we know is to keep ourselves locked-in to prevent its spread.

Our promoters family is fully behind us to sail through these difficult times. While at management we are gearing up for deepening economic and business fallout of this pandemic, it is extremely important for us that you take care of yourself. It would be catastrophic if any one of us is part of this chain of spread. No one is untouchable. This morning I received an email from Lawrence S Bacow, President Harvard University, saying that he & his wife have been infected and he doesn’t know how he got infected. This is what our PM said last night. Everyone is vulnerable.ABP News Network has had no news of retrenchment or salary cuts as of now in a period where companies in the media sector have been dealing with the economic impact of COVID-19 and bracing for survival by cutting costs by salary reduction and headcount reduction .“

However, the ABP News Network CEO has kept the door open for future salary cuts and headcount reduction and overall cost reductions to deal with the ongoing dynamic scenario of COVID-19. No One knows what May June hold for the COVID-19 issue and the related impact on the economy . ABP News Network s motto has been “ Aapko Rakhe Aage ‘ seems to be its guiding force while dealing with ANN team members.

 

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कोरोना को नहीं हरा सके TOI के वरिष्ठ पत्रकार सुभाष मिश्रा, अस्पताल में ली अंतिम सांस

लखनऊ स्थित टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के अनुभवी पत्रकार सुभाष मिश्रा के निधन की खबर सामने आयी है। वे कोरोना वायरस से संक्रमित थे

Last Modified:
Saturday, 08 May, 2021
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लखनऊ स्थित टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के अनुभवी पत्रकार सुभाष मिश्रा के निधन की खबर सामने आयी है। वे कोरोना वायरस से संक्रमित थे और लखनऊ के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती थे, जहां  इलाज के दौरान ही वे जिंदगी की जंग हार गए। उन्हें 21 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

सुभाष मिश्रा राष्ट्रीय अंग्रेजी दैनिक ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ में असिसटेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत ते। इसके पहले वे इंडिया टुडे में एक लंबी पारी खेल चुके थे। उनकी गहन और निर्णायक पॉलिटिकल रिपोर्टिंग की वजह से ही मीडिया जगत में उनका बड़ा नाम था। कई वरिष्ठ मीडिया हस्तियों व राजनेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

ट्विटर पर लिखते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘वरिष्ठ @TOILucknow पत्रकार, श्री सुभाष मिश्रा जी के निधन से गहरा दुख हुआ। उन्होंने खुद को एक मेहनती पर्यवेक्षक, विपुल लेखक और एक अद्भुत इंसान के रूप में प्रतिष्ठित किया। उन्होंने यूपी में अंग्रेजी पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी संवेदना।’

वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पत्रकार सुभाष मिश्रा के निधन पर दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए कहा कि वह अपनी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ सम्बद्ध करती हैं।

वहीं यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘अत्यंत दुःखद! लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार श्री सुभाष मिश्रा जी का निधन, अपूरणीय क्षति। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति व शोक संतप्त परिवार को दुःख की इस घड़ी में संबल प्रदान करे। विनम्र श्रद्धांजलि।’

 

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कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पत्रकारों के हित में दिल्ली सरकार ने लिया ये फैसला

देश में कोरोना का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं।

Last Modified:
Friday, 07 May, 2021
Arvind Kejriwal

देश में कोरोना का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। इन सबके बीच अपनी जान जोखिम में डालकर पत्रकार रिपोर्टिंग कर रहे हैं और लोगों तक खबरें पहुंचा रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड समेत कई राज्यों ने पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित कर उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने का फैसला किया है।

इन सबके बीच दिल्ली सरकार ने भी पत्रकारों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें मुफ्त में कोरोना वैक्सीन लगाए जाने का फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोरोना के मामलों को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की समीक्षा बैठक के बाद दिल्ली सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के पत्रकारों का बड़ी संख्या में वैक्सीनेशन किया जाएगा।

इसके साथ ही दिल्ली सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि पत्रकारों को उनके ही संस्थानों में वैक्सीन मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू की जाएगी और इस पर आने वाला खर्च सरकार वहन करेगी। बताया जाता है कि दिल्ली सरकार ने मीडिया घरानों से उनके यहां कार्यरत एम्प्लॉयीज की सूची मांगी है, ताकि वैक्सीनेशन जल्द शुरू हो किया जा सके।

