घर-घर में पहचान से राष्ट्रीय राजनीति के बड़े चेहरे तक का सफर, महिला नेतृत्व की मजबूत छवि और यूपी में संभावित बड़ी भूमिका ने बनाया स्मृति ईरानी को BJP की अहम राजनीतिक पूंजी
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
स्मृति ईरानी एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के केंद्रीय संगठन के अहम हिस्से में लौट आई हैं। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया है। इसके साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री की पार्टी के कोर ऑर्गनाइजेशनल स्ट्रक्चर में वापसी हुई है। बीजेपी ने 17 अगस्त को अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया, जिसमें 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और आठ राष्ट्रीय महासचिव शामिल हैं। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब पार्टी आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठन को नए सिरे से मजबूत करने में जुटी है और उत्तर प्रदेश जैसे बेहद महत्वपूर्ण राज्य पर उसकी खास नजर है।
स्मृति ईरानी की नई भूमिका को सिर्फ BJP की राष्ट्रीय टीम में एक नियुक्ति के तौर पर देखना उनके राजनीतिक सफर और उनकी ब्रैंड वैल्यू को सीमित करके देखना होगा। उनकी वापसी दरअसल उस राजनीतिक पहचान की वापसी है, जिसे उन्होंने पिछले करीब दो दशकों में लगातार अलग-अलग भूमिकाओं के जरिए बनाया और मजबूत किया है।
एक लोकप्रिय टेलीविजन अभिनेत्री के तौर पर घर-घर में पहचान बनाने वाली स्मृति ईरानी ने राजनीति में कदम रखने के बाद संगठन, संसद, चुनावी राजनीति और केंद्र सरकार तक का लंबा सफर तय किया। टीवी की ‘तुलसी विरानी’ से लेकर BJP महिला मोर्चा की अध्यक्ष, राज्यसभा सांसद, लोकसभा सांसद, केंद्रीय मंत्री और अब राष्ट्रीय महासचिव तक की उनकी यात्रा भारतीय राजनीति में पर्सनल ब्रैंड के विकास की एक अलग मिसाल है।
‘तुलसी’ से राष्ट्रीय राजनीति के बड़े चेहरे तक: स्मृति ईरानी की सबसे बड़ी राजनीतिक पूंजी उनकी हाई रिकॉल वैल्यू है। राजनीति में आने से पहले ही ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ की तुलसी विरानी के रूप में उनकी पहचान देश के बड़े हिस्से में बन चुकी थी। लेकिन उनकी कहानी सिर्फ लोकप्रियता तक सीमित नहीं रही। उन्होंने उस पहचान को धीरे-धीरे संगठनात्मक राजनीति और सार्वजनिक जीवन की गंभीर भूमिका में बदला।
बीजेपी में सक्रिय भूमिका के बाद वह 2010 से 2013 तक पार्टी के महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रहीं। इसके बाद राज्यसभा के रास्ते संसद में पहुंचीं और फिर लोकसभा की राजनीति में अपनी जगह बनाई। संसद और संगठन के अनुभव के बाद केंद्र सरकार में उन्हें कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी मिली।
मानव संसाधन विकास, सूचना एवं प्रसारण, कपड़ा, महिला एवं बाल विकास और अल्पसंख्यक कार्य जैसे मंत्रालयों से जुड़ी जिम्मेदारियों ने उनकी पहचान को सिर्फ एक लोकप्रिय राजनीतिक चेहरे तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि उन्हें प्रशासन और नीति का अनुभव रखने वाली नेता के रूप में स्थापित किया। यही विविधता आज उनकी ब्रैंड वैल्यू को मजबूत करती है। वह सिर्फ BJP की नेता नहीं हैं, बल्कि एक ऐसी सार्वजनिक हस्ती हैं जिसे राजनीति में आने से पहले से ही देश का एक बड़ा वर्ग पहचानता रहा है।
2019 की अमेठी जीत ने बदल दी राजनीतिक पहचान: स्मृति ईरानी के राजनीतिक सफर में 2019 का अमेठी चुनाव सबसे महत्वपूर्ण पड़ावों में से एक रहा। उन्होंने कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी को हराकर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी जगह और मजबूत कर ली। इस जीत के बाद उनकी पहचान बीजेपी के सबसे प्रभावशाली और चर्चित चुनावी चेहरों में हुई और ‘जायंट किलर’ की छवि भी मजबूत हुई।
