घर-घर में पहचान से राष्ट्रीय राजनीति के बड़े चेहरे तक का सफर, महिला नेतृत्व की मजबूत छवि और यूपी में संभावित बड़ी भूमिका ने बनाया स्मृति ईरानी को BJP की अहम राजनीतिक पूंजी
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
स्मृति ईरानी एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के केंद्रीय संगठन के अहम हिस्से में लौट आई हैं। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया है। इसके साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री की पार्टी के कोर ऑर्गनाइजेशनल स्ट्रक्चर में वापसी हुई है। बीजेपी ने 17 अगस्त को अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया, जिसमें 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और आठ राष्ट्रीय महासचिव शामिल हैं। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब पार्टी आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठन को नए सिरे से मजबूत करने में जुटी है और उत्तर प्रदेश जैसे बेहद महत्वपूर्ण राज्य पर उसकी खास नजर है।
स्मृति ईरानी की नई भूमिका को सिर्फ BJP की राष्ट्रीय टीम में एक नियुक्ति के तौर पर देखना उनके राजनीतिक सफर और उनकी ब्रैंड वैल्यू को सीमित करके देखना होगा। उनकी वापसी दरअसल उस राजनीतिक पहचान की वापसी है, जिसे उन्होंने पिछले करीब दो दशकों में लगातार अलग-अलग भूमिकाओं के जरिए बनाया और मजबूत किया है।
एक लोकप्रिय टेलीविजन अभिनेत्री के तौर पर घर-घर में पहचान बनाने वाली स्मृति ईरानी ने राजनीति में कदम रखने के बाद संगठन, संसद, चुनावी राजनीति और केंद्र सरकार तक का लंबा सफर तय किया। टीवी की ‘तुलसी विरानी’ से लेकर BJP महिला मोर्चा की अध्यक्ष, राज्यसभा सांसद, लोकसभा सांसद, केंद्रीय मंत्री और अब राष्ट्रीय महासचिव तक की उनकी यात्रा भारतीय राजनीति में पर्सनल ब्रैंड के विकास की एक अलग मिसाल है।
‘तुलसी’ से राष्ट्रीय राजनीति के बड़े चेहरे तक: स्मृति ईरानी की सबसे बड़ी राजनीतिक पूंजी उनकी हाई रिकॉल वैल्यू है। राजनीति में आने से पहले ही ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ की तुलसी विरानी के रूप में उनकी पहचान देश के बड़े हिस्से में बन चुकी थी। लेकिन उनकी कहानी सिर्फ लोकप्रियता तक सीमित नहीं रही। उन्होंने उस पहचान को धीरे-धीरे संगठनात्मक राजनीति और सार्वजनिक जीवन की गंभीर भूमिका में बदला।
बीजेपी में सक्रिय भूमिका के बाद वह 2010 से 2013 तक पार्टी के महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रहीं। इसके बाद राज्यसभा के रास्ते संसद में पहुंचीं और फिर लोकसभा की राजनीति में अपनी जगह बनाई। संसद और संगठन के अनुभव के बाद केंद्र सरकार में उन्हें कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी मिली।
मानव संसाधन विकास, सूचना एवं प्रसारण, कपड़ा, महिला एवं बाल विकास और अल्पसंख्यक कार्य जैसे मंत्रालयों से जुड़ी जिम्मेदारियों ने उनकी पहचान को सिर्फ एक लोकप्रिय राजनीतिक चेहरे तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि उन्हें प्रशासन और नीति का अनुभव रखने वाली नेता के रूप में स्थापित किया। यही विविधता आज उनकी ब्रैंड वैल्यू को मजबूत करती है। वह सिर्फ BJP की नेता नहीं हैं, बल्कि एक ऐसी सार्वजनिक हस्ती हैं जिसे राजनीति में आने से पहले से ही देश का एक बड़ा वर्ग पहचानता रहा है।
2019 की अमेठी जीत ने बदल दी राजनीतिक पहचान: स्मृति ईरानी के राजनीतिक सफर में 2019 का अमेठी चुनाव सबसे महत्वपूर्ण पड़ावों में से एक रहा। उन्होंने कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी को हराकर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी जगह और मजबूत कर ली। इस जीत के बाद उनकी पहचान बीजेपी के सबसे प्रभावशाली और चर्चित चुनावी चेहरों में हुई और ‘जायंट किलर’ की छवि भी मजबूत हुई।
अमेठी की उस जीत ने यह भी दिखाया कि स्मृति ईरानी केवल टीवी से मिली लोकप्रियता के सहारे राजनीति में नहीं थीं। उन्होंने एक कठिन चुनावी मुकाबले को अपनी राजनीतिक पहचान का केंद्रीय हिस्सा बना दिया। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें अमेठी से हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा ने उन्हें चुनाव में पराजित किया। इसके बाद स्मृति ईरानी संसद और केंद्र सरकार की प्रत्यक्ष भूमिका से बाहर हो गईं। लेकिन महत्वपूर्ण बात यह रही कि उनकी सार्वजनिक और राजनीतिक पहचान खत्म नहीं हुई। अब राष्ट्रीय महासचिव की नियुक्ति के साथ BJP ने उन्हें फिर अपने केंद्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। यही वह पहलू है जो स्मृति ईरानी की ब्रैंड वैल्यू को बाकी कई राजनीतिक चेहरों से अलग करता है। चुनावी हार के बावजूद उनकी पहचान, मीडिया विजिबिलिटी और राजनीतिक संवाद की क्षमता बनी रही।