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बीजेपी ने कहा मारा गया कार्यकर्ता, पत्रकार ने कहा- 'जिंदा हूं मैं'

वीडियो में कुछ लोगों की तस्वीरें दिखाई गईं और दावा किया गया कि ये वो पार्टी कार्यकर्ता हैं, जिनकी पिछले 72 घंटों में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हत्या की।

Last Modified:
Friday, 07 May, 2021
manik

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही राज्य में हिंसा का दौर जारी है। इस दौरान बीजेपी और टीएमसी दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं की हत्या की खबरें सामने आई। बुधवार को बीजेपी की बंगाल आईटी सेल की ओर से 5.28 मिनट का एक वीडियो रिलीज कर टीएमसी पर हिंसा का आरोप लगाया गया। वीडियो में कुछ लोगों की तस्वीरें दिखाई गईं और दावा किया गया कि ये वो पार्टी कार्यकर्ता हैं, जिनकी पिछले 72 घंटों में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हत्या की। इस वीडियो में एक शख्स को लेकर जो दावा किया गया है, उसकी फोटो ही गलत निकली।

दरअसल, दावा किया कि माणिक मोइत्रा नाम का एक शख्स सीतलकूची में मारा गया है। हालांकि, बीजेपी ने वीडियो में जिस फोटो का इस्तेमाल किया, वह IndiaToday.in के पत्रकार अभ्रो बनर्जी की है।

बंगाल में हुई हिंसा के बाद बीजेपी ने नौ लोगों की लिस्ट जारी की है, जिसमें माणिक मोइत्रा, मिंटू बर्मन का नाम शामिल है। हालांकि, किसी की पहचान माणिक मोइत्रा के तौर पर नहीं हुई है। विवाद के बाद बीजेपी ने अब इस वीडियो को हटा लिया है, लेकिन उससे पहले ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर हजारो बार देखा जा चुका था। 

करीब 2 मिनट 35 सेकंड का वीडियो गुजरने के बाद एक युवक की तस्वीर आती है, जिसे वीडियो में मनिक मोइत्रो बताया गया। बीजेपी ने दावा किया कि ये पार्टी कार्यकर्ता हैं और टीएमसी से जुड़े कुछ लोगों ने इनकी हत्या कर दी। दरअसल, वह इंडिया टुडे के पत्रकार अभ्रो बनर्जी की तस्वीर थी। 

अभ्रो बनर्जी को जब इसकी सूचना मिली तो उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मैं अभी जिंदा हूं। मैं सीतलकूची से करीब 1300 किमी दूर हूं। बीजेपी आईटी सेल ने दावा किया है कि मैं मनिक मोइत्रा हूं और सीतलकुची में मारा गया। कृपया इन फेक पोस्ट पर यकीन न करें और चिंता न करें। मैं फिर दोहराता हूं, मैं जीवित हूं। 

आजतक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस मसले पर अभ्रो ने कहा कि वह आज सुबह थोड़ी देरी से उठे थे, उन्होंने देखा कि उनके फोन में 100 से अधिक मिस कॉल हैं। वह इससे पहले कुछ समझ पाते, उनके दोस्त अरविंद ने बताया कि बीजेपी आईटी सेल ने माणिक मोइत्रा की जगह उनकी तस्वीर का इस्तेमाल किया है। बाद में इस मसले से जुड़ा एक हाइपलिंक बीजेपी ने शेयर किया और कहा कि तस्वीर का गलत इस्तेमाल किया गया है।

अभ्रो ने कहा कि वह हैरान थे कि वह 1300 किमी. दूर है, फिर भी ये गलत जानकारी कितनी खतरनाक हो सकती है। अभ्रो बनर्जी अभी दिल्ली में हैं और IndiaToday.in के साथ काम कर रहे हैं।

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद से ही हिंसा हो रही है. रविवार को शुरू हुई हिंसा मंगलवार तक लगातार जारी रही, इस दौरान बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में आगजनी, लूटपाट, तोड़फोड़ की खबरें आईं। भाजपा ने आरोप लगाया है कि टीएमसी के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हमले में उनके कई कार्यकर्ताओं की मौत हो गई है। वहीं टीएमसी का भी दावा है कि हिंसा में उनके पार्टी के कार्यकर्ता भी मारे गए हैं। इसके बाद ममता बनर्जी ने गुरुवार को ऐलान किया कि चुनाव के बाद प्रदेश में हुई इस हिंसा में मरने वाले लोगों को बिना किसी भेदभाव के 2-2 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।  