अमेठी की उस जीत ने यह भी दिखाया कि स्मृति ईरानी केवल टीवी से मिली लोकप्रियता के सहारे राजनीति में नहीं थीं। उन्होंने एक कठिन चुनावी मुकाबले को अपनी राजनीतिक पहचान का केंद्रीय हिस्सा बना दिया। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें अमेठी से हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा ने उन्हें चुनाव में पराजित किया। इसके बाद स्मृति ईरानी संसद और केंद्र सरकार की प्रत्यक्ष भूमिका से बाहर हो गईं। लेकिन महत्वपूर्ण बात यह रही कि उनकी सार्वजनिक और राजनीतिक पहचान खत्म नहीं हुई। अब राष्ट्रीय महासचिव की नियुक्ति के साथ BJP ने उन्हें फिर अपने केंद्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। यही वह पहलू है जो स्मृति ईरानी की ब्रैंड वैल्यू को बाकी कई राजनीतिक चेहरों से अलग करता है। चुनावी हार के बावजूद उनकी पहचान, मीडिया विजिबिलिटी और राजनीतिक संवाद की क्षमता बनी रही।
कायम है स्मृति ईरानी का ब्रैंड? राजनीति में किसी नेता की ब्रैंड वैल्यू सिर्फ चुनाव जीतने या सरकार में पद हासिल करने से तय नहीं होती। जनता के बीच पहचान, संवाद करने की क्षमता, मीडिया में मौजूदगी, संघर्ष की कहानी, राजनीतिक नैरेटिव और अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच अपील, ये सभी मिलकर किसी नेता के पर्सनल ब्रैंड को बनाते हैं। स्मृति ईरानी इन सभी मोर्चों पर अपनी अलग पहचान रखती हैं।
उनके मामले में टीवी से मिली शुरुआती लोकप्रियता ने उन्हें एक असाधारण सार्वजनिक पहचान दी। संगठन में काम करने से उन्हें पार्टी की राजनीतिक और जमीनी कार्यप्रणाली का अनुभव मिला। संसद और केंद्र सरकार में अलग-अलग भूमिकाओं ने उनके प्रोफाइल को प्रशासनिक अनुभव दिया और अमेठी की चुनावी लड़ाई ने उन्हें पार्टी के आक्रामक और हाई-प्रोफाइल चुनावी चेहरों में शामिल कर दिया। यानी स्मृति ईरानी का ब्रैंड केवल एक पहचान पर निर्भर नहीं है। यह पॉपुलर कल्चर, संगठन, चुनावी राजनीति, शासन का अनुभव और महिला नेतृत्व इन सभी का मिश्रण है।
महिला नेतृत्व का मजबूत चेहरा: स्मृति ईरानी की एक बड़ी ताकत उनकी महिला मतदाताओं के बीच पहचान और महिला नेतृत्व से जुड़ा चेहरा होना भी है। BJP की राजनीति में महिला मतदाताओं की बढ़ती अहमियत के बीच स्मृति ईरानी जैसी हाई-प्रोफाइल महिला नेता पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक और संचार पूंजी बन सकती हैं। उनका राजनीतिक सफर भी इस पहचान को मजबूत करता है। महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री तक की भूमिकाओं ने उन्हें महिला नेतृत्व और महिला-केंद्रित नीतिगत मुद्दों से जोड़ा।
ऐसे में स्मृति ईरानी की नियुक्ति को व्यापक रूप से BJP की राष्ट्रीय टीम में महिला नेतृत्व की मौजूदगी के संदर्भ में देखा जा सकता है। हालांकि उनकी अहमियत केवल महिला नेता होने तक सीमित नहीं है। उनकी सार्वजनिक पहचान और राजनीतिक संचार की क्षमता उन्हें व्यापक स्तर पर उपयोगी बनाती है।
महत्वपूर्ण है उत्तर प्रदेश? स्मृति ईरानी की नई भूमिका का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक संदर्भ उत्तर प्रदेश हो सकता है। बीजेपी के लिए उत्तर प्रदेश का राजनीतिक महत्व किसी से छिपा नहीं है और आने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टी संगठन और सामाजिक पहुंच को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। BJP की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश से आठ नेताओं को जगह मिलने की रिपोर्टें भी सामने आई हैं।
अमेठी से उनकी राजनीतिक पहचान पहले ही उत्तर प्रदेश से गहराई से जुड़ी हुई है। 2019 में राहुल गांधी को हराने के बाद वह प्रदेश की राजनीति में BJP के सबसे पहचाने जाने वाले चेहरों में शामिल हो गई थीं। यही वजह है कि उनकी राष्ट्रीय संगठन में वापसी को उत्तर प्रदेश के आगामी राजनीतिक मुकाबले के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
यह कहना जल्दबाजी होगी कि उन्हें उत्तर प्रदेश में कोई विशेष चुनावी जिम्मेदारी दी जाएगी, लेकिन उनकी ब्रैंड वैल्यू को देखते हुए राज्य में पार्टी के नैरेटिव, महिला मतदाताओं से संवाद और हाई-प्रोफाइल चुनावी प्रचार में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