कायम है स्मृति ईरानी का ब्रैंड? राजनीति में किसी नेता की ब्रैंड वैल्यू सिर्फ चुनाव जीतने या सरकार में पद हासिल करने से तय नहीं होती। जनता के बीच पहचान, संवाद करने की क्षमता, मीडिया में मौजूदगी, संघर्ष की कहानी, राजनीतिक नैरेटिव और अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच अपील, ये सभी मिलकर किसी नेता के पर्सनल ब्रैंड को बनाते हैं। स्मृति ईरानी इन सभी मोर्चों पर अपनी अलग पहचान रखती हैं।
उनके मामले में टीवी से मिली शुरुआती लोकप्रियता ने उन्हें एक असाधारण सार्वजनिक पहचान दी। संगठन में काम करने से उन्हें पार्टी की राजनीतिक और जमीनी कार्यप्रणाली का अनुभव मिला। संसद और केंद्र सरकार में अलग-अलग भूमिकाओं ने उनके प्रोफाइल को प्रशासनिक अनुभव दिया और अमेठी की चुनावी लड़ाई ने उन्हें पार्टी के आक्रामक और हाई-प्रोफाइल चुनावी चेहरों में शामिल कर दिया। यानी स्मृति ईरानी का ब्रैंड केवल एक पहचान पर निर्भर नहीं है। यह पॉपुलर कल्चर, संगठन, चुनावी राजनीति, शासन का अनुभव और महिला नेतृत्व इन सभी का मिश्रण है।
महिला नेतृत्व का मजबूत चेहरा: स्मृति ईरानी की एक बड़ी ताकत उनकी महिला मतदाताओं के बीच पहचान और महिला नेतृत्व से जुड़ा चेहरा होना भी है। BJP की राजनीति में महिला मतदाताओं की बढ़ती अहमियत के बीच स्मृति ईरानी जैसी हाई-प्रोफाइल महिला नेता पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक और संचार पूंजी बन सकती हैं। उनका राजनीतिक सफर भी इस पहचान को मजबूत करता है। महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री तक की भूमिकाओं ने उन्हें महिला नेतृत्व और महिला-केंद्रित नीतिगत मुद्दों से जोड़ा।
ऐसे में स्मृति ईरानी की नियुक्ति को व्यापक रूप से BJP की राष्ट्रीय टीम में महिला नेतृत्व की मौजूदगी के संदर्भ में देखा जा सकता है। हालांकि उनकी अहमियत केवल महिला नेता होने तक सीमित नहीं है। उनकी सार्वजनिक पहचान और राजनीतिक संचार की क्षमता उन्हें व्यापक स्तर पर उपयोगी बनाती है।
महत्वपूर्ण है उत्तर प्रदेश? स्मृति ईरानी की नई भूमिका का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक संदर्भ उत्तर प्रदेश हो सकता है। बीजेपी के लिए उत्तर प्रदेश का राजनीतिक महत्व किसी से छिपा नहीं है और आने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टी संगठन और सामाजिक पहुंच को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। BJP की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश से आठ नेताओं को जगह मिलने की रिपोर्टें भी सामने आई हैं।
अमेठी से उनकी राजनीतिक पहचान पहले ही उत्तर प्रदेश से गहराई से जुड़ी हुई है। 2019 में राहुल गांधी को हराने के बाद वह प्रदेश की राजनीति में BJP के सबसे पहचाने जाने वाले चेहरों में शामिल हो गई थीं। यही वजह है कि उनकी राष्ट्रीय संगठन में वापसी को उत्तर प्रदेश के आगामी राजनीतिक मुकाबले के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
यह कहना जल्दबाजी होगी कि उन्हें उत्तर प्रदेश में कोई विशेष चुनावी जिम्मेदारी दी जाएगी, लेकिन उनकी ब्रैंड वैल्यू को देखते हुए राज्य में पार्टी के नैरेटिव, महिला मतदाताओं से संवाद और हाई-प्रोफाइल चुनावी प्रचार में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
सिर्फ संगठन नहीं, BJP के लिए एक मजबूत कम्युनिकेशन फेस: स्मृति ईरानी की एक और खासियत उनकी कम्युनिकेशन स्किल है। वह राजनीतिक मुद्दों पर आक्रामक तरीके से अपनी बात रखने और मीडिया के सामने पार्टी का पक्ष रखने के लिए जानी जाती रही हैं। यही वजह है कि उनकी उपयोगिता सिर्फ संगठन के भीतर रणनीति बनाने तक सीमित नहीं रहती। वह मंच से लेकर मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म तक BJP का राजनीतिक संदेश प्रभावी तरीके से पहुंचाने की क्षमता रखती हैं। आज जब चुनावी राजनीति में संगठन के साथ-साथ नैरेटिव और कम्युनिकेशन की भूमिका लगातार बढ़ रही है, स्मृति ईरानी का यह पक्ष उनकी ब्रैंड वैल्यू को और महत्वपूर्ण बनाता है।