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‘पार्लियामेंट्री बिजनेस’ के ग्रुप सीईओ रोहित सक्सेना को मिला ये सम्मान

रोहित सक्सेना की खेलों में रुचि शुरू से रही है। वे ताइक्वोंडो के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके हैं और कई बार वे अपने वेट के यूपी चैम्पियन रहने के साथ कोरिया से 2nd DAN  ब्लैक बेल्ट हैं।

Last Modified:
Thursday, 06 May, 2021
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‘पार्लियामेंट्री बिजनेस’ के ग्रुप सीईओ व मैनेजिंग एडिटर रोहित सक्सेना को खेलो और समाज के लिए किए जा रहे प्रयासों को तब बल मिला, जब उन्हें एशिया पैसिफिक चैम्बर ऑफ कॉमर्स व टोंगा की कॉमनवेल्थ यूनिवर्सिटी ने ‘एशिया पैसिफिक एक्सिलेंस अवॉर्ड’ के लिए चुना। यह सम्मान उन्हें ‘मोस्ट प्रॉमिसिंग पर्सनॉलिटी ऑफ द ईयर’ कैटेगरी के तहत मिला।

उन्होंने खेल संगठनों, खिलाड़ियों और कोरोना काल में जरूरतमंदो की जिस तरह से मदद की है, उसी के चलते उन्हें यह अवॉर्ड दिया गया है।

रोहित सक्सेना की खेलों में रुचि शुरू से रही है। वे ताइक्वोंडो के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके हैं और कई बार वे अपने वेट के यूपी चैम्पियन रहने के साथ कोरिया से 2nd DAN  ब्लैक बेल्ट हैं। देश के कई खेल संगठनो (ताइक्वोंडो, बॉक्सिंग और बॉड़ी बिल्डिंग) के चेयरमैन और अध्यक्ष होने के साथ 21 वर्षो में मीडिया के शुरुआती पद से ग्रुप सीईओ तक का मुकाम  हासिल किया है। रोहित भारत सरकार की मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्किल काउंसिल के वारिष्ठ सलाहकार भी हैं।

उन्होंने  एशिया पैसिफिक चैम्बर ऑफ कॉमर्स को धन्यवाद देने के साथ ये विश्वास भी दिलाया कि उनकी लोगों के काम आने की मुहिम यूं ही चलती रहेगीl  उन्होंने लोगों को यह संदेश भी दिया की बहुत जरूरी हो, तभी बाहर निकले और कोविड  प्रोटोकाल का पालन करेंl

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नहीं रहे NE TV समेत कई चैनलों के मालिक व पूर्व कांग्रेसी नेता मतंग सिंह

कोरोना काल में पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व कांग्रेसी नेता व कई चैनलों के मालिक रहे मतंग सिंह का निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली।

Last Modified:
Thursday, 06 May, 2021
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कोरोना काल में पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व कांग्रेसी नेता व कई चैनलों के मालिक रहे मतंग सिंह का निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के ILBS अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे 58 साल के थे।

बताया जा रहा है कि मतंग सिंह ने 22 अप्रैल को कोविड-19 का टेस्ट कराया था और उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी थी। उन्हें लीवर से संबंधित बीमारी भी थी।

मतंग सिंह पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के करीबी थे और उनकी सरकार के दौरान वे केंद्रीय मंत्री थे। सिंह 1992 में असम से राज्यसभा सदस्य के तौर पर चुने गए थे और 1994 से 1998 तक संसदीय मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर कार्य किया।