सिर्फ संगठन नहीं, BJP के लिए एक मजबूत कम्युनिकेशन फेस: स्मृति ईरानी की एक और खासियत उनकी कम्युनिकेशन स्किल है। वह राजनीतिक मुद्दों पर आक्रामक तरीके से अपनी बात रखने और मीडिया के सामने पार्टी का पक्ष रखने के लिए जानी जाती रही हैं। यही वजह है कि उनकी उपयोगिता सिर्फ संगठन के भीतर रणनीति बनाने तक सीमित नहीं रहती। वह मंच से लेकर मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म तक BJP का राजनीतिक संदेश प्रभावी तरीके से पहुंचाने की क्षमता रखती हैं। आज जब चुनावी राजनीति में संगठन के साथ-साथ नैरेटिव और कम्युनिकेशन की भूमिका लगातार बढ़ रही है, स्मृति ईरानी का यह पक्ष उनकी ब्रैंड वैल्यू को और महत्वपूर्ण बनाता है।
उनकी लोकप्रियता का एक और पहलू यह है कि उनकी पहचान सिर्फ राजनीतिक समर्थकों तक सीमित नहीं है। टेलीविजन के दौर से बनी पहचान आज भी उनके सार्वजनिक व्यक्तित्व का हिस्सा है। इस वजह से वह उन नेताओं में हैं जिनका नाम राजनीति से बाहर के दर्शकों और आम लोगों के बीच भी तुरंत पहचाना जाता है।
स्मृति ईरानी की वापसी का संदेश: अपनी नई जिम्मेदारी मिलने के बाद स्मृति ईरानी ने सोशल मीडिया पर खुद को ‘एक सामान्य BJP कार्यकर्ता’ से राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी तक पहुंचने की यात्रा को बेहद विनम्र और सम्मानजनक अनुभव बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BJP अध्यक्ष नितिन नबीन का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें संगठन और राष्ट्र की सेवा का एक और अवसर मिला है।
उन्होंने अपने संदेश में संगठन की सेवा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान को अपनी जिम्मेदारी बताया। उनकी पोस्ट में राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी मिलने को एक ‘deeply humbling’ अनुभव बताया गया।
उनका यह संदेश उनकी मौजूदा राजनीतिक ब्रैंडिंग को भी समझने में मदद करता है। केंद्रीय मंत्री के पद से बाहर होने और लोकसभा चुनाव में हार के बाद भी उन्होंने खुद को केवल एक पूर्व मंत्री या पूर्व सांसद के रूप में पेश नहीं किया। अब उनकी नई भूमिका फिर उन्हें संगठन के उस ढांचे में लेकर आई है जहां एक कार्यकर्ता से लेकर राष्ट्रीय स्तर के नेता तक की उनकी पूरी यात्रा एक साथ दिखाई देती है।
एक नेता से कहीं बड़ा राजनीतिक ब्रैंड: स्मृति ईरानी की कहानी इसलिए दिलचस्प है क्योंकि उनका पर्सनल ब्रैंड लगातार बदलते राजनीतिक दौर के साथ खुद को नए रूप में पेश करता रहा है। एक समय वह देश के सबसे लोकप्रिय टेलीविजन चेहरों में थीं। फिर BJP की महिला मोर्चा अध्यक्ष के रूप में संगठनात्मक पहचान बनाई। संसद में पहुंचीं, केंद्रीय मंत्री बनीं, अमेठी में राहुल गांधी को हराकर ‘जायंट किलर’ की पहचान हासिल की और 2024 में चुनाव हारने के बावजूद सार्वजनिक जीवन से गायब नहीं हुईं।
अब राष्ट्रीय महासचिव के रूप में उनकी वापसी उनकी राजनीतिक यात्रा का नया अध्याय है। BJP के लिए स्मृति ईरानी की अहमियत सिर्फ उनके पद या चुनावी रिकॉर्ड में नहीं, बल्कि उस पहचान में है जिसे उन्होंने टीवी, संगठन, संसद, सरकार और चुनावी राजनीति हर पड़ाव पर अलग-अलग स्तर पर मजबूत किया है। यही वजह है कि 2024 की चुनावी हार के बाद भी उनकी राजनीतिक उपयोगिता खत्म नहीं हुई और BJP ने उन्हें एक बार फिर राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी।
मीडिया और विज्ञापन जगत के प्रतिष्ठित अवॉर्ड e4m Media Ace Awards का 10वां संस्करण इस साल आयोजित किया जाएगा।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मीडिया और विज्ञापन जगत के प्रतिष्ठित अवॉर्ड e4m Media Ace Awards का 10वां संस्करण इस साल आयोजित किया जाएगा। इन अवॉर्ड्स का मकसद भारतीय मीडिया एजेंसियों और उनके प्रोफेशनल्स के बेहतरीन काम, रचनात्मकता और मीडिया व विज्ञापन उद्योग में उनके योगदान को पहचान देना और सम्मानित करना है।
आज मीडिया जगत तेजी से बदल रहा है। अलग-अलग माध्यमों का आपस में जुड़ाव बढ़ रहा है और कंपनियां दर्शकों व उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर रणनीतियां बना रही हैं। ऐसे में मीडिया एजेंसियों की भूमिका पहले से ज्यादा अहम हो गई है।
राजेश जेजुरिकर करेंगे जूरी की अगुवाई
इस साल अवॉर्ड्स की जूरी की अध्यक्षता महिंद्रा ग्रुप के ऑटो और फार्म सेक्टर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं सीईओ राजेश जेजुरिकर करेंगे। वहीं, BWबिजनेसवर्ल्ड और एक्सचेंज4मीडिया के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा को-जूरी चेयर की भूमिका निभाएंगे।