उनकी लोकप्रियता का एक और पहलू यह है कि उनकी पहचान सिर्फ राजनीतिक समर्थकों तक सीमित नहीं है। टेलीविजन के दौर से बनी पहचान आज भी उनके सार्वजनिक व्यक्तित्व का हिस्सा है। इस वजह से वह उन नेताओं में हैं जिनका नाम राजनीति से बाहर के दर्शकों और आम लोगों के बीच भी तुरंत पहचाना जाता है।
स्मृति ईरानी की वापसी का संदेश: अपनी नई जिम्मेदारी मिलने के बाद स्मृति ईरानी ने सोशल मीडिया पर खुद को ‘एक सामान्य BJP कार्यकर्ता’ से राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी तक पहुंचने की यात्रा को बेहद विनम्र और सम्मानजनक अनुभव बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BJP अध्यक्ष नितिन नबीन का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें संगठन और राष्ट्र की सेवा का एक और अवसर मिला है।
उन्होंने अपने संदेश में संगठन की सेवा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान को अपनी जिम्मेदारी बताया। उनकी पोस्ट में राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी मिलने को एक ‘deeply humbling’ अनुभव बताया गया।
उनका यह संदेश उनकी मौजूदा राजनीतिक ब्रैंडिंग को भी समझने में मदद करता है। केंद्रीय मंत्री के पद से बाहर होने और लोकसभा चुनाव में हार के बाद भी उन्होंने खुद को केवल एक पूर्व मंत्री या पूर्व सांसद के रूप में पेश नहीं किया। अब उनकी नई भूमिका फिर उन्हें संगठन के उस ढांचे में लेकर आई है जहां एक कार्यकर्ता से लेकर राष्ट्रीय स्तर के नेता तक की उनकी पूरी यात्रा एक साथ दिखाई देती है।
एक नेता से कहीं बड़ा राजनीतिक ब्रैंड: स्मृति ईरानी की कहानी इसलिए दिलचस्प है क्योंकि उनका पर्सनल ब्रैंड लगातार बदलते राजनीतिक दौर के साथ खुद को नए रूप में पेश करता रहा है। एक समय वह देश के सबसे लोकप्रिय टेलीविजन चेहरों में थीं। फिर BJP की महिला मोर्चा अध्यक्ष के रूप में संगठनात्मक पहचान बनाई। संसद में पहुंचीं, केंद्रीय मंत्री बनीं, अमेठी में राहुल गांधी को हराकर ‘जायंट किलर’ की पहचान हासिल की और 2024 में चुनाव हारने के बावजूद सार्वजनिक जीवन से गायब नहीं हुईं।
अब राष्ट्रीय महासचिव के रूप में उनकी वापसी उनकी राजनीतिक यात्रा का नया अध्याय है। BJP के लिए स्मृति ईरानी की अहमियत सिर्फ उनके पद या चुनावी रिकॉर्ड में नहीं, बल्कि उस पहचान में है जिसे उन्होंने टीवी, संगठन, संसद, सरकार और चुनावी राजनीति हर पड़ाव पर अलग-अलग स्तर पर मजबूत किया है। यही वजह है कि 2024 की चुनावी हार के बाद भी उनकी राजनीतिक उपयोगिता खत्म नहीं हुई और BJP ने उन्हें एक बार फिर राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी।
फिलिप्स (Philips) ने अभिनेत्री और उद्यमी सुष्मिता सेन को अपना नया ब्रैंड एंबेसडर बनाया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
फिलिप्स (Philips) ने अभिनेत्री और उद्यमी सुष्मिता सेन को अपना नया ब्रैंड एंबेसडर बनाया है। कंपनी ने इसके साथ ही अपने एयरफ्रायर को प्रमोट करने के लिए नया कैंपेन ‘Airfryer Matlab Philips’ भी लॉन्च किया है।
इस कैंपेन फिल्म में रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई ऐसे मौके दिखाए गए हैं, जहां लोग अलग-अलग विकल्पों में से किसी एक को चुनने को लेकर सोचते हैं। इसके बाद फिल्म एयरफ्रायर की खरीदारी से इसकी तुलना करती है और दिखाती है कि एयरफ्रायर की बात आते ही Philips एक आसान और तुरंत पसंद बनने वाला विकल्प है।
इस कैंपेन की रणनीति और क्रिएटिव तैयार करने की जिम्मेदारी Philips की क्रिएटिव और स्ट्रैटेजिक पार्टनर WillBe Done ने संभाली है। यह कैंपेन टेलीविजन, डिजिटल, सोशल मीडिया और रिटेल प्लेटफॉर्म पर चलाया जाएगा। कंपनी ने इसे त्योहारी सीजन से पहले शुरू करने की योजना बनाई है।
Versuni India की MD और CEO गुलबहार तौरानी ने कहा कि ‘Airfryer Matlab Philips’ कैंपेन उन उपभोक्ताओं के प्यार का जश्न है, जो Philips को दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी ने एयरफ्रायर कैटेगरी में अपनी मजबूत स्थिति बनाई है और अब उसका लक्ष्य एयरफ्राइंग को हर भारतीय घर तक पहुंचाना है।
वहीं, Philips की ब्रैंड एंबेसडर बनने पर सुष्मिता सेन ने कहा कि वह Philips के साथ अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा भारतीय परिवारों के रोजमर्रा के खाना बनाने में एयरफ्राइंग को शामिल करने की दिशा में कंपनी के सफर का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित हैं।
