समीक्षा: आज के हिंदी अखबारों के फ्रंट पेज की 'कहानी'

सीबीआई के छापे, घर खरीदार और क्रिकेट को सभी में प्रमुखता से लगाया गया है

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Wednesday, 10 July, 2019
Last Modified:
Wednesday, 10 July, 2019
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दिल्ली के अखबारों का आज का फ्रंट पेज खबरों के लिहाज से लगभग समान है। सीबीआई के छापे, घर खरीदार और क्रिकेट को सभी में प्रमुखता से लगाया गया है। हिन्दुस्तान, अमर उजाला और दैनिक जागरण में जहां सीबीआई की कार्रवाई को लीड रखा गया है, वहीं नवभारत टाइम्स की सोच थोड़ी जुदा रही। अखबार ने घर खरीदारों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लीड का दर्जा दिया है। एक साथ 100 से ज्यादा जगहों पर सीबीआई के छापे निसंदेह बड़ी खबर है, लेकिन आम आदमी के लिहाज से सुप्रीम कोर्ट का आदेश ज्यादा मायने रखता है और इसलिए अपनी ‘जुदा’ सोच के लिए नवभारत टाइम्स की टीम बधाई की पात्र है।

अखबार ने सेमीफाइनल में बारिश के खलल पर जो शीर्षक लगाया है, वो भी कमाल है। ‘फाइनल की रेस में बारिश का ब्रेक, बाकी मैच आज’ अपने आप में सबकुछ बयां कर देता है। इसके अलावा, भाईचारे को दर्शाती हौज काजी की न्यूज को ऊपर बॉक्स में जगह देकर उसके साथ न्याय किया गया है। ऐसी खबरों को प्राथमिकता मिलनी ही चाहिए। फ्रंट पेज पर ज्यादा विज्ञापन होने के बावजूद संपादकीय टीम ने छोटी-छोटी ही सही, लेकिन महत्वपूर्ण खबरों को फ्रंट पेज पर रखने का प्रयास किया है।

हिन्दुस्तान के फ्रंट पेज पर भी काफी विज्ञापन हैं। टॉप में क्रिकेट के बजाय हौजकाजी की खबर को रखा गया है, जो कि एक अच्छा फैसला है। वैसे दो कॉलम बॉक्स में सेमीफाइनल की न्यूज लगाकर संपादकीय टीम ने खेलप्रेमियों को भी निराश नहीं किया है। लीड यहां सीबीआई है, लेकिन फ्रंट पेज पर घर खरीदारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश वाले समाचार को जगह नहीं मिलना चौंकाता है। इसमें कोई दोराय नहीं कि विज्ञापनों की वजह से जगह सीमित थी, लेकिन ऐसी कई खबरें हैं, जिनमें से किसी के स्थान पर इस न्यूज को लगाया जा सकता था, क्योंकि यह बड़े पैमाने पर लोगों से जुड़ाव रखती है। हां, हिन्दुस्तान में एक खबर अच्छी है, जो शायद नवभारत टाइम्स से छूट गयी। ‘सुसाइड नोट छोड़कर लापता हुई कोमल बेंगलुरु में जिंदा मिली’, यह स्थानीय महत्व की खबर है और इसे प्रथम पृष्ठ पर लगाना अच्छा निर्णय है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सांसदों से पदयात्रा के लिए कहने से जुड़े समाचार को भी उपयुक्त जगह दी गई है।

अमर उजाला का आज का फ्रंट पेज भी काफी खिला-खिला नजर आ रहा है। क्रिकेट के समाचार को टॉप में बेहद खूबसूरती के साथ पेश किया गया है। शीर्षक ‘मुट्ठी में थी जीत, बाकी हिसाब आज करेगा भारत’ ने इसकी खूबसूरती को और भी निखार दिया है। लीड भले ही सीबीआई छापे ही हैं, लेकिन घर खरीदारों वाली न्यूज को भी उतनी ही प्राथमिकता दी गई है। संपादकीय टीम के मनपसंद डॉटेड बॉक्स में इस खबर को ऊपर क्रिकेट के पास से तीन कॉलम में लगाया गया है। कोमल वाली खबर भी फ्रंट पेज पर है, इसके अलावा हिमांशु मिश्र की बाईलाइन स्टोरी में भी अच्छी जानकारी है। स्टोरी के अनुसार भाजपा ने संघ से 12 तेजतर्रार प्रचारक मांगे हैं। एंकर की जगह कर्नाटक की कलह को मिली है, इस खबर पर सियासत में रुचि रखने वालों की नजर है।

दैनिक जागरण ने भी फ्रंट पेज पर कम विज्ञापन होने का पूरा फायदा उठाया है। हालांकि, कोमल वाली खबर के मामले में संपादकीय टीम से चूक हो गई है। लीड सीबीआई है और क्रिकेट को इसके पास से दो कॉलम में नीचे उतारा गया है। दोनों ही खबरों की प्रस्तुति खास आकर्षक नहीं है, उन्हें पारंपरिक ढंग से ही लगाया गया है। घर खरीदारों वाले समाचार को भले ही लीड के नीचे रखा गया है, लेकिन उसके साथ अन्याय नहीं हुआ है। नरेश गोयल से 18 हजार करोड़ जमा कराने वाली खबर जागरण के अलावा किसी दूसरे अखबार के प्रथम पृष्ठ पर नहीं है। कर्नाटक की कलह से जुड़ा अपडेट भी पाठकों के लिए फ्रंट पेज पर है, जबकि एंकर में जागरण ने एक और अच्छी खबर लगाई है। जयप्रकाश रंजन की बाईलाइन में बताया गया है कि जल्द ही सुबह और शाम को बिजली के दाम अलग-अलग होंगे। ये समाचार आम लोगों से जुड़ाव रखता है और इसके पाठक भी काफी ज्यादा होंगे। आज दैनिक जागरण के फ्रंट पेज पर दो अच्छी खबरें हैं, जिनसे बाकी अखबार चूक गए।

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आज इन बड़ी खबरों को फ्रंट पेज पर रखा हिंदी अखबारों ने

