डिजिटल मीडिया के लिए कैसी रही 2020 की ‘डगर’, जानें एडिटर्स की राय

कोरोनावायरस (कोविड-19) और इसके संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश में किए गए लॉकडाउन के कारण तमाम उद्योग-धंधों के साथ मीडिया के लिए भी यह साल काफी चुनौतियों भरा रहा।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 31 December, 2020
Last Modified:
Thursday, 31 December, 2020
Digital Media

कोरोनावायरस (कोविड-19) और इसके संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश में किए गए लॉकडाउन के कारण तमाम उद्योग-धंधों के साथ मीडिया के लिए भी यह साल काफी चुनौतियों भरा रहा। लॉकडाउन के दौरान टीवी की व्युअरशिप बढ़ने के बावजूद विज्ञापनों की संख्या घट गई और प्रिंट का सर्कुलेशन भी काफी प्रभावित हुआ। वहीं, डिजिटल की बात करें तो मीडिया के अन्य स्वरूपों के मुकाबले इसकी रफ्तार ठीक रही। कहने का तात्पर्य यह है कि डिजिटल के पाठकों/दर्शकों की संख्या साल 2020 में काफी बढ़ी, हालांकि रेवेन्यू के लिहाज से यहां भी स्थिति बेहतर नहीं रही। अब जबकि अनलॉक हो गया है और उद्योग-धंधे भी पटरी पर लौटने लगे हैं, अब सबकी उम्मीदें नए साल की ओर लगी हैं।

ऐसे में समाचार4मीडिया ने देश के चुनिंदा मीडिया संस्थानों में डिजिटल मीडिया की कमान संभाल रहे पत्रकारों से जानना चाहा कि उनकी नजर में डिजिटल मीडिया के लिए वर्ष 2020 कैसा रहा और आने वाले साल में वे इस क्षेत्र में क्या चुनौतियां/संभावनाएं देखते हैं।

‘अमर उजाला’ डिजिटल के एडिटर जयदीप कर्णिक का कहना है, ‘मेरे हिसाब से जैसे वर्ष 2020 सभी के लिए चुनौतीपूर्ण रहा, वैसे ही डिजिटल मीडिया के लिए भी रहा। हालांकि, कई मायनों में यह डिजिटल मीडिया के लिए लाभकारी भी रहा। वह इसलिए रहा कि डिजिटल मीडिया के महत्व को लेकर पिछले कई वर्षों से बात हो रही है कि डिजिटल ही भविष्य है। लगभग सभी बड़े मीडिया संस्थानों ने इस बात को समझ लिया था और 2010 से ही इस दिशा में बहुत सारा काम किया गया था। लेकिन 2020 ने ये समझा दिया कि डिजिटल मीडिया भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान है। मेरा मानना है कि 2020 में कोविड की जो चुनौती आई, उसने कई मायनों में मीडिया में फास्ट फॉरवर्ड का बटन दबा दिया। फास्ट फॉरवर्ड से तात्पर्य यह है कि इस दौरान जो चीजें हुईं, वह होनी थी और अवश्यंभावी थीं। जैसे- अखबारों की पठनीयता पर फर्क पड़ना या मीडिया के नए तरीके तलाशना या न्यूजरूम्स का ऑनलाइन हो जाना अथवा न्यूजरूम्स में नई पहलों को जल्दी जगह मिलना, यह सब होना था और इस पर काम भी चल रहा था, लेकिन यह सब फास्ट फॉरवर्ड हो गया। जो चीज चार-पांच साल या आठ-दस साल बाद होती, वह 2020 ने इतनी फास्ट फॉरवर्ड कर दी कि सब मजबूर हो गए।’

जयदीप कर्णिक के अनुसार, ‘साल 2020 में डिजिटल कंटेंट का उपभोग भी ज्यादा हुआ। तमाम लोग ई-पेपर की तरफ भी मुड़े। खास बात यह रही कि तमाम लोगों द्वारा डिजिटल मीडिया को पहले जिस संशय की नजरों से देखा जाता था कि इस पर सब फेक और बकवास है, वह इस माध्यम से जुड़े और जाना कि इस पर अच्छा और बुरा सभी तरह का कंटेंट है। मेरा मानना है कि डिजिटल के लिए यह साल काफी महत्वपूर्ण रहा। लोगों को समझ आया कि इस पर सब कुछ फेक नहीं है। जिस मीडिया संस्थान की वेबसाइट ने अच्छा कंटेंट तैयार किया, उसे इसका लाभ भी मिला। इस दृष्टि से देखें तो डिजिटल के लिए यह साल काफी अच्छा रहा। वर्ष 2021 में डिजिटल मीडिया के लिए यही चुनौती रहेगी कि जो लोग इससे जुड़े हैं, वह संख्या नीचे न जा पाए। इसके लिए वेबसाइट्स को अलग तरीके से सोचना पड़ेगा और नए प्रयोग करने पड़ेंगे। वेबसाइट्स को अपने खुद के कंटेंट और सबस्क्राइबर्स पर ज्यादा काम करना पड़ेगा। मेरा मानना है कि जो लोग डिजिटल मीडिया में अच्छा कंटेंट दे रहे हैं और बेहतर काम कर रहे हैं, वे नए साल में आगे बढ़ेंगे। अच्छे कंटेंट को लेकर जिसने भी 2020 में तैयारी की है, उसे 2021 में इसका लाभ जरूर मिलेगा।’