उन्होंने फोकस टीवी, हमार टीवी, एनई टीवी समेत कुल छह चैनल व एक रेडियो स्टेशन की नींव रखी थी। बताया जाता है कि टीवी ब्रॉडकास्ट के कारोबार में उनका आना भी अपनी पत्नी और पूर्व पत्रकार मनोरंजना सिंह के चलते हुआ था। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मनोरंजना ने न्यूज ब्रॉडकास्ट लाइसेंस के लिए 2003 में आवेदन किया था। इसके बाद उन्होंने पॉजिटिव टीवी (POSITIV TELEVISION PRIVATE LIMITED) नाम की एक कंपनी लॉन्च की, जिसके डायरेक्टर खुद मतंग सिंह, पवन सिंह व मैनेजिंग डायरेक्टर रूपेंद्र नाथ सिंह थे। इस बैनर के तले हिंदी न्यूज चैनल ‘फोकस टीवी’ सहित कुछ और चैनल भी चलते थे। हालांकि हिंदी में महिलाओं पर केंद्रित चैनल ‘फोकस टीवी’ कोई खास असर तो नहीं छोड़ पाया। लेकिन, पूर्वोत्तर में लॉन्च किए गए क्षेत्रीय चैनल शुरुआत में तो अच्छे चले, लेकिन बाद में चैनलों की भीड़ बढ़ गई तो पॉजिटिव टीवी के लिए डगर कठिन हो गई और कंपनी घाटे में चलने लगी थी।    

मनोरंजना मतंग सिंह से कई साल पहले अलग हो गईं थीं। उन्होंने अपने पति पर घरेलू हिंसा का आरोप भी लगाया था। दोनों में पॉजिटिव टीवी के मालिकाना हक को लेकर लंबी कानूनी लड़ाई भी चली। 

मतंग सिंह का जन्म 1962 में असम के तिनसुकिया में एसपी सिंह और रानी रुक्मिणी सिंह के घर हुआ था। उनका नाम शारदा चिटफंड घोटाले में भी आया था।

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नहीं रहे 'युगधर्म' के प्रधान संपादक भगवतीधर वाजपेयी

 वयोवृद्ध पत्रकार और राष्ट्रीय भावधारा के लेखक भगवतीधर वाजपेयी का जबलपुर में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।

Last Modified:
Thursday, 06 May, 2021
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 वयोवृद्ध पत्रकार और राष्ट्रीय भावधारा के लेखक भगवतीधर वाजपेयी का जबलपुर में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 96 वर्ष के थे। 

वे 'युगधर्म' जबलपुर के प्रधान संपादक थे व हिंदी एक्सप्रेस जबलपुर के संपादक रवि वाजपेयी के पिता थे। भगवतीधर वाजपेयी एक वरिष्ठ समाजसेवी, साहित्यकार, पत्रकार और बीजेपी के नेता थे। उनका निधन जबलपुर पत्रकारिता के लिए बड़ी छति माना जा रहा है। 

उनके निधन पर भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि युगधर्म (नागपुर-जबलपुर) के संपादक के रूप में उनकी पत्रकारिता ने राष्ट्रीय चेतना का विस्तार किया। वे सिर्फ एक पत्रकार ही नहीं, मूल्यआधारित पत्रकारिता और भारतीयता के प्रतीक पुरुष थे। उनका समूचा जीवन इस देश की महान संस्कृति के प्रचार-प्रसार में समर्पित रहा।

 प्रो. द्विवेदी ने कहा कि 1957 में नागपुर में युगधर्म के संपादक के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने 1990 तक सक्रिय पत्रकारिता करते हुए युवा पत्रकारों की एक पूरी पौध तैयार की। उनकी समूची पत्रकारिता में मूल्यनिष्ठा, भारतीयता, संस्कृति के प्रति अनुराग और देशवासियों को सामाजिक और आर्थिक न्याय दिलाने की भावना दिखती है। 1952 में स्वदेश के माध्यम से अपनी पत्रकारिता का प्रारंभ करने वाले श्री वाजपेयी का निधन एक ऐसा शून्य रच रहा है, जिसे भर पाना कठिन है। 2006 में उन्हें मध्यप्रदेश शासन द्वारा माणिकचन्द्र वाजपेयी राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

प्रो.द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी एक विचार के लिए लगा दी और संघर्षपूर्ण जीवन जीते हुए भी घुटने नहीं टेके। आपातकाल में न सिर्फ उनके अखबार पर ताला डाल दिया गया, वरन उन्हें जेल भी भेजा गया। इसके बाद भी न तो झुके, न ही डिगे। यह संयोग ही है कि अटलबिहारी वाजपेयी जी, भगवती धर जी और माणिक चंद्र वाजपेयी जी तीनों एक ही गांव बटेश्वर (आगरा) से आए। तीनों का जीवन पत्रकारिता से शुरू हुआ। पर तीनों एक ही विचार के लिए जिए।