विज्ञापनों की अधिकता के कारण भी पहले पेज पर लगने से रह गईं कई बड़ी खबरें

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Thursday, 25 July, 2019
Last Modified:
Thursday, 25 July, 2019
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विज्ञापनों की ‘बारिश’ से आज भी दिल्ली के प्रमुख अखबारों भीगे रहे। आज हिंदी के प्रमुख अखबारों के फ्रंट पेज पर खबरों की बात सबसे पहले दैनिक जागरण से करते हैं। दैनिक जागरण में आज पहली पन्ना विज्ञापन से पूरा भरा हुआ है, इसलिए तीन नंबर पन्ने को फ्रंट पेज बनाया गया है। दैनिक जागरण ने फ्रंट पेज पर आम्रपाली विवाद में धोनी की कंपनी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख और ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी मामले को मिलाकर टॉप बॉक्स बनाया है। ये दोनों ही खबरें महत्वपूर्ण हैं और इन्हें उसी के अनुरूप जगह दी गई है। हालांकि, दैनिक जागरण का लीड का चुनाव कुछ अटपटा लगता है। इमरान खान के कबूलनामे को अखबार ने यूएपीए विधेयक और कच्ची कॉलोनियों से ज्यादा तवज्जो दी है। एयरटेल और वोडाफोन पर जुर्माने को भी काफी बड़ा लगाया गया है। नीचे चार कॉलम में मध्य प्रदेश में सियासी हलचल का समाचार है और एंकर में तीन तलाक बिल पर संसद में आज होने वाली चर्चा से जुड़ी खबर है। इस लिहाज से देखा जाए तो जागरण से यूएपीए विधेयक और कच्ची कॉलोनियों के मामले में चूक हो गई है।

हिन्दुस्तान ने विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण संशोधन विधेयक (यूएपीए) को लीड बनाया है। ‘आतंकवाद पर कड़े प्रयास का बिल पास’ शीर्षक तले लगी इस खबर के पास चार कॉलम में ‘कच्ची कॉलोनियों’ को जगह मिली है। इसके नीचे भीड़ की हिंसा पर पीएम को लिखे पत्र और इमरान खान का पाकिस्तान में 40 हजार आतंकियों के कबूलनामे का समाचार है। दोनों खबरों को दो-दो कॉलम में रखा गया है। इसके अलावा फ्रंट पेज पर कश्मीर पर मध्यस्थता को लेकर राजनाथ सिंह का बयान, तीन तलाक बिल, गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने के साथ-साथ मध्य प्रदेश में दो भाजपा विधायकों के टूटने की खबर भी है।   

दैनिक जागरण की तरह अमर उजाला में भी पहले पन्ने पर फुूल पेज विज्ञापन है। इसलिए यहां भी तीसरा पन्ना ही फ्रंट पेज बनाया गया है। खबरों के मामले में अमर उजाला ने हिन्दुस्तान की तरह यूएपीए विधेयक को लीड लगाया है और दोनों शीर्षक भी लगभग एक जैसे ही हैं। इसके बगल में आम्रपाली विवाद को लेकर बढ़ी धोनी की टेंशन को डॉटेड बॉक्स में लगाया गया है। नवभारत और हिन्दुस्तान इस खबर को फ्रंट पेज पर रखने से चूक गए हैं। अमर उजाला ने टॉप बॉक्स में इमरान खान के कबूलनामे को रखा है। इसके अलावा पशु काटने को लेकर हाई कोर्ट के फैसले और मॉब लिंचिंग (भीड़ की हिंसा) पर प्रधानमंत्री को लिखे पत्र का समाचार भी है। साथ ही ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में अवैध निर्माण को लेकर 30 बिल्डरों को जेल भेजने की तैयारी से जुड़ी महत्वपूर्ण न्यूज भी फ्रंट पेज पर है। ‘न्यूज डायरी’ में भी तीन अहम समाचारों को रखा गया है। मसलन, एयरटेल और वोडाफोन पर जुर्माने को मंजूरी, बाल यौन उत्पीड़न में मृत्युदंड का रास्ता साफ़ और अवैध कॉलोनी।

नवोदय टाइम्स की बात करें तो इसने भी हिन्दुस्तान और अमर उजाला की तरह यूएपीए विधेयक को लीड बनाया है, जबकि टॉप में कच्ची कॉलोनियों से संबंधित स्थानीय महत्व के समाचार को जगह मिली है। इसके अलावा पेज पर पीएम को लिखे पत्र और इमरान खान का कबूलनामा भी है। मध्य प्रदेश की सियासी हलचल को खूबसूरत शीर्षक ‘नाथ ने तोड़े भाजपा के दो कमल’ के साथ दो कॉलम में लगाया गया है। अखबार ने भारतवंशी प्रीति पटेल के ब्रिटेन के गृहमंत्री बनने के समाचार को फ्रंट पेज पर लगाकर अच्छा किया है। बाकी अख़बारों के प्रथम पृष्ठ पर यह खबर नहीं है, लेकिन आम्रपाली विवाद की फोलोअप स्टोरी नवोदय टाइम्स के फ्रंट पेज पर जगह नहीं बना पाई है। फ्रंट पेज पर न तो धोनी और न ही शाहबेरी से जुड़ा समाचार है, जो दिल्ली-एनसीआर के लिए महत्पपूर्ण है।

नवभारत टाइम्स के फ्रंट पेज पर छोटी-बड़ी कुल चार खबरें ही लग सकी हैं। अखबार ने लीड स्थानीय महत्व की खबर ‘कच्ची कॉलोनियों’ को बनाया है और टॉप बॉक्स में भी स्थानीय अपराध समाचार को जगह मिली है। दिल्ली के लिहाज से यह दोनों ही खबरें महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा सिंगल कॉलम में भी दो लोकल न्यूज लगाई गई हैं। पहली, मुखर्जी नगर कांड में दो पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी और दूसरी मानसून से जुड़ी है। यहां आपको बता दें कि अखबार में पहले और दूसरे पेज पर हाफ-हाफ पेज विज्ञापन है। ऐसे में यहां सिर्फ खबरों वाला पार्ट ही दिखाई दे रहा है। विज्ञापन वाला हिस्सा दिखाई नहीं दे रहा है।  

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किन बड़ी खबरों के नाम रहा आज के अखबारों का फ्रंट पेज, पढ़ें यहां