‘नवभारत टाइम्स’ (डिजिटल) के एडिटर आलोक कुमार का इस बारे में कहना है, ‘मेरा मानना है कि कोरोना के कारण डिजिटल में न्यूज के प्रति आकर्षण में बढ़ोतरी हुई। पहले जो यूजर्स डिजिटल पर नॉन न्यूज पढ़ने के लिए आते थे, वे न्यूज पढ़ने के लिए इस प्लेटफॉर्म पर आए। इस दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यूनिक विजिटर्स की संख्या में 100 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ। इस हिसाब से देखें तो वर्ष 2020 डिजिटल के लिए बेहतर रहा है, लेकिन रेवेन्यू के हिसाब से यह साल बहुत खराब रहा है। इसका कारण यह रहा कि अर्थव्यवस्था कमजोर हो गई और विज्ञापन के साथ इनकी दरों में भी काफी कमी आई। ऐसे में यूनिक विजिटर्स और पेज व्यूज में काफी वृद्धि होने के बावजूद रेवेन्यू काफी घट गया। रही बात वर्ष 2021 की तो इस साल के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही रहेगी कि वर्ष 2020 में जो यूजर्स इस प्लेटफॉर्म पर जुड़े, उन्हें बरकरार रखा जाए। देखा जा रहा है कि लॉकडाउन खत्म होने के साथ-साथ डिजिटल यूजर्स की संख्या में कमी देखी जा रही है। ऐसे में डिजिटल मीडिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही है कि बढ़े हुए यूजर्स को जोड़े रखा जाए। इसके अलावा अगले साल 5-जी आने की उम्मीद है, ऐसे में यह भी चुनौती होगी कि आप कितनी तेजी से अपने कंटेंट को 5-जी के हिसाब से मोड़ते हैं।’

‘इंडियन एक्सप्रेस’ समूह के हिंदी न्यूज पोर्टल ‘जनसत्ता.कॉम’(jansatta.com) के एडिटर विजय झा ने बताया कि वर्ष 2020 कोरोना की वजह से डिजिटल मीडिया क्या, किसी भी इंडस्ट्री के लिए एक तरह से ऐसा साल रहा जहां सर्वाइवल के लिए संघर्ष था। साल 2020 में तमाम चुनौतियां आईं, हालांकि ये धीरे-धीरे कम हो रही हैं। 2021 में भी इन चुनौतियों का असर पूरी तरह खत्म नहीं होगा। 2020 में जो ट्रेंड हम लोग सोचकर चल रहे थे कि डिजिटल मीडिया काफी हावी होगा, उस ट्रेंड पर ज्यादा काम नहीं हो पाया। मेरे ख्याल से 2021 में भी उस पर फोकस बना रहेगा। 2021 में ऑरिजनल कंटेंट का महत्व और बढ़ने वाला है। अभी भी तमाम वेबसाइट्स कंटेंट डिस्ट्रीब्यूशन के लिए गूगल व अन्य सोशल प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर हैं, गूगल भी ऑरिजनल कंटेंट को महत्व देने की बात कह चुका है। सिर्फ गूगल के लिहाज से ही नहीं बल्कि लॉयल यूजर्स के लिए भी ऑरिजनल कंटेंट को बहुत ज्यादा महत्व देने की जरूरत है। मुझे लगता है कि 2021 में इस पर काफी जोर रहेगा। मेरे हिसाब से 2021 में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का इस्तेमाल और ज्यादा होगा। हालांकि 2020 में यह प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन 2021 में यह और ज्यादा तेजी से चलेगी। साल 2020 में पेज व्यूज और यूजर्स की संख्या में चार महीने में जो वृद्धि हुई थी, उस समय लोगों के पास डिजिटल सीमित विकल्पों में से एक था। लॉकडाउन के दौरान जो यह वृद्धि देखने को मिली थी, मुझे नहीं लगता कि आगे भी यह इसी तरह से जारी रहेगी। हालांकि अन्य कारणों से इसमें वृद्धि हो सकती है, क्योंकि मेरा मानना है कि मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या बढ़ेगी। आने वाले साल में न्यूज का उपभोग निश्चित बढ़ेगा और यूजर्स की संख्या भी बढ़ेगी। हालांकि, अभी हम ये नहीं कह सकते हैं कि यह लॉकडाउन में हुई बढ़ोतरी जितनी होगी, हां सामान्य वृद्धि तो होगी। क्योंकि उस समय जो वृद्धि हुई थी, वह परिस्थितियों के अनुसार हुई थी। मुझे लगता है कि सोशल साइट्स पर सजग यूजर्स की संख्या बढ़ रही है। ऐसे तमाम यूजर्स पैनी नजर रखते हैं और कुछ गलत होने पर सकारात्मक रूप से टोकते भी हैं तो मुझे लगता है कि 2021 में ऐसे यूजर्स की संख्या में और बढ़ोतरी होगी और इसके अच्छे परिणाम निकलेंगे।      