जूरी में मीडिया जगत की कई जानी-मानी हस्तियां, इंडस्ट्री के प्रमुख लोग और विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
भारतीय मीडिया जगत में बदलाव लाने वालों को मिलेगा सम्मान
e4m Media Ace Awards का यह संस्करण सिर्फ उपलब्धियों को सम्मानित करने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य भारतीय मीडिया जगत में वर्षों के दौरान आए बदलावों को भी सामने लाना है।
इन अवॉर्ड्स के जरिए उन प्रमुख लोगों, बदलाव लाने वालों, नए प्रयोग करने वालों और टीमों को पहचान दी जाएगी, जो अपनी रणनीतिक सोच और मार्केटिंग की समझ से विज्ञापन और मीडिया उद्योग के भविष्य को आकार दे रहे हैं।
तीन कैटेगरीज में चुने जाएंगे विजेता
इन अवॉर्ड्स के विजेताओं का चयन प्रतिष्ठित जूरी करेगी। अवॉर्ड्स को तीन प्रमुख कैटेगरीज में बांटा गया है:
अवॉर्ड्स का उद्देश्य मीडिया और विज्ञापन उद्योग में उत्कृष्ट काम, नई सोच और प्रभावशाली योगदान को पहचान देना है।
अवॉर्ड्स से जुड़ी अधिक जानकारी आधिकारिक वेबसाइट https://e4mevents.com/media-ace-2026/ पर उपलब्ध है।
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ऋषि बलेनी को रोल्स-रॉयस में वाइस प्रेसिडेंट- ग्रुप स्ट्रैटेजिक इंटेलिजेंस नियुक्त किया गया है। नई भूमिका में वह स्ट्रैटेजिक, मार्केट और प्रतिस्पर्धी इंटेलिजेंस गतिविधियों का नेतृत्व करेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
ऋषि बलेनी (Rishi Baleni) को रोल्स-रॉयस (Rolls-Royce) में वाइस प्रेसिडेंट – ग्रुप स्ट्रैटेजिक इंटेलिजेंस (Vice President – Group Strategic Intelligence) नियुक्त किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की।
ऋषि ने बताया कि पावर सिस्टम्स डिविजन में चार साल से अधिक समय तक मार्केट इंटेलिजेंस (Market Intelligence) का नेतृत्व करने के बाद वह नई जिम्मेदारी संभालने को लेकर उत्साहित हैं। नई भूमिका में वह रोल्स-रॉयस ग्रुप की स्ट्रैटेजिक इंटेलिजेंस टीम (Strategic Intelligence Team) का नेतृत्व करेंगे।
वह ग्रुप की स्ट्रैटेजिक, मार्केट और प्रतिस्पर्धी इंटेलिजेंस (Strategic, Market and Competitive Intelligence) से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे। इसके साथ ही सिविल एयरोस्पेस, डिफेंस, पावर सिस्टम्स और एसएमआर डिविजनों में लाभदायक ग्रोथ को सपोर्ट करने पर काम करेंगे।
इससे पहले ऋषि बलेनी रोल्स-रॉयस पावर सिस्टम्स एजी (Rolls-Royce Power Systems AG) में डायरेक्टर – मार्केट एंड कॉम्पिटिटिव इंटेलिजेंस (Director – Market and Competitive Intelligence) के पद पर कार्यरत थे।
टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने विराट खन्ना को वाइस प्रेसिडेंट - मार्केटिंग एंड इनोवेशन, बेवरेजेज नियुक्त किया है। वह पैकेज्ड बेवरेजेज की रणनीति और टाटा अग्नि की ग्रोथ की जिम्मेदारी संभालेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (Tata Consumer Products) ने विराट खन्ना को वाइस प्रेसिडेंट – मार्केटिंग एंड इनोवेशन, बेवरेजेज (Vice President – Marketing & Innovation, Beverages) नियुक्त किया है। नई भूमिका में खन्ना कंपनी के पैकेज्ड बेवरेजेज पोर्टफोलियो की मार्केटिंग और इनोवेशन से जुड़ी रणनीति संभालेंगे। इसके साथ ही वह टाटा अग्नि (Tata Agni) की ग्रोथ की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
विराट खन्ना ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की। उन्होंने इसे डाबर इंडिया (Dabur India) के साथ पांच साल से अधिक समय बिताने के बाद स्किनकेयर से बेवरेजेज कैटेगरी में बदलाव बताया।
टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स से जुड़ने से पहले खन्ना पांच साल से अधिक समय तक डाबर इंडिया में रहे। वह हाल में हेड ऑफ मार्केटिंग – स्किन केयर (Head of Marketing – Skin Care) के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने जून 2021 में डाबर के साथ कैटेगरी हेड – हेयर केयर, वाटिका (Category Head – Hair Care, Vatika) के तौर पर शुरुआत की थी। मार्च 2023 में उन्होंने स्किनकेयर कारोबार की जिम्मेदारी संभाली।