आज भी कई अखबारों ने जैकेट विज्ञापन के कारण तीसरे पन्ने को बनाया है फ्रंट पेज

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Wednesday, 24 July, 2019
Last Modified:
Wednesday, 24 July, 2019
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आम्रपाली बिल्डर के ‘सताए’ लोगों के लिए कल का दिन काफी अहम था, इसलिए यह खबर आज लगभग सभी अखबारों के फ्रंट पेज पर प्रमुखता से लगी है। नवभारत टाइम्स, हिन्दुस्तान और नवोदय टाइम्स ने इसे लीड का दर्जा दिया है, जबकि अमर उजाला और दैनिक जागरण ने इसे टॉप पर बॉक्स में रखा है।

हिन्दुस्तान ने छह कॉलम में आम्रपाली को लीड लगाया है, जिसका शीर्षक ‘आम्रपाली के सताए लोग घर पाएंगे’ एकदम सटीक है। इसके पास ही दो कॉलम में ट्रंप के झूठ पर भारत की प्रतिक्रिया को रखा गया है और नीचे कच्ची कॉलोनियों को जगह मिली है। कई दिनों के बाद हिन्दुस्तान के फ्रंट पेज पर कोई विज्ञापन नहीं है, जिसका संपादकीय टीम ने पूरा लाभ उठाया है। हालांकि, अखबार में जैकेट विज्ञापन जरूर है, जिसकी वजह से तीसरे पेज को प्रथम पृष्ठ बनाया गया है। नेताओं की सुरक्षा घटेगी, इस खबर को हिन्दुस्तान ने कर्नाटक के नाटक के समापन से ज्यादा तवज्जो दी है, जबकि कर्नाटक को निःसंदेह प्रमुखता से लगाया जाना चाहिए था। यह खबर पेज पर एंकर के ठीक ऊपर तीन कॉलम में है। ब्रिजेश सिंह की बाईलाइन ‘बसों में महिला यात्रियों को 10 रुपए की सब्सिडी मिलेगी’ स्थानीय महत्व की स्टोरी है। इसके अलावा एंकर में सौरभ सिंह ने भी जनता से जुड़ी स्टोरी दी है। इसके मुताबिक रिटर्न में फर्जी जानकारी देने पर 200 फीसदी जुर्माना लगेगा।

अमर उजाला ने कर्नाटक के आखिरी नाटक को लीड लगाया है, जिसकी प्रस्तुति काफी आकर्षक है। फ्रंट पेज पर खास बात यह है कि टाइप्ड हो चुका डॉटेड बॉक्स आज नजर नहीं आ रहा है. इसके बजाय रंगीन बॉर्डर वाले बॉक्स में आम्रपाली की खबर को खूबसूरती से सजाया गया है। हालांकि, शीर्षक उतना आकर्षक नहीं है। दो लाइन की इस हेडलाइन में सभी बातों को समेटने का प्रयास किया गया है। प्रथम पेज पर तीसरी और अंतिम बड़ी खबर ट्रंप के झूठ पर घमासान है, इसके अलावा किसी चौथी खबर की गुंजाइश नहीं है, क्योंकि आधे पेज से ज्यादा विज्ञापन है। नवभारत और हिन्दुस्तान की तरह अमर उजाला ने भी आयकर रिटर्न भरने की मियाद 31 अगस्त तक बढ़ाये जाने की जानकारी को फ्रंट पेज पर रखा है।

दैनिक जागरण ने कर्नाटक की सियासी घमासान को लीड लगाया है, लेकिन टॉप बॉक्स में आम्रपाली पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला है। हालांकि, खबर की हेडलाइन बेहद साधारण है और उसका पॉइंट साइज भी जगह के हिसाब से छोटा रखा गया है। एक तरह से यह बॉक्स पूरा सपाट नजर आ रहा है। पेज पर तीसरी और अंतिम बड़ी खबर ट्रंप के झूठ पर मचा बवाल है। अमर उजाला की तरह जागरण में भी आधे पेज से ज्यादा विज्ञापन है, इसलिए ज्यादा खबरों की कोई गुंजाइश नहीं है। जागरण ने सिंगल या संक्षिप्त में भी आयकर रिटर्न वाले समाचार को तवज्जो नहीं दी है, जबकि उसे कहीं न कहीं लगाया जा सकता था।

नवोदय टाइम्स के फ्रंट पेज पर भी लीड आम्रपाली है। इसके बाद कर्नाटक की रार है और उसके बगल में ही लीड जितने पॉइंट साइज और स्पेस में ट्रंप के झूठ पर मचे बवाल को रखा गया है। अखबार ने एक तरह से यह दर्शाने का प्रयास किया है कि उसके लिए आम्रपाली और ट्रंप विवाद दोनों ही समान महत्व के समाचार हैं। यह सोच अच्छी है, लेकिन यदि किसी एक खबर को थोड़ा अलग तरह से पेश किया जाता तो ज्यादा बेहतर होता। हालांकि, ट्रंप वाली खबर का शीर्षक ‘गप्पी ट्रंप के बयान पर संग्राम’ मजेदार है। इसके अलावा जैकेट विज्ञापन होने की वजह से अखबार ने दूसरे पेज को ट्रंप विवाद के नाम किया है और उसकी हेडलाइन ‘झूठा कहीं का’ भी बेहद आकर्षक है। ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री को नवोदय टाइम्स ने कुछ ज्यादा ही बड़ी जगह दे दी है, इसके अलावा नेताओं की सुरक्षा में कटौती, आयकर रिटर्न और सिख दंगे में जमानत को भी फ्रंट पेज पर रखा गया है। एंकर में लापरवाही से हुई बच्चे की मौत का समाचार है।