‘बीबीसी हिंदी’ के एडिटर मुकेश शर्मा के अनुसार, ‘मुझे लगता है कि डिजिटल के लिए साल 2020 को दो तरह से देखना चाहिए। ऑरिजिनल कवरेज के लिहाज से देखें तो यह साल काफी चुनौती भर रहा, लेकिन लोगों तक पहुंच के मामले में यह गोल्डन ईयर रहा। ऑरिजिनल कवरेज की बात करें तो रिपोर्टर्स ऑनग्राउंड जाकर उस तरह से कंटेंट नहीं ला पा रहे थे, जिस तरह से महामारी से पहले लाते थे, लेकिन लोगों तक डिजिटल न्यूज पहुंचाने के टूल्स काफी इस्तेमाल होने लगे। यानी 2020 में महामारी ने स्कूली बच्चे से लेकर बड़ों तक को डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल करना सिखा दिया, जो पहले काफी कम था। यानी हम कह सकते हैं कि टेक्नोलॉजी पार्ट के हिसाब से डिजिटल के लिए यह साल काफी अच्छा रहा। 2020 में लोगों के अंदर न्यूज की ‘भूख’ भी काफी थी। लोग महामारी से जुड़ी हर खबर को जानना चाहते थे कि कहां क्या हो रहा है। लोग यह सारी जानकारी खोजना चाहते थे, इसलिए भी डिजिटल पर ज्यादा आए।’

मुकेश शर्मा के अनुसार, ’टीवी पर होता यह है कि आपको जो सुनाया व दिखाया जा रहा है, आपको वही सुनना और देखना पड़ेगा, लेकिन डिजिटल में ऐसा नहीं है। डिजिटल ऐसा माध्यम है कि जहां आप जो जानना चाहते हैं, वह तलाश सकते हैं। महामारी के कारण साल 2020 लोगों के मन में तमाम तरह के सवाल थे और इसलिए भी उनका रुझान डिजिटल की तरफ बढ़ा, ताकि उन्हें जवाब मिल सकें। मेरे कहने का मतलब है कि इस्तेमाल (Comsumption) के मामले में डिजिटल के लिए यह साल काफी अच्छा रहा। रही बात रेवेन्यू की तो शुरुआत में थोड़ा सा ठहराव आया था, लेकिन अब ब्रैंड्स वापस लौट रहे हैं। मेरा मानना है कि आने वाले समय में डिजिटल और आगे बढ़ेगा। हालांकि, नए साल में डिजिटल के लिए ऑरिजनल कंटेंट को जुटाने की चुनौती भी रहेगी।’

‘टीवी9 भारतवर्ष’ (TV9 Bharatvarsh) में डिजिटल एडिटर शैलेश कुमार का कहना है, ‘मार्च में जब भारत में कोरोना आया था और इसका संक्रमण फैलने से रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन की वजह से तमाम जगह अखबार नहीं पहुंच पा रहे थे, ऐसे में लोगों के लिए या तो टीवी था या फिर डिजिटल मीडिया। इस दौरान एंटरटेनमेंट की बात करें तो रामायण और महाभारत जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों का प्रसारण फिर शुरू हुआ और इनकी टीआरपी भी काफी रही। जहां तक न्यूज की बात है तो अखबार के विकल्प के रूप में डिजिटल आया। साल 2020 के चार महीने (अप्रैल, मई, जून व जुलाई) डिजिटल के लिए काफी अहम रहे। इसका फायदा डिजिटल मीडिया को आने वाले साल में मिल सकता है, क्योंकि अखबार का विकल्प टीवी उस तरह से बन नहीं पाया है, लेकिन डिजिटल में वह क्षमताएं हैं, जहां पर आपको 24*7 न्यूज भी मिल सकती है और आप क्रेडिबिलिटी बना सकते हैं। ऐसे में वर्ष 2021 में डिजिटल मीडिया को इसका लाभ मिल सकता है। 2020 में डिजिटल ने एक नया पाठक वर्ग अपने साथ जोड़ा और अब क्रेडिबिलिटी व बेहतर प्रजेंटेशन के साथ उसे बरकरार रखने का काम 2021 कर सकता है।’

‘न्यूज नेशन’ (डिजिटल) के एडिटर राजीव मिश्रा के अनुसार, ‘न्यूज नेशन की बात करें तो मई में हमने अपना डोमेन बदला था। ऐसे में शुरुआत में थोड़ी दिक्कत आई थी, लेकिन अब हम ग्रोथ की ओर अग्रसर हैं। रही बात रेवेन्यू की तो हम शुरू में डिजिटल में इतने स्थापित नहीं थे। मैं दूसरों से तुलना नहीं करूंगा, लेकिन हमने रेवेन्यू में भी डिजिटल का रिकॉर्ड बनाए रखा है। चूंकि डिजिटल में स्पीड काफी मायने रखती है, ऐसे में वर्क फ्रॉम होम के कारण इस पर थोड़ा असर जरूर पड़ा, क्योंकि ऑफिस के मुकाबले इसमें कम्युनिकेशन में थोड़ा समय लगता है। मुझे लगता है कि इसमें अन्य संस्थानों को भी थोड़ी दिक्कत हुई होगी। यह थोड़ी सी दिक्कत अभी भी चल ही रही है, क्योंकि अभी भी ज्यादातर स्टाफ वर्क फ्रॉम होम कर रहा है। ब्रेकिंग खबरों के लिहाज से वर्ष 2020 काफी महत्वपूर्ण रहा है, ऐसे में डिजिटल को अपनी स्पीड को कायम रखने में थोड़ी सी दिक्कत जरूर हुई। डिजिटल के लिए यह साल खासकर न्यूज नेशन के लिए एक तरह से मिला-जुला रहा। मुझे उम्मीद है कि 2021 डिजिटल के लिए काफी बेहतर रहेगा। हम ट्रैफिक, रेवेन्यू और मार्केटिंग सभी में आगे बढ़ रहे हैं। हमने पिछले महीनों में भी अच्छी ग्रोथ की है और हमने जो अपना बेस मजबूत किया है, अब उसका लाभ लेने का समय आ रहा है। न्यूज नेशन के लिए वर्ष 2021 बहुत अच्छा होने वाला है। कुल मिलाकर आने वाला साल मेरी नजर में टीवी के मुकाबले डिजिटल के लिए काफी बेहतर रहने वाला है।’