ईजमायट्रिप के को-फाउंडर निशांत पिट्टी ने निजी इस्तेमाल के लिए कंपनी के 34.51 करोड़ शेयर गिरवी रखे हैं। इन शेयरों की कीमत करीब 211.92 करोड़ रुपये बताई गई है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी ईजमायट्रिप (EaseMyTrip) के को-फाउंडर और प्रमोटर निशांत पिट्टी (Nishant Pitti) ने निजी इस्तेमाल के लिए कंपनी के करीब 212 करोड़ रुपये के शेयर गिरवी रखे हैं। रेगुलेटरी फाइलिंग (Regulatory Filing) के मुताबिक, उन्होंने 24 अगस्त को मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services) के पक्ष में 34.51 करोड़ शेयर प्लेज (Pledge) किए।
गिरवी रखे गए 34.51 करोड़ शेयर ईजमायट्रिप की कुल पेड-अप शेयर कैपिटल (Paid-up Share Capital) का 8.66 फीसदी हैं। फाइलिंग में बताया गया है कि यह ट्रांजैक्शन प्रमोटर के निजी इस्तेमाल के लिए है। यानी इससे जुटाई जाने वाली रकम का इस्तेमाल लिस्टेड कंपनी के कारोबार के लिए नहीं किया जाएगा।
गिरवी रखे गए शेयरों की वैल्यू और ट्रांजैक्शन में शामिल रकम, दोनों 211.92 करोड़ रुपये बताई गई हैं। इस ट्रांजैक्शन के लिए सिक्योरिटी कवर (Security Cover) 1:1 रखा गया है।
नए शेयर प्लेज के बाद निशांत पिट्टी के पास मौजूद ईजमायट्रिप के कुल 44.87 करोड़ शेयर गिरवी हो गए हैं। यह कंपनी की कुल शेयर कैपिटल का 11.26 फीसदी है। पिट्टी की कंपनी में कुल हिस्सेदारी 11.39 फीसदी है।
इसका मतलब है कि ईजमायट्रिप में निशांत पिट्टी की लगभग पूरी हिस्सेदारी अब गिरवी है। रेगुलेटरी डिस्क्लोजर (Regulatory Disclosure) में साफ किया गया है कि शेयर प्लेज का उद्देश्य प्रमोटर का निजी इस्तेमाल है और इससे मिलने वाली रकम का उपयोग ईजमायट्रिप के फायदे या कंपनी की जरूरतों के लिए नहीं किया जाएगा।
एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप ने गुरुवार, 10 सितंबर को गुरुग्राम में e4m D2C Awards के पांचवें संस्करण का आयोजन किया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप ने गुरुवार, 10 सितंबर को गुरुग्राम में e4m D2C Awards के पांचवें संस्करण का आयोजन किया। इस अवॉर्ड समारोह में भारत के तेजी से बढ़ते Direct-to-Consumer (D2C) इकोसिस्टम से जुड़े प्रमुख ब्रैंड्स, एजेंसीज, उद्यमी और मार्केटिंग लीडर्स एक मंच पर नजर आए।
स्टार-स्टडेड अवॉर्ड समारोह में उन ब्रैंड्स और एजेंसीज को सम्मानित किया गया, जिन्होंने इनोवेशन, मजबूत Consumer Connect और प्रभावी बिजनेस स्ट्रैटेजी के जरिए D2C सेक्टर में अपनी अलग पहचान बनाई है। अवॉर्ड्स में उनकी इनोवेटिव स्ट्रैटजीस, विजनरी कैंपेंस और नई पहल को सम्मान दिया गया, जिन्होंने तेजी से बदल रहे D2C इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई है।
Flipkart, Amazon और boAt Lifestyle समेत कई नाम आगे
इस साल सबसे ज्यादा अवॉर्ड्स हासिल करने वाले प्रमुख ब्रैंड्स और एजेंसीज में Flipkart, Amazon, boAt Lifestyle, Been There Done That (BTDT) Media, Ittisa Digital Media और HomeFoil शामिल रहे।
e4m D2C Awards के पांचवें संस्करण में अलग-अलग कैटेगरी में D2C ब्रैंड्स और एजेंसीज को उनकी Creativity, मार्केटिंग Excellence और कंज्यूमर्स के साथ मजबूत जुड़ाव बनाने के लिए सम्मानित किया गया। अवॉर्ड्स में इस बात को भी सामने रखा गया कि आज ब्रैंड्स प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी पहचान मजबूत करने के लिए Digital Platforms, Data और New-Age मार्केटिंग Strategies का तेजी से इस्तेमाल कर रहे हैं।
D2C इकोसिस्टम के दिग्गज एक मंच पर
इस समारोह में भारत के D2C इकोसिस्टम से जुड़े इंडस्ट्री लीडर्स, Entrepreneurs और प्रमुख Marketers भी शामिल हुए। उनकी मौजूदगी ने इस सेक्टर के बढ़ते महत्व को दिखाया।
समारोह में इस बात पर भी जोर रहा कि इनोवेशन भारत की Consumer Economy के अगले दौर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
D2C ब्रैंड्स के फाउंडर्स को भी मिला सम्मान
इस बार e4m D2C Awards में सिर्फ ब्रैंड्स और एजेंसीज को ही सम्मानित नहीं किया गया, बल्कि उन फाउंडर्स को भी सम्मान दिया गया, जिन्होंने भारत के तेजी से बदलते D2C सेक्टर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