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इन 4 राज्यों ने भी पत्रकारों को माना फ्रंटलाइन वॉरियर्स, वैक्सीनेशन में मिलेगी प्राथमिकता

अब चार राज्य और सामने आए हैं, जिन्होंने  पत्रकारों को फ्रंटलाइन वॉरियर्स माना और उन्हें वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने की बात कही है।

विकास सक्सेना by
Published - Thursday, 06 May, 2021
Last Modified:
Thursday, 06 May, 2021
Journalists6

कोरोनावायरस का संक्रमण लगातार फैल रहा है। हर दिन इस घातक वायरस से रिकॉर्ड मौतें दर्ज की जा रही हैं। इस बीच उत्तराखंड, बिहार, ओडिशा, मध्य प्रदेश, पंजाब और उत्तर प्रदेश राज्यों में पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित किया हुआ है, लेकिन अब चार राज्य और सामने आए हैं, जिन्होंने  पत्रकारों को फ्रंटलाइन वॉरियर्स माना और उन्हें वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने की बात कही है।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद ममता बनर्जी ने भी ऐलान कर दिया कि वह राज्य के सभी पत्रकारों को कोरोना वॉरियर्स घोषित करती हैं। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से सभी को फ्री में वैक्सीन देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इसमें लगभग 30 करोड़ रुपए खर्च होंगे और 30 करोड़ रुपए केंद्र सरकार के लिए कुछ नहीं है।

वहीं, झारखंड की हेमंत सरकार ने भी राज्य के पत्रकारों को प्राथमिकता के तौर पर कोरोना वैक्सीन अभियान से जोड़ने पर जोर दिया है। इस संबंध सीएम सोरेन ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की इस लड़ाई में सभी मिलकर लड़ते हुए जीत हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना फिर हारेगा और झारखंड फिर जीतेगा।

इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने राज्य के सभी डीसी को पत्र लिखा है। इसके तहत झारखंड में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के पत्रकारों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन लगाने की बातें कही गई है। कहा गया कि कोरोना से संबंधित विभिन्न प्रकार की सूचनाओं को संग्रहित एवं प्रचारित-प्रसारित करने के उद्देश्य से टीवी और प्रिंट मीडिया के पत्रकार क्षेत्र में लगातार घूमते हैं। इस क्रम में इनका प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन करने की जरूरत है।

कर्नाटक सरकार ने भी पत्रकारों को अग्रिम मोर्चे का कोविड वॉरियर्स मानने और प्राथमिकता के आधार पर उनका वैक्सीनेशन कराने का फैसला किया है। राज्य में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की विशेष बैठक की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘हम पत्रकारों को अग्रिम मोर्चे का कर्मी मानेंगे और प्राथमिकता के आधार पर उनका वैक्सीनेशन कराएंगे।’

हालांकि, येदियुरप्पा ने पत्रकारों से घटनाओं की इस तरह रिपोर्टिंग नहीं करने की अपील की, ताकि लोगों में दहशत न फैले।

कोरोनोवायरस संक्रमणों की दूसरी लहर के बीच, मणिपुर सरकार ने भी सभी मान्यता प्राप्त पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने का निर्णय लिया है। राज्य अब प्राथमिकता के तौर पर कोविड-19 के खिलाफ पत्रकारों का वैक्सीनेशन करेगा।

राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने ट्विटर पर लिखा, ‘तमाम जोखिमों के बावजूद खबरों को लोगों तक पहुंचाने में पत्रकारों के प्रयासों की हम सराहना करते हैं। ये किसी भी मायने में दूसरे फ्रंटलाइन वर्कर्स से कम नहीं हैं। राज्य सरकार मान्यता प्राप्त सभी पत्रकारों का फ्रंटलाइन वॉरियर्स के तौर पर प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन करेगी।’

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iTV Network ने अपनी सेल्स टीम को कुछ यूं दी मजबूती

देश के बड़े न्यूज ब्रॉडकास्टर्स में शुमार ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) ने अपनी सेल्स टीम को मजबूती दी है।