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इस बड़े पद पर SonyLIV से जुड़े सागर कदम

सागर कदम को डिजिटल मीडिया और एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में काम करने का 14 साल से ज्यादा का अनुभव है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 14 October, 2021
Last Modified:
Thursday, 14 October, 2021
Sagar Kadam

‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया’ (SPNI) ने सागर कदम (Sagar Kadam) को अपनी वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस ‘सोनी लिव’ (SonyLIV) का एसोसिएट वाइस प्रेजिडेंट (सबस्क्रिप्शन और पार्टनरशिप) नियुक्त किया है।  

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अपनी इस भूमिका में कदम के कंधों पर पार्टनरशिप्स और गठबंधन के द्वारा ‘सोनीलिव‘ के सबस्क्रिप्शन बिजनेस को बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।  सागर कदम को डिजिटल मीडिया और एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में काम करने का 14 साल से ज्यादा का अनुभव है।

‘सोनी‘ से पहले वह ‘जी5‘ (ZEE5) में एसोसिएट डायरेक्टर (सबस्क्रिप्शन और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप्स) के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। ‘जी5‘ से पहले वह ‘शेमारू एंटरटेनमेंट‘ (Shemaroo Entertainment) में एसोसिएट डायरेक्टर (बिजनेस डेवलपमेंट) के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

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Network18 ने अपनी डिजिटल शाखा को कुछ यूं दी और मजबूती

नेटवर्क18 (Network18) ने अपनी डिजिटल शाखा ‘नेटवर्क18 डिजिटल’ के लिए प्रमुख नियुक्तियों की घोषणा की है।

Last Modified:
Friday, 08 October, 2021
Network185656

नेटवर्क18 (Network18) ने अपनी डिजिटल शाखा ‘नेटवर्क18 डिजिटल’ के लिए प्रमुख नियुक्तियों की घोषणा की है। अपनी रणनीति के तहत ब्रैंड नेशनल व रीजनल दोनों ही स्तर पर ब्रैंडेड कंटेंट वर्टिकल के लिए एक अनुभवी टीम तैयार कर रहा है। दरअसल ऐसा इसलिए, क्योंकि कंपनी के ब्रैंडेड कंटेंट वर्टिकल में पिछले साल जबरदस्त वृद्धि देखी गई।

नेटवर्क18 डिजिटल के जनरल न्यूज क्लस्टर में नेशनल सेल्स हेड के तौर पर शोबित भार्गव ने जॉइन किया है। भार्गव इससे पहले टाइम्स ग्रुप (Times Group), वोडाफोन (Vodafone), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), सिफी (Sify) और आईटीसी (ITC) सहित प्रमुख ब्रैंड्स के साथ काम कर चुके हैं। टाइम्स ग्रुप में, उन्होंने टेक्नोलॉजी वर्टिकल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे यह 'ब्रैंडेड कंटेंट' से सबसे तेजी से बढ़ने वाला वर्टिकल बन गया।

फिलहाल, वह नेटवर्क18 डिजिटल के रेवेन्यू मैनेजमेंट में ब्रैंडेड कंटेंट के सीओओ एस. शिवकुमार को रिपोर्ट करेंगे।

सोनाली मेलमाने को रीजनल हेड (वेस्ट) के तौर पर नियुक्त किया गया है। उन्हें इस फील्ड में 13 साल से भी ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने स्टार स्पोर्ट्स (Star Sports), टाइम्स ऑफ इंडिया (Times of India) और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank) जैसी कंपनियों के साथ काम किया है।

वे इससे पहले स्टार स्पोर्ट्स के साथ थीं, जहां उन पर क्रिकेट, घरेलू लीग व  अंतरराष्ट्रीय खेलों जैसे विभिन्न खेल कार्यक्रमों में सेल्स व ब्रैंड सॉल्यूशंस की जिम्मेदारी थीं। 

गुंजन मान को रीजनल हेड (ईस्ट) बनाया गया है। उन्होंने तमाम पब्लिशर्स व एजेंसीज के साथ काम किया है। मीडिया मार्केटिंग प्रफेशनल के तौर पर उन्हें 16 सालों से भी ज्यादा का अनुभव हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक्सपीरियंसियल मार्केटिंग (experiential marketing) से की थी और पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने सेलिंग स्पेस और आईपी स्पेस में काफी कुछ बदलाव किए हैं।

उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया (Times of India), ग्रुप एम (Group M), डीडीबी मुद्रा (DDB Mudra) और एक्सचेंज4मीडिया (exchange4media) जैसे संगठनों में काम किया है।

शशि वेंकटेश को रीजनल हेड (साउथ) के तौर पर शामिल किया गया है। दो दशकों से भी ज्यादा का अनुभव रखने वाली वेंकटेश एक कुशल सेल्स व मार्केटिंग प्रफेशनल हैं। कुछ समय पहले तक, वह ई-बिजनेस, रिटेल, ऑटोमोबाइल और इंटीरियर डेकोर जैसे प्रमुख बिजनेस वर्टिकल को मैनेज करने वाले ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ (The Times of India) के लिए बेंगलुरू में ऐड सॉल्यूशंस बिजनेस को लीड कर रही थीं। TOI से पहले, उन्होंने फ्लिपकार्ट ऐड्स (Flipkart Ads), यूएफओ डिजिटल सिनेमा (UFO Digital Cinema) और रेडियो मिर्ची (Radio Mirchi) जैसे ऑर्गनाइजेशंस के साथ काम किया था।

यहां बता दें कि ये सभी रीजनल हेड्स भार्गव को रिपोर्ट करेंगे।

नेटवर्क18 डिजिटल के रेवेन्यू मैनेजमेंट में ब्रैंडेड कंटेंट के सीओओ एस. शिवकुमार ने कहा कि ब्रैंडेड कटेंट वर्टिकल हमारे लिए एक मजबूत कार्यक्षेत्र बनकर उभरी है। पिछले कुछ महीनों में हमने इस कार्यक्षेत्र को तेजी से बढ़ते हुए देखा है। लिहाजा भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए, हम सभी क्षेत्रों में एक अनुभवी लीडरशिप टीम तैयार कर रहे हैं।  

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पत्रकार संतोष सिंह ने अब इस मीडिया समूह के साथ शुरू किया नया सफर

अब तक के सफर में वह ‘दैनिक जागरण’, ‘अमर उजाला’, ‘बीबीसी’ और ‘आईएएनएस’ जैसे कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में विभिन्न भूमिकाएं निभा चुके हैं।

Last Modified:
Friday, 01 October, 2021
Santosh Singh

पत्रकार संतोष सिंह ने हिंदी न्यूज वेबसाइट india.com में अपनी पारी को विराम दे दिया है। वह यहां करीब चार साल से कार्यरत थे और इन दिनों बतौर न्यूज एडिटर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। संतोष सिंह ने अब ‘नेटवर्क18’ (Network18) समूह की हिंदी न्यूज वेबसाइट ‘न्यूज18हिंदी’ के साथ अपने नए सफर की शुरुआत की है। उन्होंने यहां पर बतौर न्यूज एडिटर जॉइन किया है।

मूल रूप से सिवान (बिहार) के रहने वाले संतोष सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब 18 साल का अनुभव है। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘दैनिक भास्कर’ समूह के साथ की थी। अब तक के सफर में वह ‘दैनिक जागरण’, ‘अमर उजाला’, ‘बीबीसी’ और ‘आईएएनएस’ जैसे कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में विभिन्न भूमिकाएं निभा चुके हैं।

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो संतोष सिंह ने ‘माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय’ से ग्रेजुएशन किया है। इसके अलावा उन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।

समाचार4मीडिया की ओर से संतोष सिंह को उनके नए सफर के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

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Apple को बाय बोलकर Google पहुंचे प्रशांत पॉलोज, मिली यह जिम्मेदारी

भारत में ‘एप्पल’ (Apple) के वीडियो और म्यूजिक बिजनेस की कमान संभाल रहे प्रशांत पॉलोज (Prashant Paulose) ने ‘गूगल‘ (Google) जॉइन कर लिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 18 September, 2021
Last Modified:
Saturday, 18 September, 2021
Prashant Paulose

भारत में ‘एप्पल’ (Apple) के वीडियो और म्यूजिक बिजनेस की कमान संभाल रहे प्रशांत पॉलोज (Prashant Paulose) ने ‘गूगल‘ (Google) जॉइन कर लिया है। उन्होंने ‘गूगल टीवी’ (Google TV) में कंटेंट पार्टनरशिप्स के तौर पर जॉइन किया है।

बता दें कि ‘एप्पल’ ने इस साल अप्रैल में पॉलोज को वीडियो बिजनेस हेड के पद पर प्रमोट किया था। इस पद पर वह कंपनी के वीडियो और म्यूजिक बिजनेस की कमान संभाल रहे थे। इस प्रमोशन से पहले प्रशांत एप्पल म्यूजिक (Apple Music) और आईट्यून्स (iTunes) इंडिया में म्यूजिक और मूवीज बिजनेस मैनेजर के पद पर अपनी भूमिका निभा रहे थे। उन्होंने अप्रैल 2017 में ‘एप्पल’ इंडिया जॉइन किया था।

‘एप्पल’ से पहले प्रशांत ‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया’(SPNI) में असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट (Business Development, Digital & Sports) के साथ काम कर रहे थे। अपने करीब 14 साल के करियर में प्रशांत ‘सहारा वन मीडिया एंड एंटरटेनमेंट’ (Sahara One Media and Entertainment) और ‘टाटा मोटर फाइनेंस’ (Tata Motor Finance) के साथ भी काम कर चुके हैं।