देश की कई प्रमुख D2C कंपनियों के फाउंडर्स को Consumer-first Businesses तैयार करने और उन्हें सफल बनाने में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इनमें Innovist की को-फाउंडर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) सिफत खुराना, Fixderma की को-फाउंडर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) शाइली मेहरोत्रा, Caratlane के को-फाउंडर और चीफ प्रोडक्ट एवं टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CPTO) गुरुकिर्ती गुरुनाथन, Libas के फाउंडर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) सिद्धांत केशवानी, Wow! Momo के को-फाउंडर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) मुरली कृष्णन और Indo Era की को-फाउंडर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) सृष्टि तंवानी शामिल हैं।
इसके अलावा Mivi की को-फाउंडर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) मिधुला देवभक्तुनी, Clovia के को-फाउंडर पंकज वर्मानी, Underneat के को-फाउंडर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) विमर्श रजदान और Archian Foods Pvt Ltd (Lahori Zeera) के को-फाउंडर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) सौरभ मुंजाल को भी सम्मानित किया गया। वहीं Noise के गौरव खत्री और अमित खत्री को भी Founder Recognition से सम्मानित किया गया।
फाउंडर्स की भूमिका पर रहा जोर
Founder Recognitions के जरिए उन लोगों की भूमिका को सामने लाया गया, जिन्होंने अपने-अपने ब्रैंड्स को खड़ा करने के साथ इनोवेशन को बढ़ावा दिया, बदलती कंज्यूमर की जरूरतों को समझा और अपनी-अपनी कैटेगरी में मजबूत पहचान बनाने वाले बिजनेस तैयार किए। इन सम्मान के जरिए D2C कंपनियों के पीछे काम करने वाले फाउंडर्स के लीडरशिप और विजन को भी पहचान दी गई।
पांच मुख्य कैटेगरी में हुए अवॉर्ड
e4m D2C Awards 5.0 में पांच मुख्य कैटेगरी रखी गई थीं। इनमें मार्केटिंग, इनोवेशन, बेस्ट इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, D2C गेमचेंजर अवॉर्ड्स और इंडिविजुअल गेमचेंजर अवॉर्ड्स शामिल हैं। इन कैटेगरी के जरिए ऐसी कैंपेंस और इनिशिएटिव्स को सम्मानित किया गया, जिन्होंने भारतीय मार्केटिंग परिदृश्य में सफलता के नए मानक स्थापित किए।
पांच संस्करण पूरे कर चुका है e4m D2C Awards
e4m D2C Awards 5.0 ने D2C इकोसिस्टम में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले ब्रैंड्स, मार्केटर्स और कैंपेंस के प्रयासों को पहचान दी। e4m D2C Awards के पांच संस्करण पूरे होने के साथ यह मंच उन ब्रैंड्स को लगातार सामने ला रहा है, जो कंज्यूमर्स के साथ जुड़ने के तरीके को बदल रहे हैं।
गुरुग्राम में आयोजित अवॉर्ड नाइट भारत के D2C ब्रैंड्स की उपलब्धियों और अलग-अलग कैटेगरी में उनके बढ़ते प्रभाव का जश्न बनी। इस समारोह ने यह भी दिखाया कि भारत में D2C सेक्टर लगातार नए प्रयोग, इनोवेशन और ग्राहकों की जरूरत और पसंद को ध्यान में रखकर बनाई गई रणनीतियों के साथ आगे बढ़ रहा है।
यहां देखें विजेताओं की लिस्ट:
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सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया ने अमित मेहता को चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर नियुक्त किया है। वह 1 अक्टूबर 2026 से जिम्मेदारी संभालेंगे और मनु वाधवा की जगह लेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (Sony Pictures Networks India) ने अमित मेहता (Amit Mehta) को चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर (Chief Human Resources Officer) नियुक्त करने का ऐलान किया है। वह 1 अक्टूबर 2026 से नई जिम्मेदारी संभालेंगे और मनु वाधवा (Manu Wadhwa) की जगह लेंगे। इसके साथ ही वह कंपनी की सीनियर मैनेजमेंट टीम (Senior Management Team) का हिस्सा होंगे।
मनु वाधवा आगे भी एसपीएनआई (SPNI) के साथ जुड़ी रहेंगी और स्ट्रैटेजी एडवाइजर (Strategy Advisor) की भूमिका निभाएंगी।
नई भूमिका में अमित कंपनी के पीपल एंड ऑर्गनाइजेशन (People & Organisation) फंक्शन के साथ एडमिनिस्ट्रेशन एंड फैसिलिटीज (Administration & Facilities) की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। वह सीईओ (CEO) और सीनियर मैनेजमेंट टीम के साथ टैलेंट और सक्सेशन (Talent & Succession), लीडरशिप डेवलपमेंट (Leadership Development), कल्चर, एम्प्लॉयी एक्सपीरियंस (Employee Experience) और ऑर्गनाइजेशनल इफेक्टिवनेस (Organisational Effectiveness) जैसे क्षेत्रों पर काम करेंगे।
अमित को सीईओ और बिजनेस लीडर्स के साथ ग्रोथ (Growth), ट्रांसफॉर्मेशन (Transformation) और संगठन की प्रभावशीलता से जुड़े काम करने का 16 साल से ज्यादा का अनुभव है।