नवभारत टाइम्स के फ्रंट पेज पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के झूठ को ऊपर सात कॉलम बॉक्स रंगीन में लगाया गया है। इस बॉक्स में दो वैल्यू एडिशन भी हैं, जिनमें पहला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वायरल फोटो, जिसमें वह बच्चे को खिलाते नजर आ रहे हैं और दूसरा ब्रिटेन के नए पीएम का चयन। इसके नीचे डीप तीन कॉलम में लीड है, जिसका शीर्षक ‘आम्रपाली की चाबी मिलेगी’ एक ही नज़र में सबकुछ बयां कर देता है। लीड की लम्बाई के हिसाब से इस बार शीर्षक को दो लाइनों में ही रखा गया है, जिससे लीड ज्यादा आकर्षक लग रही है। बड़े नेताओं की सुरक्षा में कमी का समाचार सिंगल में है। खास बात यह है कि इसकी हेडलाइन में ही यह स्पष्ट कर दिया है कि इससे भाजपा नेता सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। कर्नाटक के नाटक के अंत को अखबार ने तीन कॉलम में जगह दी है, और शीर्षक के मामले में यहां भी कमाल किया गया है। एंकर में स्थानीय महत्व की कच्ची कॉलोनियों से जुड़ी खबर है।

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अखबारों के फ्रंट पेज पर आज इन खास खबरों ने बनाई अपनी जगह

अंतरिक्ष में भारत की एक और ऐतिहासिक छलांग को अखबारों ने खास अंदाज में पेश किया है, कई अखबारों ने तैयार किए हैं जैकेट पेज

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Tuesday, 23 July, 2019
Last Modified:
Tuesday, 23 July, 2019
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अंतरिक्ष में भारत की एक और ऐतिहासिक छलांग को अखबारों ने खास अंदाज में पेश किया है। अमर उजाला ने जहां इसके लिए जैकेट तैयार की है, वहीं हिन्दुस्तान ने भी दो फ्रंट पेज लगाये हैं। अमर उजाला तो पहले दिन से ही इस खबर को प्राथमिकता देता आ रहा है। नवभारत टाइम्स और दैनिक जागरण की प्रस्तुति भी तारीफ के काबिल है। सबसे अच्छी बात यह है कि आज जागरण की लीड हेडलाइन आकर्षक लग रही है, संपादकीय टीम ने सीधे-सपाट शीर्षक के बजाय कलात्मकता पर जोर दिया है।

अमर उजाला ने चंद्रयान 2 के लिए बेहद आकर्षक जैकेट तैयार की है। चांद और चंद्रयान की तस्वीरों से डिजाइन किया गया पेज देखते ही बनता है। ‘अब भारत की मुट्ठी में होगा चांद’ शीर्षक तले लगी इस खबर में पाठकों के मन में उठने वाली हर जिज्ञासा को शांत किया गया है। तीसरे पन्ने से शुरू हुए फ्रंट पेज पर टॉप बॉक्स में ‘आपा खोती दिल्ली’ यानी स्थानीय अपराध समाचार को रखा गया है। इसके पास ही चिरपरिचित डॉटेड बॉक्स में कर्नाटक के नाटक का अपडेट है। पेज पर जवान की शहादत के साथ ही मोस्टवांटेड बुरहान की गिरफ्तारी की खबर भी है। लीड हिन्दुस्तान की तरह कश्मीर को लगाया गया है और एंकर में उत्तर प्रदेश से जुड़े दो बड़े समाचार हैं। पहला, सोनभद्र पर सीएम का बयान कि मुख्य हत्यारा सपा का कार्यकर्ता और दूसरी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव से छिनेगी जेड प्लस सुरक्षा। इसके अलावा ‘न्यूज डायरी’ में भी चार महत्वपूर्ण खबरें हैं।

हिन्दुस्तान ने जैकेट विज्ञापन के चलते अपने फ्रंट पेज को चंद्रयान के नाम किया है और पेज 5 को मेन फ्रंट पेज बनाया है। चंद्रयान की प्रस्तुति अच्छी है, लेकिन शीर्षक ‘गर्व: चंद्रयान 2 चला चांद छूने’ ज्यादा आकर्षक नहीं है। ग्राफिक्स के जरिये इस ऐतिहासिक उपलब्धि से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात और वैज्ञानिकों के कठिन परिश्रम को पाठकों के समक्ष रखा गया है। फ्रंट पेज पर लीड कश्मीर वाली खबर है और उसके बगल में कर्नाटक का नाटक। जिस तरह से अमर उजाला डॉटेड बॉक्स को लेकर टाइप्ड हो गया है, उसी तरह हिन्दुस्तान भी पिछले कुछ दिनों से विज्ञापन के ऊपर बेहद छोटे-छोटे दो बॉक्स लगाता आ रहा है। एक ही जैसी प्रस्तुति बार-बार देखकर ऐसा लगता है जैसे डिजायनर या संपादकीय टीम के पास इसके अलावा कोई आइडिया है ही नहीं। फ्रंट पेज पर हेमवती नंदन राजौरा की बाईलाइन स्टोरी में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया गया है कि एम्स में इस साल एक भी गरीब छात्र को दाखिला नहीं मिला। इसके नीचे सीमा पर जवान की शहादत और सूचना आयुक्तों के भत्ते से जुड़ा समाचार है। एंकर में मानसून की राहत देती खबर है। खबर के मुताबिक दिल्ली में सामान्य से 10 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। जिस स्थानीय अपराध समाचार को नवभारत ने एंकर में जगह दी है, उसे हिन्दुस्तान ने सिंगल में निपटा दिया है।

दैनिक जागरण का फ्रंट पेज आज काफी दिनों के बाद अच्छा लग रहा है। हालांकि, कम खबरों में पेज भरने की आदत बरकरार है। लीड चंद्रयान है। आधे पेज की इस खबर को आकर्षक तरह से प्रस्तुत किया गया है। खास बात यह है कि आज दैनिक जागरण की टीम ने शीर्षक को कलात्मक बनाने का सफल प्रयास किया है। खबर की हेडलाइन है ‘चांद चले हम’, यहां चांद की बिंदी के लिए चंद्रमा का इस्तेमाल किया गया है। इसके बाद एक बहुत बड़े बॉक्स में कश्मीर वाली खबर है। जिसे बड़े आराम से छोटा करके दो-तीन अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को जगह दी जा सकती थी। एंकर में अगले साल शुरू होने वाले संभावित सूरज मिशन की तैयारी से जुड़ी खबर है। जागरण टीम यदि चाहती तो इस न्यूज को लीड के साथ बॉक्स रखकर एंकर में किसी दूसरी खबर को लगाया जा सकता था। दिल्ली का गुस्सा दर्शाते अपराध समाचारों को जागरण ने फ्रंट पेज पर नहीं रखा है, जबकि स्थानीय लिहाज से वह बेहद जरूरी थीं। नवभारत और अमर उजाला ने जहां इन समाचारों को बड़ा स्थान दिया है, वहीं हिन्दुस्तान ने सिंगल लगाया है, लेकिन जागरण ने तो सिंगल में भी उन्हें लगाना मुनासिब नहीं समझा।