डाबर से पहले विराट खन्ना द मॉम्स कंपनी (The Moms Co) में हेड ऑफ मार्केटिंग (Head of Marketing) थे, जहां उन्होंने अगस्त 2020 से जून 2021 तक काम किया। इससे पहले उन्होंने फिलिप्स (Philips) में करीब तीन साल तक कैटेगरी मार्केटिंग मैनेजर – मेल ग्रूमिंग एंड इनोवेशन (Category Marketing Manager – Male Grooming & Innovation) की भूमिका निभाई।
नील्सनआईक्यू ने पुनीत शर्मा को भारत का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया है। 30 सितंबर 2026 से प्रभावी नियुक्ति में वह कारोबार संचालन, ग्रोथ, क्लाइंट पार्टनरशिप और इंटेलिजेंस क्षमताओं का नेतृत्व करेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
नील्सनआईक्यू (NielsenIQ) ने पुनीत शर्मा को भारत का प्रबंध निदेशक (Managing Director) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 30 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी। मुंबई में रहकर पुनीत शर्मा नील्सनआईक्यू इंडिया की व्यावसायिक रणनीति और कारोबार संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
उनका फोकस कंपनी की ग्रोथ तेज करने, क्लाइंट पार्टनरशिप मजबूत करने, बाजार में कंपनी की मौजूदगी बढ़ाने और भारत में कंज्यूमर, रिटेल, डिजिटल और ई-कॉमर्स इंटेलिजेंस (Consumer, Retail, Digital and E-commerce Intelligence) क्षमताओं को आगे बढ़ाने पर रहेगा।
नील्सनआईक्यू के ईईएमईए और इंडिया के रीजनल प्रेसिडेंट डेनियल चोरबाडजियन (Daniel Chorbajian) ने कहा कि पुनीत ऐसे समय में कंपनी से जुड़ रहे हैं, जब नील्सनआईक्यू और भारतीय बाजार दोनों के लिए महत्वपूर्ण अवसर मौजूद हैं। उपभोक्ताओं के व्यवहार में लगातार बदलाव हो रहा है और क्लाइंट्स रिटेल, ई-कॉमर्स, डिजिटल और कंज्यूमर इनसाइट्स (Consumer Insights) को एक साथ जोड़ने वाली इंटेलिजेंस की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत कंपनी के लिए ग्रोथ और इनोवेशन (Growth and Innovation) का बड़ा अवसर है। पुनीत के पास बाजार की गहरी समझ, व्यावसायिक विशेषज्ञता और ग्राहकों के साथ मजबूत रिश्ते बनाने का लंबा अनुभव है। उनका नेतृत्व भारत में नील्सनआईक्यू की स्थिति मजबूत करने और क्लाइंट्स के लिए अधिक मूल्य तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा।
टिल्ट ब्रांड सॉल्यूशंस ने जियामारिया फर्नांडिस को प्रेसिडेंट और हेड ऑफ डिजाइन नियुक्त किया है। नई भूमिका में वह एजेंसी के डिजाइन, क्रिएटिव दिशा और मल्टीडिसिप्लिनरी काम को आगे बढ़ाएंगी।
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टिल्ट ब्रांड सॉल्यूशंस (Tilt Brand Solutions) ने जियामारिया फर्नांडिस (Giamaria Fernandes) को प्रेसिडेंट और हेड ऑफ डिजाइन (President & Head of Design) नियुक्त किया है। नई भूमिका में वह एजेंसी के डिजाइन से जुड़े काम और क्रिएटिव दिशा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभालेंगी।
जिया का क्रिएटिव अनुभव मल्टीडिसिप्लिनरी रहा है। उन्होंने डिजाइन, डिजिटल, यूआई/यूएक्स (UI/UX), ब्रांडिंग, पैकेजिंग, एक्टिवेशन और एक्सपीरिएंस जैसे क्षेत्रों में काम किया है। वह क्रिएटिवलैंड एशिया (Creativeland Asia), डिजाइन सूत्र (Design Sutra), वायनेस वर्ल्डवाइड (Whyness Worldwide) और एफसीबी उल्का (FCB Ulka) में डिजाइन से जुड़ी भूमिकाएं निभा चुकी हैं।
उनकी पिछली सीनियर लीडरशिप भूमिका डेंट्सु वेबचटनी (Dentsu Webchutney) में नेशनल क्रिएटिव डायरेक्टर (National Creative Director) की थी।
टिल्ट ब्रांड सॉल्यूशंस के चीफ क्रिएटिव ऑफिसर आदर्श अटल (Adarsh Atal) ने कहा कि जिया मजबूत डिजाइन समझ, जिज्ञासा और अलग-अलग डिसिप्लिन व माध्यमों में काम करने की क्षमता का संयोजन लेकर आती हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्रिएटिव चुनौतियों पर काम करने के बावजूद जिया की मजबूत डिजाइन सोच लगातार बनी रही, जो टिल्ट की क्रिएटिव संस्कृति के लिए उपयुक्त है।
जियामारिया फर्नांडिस ने कहा कि वह ऐसे समय में टिल्ट से जुड़कर उत्साहित हैं, जब एजेंसी एक महत्वाकांक्षी और मल्टीडिसिप्लिनरी क्रिएटिव कल्चर तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि इस भूमिका में डिजाइन की पारंपरिक सीमाओं से आगे जाकर अलग-अलग फॉर्मेट और प्लेटफॉर्म पर ब्रांड और बिजनेस से जुड़ी चुनौतियों को हल करने की स्वतंत्रता खास है।