एसपीएनआई के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ गौरव बनर्जी (Gaurav Banerjee) ने अमित का स्वागत करते हुए कहा कि बड़े स्थापित संगठन और तेजी से बढ़ती फाउंडर-लेड कंपनी (Founder-led Company) दोनों में काम करने का उनका अनुभव एसपीएनआई के अगले चरण के लिए उपयोगी होगा।
उन्होंने कहा कि कंपनी की ग्रोथ के लिए लीडरशिप कैपेबिलिटी (Leadership Capability), संगठनात्मक संस्कृति और एम्प्लॉयी एक्सपीरियंस को मजबूत करना महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने अमित के साथ मिलकर एक एजाइल और फ्यूचर-रेडी ऑर्गनाइजेशन (Agile and Future-ready Organisation) तैयार करने की उम्मीद जताई।
राजीव राजाराम को सन एनएक्सटी में हेड ऑफ कंटेंट नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह सोनी लिव में तमिल कंटेंट की जिम्मेदारी संभाल रहे थे और उनके पास व्यापक अनुभव है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
राजीव राजाराम (Rajiv Rajaram) ने ओटीटी प्लेटफॉर्म सन एनएक्सटी (Sun NXT) में हेड ऑफ कंटेंट (Head of Content) के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की।
राजाराम को स्ट्रीमिंग (Streaming), डिजिटल (Digital), फिल्म, रेडियो, टेलीविजन और एडवरटाइजिंग (Advertising) के क्षेत्र में काम करने का अनुभव है। वह रेडियो प्रोफेशनल (Radio Professional) और वॉइस आर्टिस्ट (Voice Artist) भी हैं। उनके नाम 3,500 से ज्यादा कमर्शियल्स (Commercials) का अनुभव है।
सन एनएक्सटी से जुड़ने से पहले वह सोनी लिव (Sony LIV) में हेड ऑफ कंटेंट-तमिल (Head of Content - Tamil) के पद पर थे। इस दौरान वह सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया (Sony Pictures Network India) से जुड़े रहे।
इससे पहले राजाराम कल्चर मशीन स्टूडियोज (Culture Machine Studios) में वाइस प्रेसिडेंट-कंटेंट-ओरिजिनल्स (Vice President - Content - Originals) की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। नई भूमिका में उनका फोकस सन एनएक्सटी के कंटेंट से जुड़े काम को आगे बढ़ाने पर रहेगा।
पिज्जा हट के ग्लोबल सीईओ एरॉन पॉवेल ने 1 सितंबर 2026 से पद छोड़ दिया है। यह बदलाव यम ब्रांड्स द्वारा पिज्जा कारोबार की 2.7 अरब डॉलर बिक्री पूरी करने के बाद हुआ।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
पिज्जा हट (Pizza Hut) में शीर्ष स्तर पर नेतृत्व बदलाव हुआ है। कंपनी के ग्लोबल सीईओ एरॉन पॉवेल (Aaron Powell) ने 1 सितंबर 2026 से अपने पद और यम ब्रांड्स (Yum Brands) समूह में अपनी अन्य जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया है। पॉवेल पांच साल से ज्यादा समय तक पिज्जा हट के ग्लोबल सीईओ रहे।
यम ब्रांड्स की ओर से की गई नियामकीय फाइलिंग में उनके इस्तीफे की जानकारी दी गई है। उनका पद छोड़ना उसी दिन हुआ, जिस दिन यम ब्रांड्स ने पिज्जा हट के कारोबार की बिक्री पूरी की।
पॉवेल ने 2021 में पिज्जा हट के ग्लोबल सीईओ का पद संभाला था। अगस्त में ही उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट के जरिए अपने आगामी प्रस्थान के संकेत दिए थे। उन्होंने यह भी बताया था कि पिज्जा हट के कारोबार का बड़ा हिस्सा खरीदने वाली निजी इक्विटी निवेशक लॉन्गरेंज कैपिटल (LongRange Capital) ने उन्हें सौदे के बाद अपने साथ काम करने का प्रस्ताव दिया है।
पिज्जा हट की बिक्री का सौदा 1 सितंबर को पूरा होने की घोषणा की गई। यम ब्रांड्स, पिज्जा हट के साथ केएफसी (KFC) और टैको बेल (Taco Bell) की भी पैरेंट कंपनी है। कंपनी ने पिज्जा कारोबार को दो अलग-अलग लेनदेन के जरिए बेचने की प्रक्रिया पूरी की। दोनों सौदों को मिलाकर कुल डील वैल्यू 2.7 अरब डॉलर रही।
सौदा पूरा होने के साथ पिज्जा हट अब नए स्वामित्व और नेतृत्व ढांचे के तहत अपने अगले चरण में प्रवेश करेगा। पॉवेल का इस्तीफा भी इसी बदलाव के साथ प्रभावी हुआ, जिससे ग्लोबल पिज्जा कारोबार में उनका पांच साल से अधिक लंबा कार्यकाल समाप्त हो गया।
विक्रांत मुदलियार ने क्रूज मनी के को-फाउंडर के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। वह एआई आधारित मनी कंपेनियन के साथ कंपनी की बिजनेस और ब्रांड ग्रोथ पर काम करेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