प्रशांत ने मुंबई यूनिवर्सिटी से बीई (Electronics) की पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने ‘नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज’ (NMIMS) से एमबीए (मार्केटिंग और फाइनेंस) किया है। 

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मद्रास हाई कोर्ट ने नए IT नियमों के कुछ उपबंधों पर लगाई रोक, पढ़ें पूरा मामला

मद्रास हाई कोर्ट ने गुरुवार को हाल ही में लागू सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के कुछ उपबंधों पर रोक लगा दी।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 17 September, 2021
Last Modified:
Friday, 17 September, 2021
Madras-HC898

मद्रास हाई कोर्ट ने गुरुवार को हाल ही में लागू सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के कुछ उपबंधों पर रोक लगा दी। हाई कोर्ट ने यह फैसला याचिकाकर्ताओं के यह आशंका जताने पर किया कि इन उपबंधों के चलते मीडिया की स्वतंत्रता बाधित होगी और ये लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं।

मद्रास हाई कोर्ट ने आइटी नियम नौ के उपबंध (1) और (3) पर रोक लगाई है। ये उपबंध आचार संहिता के पालन को निर्धारित करते हैं। इन उपबंधों को इस साल फरवरी में मूल आईटी नियमों में शामिल किया गया था।

बता दें कि पिछले महीने 14 अगस्त को ऐसे ही मामले में बंबई हाई कोर्ट ने ऐसा ही आदेश पारित किया था। बंबई हाई कोर्ट ने तब सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम, 2021 के कुछ हिस्सों पर अंतरिम रोक लगा दी थी। नियम के तहत यह जरूरी है कि सभी ऑनलाइन प्रकाशक ‘आचार संहिता’ का पालन करें।

मद्रास हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी और न्यायमूर्ति पीडी ऑडिकेसवालु की पीठ ने गुरुवार को कर्नाटकी संगीतकार टीएम कृष्णा और डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन की जनहित याचिकाओं पर अंतरिम आदेश पारित करते हुए यह रोक लगायी है। इस एसोसिएशन में 13 मीडिया संस्थान और अन्य लोग शामिल हैं। इन याचिकाओं में नए नियमों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गयी है।

पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की इस दलील में प्रथम दृष्टया आधार है कि सरकार द्वारा मीडिया को नियंत्रित करने का तंत्र प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक दोनों मीडिया को उनकी आजादी और लोकतांत्रिक सिद्धांतों से वंचित कर सकता है।

पीठ को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट में इसी तरह के मामले लंबित हैं और उन पर अगले महीने के पहले सप्ताह में सुनवाई होनी है। इस पर हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई अक्टूबर के अंतिम सप्ताह के लिए स्थगित कर दी।

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पत्रकार सुधीर पांडेय ने तलाशी नई मंजिल, अब पहुंचे यहां

इससे पहले वह शॉर्ट न्यूज ऐप ‘Way2News’ में कंटेंट क्वालिटी मैनेजर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 17 September, 2021
Last Modified:
Friday, 17 September, 2021
Sudhir Pandey

पत्रकार सुधीर पांडेय ने ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ (आरएसएस) के अखबार ‘पांचजन्य’ (Panchjanya) की डिजिटल विंग के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत की है। यहां उन्होंने बतौर कंटेट क्वालिटी मैनेजर जॉइन किया है। इससे पहले वह शॉर्ट न्यूज ऐप ‘Way2News’ में कंटेंट क्वालिटी मैनेजर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

सुधीर पांडेय को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब 15 साल का अनुभव है। ‘Way2News’ से पूर्व सुधीर पांडेय ‘जी’ में बतौर प्रड्यूसर अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। हालांकि, यहां उनकी पारी करीब छह महीने ही रही।

मूल रूप रायबरेली (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले सुधीर पांडेय ने लखनऊ विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत ‘अमर उजाला‘ की डिजिटल विंग से की थी। इसके बाद उन्होंने ‘देशबंधु‘,‘आज समाज‘, ‘हिंदुस्तान‘ और ‘दैनिक जागरण‘ में विभिन्न पदों पर अपनी जिम्मेदारी संभाली और फिर ‘जी मीडिया‘ से जुड़ गए। इसके बाद यहां से अलविदा बोलकर ‘Way2News’ होते हुए उन्होंने अब ‘पांचजन्य’ जॉइन किया है।  

समाचार4मीडिया की ओर से सुधीर पांडेय को उनके नए सफर के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

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Zee मीडिया से ‘आजतक’ पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार अनुज खरे, मिली बड़ी जिम्मेदारी

आजतक से एक बड़ी खबर सामने आयी है। दरअसल यहां वरिष्ठ पत्रकार अनुज खरे को नियुक्त किया गया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 16 September, 2021
Last Modified:
Thursday, 16 September, 2021
anujkhare5487

आजतक से एक बड़ी खबर सामने आयी है। दरअसल यहां वरिष्ठ पत्रकार अनुज खरे को नियुक्त किया गया है। उन्हें ‘आजतक’ के ‘तक’ डिजिटल ऐप्स में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गयी है। यहां उन्हें क्लस्टर हेड ऐप एंड साइट का पदभार दिया गया है।