नवभारत टाइम्स ने बहुत लंबे बॉक्स में लीड को उतारा है। ब्लैक बैकग्राउंड वाले बॉक्स में सफेद और लाल रंग के कॉम्बिनेशन और चंद्रयान एवं अंतरिक्ष के ग्राफिक्स ने इसे और भी आकर्षक बना दिया है। लीड का शीर्षक ‘चंदा मामा दूर नहीं’ भी बहुत जबरदस्त है। पेज पर दूसरी बड़ी खबर अमेरिका राष्ट्रपति और पाक पीएम इमरान खान के बीच कश्मीर पर हुई बातचीत है। इसके नीचे कच्ची कॉलोनियों से जुड़ी स्थानीय महत्व की खबर को हल्के नीले बॉक्स में रखा गया है। इसके बाद कर्नाटक की सियासत का समाचार है। पेज पर दो रोचक सिंगल खबरें भी हैं। मसलन, यूपी के सपा विधायक की मुसलमानों से अपील कि भाजपा समर्थकों की दुकानों पर न जाएं और सरकार को अपनी डिजिटल करेंसी लाने का सुझाव। एंकर में स्थानीय अपराध समाचार हैं, जिन्हें काफी अच्छी तरह से प्रस्तुत किया गया है। ये खबरें छोटी-छोटी बातों को लेकर लोगों में बढ़ते गुस्से से जुड़ी हैं।

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इन खबरों के नाम रहा आज के अखबारों का फ्रंट पेज

लगभग सभी अखबारों ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के अंतिम संस्कार से जुड़ी खबर को पहले पेज पर जगह दी है

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Monday, 22 July, 2019
Last Modified:
Monday, 22 July, 2019
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राजधानी दिल्ली के प्रमुख अखबारों ने अमेरिका में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की फजीहत की खबर को प्रमुखता से उठाया है। नवभारत टाइम्स और दैनिक जागरण ने जहां उसे लीड लगाया है, वहीं अमर उजाला और हिन्दुस्तान ने अन्य खबरों को लीड का दर्जा दिया है। वहीं, लगभग सभी अखबारों ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के अंतिम संस्कार से जुड़ी खबर को पहले पेज पर जगह दी है।

सबसे पहले बात करते हैं हिन्दुस्तान की। इस अखबार ने हेमंत श्रीवास्तव की बाईलाइन खबर को लीड लगाया है। ‘यूपी-बिहार वालों की आय कम, कर ज्यादा’ शीर्षक तले लगी यह स्टोरी इनकम और टैक्स के अनुपात पर केंद्रित है। इस तरह की जानकारीपरक और रोचक एक्सक्लूसिव खबरों को लीड लगाना हमेशा से अच्छा रहा है। पेज पर दूसरी प्रमुख खबर है दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस की दिग्गज नेता रहीं शीला दीक्षित की। बड़ी फोटो के साथ इस समाचार को लगाया गया है। नवभारत टाइम्स के इतर हिन्दुस्तान ने वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम इंडिया के चयन को सिंगल कॉलम में निपटा दिया है। वैसे इस न्यूज को बड़ा भी लगाया जा सकता था, क्योंकि क्रिकेट से जुड़े समाचार अपेक्षाकृत ज्यादा पढ़े जाते हैं। स्थानीय महत्व की ‘यमुना किनारे एलिवेटेड रोड की मंजूरी’ और झारखंड में हिंसा की खबर को दो-दो कॉलम में रखा गया है। हिन्दुस्तान ने फ्रंट पेज पर पिछले दिनों की तुलना में कम विज्ञापनों का पूरा फायदा उठाते हुए अपने पाठकों के समक्ष बहुत सारी खबरें परोसी हैं। कर्नाटक के नाटक को तीन कॉलम जगह मिली है। इसके नीचे सोनभद्र को बड़ी जगह में लगाया गया है और एंकर में चंद्रयान है।

अमर उजाला को देखें तो इस अखबार ने आकर्षक शीर्षक ‘चांद को छूने आज दोपहर 2:43 बजे उड़ान भरेंगे देश के सपने’ के साथ चंद्रयान को लीड लगाया है। लीड की प्रस्तुति भी काफी आकर्षक है, इसमें मिशन से जुड़ी छोटी-बड़ी हर जानकारी दी गई है। इसके बाद शीला दीक्षित के अंतिम संस्कार का फोटो और नीचे दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष मांगेराम के निधन का समाचार है। लीड के नीचे झारखण्ड में जादू-टोने के शक में चार लोगों की हत्या की न्यूज है, इसके साथ ही ‘न्यूज डायरी’ में टीम इंडिया के चयन सहित अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को संक्षिप्त रूप में लगाया गया है। फ्रंट पेज पर विज्ञापनों के चलते केवल तीन ही बड़ी खबरों को जगह मिल सकी है।

दैनिक जागरण की बात करें तो अखबार के फ्रंट पेज पर आज काफी विज्ञापन है, लेकिन इतना भी नहीं कि संपादकीय टीम महज तीन बड़ी खबरें लगाकर काम खत्म कर ले। पिछले कुछ दिनों से यही देखने में आ रहा है कि ज्यादा विज्ञापन की स्थिति में दो या तीन बड़े समाचारों से पेज भर दिया जाता है, जबकि ऐसे मौकों पर खबरों को छोटा-छोटा करके ज्यादा से ज्यादा न्यूज रखने का प्रयास किया जाता है। जागरण ने अमेरिका में इमरान की फजीहत को लीड लगाया है, जिसकी प्रस्तुति आज भी कुछ खास है। बड़ी जगह में लगाई गई लीड में कलर का कोई इस्तेमाल नहीं है, सिवाय फोटो के। इस वजह से लीड बिलकुल भी आकर्षक नहीं लग रही है। इसके नीचे शीला दीक्षित का समाचार है और एंकर में सरकार की छोटे शहरों में मेट्रोलाइट ट्रेनें चलाने की योजना का जिक्र।