विक्रांत मुदलियार (Vikrant Mudaliar) ने क्रूज मनी (Cruise Money) के को-फाउंडर (Co-founder) के तौर पर नई पारी शुरू की है। अपनी नई भूमिका में वह रोजमर्रा के निवेशकों के लिए एआई आधारित मनी कंपेनियन (AI-Based Money Companion) विकसित करने के साथ कंपनी के बिजनेस, प्रोडक्ट और ब्रांड ग्रोथ को आगे बढ़ाने पर काम करेंगे।
क्रूज मनी से जुड़ने से पहले विक्रांत मुदलियार ड्रीम स्पोर्ट्स (Dream Sports) में सीएमओ (CMO) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वहां उन्होंने ड्रीम11 (Dream11) को एक प्रमुख स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी ब्रांड के तौर पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।
विक्रांत को स्पोर्ट्स, गेमिंग, मीडिया, ई-कॉमर्स और कंज्यूमर गुड्स जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। अपने करियर में वह ड्रीम स्पोर्ट्स के अलावा यात्रा (Yatra), लेंसकार्ट (Lenskart) और टाटा स्काई (Tata Sky) जैसी कंपनियों के साथ भी काम कर चुके हैं।
विक्रांत कंपनी के फाउंडर एवं सीईओ (Founder & CEO) विनय भरद्वाज (Vinay Bharathwaj) और गणेश केवी (Ganesh KV) के साथ मिलकर प्रोडक्ट, ब्रांड और बिजनेस ग्रोथ को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।
कंपनी का फोकस एआई आधारित तकनीक के जरिए लोगों के वित्तीय फैसलों को सरल बनाने पर है। विक्रांत की नई भूमिका में प्रोडक्ट और ब्रांड के साथ-साथ बिजनेस ग्रोथ को भी आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
स्टेफनी हार्टग्रोव ने Stellantis में चीफ कम्युनिकेशन ऑफिसर के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह करीब पांच साल Johnson & Johnson से जुड़ी थीं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
स्टेफनी हार्टग्रोव (Stephanie Hartgrove) ने स्टेलांटिस (Stellantis) में Chief Communications Officer के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। इस भूमिका में वह कंपनी के ग्लोबल कम्युनिकेशन से जुड़े कार्यों का नेतृत्व करेंगी।
हार्टग्रोव ग्लोबल कम्युनिकेशन और C-suite एडवाइजरी के क्षेत्र में अनुभवी प्रोफेशनल हैं। उन्होंने हेल्थकेयर, एनर्जी, टेक्नोलॉजी और मीडिया जैसे अलग-अलग सेक्टर्स में ग्लोबल कम्युनिकेशन टीमों का नेतृत्व किया है।
अपने करियर के दौरान उन्होंने संगठनों को बदलाव और ट्रांसफॉर्मेशन के दौर में कम्युनिकेशन रणनीति तैयार करने, कॉरपोरेट प्रतिष्ठा मजबूत करने और कर्मचारियों के साथ प्रभावी संवाद कायम करने में मदद की है। उनका अनुभव बिजनेस ग्रोथ और संगठनात्मक बदलाव के दौरान कम्युनिकेशन मैनेजमेंट तक फैला हुआ है।
Stellantis से जुड़ने से पहले हार्टग्रोव करीब पांच साल तक जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) के साथ रहीं। वहां उन्होंने Global Vice President, MedTech Communication and Public Affairs की जिम्मेदारी संभाली।
नई नियुक्ति की घोषणा करते हुए हार्टग्रोव ने Stellantis के साथ जुड़ने को लेकर उत्साह जाहिर किया। उन्होंने अपने करियर में ट्रांसफॉर्मेशन और संगठनात्मक बदलाव के दौरान कम्युनिकेशन का नेतृत्व करने के अनुभव को भी रेखांकित किया।
सैजिलिटी ने सृष्टि राव को ग्लोबल कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस और पीआर का वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। वह कंपनी के ब्रांड, पीआर और इन्वेस्टर कम्युनिकेशंस संभालेंगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
टेक्नोलॉजी आधारित हेल्थकेयर ऑपरेशंस और ट्रांसफॉर्मेशन कंपनी सैजिलिटी (Sagility) ने सृष्टि राव (Srushti Rao) को वाइस प्रेसिडेंट, ग्लोबल कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस और पीआर (Vice President, Global Corporate Communications and PR) नियुक्त किया है।
नई भूमिका में सृष्टि राव कंपनी के वैश्विक ब्रांड और कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस से जुड़े कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगी। उनके कार्यक्षेत्र में पब्लिक रिलेशंस (Public Relations), इन्वेस्टर कम्युनिकेशंस (Investor Communications), वर्कप्लेस ब्रांडिंग (Workplace Branding) और एम्प्लॉयर ब्रांडिंग (Employer Branding) भी शामिल होंगे।
सृष्टि कंपनी की ब्रांड पहचान को और मजबूत करने के साथ उसकी कहानी को वैश्विक स्तर पर प्रभावी तरीके से सामने रखने में अहम भूमिका निभाएंगी। इसके अलावा वह विचार नेतृत्व (Thought Leadership), मीडिया जुड़ाव और ब्रांड अनुभव में एकरूपता लाने पर भी काम करेंगी।