Last Modified:
Wednesday, 05 May, 2021
ITV Network

देश के बड़े न्यूज ब्रॉडकास्टर्स में शुमार ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) ने अपनी सेल्स टीम को मजबूती दी है। इसके तहत मीनाक्षी सिंह को नेटवर्क के हिंदी न्यूज चैनल ‘इंडिया न्यूज’ के प्रेजिडेंट (Govt Sales & Retail) के पद पर प्रमोट किया गया है। मीनाक्षी सिंह को इंडस्ट्री में काम करने का करीब 21 साल का अनुभव है। वह तमाम बहुराष्ट्रीय कंपनियों जैसे Gecis (GE), Dell, Neoteric में अपनी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। उन्होंने कई सारे अवार्ड भी अपने नाम किए हैं। वह आईटीवी नेटवर्क के वाइस प्रेजिडेंट ( सेल्स एंड मार्केटिंग) के रूप में वर्ष 2020 से इंडिया न्यूज से जुड़ी हैं।

नेटवर्क ने संजय सिंघल को भी प्रेजिडेंट के पद पर पदोन्नत किया है। वह इंडिया न्यूज के लिए गवर्नमेंट, नॉर्थ जोन हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और आज समाज, चंडीगढ़ और दिल्ली की जिम्मेदारी संभालेंगे। संजय सिंघल को मीडिया के क्षेत्र में काम करने का करीब तीन दशक का अनुभव है। वह वर्ष 2010 से इंडिया न्यूज के साथ जुड़े हुए हैं। प्रमोशन से पहले वह आईटीवी नेटवर्क में सीनियर वाइस प्रेजिडेंट के तौर पर आज समाज और इंडिया न्यूज (हरियाणा, पंजाब और हिमाचल) की कमान संभाल रहे थे। वहीं, इससे पहले वह वर्ष 2000 से 2010 तक हिंदुस्तान टाइम्स की चंडीगढ़ यूनिट में डिप्टी जनरल मैनेजर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। गवर्नमेंट हेड के तौर पर वह वर्ष 1990 से 2000 तक इंडियन एक्सप्रेस और जनसत्ता में भी काम कर चुके हैं। 

इसके अलावा सुमन सिंह को भी डिप्टी जनरल मैनेजर (सेल्स) के पद पर पदोन्नत किया गया है। सुमन सिंह को मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 साल से भी अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2016 से ही इंडिया न्यूज के साथ जुड़े हुए हैं। इससे पहले वह गवर्नमेंट सेल्स टीम,दिल्ली के साथ काम कर रहे थे। इस बारे में आईटीवी नेटवर्क के सीईओ वरुण कोहली का कहना है, ‘मीनाक्षी, संजय और सुमन की नई जिम्मेदारी को लेकर हम काफी खुश है।, iTV नेटवर्क को उनके कौशल और विशाल अनुभव का काफी लाभ मिलेगा और आने वाले समय में यह और ऊंचाइयों को छुएगा।’

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एशियानेट से जुड़े नचिकेत पंतवैद्य, मिली यह बड़ी जिम्मेदारी

नचिकेत इससे पहले बालाजी टेलिफिल्म्स में ग्रुप सीओओ और ऑल्ट बालाजी में सीईओ के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे थे।

Last Modified:
Tuesday, 04 May, 2021
Nachiket Pantvaidya

‘एशियानेट न्यूज मीडिया एंड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ (AMEL) ने नचिकेत पंतवैद्य (Nachiket Pantvaidya) को मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया है। बता दें कि ‘AMEL’ के पोर्टफोलियो में ‘एशियानेटन्यूज.कॉम’ (asianetnews.com) और ‘इंडिगोम्यूजिक.कॉम’ (indigomusic.com) आदि कई डिजिटल ब्रैंड्स शामिल हैं और यह विभिन्न भाषाओं में कंज्यूमर्स को सर्विस प्रदान करता है।

नचिकेत इससे पहले बालाजी टेलिफिल्म्स (Balaji Telefilms) में ग्रुप चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर और ऑल्ट बालाजी (ALTBalaji) में सीईओ के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे थे। उन्होंने दिसंबर 2015 में ऑल्ट बालाजी जॉइन किया था।

इसके अलावा नचिकेत एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की कुछ जानी-मानी कंपनियों जैसे- सोनी एंटरटेनमेंट टेलिविजन, स्टार प्लस, स्टार प्रवाह और फॉक्स टेलिविजन स्टूडियो में वरिष्ठ पदों पर अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वह डिज्नी और बीबीस का हिस्सा भी रहे हैं।