वहीं, नवभारत का पहला पेज आज विज्ञापन से पूरा भरा हुआ है। इसलिए इसके तीसरे पन्ने को फ्रंट पेज बनाया गया है। अखबार ने फ्रंट पेज पर रंगीन बॉक्स में शीला दीक्षित के अंतिम संस्कार के समाचार को रखा है। अखबार ने इस खबर के शीर्षक में लिखा है, ‘अपने अंतिम सफर में भी दिल्ली को राह दिखा गईं शीला, सीएनजी से किया गया दाह-संस्कार’। इसी बॉक्स में कुछ अन्य राजनीतिक हस्तियों के निधन का समाचार भी है। इसके बगल में डीप तीन कॉलम में लीड है। लीड के नीचे सिंगल में चंद्रयान 2 और दो कॉलम में 4 युवाओं को आतंक के आरोप से मुक्त करने संबंधी समाचार है। अखबार ने वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम इंडिया की घोषणा को भी बड़ी जगह दी है। डीप तीन कॉलम में तीन लाइन की हेडलाइन के साथ इसे लगाया गया है। एंकर में एक खबर देने के बजाय आज दो बड़े और दो सिंगल समाचारों को रखा गया है। इनमें महेंद्र सिंह धोनी की स्पेशल फ़ोर्स ट्रेनिंग के साथ-साथ 29 करोड़ रुपए के बिजली के बिल की रोचक खबर है।

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फ्रंट पेज पर खबरों को लेकर कैसी रही अखबारों की स्ट्रैटेजी, पढ़ें यहां

जैकेट विज्ञापन के कारण लगभग सभी प्रमुख अखबारों ने तीसरे पन्ने को बनाया है अपना फ्रंट पेज

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Saturday, 20 July, 2019
Last Modified:
Saturday, 20 July, 2019
Newspapers

मानसून के मौसम में भले ही आधा देश सूखा हो, लेकिन राजधानी दिल्ली के प्रमुख अखबारों पर विज्ञापनों की ‘बरसात’ जारी है। नवभारत टाइम्स, हिन्दुस्तान, अमर उजाला और दैनिक जागरण में आज भी जैकेट विज्ञापन है, जिसकी वजह से तीसरे पन्ने को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड के मामले में आज जहां नवभारत और हिन्दुस्तान ने एक ही खबर को चुना है, वहीं अमर उजाला और दैनिक जागरण ने अलग राह पकड़ी है।

नवभारत टाइम्स की बात करें तो अखबार ने कल दिन भर चले कर्नाटक के सियासी नाटक को लीड का दर्जा दिया है। इस खबर पर देशभर की नजरें हैं, क्योंकि इसके परिणाम मध्य प्रदेश जैसे दूसरे राज्यों में भी देखने को मिल सकते हैं। वैसे भी कल इस मामले में उस वक्त रोमांचक मोड़ आ गया था, जब गवर्नर के आदेश को स्पीकर टालते रहे। नवभारत ने इसी बात को शीर्षक में उठाया है। अखबार ने लिखा है, ‘डेडलाइन देते रहे गवर्नर और टाइम दे गए स्पीकर।’ इसके बाद एक्सीडेंट के स्थानीय समाचार को दूसरी बड़ी खबर के रूप में लगाया गया है। ब्लैक बैकग्राउंड में ‘मर्सिडीज चला रहे लड़के ने तोड़ा सिग्नल, एसपीजी कमांडो की मौत’ शीर्षक के साथ इस न्यूज को रखा गया है। इसके नीचे प्रियंका गांधी को सोनभद्र जाने से रोकने की खबर है। लीड के ठीक नीचे एक बड़े हिस्से में डेढ़-डेढ़ कॉलम की चार महत्वपूर्ण खबरों को लगाया गया है। मसलन, बिहार में भीड़ ने चार को मौत के घाट उतारा और टोल टैक्स पर नई नीति। यदि यहां दो कॉलम और एक सिंगल कॉलम न्यूज लगाते तो पेज इतना आकर्षक नहीं लग पाता। एंकर में क्रिकेट से जुड़ी एक दिलचस्प खबर है और टीम इंडिया के वर्ल्ड कप सेमीफाइनल से बाहर होने के बाद उठ रहे सवालों के बीच यह खबर ज्यादा पढ़ी जाएगी। इसी में लखनऊ में खिलाड़ियों को हुई असुविधा का एक बॉक्स है।

हिन्दुस्तान ने भी कर्नाटक को लीड रखा है और इस बार हेडलाइन भी काफी रोचक है। कर्नाटक में काफी दिनों से सियासी नाटक चल रहा है, इसी को आधार बनाते हुए अखबार ने लिखा है, ‘कर्नाटक में अभूतपूर्व नाटक।’ इसके बाद दूसरी बड़ी खबर प्रियंका गांधी की है। फोटो के साथ लगाई गई इस न्यूज को टॉप पर रखा गया है। फ्रंट पेज पर दिल्ली में बढ़ रही गर्मी का अहसास भी होता है, सिंगल कॉलम में पारे में छह डिग्री बढ़ोत्तरी का समाचार है। अरविंद सिंह की बाईलाइन स्टोरी को भी तीन कॉलम जगह मिली है। यह स्टोरी काफी पढ़ी जाने वाली है, क्योंकि इसमें बताया गया है कि इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को टोल टैक्स और पार्किंग शुल्क नहीं देना होगा। जेसिका लाल और प्रियदर्शनी मट्टू के हत्यारों के रिहा नहीं होने संबंधी जिस खबर को नवभारत टाइम्स ने प्रथम पृष्ठ पर संक्षिप्त में रखा है, उसे हिन्दुस्तान ने पूरे चार कॉलम में लगाया है जो कि अच्छा फैसला है। बिहार हिंसा, बाबरी, अवैध प्रवासी से जुड़ी खबरों को दो-दो कॉलम जगह मिली है।