अनुज खरे इससे पहले जी मीडिया में एडिटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत थे। वे अगस्त, 2020 में दैनिक भास्कर ग्रुप से जी मीडिया आए थे। उन्होंने दैनिक भास्कर में एक लंबी पारी खेली और इस दौरान उन्हें ग्रुप के हिंदी न्यूज पोर्टल ‘दैनिक भास्कर’ (dainikbhaskar.com) को शीर्ष तक पहुंचाने का श्रेय दिया जाता है। वे 2012 से 2015 तक ग्रुप की गुजराती वेबसाइट ‘दिव्यभास्कर’ (divyabhaskar.com) के एडिटर रहे और इसके पहले उन्होंने ग्रुप की मराठी न्यूज वेबसाइट ‘दिव्यमराठी’ (divyamarathi.com) का भी नेतृत्व किया।

अनुज खरे के नेतृत्व में ही जी मीडिया के रीजनल न्यूज पोर्टल जी उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड ने इस साल एक्सचेंज4मीडिया के बहुप्रतिष्ठित enba अवॉर्ड में बेस्ट माइक्रो साइट का गोल्ड का खिताब अपने नाम किया था।

वरिष्ठ पत्रकार अनुज खरे एक जाने-माने व्यंग्यकार भी हैं। उन्होंने 21वीं सदी के 251 अंतरराष्ट्रीय श्रेष्ठ व्यंग्यकारों में जगह बनायी थी। बता दें कि इस साल फरवरी में इंडिया नेटबुक्स नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित इस व्यंग्य संकलन में शामिल 251 व्यंग्यकारों में 19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने शिरकत की थी। इसके अतिरिक्त उन्होंने कई लिटरेचर फेस्टिव भी होस्ट किए हैं, जिसमें ‘जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल’ भी शामिल है।

अनुज खरे तीन किताबों के लेखक भी हैं, जिनमें ‘बातें बेमतलब’, ‘परम श्रद्धेय मैं खुद’ और ‘चिल्लर चिंतन’ शामिल है। वे लेखनशैली के दम पर अपना नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज करा चुके हैं। दरअसल यह सम्मान उन्हें ऐसे ट्वींस ब्रदर्स के लिए दिया गया, जिनके नाम 6 टाइटल बुक हैं, जिनमें से तीन बुक इनके और तीन इनके भाई के नाम है।  

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'आजतक' की तरह दिखने वाली फेक वेबसाइट पर HC का शिकंजा, गूगल-फेसबुक को दिया ये निर्देश

दिल्ली हाई कोर्ट ने गूगल और फेसबुक को उन 25 अलग-अलग वेबसाइट, खाते और पेज को ब्लॉक करने का निर्देश दिया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 10 September, 2021
Last Modified:
Friday, 10 September, 2021
Aajtak

डिजिटल मीडिया पर नामी ब्रैंड की फर्जी वेबसाइट चलाने वाले मुसीबत में घिर सकते हैं। फिलहाल, दिल्ली हाई कोर्ट ने गूगल और फेसबुक को उन 25 अलग-अलग वेबसाइट, खाते और पेज को ब्लॉक करने का निर्देश दिया है, जो ‘आजतक’ ट्रेडमार्क का उल्लंघन कर रहे हैं। दरअसल, ये ‘गुमनाम’ वेबसाइटें यूजर्स को यह विश्वास दिलाने की कोशिश करते हैं कि वह 'आजतक' ब्रैंड से संबंधित हैं।

आजतक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2020 में, दिल्ली हाई कोर्ट ने 4 प्रतिवादियों के खिलाफ एक समान आदेश पारित किया था, जिसे अब अन्य 25 विभिन्न वेबसाइटों तक बढ़ा दिया गया है।

न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की एकल पीठ ने इन सभी वेबसाइटों के साथ-साथ गूगल, फेसबुक और अन्य डोमेन रजिस्टर करने वालों को भी पक्षकार बनाया है। उन सभी को नोटिस जारी किया गया है और अक्टूबर माह के तीसरे सप्ताह तक जवाब देने के लिए कहा है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 'आजतक' ब्रैंड की मूल कंपनी लिविंग मीडिया इंडिया लिमिटेड ने अदालत के समक्ष तर्क दिया था कि गुमनाम वेबसाइटें, खुद को 'आजतक' के रूप में दिखाने और पेश करने की कोशिश कर रही थीं, आम जनता को धोखा दे रही थीं। लोगों को गुमराह किया जा रहा था कि ये गुमनाम साइटें 'आजतक' ब्रैंड की तरह दिखायी देती थीं। इससे ब्रैंड की साख और प्रतिष्ठा को भारी नुकसान हो रहा था।

हाई कोर्ट की एकल पीठ ने प्रथम दृष्टया वादी से सहमत होते हुए 'आजतक' के पक्ष में फैसला दिया, जिसमें गूगल और फेसबुक को 'आजतक लाइव', 'आजतक इंडिया न्यूज', 'ई' आजतक आदि नाम के 25 ऐसे पेजों को ब्लॉक और सस्पेंड करने का निर्देश दिया है।
 