सैजिलिटी से जुड़ने से पहले सृष्टि राव एक्सबीपी ग्लोबल (XBP Global), आईकेएस हेल्थ (IKS Health) और पर्ल एकेडमी (Pearl Academy) में मार्केटिंग और कम्युनिकेशंस से जुड़ी वरिष्ठ भूमिकाओं में काम कर चुकी हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो सृष्टि राव आईआईएम अहमदाबाद (IIM Ahmedabad) की पूर्व छात्रा हैं। इसके अलावा उनके पास फाइन आर्ट्स (Fine Arts) की डिग्री भी है। नई नियुक्ति पर सृष्टि राव ने सैजिलिटी के साथ अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साह जताया। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य फोकस कंपनी की ब्रांड स्टोरी को मजबूत करने पर रहेगा।
इसके साथ ही वह सैजिलिटी की टेक्नोलॉजी आधारित सेवाओं, ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और कार्यस्थल की जीवंत संस्कृति को प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने पर भी ध्यान देंगी। सृष्टि राव की नियुक्ति के साथ सैजिलिटी के वैश्विक कम्युनिकेशंस और पीआर प्रयासों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। उनकी जिम्मेदारी कंपनी की ब्रांड पहचान को मजबूत करने के साथ वैश्विक स्तर पर उसके संचार को अधिक प्रभावी और एकसमान बनाने की होगी।
जियो प्लेटफॉर्म्स को प्रस्तावित आईपीओ के लिए सेबी के अंतिम ऑब्जर्वेशन मिल गए हैं। 37,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का इश्यू देश का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (Jio Platforms Ltd) के शेयर बाजार में उतरने का रास्ता अब और साफ हो गया है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर अंतिम ऑब्जर्वेशन जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) समर्थित डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी बाजार में लिस्टिंग की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गई है।
सेबी ने 28 अगस्त को अपने ऑब्जर्वेशन जारी किए। जियो प्लेटफॉर्म्स ने इससे पहले जून में आईपीओ के ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट जमा किए थे। प्रस्तावित इश्यू का आकार 37,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। अगर इश्यू इसी स्तर पर आता है, तो यह हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India) के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।
हालांकि, अंतिम इश्यू साइज कंपनी की संरचना और प्राइसिंग पर निर्भर करेगा। जियो प्लेटफॉर्म्स नए इक्विटी शेयर जारी करके 27 करोड़ तक शेयर बाजार में ला सकती है। प्रस्ताव में ऑफर फॉर सेल यानी मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेचने का प्रावधान नहीं है।
आईपीओ से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज घटाने में इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक, नेट प्रोसिड्स में से 27,500 करोड़ रुपये तक का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम (Reliance Jio Infocomm) के कर्ज को चुकाने या पहले से भुगतान करने में किया जा सकता है। बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए इस्तेमाल होगी।
जियो प्लेटफॉर्म्स के पास रिलायंस इंडस्ट्रीज के टेलीकॉम और डिजिटल कारोबार हैं और इसमें देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो शामिल है। कंपनी के हालिया वित्तीय आंकड़े भी कारोबार के बड़े पैमाने को दिखाते हैं। जून तिमाही में कुल रेवेन्यू 45,961 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 12 फीसदी अधिक है। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 39,173 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 15 फीसदी बढ़कर 20,865 करोड़ रुपये और EBITDA मार्जिन 53 फीसदी पहुंच गया। वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा 9.2 फीसदी बढ़कर 7,764 करोड़ रुपये रहा।
तिमाही के अंत में जियो का सब्सक्राइबर बेस 53.33 करोड़ तक पहुंच गया। एक साल पहले यह 49.81 करोड़ था। कंपनी का 5G सब्सक्राइबर बेस 28.5 करोड़ रहा। आईपीओ से पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की 66.43 फीसदी हिस्सेदारी थी। मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) और गूगल (Google) क्रमशः 9.98 फीसदी और 7.73 फीसदी हिस्सेदारी के साथ प्रमुख निवेशकों में शामिल थे।