अमर उजाला ने सोनभद्र जाने पर अड़ीं प्रियंका गांधी को लीड लगाया है और इसी बॉक्स में गोलीकांड पर योगी आदित्यनाथ का बयान भी है। दूसरी बड़ी खबर कर्नाटक का ‘नाटक’ है। इसके बाद नीचे ‘रईसजादे ने कैब को मारी टक्कर, पीएम के सुरक्षाकर्मी की मौत’ शीर्षक के साथ स्थानीय समाचार को लगाया गया है। इसके अलावा, बाबरी विध्वंस मामले सहित 600 करोड़ की हेरोइन जब्त संबंधी समाचार भी फ्रंट पेज पर है। एंकर में इंसान के चांद पर पहुंचने के 50 साल पूरे होने को लेकर रोचक स्टोरी है। इसके साथ ही ‘न्यूज डायरी’ में भी तीन महत्वपूर्ण खबरों को रखा गया है।

दैनिक जागरण ने उस समाचार को लीड लगाया है,  जिसे हिन्दुस्तान के फ्रंट पेज पर सबसे नीचे जगह मिली है। यानी अवैध प्रवासी। सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सरकार ने कहा है कि देश में अवैध प्रवासियों के लिए कोई स्थान नहीं है। अखबार ने इस खबर को काफी बड़ी जगह दी है। इसके ठीक बाद कर्नाटक की न्यूज है, लेकिन इसकी प्रस्तुति बेहद नीरस है। सिंगल हेडलाइन के साथ डीप तीन कॉलम में उतारी गई इस खबर को देखकर ऐसा लग रहा है कि जैसे धड़ बड़ा और सिर छोटा हो। इसके बाद नीचे सड़क दुर्घटना और बिहार में हिंसा के समाचार हैं। दोनों को ही उपयुक्त जगह मिली है। साथ ही तीन कॉलम में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले ‘नौकरियों में महिलाओं को 20 प्रतिशत आरक्षण’ को लगाया गया है। कल की तरह ही आज भी एंकर स्टोरी अपेक्षाकृत काफी बड़ी है। हालांकि, अल्पसंख्यक दर्जे से जुड़ी यह खबर पढ़ने लायक जरूर है।

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फ्रंट पेज पर अखबारों ने किस खबर को दी तवज्जो, पढ़िए यहां

कहीं जैकेट विज्ञापन है तो कहीं फ्रंट पेज पर कुछ ही खबरों की गुंजाइश है

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Friday, 19 July, 2019
Last Modified:
Friday, 19 July, 2019
Newspapers

दिल्ली के प्रमुख अखबारों में आज भी काफी विज्ञापन है। कहीं जैकेट विज्ञापन है तो कहीं फ्रंट पेज पर कुछ ही खबरों की गुंजाइश है। सबसे पहले दैनिक जागरण की बात करें तो अखबार का पहला पन्ना विज्ञापन से पूरा भरा हुआ है। ऐसे में अखबार के तीसरे पन्ने को फ्रंट पेज बनाया गया है। दैनिक जागरण में सात कॉलम का टॉप बॉक्स ‘जागरण फिल्म फेस्टिवल’ के नाम है। लीड मायावती के भाई से जुड़ी खबर बनाई गई है और उसके पास ही जाधव की खबर है। ‘कुलभूषण जाधव’ से जुड़े अपडेट को पाठकों तक पहुंचाने में जागरण ने कोई कंजूसी नहीं दिखाई है। इसके बाद नीचे काफी बड़े स्पेस में कर्नाटक के नाटक को रखा गया है, निसंदेह यह बड़ा मामला है, लेकिन इसे छोटा करके एक-दो अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को लगाया जा सकता था। एक तरह से देखें तो फ्रंट पेज पर केवल तीन ही बड़ी खबरें हैं, क्योंकि टॉप बॉक्स तो जागरण की फिल्म फेस्टिवल से जुड़ी अपनी खबर के नाम है। इतना अच्छा काम जरूर किया गया है कि अंदर के पन्नों की अहम ख़बरों को संक्षिप्त रूप में प्रथम पृष्ठ पर जगह मिली है।

अमर उजाला को देखें तो इसमें भी पहले पन्ने पर फुल पेज विज्ञापन होने के चलते तीसरे पन्ने को फ्रंट पेज बनाया गया है। अमर उजाला का ये पेज आज काफी अच्छा लग रहा है। अखबार ने कुलभूषण जाधव मामले में हुए अपडेट को लीड लगाया है। इसका शीर्षक भी भारतीय कोशिशों के अनुरूप है। लीड के पैकेज में ही हाफिज सईद की खबर भी है। अमर उजाला ने जाधव के समाचार के साथ न्याय किया है, इसकी अहमियत को समझते हुए पुन: लीड बनाने का फैसला अच्छा है। पेज पर दूसरी प्रमुख खबर दिल्ली की कच्ची कॉलोनियां हैं और इसकी हेडलाइन हिन्दुस्तान के मुकाबले ज्यादा स्पष्ट है। हिन्दुस्तान ने जहां इस मसले पर केंद्र सरकार के राजी होने संबंधी मुख्यमंत्री केजरीवाल के बयान को उठाया है, वहीं अमर उजाला ने इस बात को बताया है कि कितनी कॉलोनियां वैध होंगी और कितने लोगों को इसका फायदा मिलेगा। इसके नीचे अयोध्या विवाद से जुड़ा समाचार है। कर्नाटक के नाटक को भी बड़ी जगह मिली है और एंकर में मायावती के भाई और आजम खान की खबर रखी गई हैं। एंकर की दोनों ही खबरें पढ़ने लायक हैं। चर्चित रोहित शेखर हत्याकांड को भी फ्रंट पेज पर रखा गया है। इसके अलावा चंद्रयान को रंगीन सिंगल में जगह दी गई है। इससे समाचार का महत्व भी बना रहा और उसे ज्यादा जगह भी नहीं देनी पड़ी। ‘न्यूज़ डायरी’ में भी तीन महत्वपूर्ण सिंगल खबरें हैं।