सिधिका बठेजा ने बाटा इंडिया में मार्केटिंग मैनेजर – जीटीएम की जिम्मेदारी संभाली है। दिसंबर 2024 में ब्रांड मैनेजर के तौर पर जुड़ने के बाद उनकी भूमिका का विस्तार हुआ है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सिधिका बठेजा (Sidhika Batheja) ने बाटा इंडिया (Bata India) में मार्केटिंग मैनेजर – जीटीएम (Marketing Manager – GTM) की जिम्मेदारी संभाली है। फुटवियर कंपनी के साथ करीब दो साल पूरे करने के बाद उनकी भूमिका का विस्तार हुआ है।
बठेजा दिसंबर 2024 में बाटा इंडिया से ब्रांड मैनेजर (Brand Manager) के तौर पर जुड़ी थीं। इस दौरान उन्होंने बाटा (Bata) और नाइन वेस्ट (Nine West) के लिए ब्रांड बिल्डिंग से जुड़ी कई पहलों पर काम किया। उनकी जिम्मेदारियों में एटीएल (ATL), बीटीएल (BTL) और डिजिटल मार्केटिंग शामिल रही। जनवरी से सितंबर 2026 के बीच उन्होंने ब्रांड एंड कॉरपोरेट पीआर मैनेजर (Brand and Corporate PR Manager) की भूमिका भी संभाली।
बाटा इंडिया से पहले बठेजा आर्टई मीडियाटेक (ArtE Mediatech) में अकाउंट मैनेजर (Account Manager) थीं। यहां उन्होंने फ्लिपकार्ट (Flipkart), टीसीएल (TCL), रेमंड (Raymond), फीवर एफएम (Fever FM) और यूनिवर्सल म्यूजिक (Universal Music) जैसे क्लाइंट्स के साथ काम किया।
इससे पहले उन्होंने ब्रैंडमूवर्स इंडिया (Brandmovers India) के साथ दो साल से अधिक समय तक काम किया। वहां वह अकाउंट मैनेजमेंट और सोशल मीडिया से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालती थीं। इस दौरान उन्होंने फास्टट्रैक (Fastrack), यूनाइटेड कलर्स ऑफ बेनेटन (United Colors of Benetton), बीबा (BIBA), एले18 (Elle18) और ऑल – द प्लस साइज स्टोर (aLL – The Plus Size Store) जैसे ब्रांड्स के लिए काम किया।
इस साल के इंडियन मार्केटिंग अवॉर्ड्स (Indian Marketing Awards) में विजेताओं को चार मुख्य कैटेगरी और 60 सब-कैटेगरी में सम्मानित किया जाएगा।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
e4m इंडियन मार्केटिंग अवॉर्ड्स एक बार फिर वापसी कर रहा है। इस साल के अवॉर्ड्स के लिए Nestle India Limited के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष तिवारी को e4m इंडियन मार्केटिंग अवॉर्ड्स 2026 का जूरी चेयर बनाया गया है। ब्रैंड निर्माण, मार्केटिंग और बिजनेस लीडरशिप के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उनकी नियुक्ति को अहम माना जा रहा है।
मनीष तिवारी की अगुवाई में जूरी इस साल की प्रमुख मार्केटिंग कैंपेन, रणनीतियों और नए प्रयोगों का मूल्यांकन करेगी। जूरी का फोकस ऐसे काम को पहचानने पर रहेगा, जिसमें रचनात्मकता, सही रणनीति, प्रभावशीलता और असर दिखाई देता हो।
तिवारी के साथ BW बिजनेसवर्ल्ड और एक्सचेंज4मीडिया के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा को को-जूरी चेयर बनाया गया है। इस साल e4m इंडियन मार्केटिंग अवॉर्ड्स का 13वां संस्करण आयोजित किया जा रहा है।
मार्केटिंग के जरिए बिजनेस ग्रोथ पर जोर
इंडियन मार्केटिंग अवॉर्ड्स ऐसे संगठनों, लोगों और टीमों को सम्मानित करता है, जिन्होंने नए और प्रभावी मार्केटिंग तरीकों के जरिए शानदार सफलता हासिल की है। इन अवॉर्ड्स के जरिए बिजनेस ग्रोथ में मार्केटिंग की अहम भूमिका को भी सामने लाया जाता है।
मार्केटिंग किसी संगठन के लिए वैल्यू तैयार करने, उसे लोगों तक पहुंचाने, उससे फायदा हासिल करने और उस वैल्यू को लंबे समय तक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इन अवॉर्ड्स में अलग-अलग इंडस्ट्री और मार्केटिंग पहलों की चुनौतियों और उनके दायरे को भी ध्यान में रखा जाता है।
4 मुख्य और 60 सब-कैटेगरी में होंगे अवॉर्ड्स
इस साल के इंडियन मार्केटिंग अवॉर्ड्स (इंडियन मार्केटिंग अवॉर्ड्स) में विजेताओं को चार मुख्य कैटेगरी और 60 सब-कैटेगरी में सम्मानित किया जाएगा। इनमें उन संगठनों, लोगों और टीमों के काम को पहचान दी जाएगी, जिन्होंने इनोवेटिव और प्रभावी मार्केटिंग रणनीतियों के जरिए बेहतर नतीजे हासिल किए हैं।
मार्केटिंग और विज्ञापन जगत के बड़े नाम होंगे शामिल