इस बारे में ‘एशियानेट न्यूज मीडिया एंड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ के एग्जिक्यूटिव चेयरमैन राजेश कालरा का कहना है, ‘AMEL परिवार में नचिकेत के शामिल होने पर मुझे काफी खुशी है। कंपनी को और ऊंचाई पर ले जाने में उनके नेतृत्व कौशल और अनुभव का काफी फायदा मिलेगा।’

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खबरों के मामले में कौन सा मीडिया माध्यम है सबसे ज्यादा भरोसेमंद, पढ़ें ये सर्वे

मीडिया कंसल्टिंग फर्म ‘ऑरमैक्स मीडिया’ (Ormax Media) ने ‘फैक्ट या फेक?’ नाम से अपनी रिपोर्ट का दूसरा एडिशन जारी कर दिया है

Last Modified:
Tuesday, 04 May, 2021
Media

मीडिया कंसल्टिंग फर्म ‘ऑरमैक्स मीडिया’ (Ormax Media) ने ‘फैक्ट या फेक?’ (Fact or Fake?) नाम से अपनी रिपोर्ट का दूसरा एडिशन जारी कर दिया है। यह रिपोर्ट न्यूज कंज्यूमर्स के सर्वे पर आधारित है और विभिन्न न्यूज मीडिया की विश्वसनीयता के साथ-साथ ‘फेक न्यूज’ की समग्र धारणा को मापती है। रिपोर्ट का यह दूसरा एडिशन अप्रैल 2021 में एकत्रित किए गए डाटा पर आधारित है।

इस रिपोर्ट का पहला एडिशन सितंबर 2020 में जारी किया गया था। यह सर्वे देश के केंद्र शासित प्रदेशों और 17 राज्यों के 15 वर्ष से ऊपर के शहरी समाचार उपभोक्ताओं (Urban news consumers ) के बीच आयोजित किया गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, क्रेडिबिलिटी के मामले में 62 प्रतिशत के साथ प्रिंट मीडिया पिछली बार की तरह लगातार सबसे आगे बना हुआ है। वहीं, 56 प्रतिशत के साथ रेडियो दूसरे नंबर पर बना हुआ है, जबकि वर्ष 2020 में इसका प्रतिशत 57 प्रतिशत था। हालांकि, अन्य सभी मीडिया में थोड़ी या ज्यादा कमी देखी गई है। जैसे टेलिविजन में यह प्रतिशत 56 से घटकर 53 प्रतिशत, डिजिटल न्यूज ऐप्स और वेबसाइट्स में 42 प्रतिशत से घटकर 37 प्रतिशत, सोशल मीडिया में 32 प्रतिशत से 27 प्रतिशत और मैसेंजर ऐप्स में 29 प्रतिशत से घटकर 24 प्रतिशत रह गया है।

सोशल मीडिया की बात करें तो पिछली बार के मुकाबले क्रेडिबिलिटी प्रतिशत में कमी के बावजूद ट्विटर न्यूज क्रेडिबिलिटी इंडेक्स में 47 प्रतिशत के साथ नंबर वन बना हुआ है। अन्य कोई भी सोशल मीडिया अथवा मैसेंजर एप प्लेटफॉर्म 30 प्रतिशत के आंकड़े को भी नहीं छू सका है। नया लॉन्च हुआ ऐप कू (Koo) क्रेडिबिलिटी के मामले में 24 प्रतिशत तक ही पहुंच सका है।

रिपोर्ट और इसके निष्कर्षों पर टिप्पणी करते हुए ऑरमैक्स मीडिया के फाउंडर व सीईओ शैलेश कपूर का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में दुनिया भर में फर्जी खबरों के बारे में चिंताएं बढ़ रही हैं, लेकिन सिर्फ सात महीने में ही विश्वसनीयता का प्रतिशत 39 से और घटकर 35 रह गया है, जो भारतीय न्यूज इंडस्ट्री के लिए अच्छा नहीं है। महामारी के बीच में न्यूज की विश्वसनीयता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। हम उम्मीद करते हैं कि टेलिविजन समाचार और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स इस चिंता को और अधिक गंभीरता से लेंगे।

समाचार विश्वसनीयता सूचकांक (News Credibility Index) और मीडिया विश्वसनीयता सूचकांक (Media Credibility Index) समाचार उपभोक्ताओं (खबरें देखने वालों का) का एक प्रतिशत है, जो फेक न्यूज को एक बड़ी परेशानी के तौर पर नहीं देखते हैं।

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