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महामारी के दौर ने हमें तमाम नई चीजों का कराया अहसास: निखिल अरोड़ा
‘IBLF’ के गुरुग्राम चैप्टर में ‘GoDaddy’ के वाइस प्रेजिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर (इंडिया) निखिल अरोड़ा ने अपनी किताब ‘The Subtle Shifts of Radical Change’ पर चर्चा की।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान ‘BW बिजनेस वर्ल्ड’ द्वारा ‘इंडिया बिजनेस लिटरेचर फेस्टिवल’ (IBLF) के तहत 11 जनवरी 2023 को गुरुग्राम चैप्टर का आयोजन किया गया। गुरुग्राम के ‘द लीला’ (The Leela) होटल में 11 जनवरी की सुबह नौ बजे से विभिन्न सत्रों में आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश के शीर्ष लेखक, शिक्षाविद, विद्वान और प्रकाशक शामिल हुए और अपने विचार रखे।
ऐसे ही एक सत्र में ‘गोडैडी’ (GoDaddy) के वाइस प्रेजिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर (इंडिया) निखिल अरोड़ा ने अपनी किताब ‘The Subtle Shifts of Radical Change’ पर चर्चा की। अपनी इस किताब में उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान हुए प्रमुख बदलावों के बारे में बताया है।
कार्यक्रम में निखिल अरोड़ा का कहना था कि महामारी के दौरान तमाम लोग खुद को एक जैसी स्थिति में ही पा रहे थे। ऐसे में लोगों के व्यवहार से लेकर तमाम चीजों में किस तरह का बदलाव आया, यह किताब इस बारे में बताती है। अरोड़ा ने उल्लेख किया कि महामारी ने हमें दुनिया के साथ एक समुदाय होने के महत्व का अहसास कराया।
भविष्य में काम करने के तरीकों के बारे में निखिल अरोड़ा का कहना था कि महामारी के दौरान घर से काम करना सुविधाजनक और प्रासंगिक था, लेकिन भविष्य में हाइब्रिड मोड अपनाने की आवश्यकता होगी।
काम पर लौटने के लिए वर्कर्स की अनिच्छा के संदर्भ में निखिल अरोड़ा का मानना था कि तमाम बिजनेस अपनी एचआर पॉलिसियों को अपडेट करें और एंप्लॉयीज के लिए टीम बिल्डिंग को बढ़ावा दें। इसके साथ ही वर्कर्स के लिए मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक माहौल तैयार करें।
आज के दौर में एक लीडर की नई भूमिका को परिभाषित करते हुए, उन्होंने कहा कि अब एक लीडर को विश्वास बहाली के साथ सहानुभूति रखने की आवश्यकता है और उसे एंप्लॉयीज को कंपनी के अनुरूप लाने में सक्षम होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि GDP में ‘G’ दर्शाता है कि एक लीडर को सरकार और सार्वजनिक नीति से डील करने के लिए प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है, क्योंकि महामारी दिखाती है कि हर चीज में सरकार की अनिवार्य रूप से महत्वपूर्ण भूमिका है। इसमें ‘D’ डी-ग्लोबलाइजेशन को दर्शाता है जो वैश्विक मंदी के दौर में भारतीय अर्थव्यवस्था के लचीलेपन का सबूत है, जो घरेलू खपत से प्रेरित थी और ‘P’ उस उद्देश्य को दर्शाता है, जिसे लीडर को पूरे संगठन में सुनिश्चित करने की आवश्यकता होती है। इसमें सामुदायिक-निर्माण का पहलू भी शामिल है।
एक कंपनी के लिए उत्तराधिकार योजना में आमूल-चूल परिवर्तन की व्याख्या करते हुए, अरोड़ा ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एक नेता कितना कुशल और मुस्तैद है, उसकी सोचने-समझने की क्षमता और स्पष्टता के साथ उसकी सहजता कितनी है।
बता दें कि तीन संस्करणों की शानदार सफलता के बाद यह इस कार्यक्रम का चौथा संस्करण है, जो 21 शहरों में आयोजित किया जाना है, जिसमें दिल्ली और गुरुग्राम चैप्टर के बाद अब 21 जनवरी को मुंबई चैप्टर का आयोजन किए जाएगा।
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