अवॉर्ड्स की भव्य शाम में मार्केटिंग और विज्ञापन जगत से जुड़े कई प्रमुख नाम एक साथ जुटेंगे। इस दौरान ऐसी कैंपेन और आइडिया को सेलिब्रेट किया जाएगा, जिन्होंने उपभोक्ताओं के साथ बेहतर जुड़ाव बनाने और मार्केटिंग की दिशा को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है।
मनीष तिवारी के जूरी चेयर और डॉ. अनुराग बत्रा के को-जूरी चेयर के तौर पर नेतृत्व में e4m इंडियन मार्केटिंग अवॉर्ड्स 2026 में उन लोगों, ब्रैंड्स और रणनीतियों को पहचान मिलने की उम्मीद है, जो भारत में मार्केटिंग के भविष्य को आकार दे रहे हैं।
क्विक होम सर्विसेज प्लेटफॉर्म स्नैबिट ने रमेश श्रीनिवासन को हेड ऑफ ग्रोथ एंड रेवेन्यू नियुक्त किया है। वह कस्टमर एक्विजिशन, रिटेंशन, ब्रांड और मोनेटाइजेशन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
क्विक होम सर्विसेज प्लेटफॉर्म स्नैबिट (Snabbit) ने रमेश श्रीनिवासन (Ramesh Srinivasan) को हेड ऑफ ग्रोथ एंड रेवेन्यू (Head of Growth and Revenue) नियुक्त किया है। नई भूमिका में वह प्लेटफॉर्म की डिमांड से जुड़ी जिम्मेदारियों का नेतृत्व करेंगे। इसमें कस्टमर एक्विजिशन, रिटेंशन, ब्रांड और मोनेटाइजेशन को एक ही नेतृत्व के तहत लाया गया है। कंपनी नए कैटेगरी और मार्केट्स में भी विस्तार कर रही है।
स्नैबिट से पहले रमेश फोनपे (PhonePe) में कार्यरत थे, जहां उन्होंने पेमेंट्स और फाइनेंशियल सर्विसेज से जुड़े ग्रोथ और मार्केटिंग पर काम किया। इससे पहले फ्लिपकार्ट (Flipkart) में उन्होंने प्राइवेट लेबल्स, लॉयल्टी और रिफर्बिश्ड कॉमर्स से जुड़े बिजनेस को विकसित करने में भूमिका निभाई। उन्होंने कोर कैटेगरी और कंपनी की प्रमुख फेस्टिव सेल्स के लिए मार्केटिंग का नेतृत्व भी किया।
स्नैबिट में रमेश का फोकस कस्टमर बेस बढ़ाने, रिपीट यूज बढ़ाने और हाउस हेल्प, होम कुक्स तथा ब्यूटी जैसी सेवाओं के लिए डिमांड तैयार करने पर रहेगा। उनकी जिम्मेदारी में ब्रांड बिल्डिंग को स्थानीय डिमांड प्लानिंग से जोड़ना भी शामिल होगा। स्नैबिट के ऑपरेटिंग मॉडल में हर नैनोमार्केट के स्तर पर घंटे-दर-घंटे डिमांड और सप्लाई का मिलान किया जाता है।
स्नैबिट के फाउंडर और सीईओ आयुष अग्रवाल (Ayush Agrawal) ने कहा कि कंपनी का बिजनेस नैनोमार्केट स्तर पर हर घंटे डिमांड और सप्लाई के मिलान पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भारत के बड़े और भरोसेमंद कंज्यूमर प्लेटफॉर्म्स को आगे बढ़ाने में रमेश का अनुभव स्नैबिट को मल्टी-कैटेगरी प्लेटफॉर्म बनाने में महत्वपूर्ण होगा।
रमेश श्रीनिवासन ने कहा कि स्नैबिट रोजमर्रा की घरेलू जरूरतों को अनौपचारिक नेटवर्क से निकालकर एक भरोसेमंद प्लेटफॉर्म पर ला रहा है। उनके मुताबिक, इस भरोसे को मजबूत करना और स्नैबिट को लोगों की रोजमर्रा की आदत बनाना कंपनी के ग्रोथ अवसर का अहम हिस्सा है।
रमेश की नियुक्ति से पहले अभिनव अंकुर (Abhinav Ankur) को चीफ बिजनेस ऑफिसर (Chief Business Officer) और प्रदीप यादव (Pradeep Yadav) को हेड ऑफ ऑपरेशंस (Head of Operations) नियुक्त किया गया था। इन नियुक्तियों के साथ स्नैबिट के बिजनेस, सप्लाई, फुलफिलमेंट और डिमांड से जुड़े नेतृत्व को मजबूत किया गया है।
जागृति किर्लोस्कर ने MICA में Head - Global Alliances & Communications की जिम्मेदारी संभाली है, जहां वह वैश्विक साझेदारियों और संस्थान की प्रमुख पहलों से जुड़ी कम्युनिकेशंस रणनीति का नेतृत्व करेंगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
जागृति किर्लोस्कर (Jagruti Kirloskar) की एमआईसीए (MICA | The School of Ideas) में वापसी हुई है। उन्होंने संस्थान में Head - Global Alliances & Communications की नई जिम्मेदारी संभाली है। इस भूमिका में वह MICA की ग्लोबल अलायंस और कम्युनिकेशंस (Global Alliances & Communications) का नेतृत्व करेंगी।
उनका फोकस अंतरराष्ट्रीय पार्टनरशिप (International Partnerships) को मजबूत करने और संस्थान की प्रमुख पहलों से जुड़ी कम्युनिकेशंस को आगे बढ़ाने पर रहेगा। नई भूमिका की घोषणा करते हुए किर्लोस्कर ने लिंक्डइन (LinkedIn) पर लिखा, “Same School of Ideas, new chapter. Back at MICA as Head - Global Alliances & Communications.”