आजतक का कहना है कि दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश प्रतिष्ठित न्यूज ब्रैंड को फेक न्यूज और फेक स्क्रीन ग्रैब से बचाने में अहम भूमिका रखता है। ऐसे फेक न्यूज और फेक स्क्रीन ग्रैब जो महामारी के दौर में खबरों के नाम पर जनता के बीच बड़े पैमाने पर दुष्प्रचार कर रहे है।

कंपनी द्वारा अपनी दलील में यह तर्क भी दिया गया था कि अज्ञात वेबसाइटों का हालिया प्रसार केवल एक संयोग नहीं है, बल्कि दुर्भावना से प्रेरित है, ताकि महामारी के ऐसे अभूतपूर्व समय में लोगों को गुमराह कर फायदा उठा सकें।

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आजतक को बाय बोलकर युवा पत्रकार सुंदरम कुमार ने शुरू किया नया सफर

युवा पत्रकार सुंदरम कुमार (Sundram Kumar) ने ‘आजतक’ को अलविदा कह दिया है। करीब चार साल से वह चैनल की डिजिटल विंग में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 02 September, 2021
Last Modified:
Thursday, 02 September, 2021
Sundram Kumar

युवा पत्रकार सुंदरम कुमार (Sundram Kumar) ने ‘आजतक’ को अलविदा कह दिया है। करीब चार साल से वह चैनल की डिजिटल विंग में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। इन चार वर्षों में उन्होंने चैनल के विभिन्न विभागों में काम किया और अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इस दौरान उनके काम की काफी सराहना की गई।   

सुंदरम कुमार ने अपने नए सफर की शुरुआत ‘रिपब्लिक भारत’ (Republic Bharat) से की है। यहां उन्होंने बतौर सोशल मीडिया मैनेजर जॉइन किया है। मूल रूप से मधुबनी (बिहार) के रहने वाले सुंदरम कुमार को मीडिया क क्षेत्र में काम करने का करीब चार साल का अनुभव है। पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने ‘आजतक’ से की थी।

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो सुंदरम ने एमए (पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन) के अलावा ‘इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट’ (India Today Media Institute) से ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म का कोर्स किया है। समाचार4मीडिया की ओर से सुंदरम कुमार को उनके नए सफर के लिए ढेरों शुभकामनाएं।  

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आजतक से TIMES NOW नवभारत पहुंचे मुनीष देवगन, डिजिटल में मिली बड़ी जिम्मेदारी

‘आजतक’ (India Today Network) के मेहनती जर्नलिस्ट मुनीष देवगन ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ (Times Now Navbharat) के डिजिटल से जुड़ गए हैं।

विकास सक्सेना by
Published - Wednesday, 01 September, 2021
Last Modified:
Wednesday, 01 September, 2021
DevganMunish545454

‘आजतक’ (India Today Network) के मेहनती जर्नलिस्ट मुनीष देवगन ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ (Times Now Navbharat) के डिजिटल से जुड़ गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यहां उन्होंने बतौर सीनियर मैनेजर जॉइन किया है। वह TIMES NOW की हिंदी डिजिटल की वीडियो टीम को लीड कर रहे हैं। उनके पास ओरिजनल वीडियो कंटेंट बनाने की जिम्मेदारी है। खबर लिखे जाने तक फिलहाल मुनीष देवगन से कोई संपर्क नहीं हो पाया है।

बता दें कि मुनीष देवगन ‘आजतक’ में तकरीबन 15 साल से कार्यरत थे। डिजिटल चैनल ‘क्राइम तक’, ‘दिल्ली तक’ के साथ वह पहले दिन से जुड़े रहे। इन डिजिटल तक चैनल्स की कामयाबी में उनका बड़ा रोल रहा है। ‘क्राइम तक’ को तो बेस्ट डिजिटल टीम का चैयरमैन अवॉर्ड भी मिल चुका है। साथ ही डिजिटल प्लेटफार्म पर उनके एंकर वीडियो को भी कई मिलियन व्यूज मिलते रहे हैं।

बताया जाता है कि मुनीष देवगन ने 2019 लोकसभा चुनाव, फिर दिल्ली चुनाव में डिजिटल मंच पर कई सफल प्रयोग किए। राजदीप सरदेसाई के साथ उनका डिजिटल शो सफल रहा था। इसी साल अप्रैल में ही उन्हें एक्सचेंज4मीडिया के बहुप्रतिष्ठित enba अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था। उन्हें बेस्ट प्रड्यूसर की कैटेगरी (Best Producer) में गोल्डेन अवॉर्ड दिया गया था। इससे पहले ‘आजतक’ के हिट क्राइम शो ‘वारदात’ के साथ भी वह जुड़े रहे।

करियर के शुरुआत में बतौर रिपोर्टर ‘आजतक’ में उन्होंने कई बड़ी स्पेशल स्टोरीज कर सुर्खियां बटोरी थीं। वह तिहाड़ जेल पर कई स्पेशल स्टोरीज कर चुके हैं। मुनीष देवगन की नई टीम में कई हरफनमौला प्रड्यूसर भी शामिल हैं। खबर यह भी है कि इस टीम में कुछ बेहतरीन डिजिटल प्रड्यूसर्स भी जॉइन करने वाले हैं।

समाचार4मीडिया की टीम की ओर से मुनीष देवगन और उनकी टीम को शुभकामनाएं।

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