किर्लोस्कर MICA की पूर्व छात्रा हैं और अब नई क्षमता में संस्थान में लौटी हैं। उनकी जिम्मेदारी में ग्लोबल पार्टनरशिप को मजबूत करने के साथ-साथ प्रमुख संस्थागत पहलों के लिए कम्युनिकेशंस तैयार करना शामिल होगा। इस नियुक्ति के साथ उनका कम्युनिकेशंस और अलायंस से जुड़ा प्रोफेशनल अनुभव MICA के काम में जुड़ गया है।
इस साझेदारी के तहत क्रिएटिव, मीडिया, परफॉर्मेंस मार्केटिंग, CRM, डिजिटल, रिप्यूटेशन और टेक्नोलॉजी से जुड़ी क्षमताओं को एक साथ लाया जाएगा।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
जानी-मानी कंपनी रेमंड लाइफस्टाइल लिमिटेड (Raymond Lifestyle Limited) ने Publicis Groupe India को अपना इंटीग्रेटेड मार्केटिंग पार्टनर नियुक्त किया है। इस साझेदारी के तहत क्रिएटिव, मीडिया, परफॉर्मेंस मार्केटिंग, CRM, डिजिटल, रिप्यूटेशन और टेक्नोलॉजी से जुड़ी क्षमताओं को एक साथ लाया जाएगा।
इस काम के लिए Publicis Groupe India की ओर से एक कस्टमाइज्ड ‘Team One Thread’ तैयार की गई है। इसमें Saatchi & Saatchi India, Zenith India, Performics और ग्रुप की अन्य कंपनियां शामिल होंगी। Raymond Lifestyle के पोर्टफोलियो में ColorPlus, Park Avenue, Parx और Ethnix by Raymond जैसे ब्रैंड शामिल हैं।
Raymond Lifestyle Limited के सीईओ सत्यकी घोष ने कहा कि कंपनी ऐसे पार्टनर की तलाश में थी, जो उसके ब्रैंड्स और बिजनेस को लेकर उसी जुनून के साथ काम करे। उन्होंने बताया कि सही क्षमताओं की पहचान के लिए मार्केटिंग टीम के नेतृत्व में दो महीने तक पूरी प्रक्रिया चली। उनके मुताबिक, कंपनी के विकास के अगले चरण में यह साझेदारी स्पष्टता, तेजी और प्रभाव के साथ आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Raymond Lifestyle Limited की चीफ मार्केटिंग ऑफिसर कल्पना सिंह ने कहा कि आज की दुनिया ओम्नीचैनल है और ग्राहकों की पसंद व प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं। आधुनिक ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए मार्केटिंग में बेहतर तालमेल, तेजी और फैसलों के लिए AI को अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने मार्केटिंग के सभी चैनलों में तकनीकी क्षमता को ध्यान में रखते हुए अपने पार्टनर का मूल्यांकन किया।
कल्पना सिंह ने कहा कि ये चैनल उन माध्यमों की तरह हैं, जिनके जरिए ब्रैंड अपनी कहानी लोगों तक पहुंचाते हैं। कंपनी ऐसे पार्टनर की तलाश में थी, जो अलग-अलग टचपॉइंट्स पर उसकी ब्रैंड नैरेटिव को एकजुट, स्पष्ट और अलग पहचान के साथ पेश करने में सक्षम हो। उन्होंने इस बदलाव के दौरान Raymond Lifestyle Limited की ग्रोथ में योगदान देने वाले सभी मौजूदा पार्टनर्स का भी आभार जताया।
Raymond Lifestyle के लिए तैयार की गई यह कस्टमाइज्ड ‘Team One Thread’ पारितोष श्रीवास्तव और जय लाला के नेतृत्व में काम करेगी। पारितोष श्रीवास्तव Saatchi & Saatchi और BBH India के सीईओ हैं, जबकि जय लाला Zenith India के सीईओ हैं।