दैनिक जागरण और अमर उजाला की तरह हिन्दुस्तान में भी आज पहले पेज पर फुल पेज विज्ञापन है, इसलिए यहां भी तीसरे पन्ने को फ्रंट पेज बनाया गया है। ‘माया के भाई की बेनामी संपत्ति जब्त’ शीर्षक के साथ इस न्यूज को लीड लगाया गया है। इसके ठीक बगल में कर्नाटक के सियासी हलचल की खबर है और नीचे दो कॉलम में अयोध्या विवाद से जुड़ा समाचार है। दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों से संबंधित समाचार को फ्रंट पेज पर रखना समझदारी भरा फैसला है, क्योंकि यह सीधे तौर पर लाखों लोगों से जुड़ाव रखता है। नवभारत टाइम्स से इस मामले में चूक हो गई है। हिन्दुस्तान ने जाधव को सिंगल कॉलम में लगाया है, जबकि कल की लीड को आज कम से कम थोड़ा बड़ा लगाया जा सकता था, वैसे भी यह मामला अभी खत्म नहीं हुआ है। चंद्रयान2 का प्रक्षेपण 22 जुलाई को होगा, यदि इस खबर को सिंगल और जाधव को डीसी (दो कॉलम) में रखा जाता, तो अपेक्षाकृत ज्यादा बेहतर रहता। आईएमएम में दो साल की पीएचडी को मान्य नहीं मानने के सरकार के फैसले को भी फ्रंट पेज पर लगाया गया है।

वहीं, नवभारत टाइम्स ने आज भी हेडलाइन में कमाल किया है। अखबार ने कर्नाटक के सियासी नाटक को लीड लगाया है। कर्नाटक में एक तरफ जहां सत्तापक्ष शक्ति परिक्षण में देरी के लिए हरसंभव प्रयास करता आ रहा है, वहीं भाजपा जल्दी में है। कुछ पार्टी विधायकों ने कल सदन में ही रात गुजारी। नवभारत टाइम्स की संपादकीय टीम ने इन्हीं दोनों बातों को जोड़ते हुए शीर्षक ‘कर्नाटक में टाइम पास बनाम नाइट शो पर टिका विश्वास’ लगाया है। हालांकि, लीड का स्थान और स्टाइल लगभग कल जैसा ही है। मायावती के भाई की खबर को ऊपर उपयुक्त जगह मिली है, इसके नीचे जाधव की खबर दो कॉलम और अयोध्या विवाद को सिंगल कॉलम में रखा गया है। इसके अलावा स्थानीय अपराध समाचार के साथ ही चंद्रयान-2 और इशरत जहां से जुड़ी न्यूज भी प्रथम पृष्ठ पर है।

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समीक्षा: कैसा रहा अखबारों के फ्रंट पेज का हाल, जानें यहां

ज्यादा विज्ञापन के कारण कई महत्वपूर्ण खबरों को फ्रंट पेज पर नहीं मिल पाई है जगह

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Tuesday, 16 July, 2019
Last Modified:
Tuesday, 16 July, 2019
Newspaper Review

दिल्ली से प्रकाशित होने वाले चार प्रमुख अखबारों के फ्रंट पेज पर आज भी काफी विज्ञापन है, इसलिए पाठकों को कई महत्वपूर्ण खबरों के लिए अंदर के पन्नों का रुख करना होगा। हालांकि, कुछ समाचारपत्रों ने इसके बावजूद ज्यादा से ज्यादा खबरों को प्रथम पृष्ठ पर जगह देने का प्रयास किया है।

‘हिन्दुस्तान’ ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को और ताकतवर बनाने वाले संशोधित विधयेक को लीड बनाया है और इसी में मोटर यान अधिनियम में संशोधन की तैयारी को भी जगह मिली है। इसके अंतर्गत ओवरस्पीडिंग पर 2000 रुपए तक जुर्माना लग सकता है। ये खासतौर पर आम आदमी से जुड़ाव वाली खबर है। दिल्ली में मानसून की दस्तक को ‘हिन्दुस्तान’ ने फोटो और आंकड़ों के साथ पेश किया है। अखबार ने साक्षी-अजितेश से मारपीट को अच्छा स्थान दिया है, जबकि चंद्रयान पर कल हुई चूक की भरपाई करने का प्रयास आज किया गया है। ये समाचार सेकेंड हाफ में दो कॉलम में है। इसी के बगल में ‘इंजीनियरिंग के आधे छात्रों को प्लेसमेंट नहीं’ खबर है। एंकर में राजू वर्मा की पढ़ने योग्य स्टोरी है। ताज्जुब की बात है कि अखबार ने फ्रंट पेज पर सबसे बड़े बहस के मुद्दे यानी क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल विवाद को जगह नहीं दी है।

वहीं, ‘नवभारत टाइम्स’ ने टॉप बॉक्स में दिल्ली में मानसून की दस्तक की खुशी को फोटो के साथ बयां किया है, जबकि इसी बॉक्स में हिमाचल प्रदेश के सोलन में रेस्तरां ढहने से हुए हादसे को भी रखा गया है। अखबार ने कल चंद्रयान से जुड़ी खबर छूटने की भरपाई करते हुए आज इसे लीड लगाया है। लीड की प्रस्तुति और शीर्षक ‘चंद्रयान पर लगा ग्रहण जल्द हट जाएगा’ आकर्षक है। इसके ठीक नीचे चार अहम खबरों को छोटा-छोटा करके रखा गया है। इनमें दो स्थानीय और दो राष्ट्रीय स्तर की खबरें-जैसे कि संसद में ओवैसी और अमित शाह के बीच बहस और साक्षी-अजितेश से कोर्ट में धक्कामुक्की हैं। क्रिकेट वर्ल्ड कप समाप्त जरूर हो गया है, लेकिन फाइनल के रिजल्ट ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। इसे ध्यान में रखते हुए एंकर में संजीव कुमार की स्टोरी है, जिसमें उन्होंने बताया है कि मैच में किस फैसले के चलते सब कुछ बदल गया।

‘अमर उजाला’ की बात करें तो अखबार का एक ही जगह पर एक जैसे डॉटेड बॉक्स का प्रेम अभी खत्म नहीं हुआ है। आज उस बॉक्स में सोलन में हुए हादसे को रखा गया है। लीड ‘हिन्दुस्तान’ की तरह एनआईए पर संशोधन विधेयक ही है। मानसून की दस्तक को छोटी फोटो और न्यूज के साथ रखा गया है। चंद्रयान पर अखबार ने कल सबसे बढ़िया प्रस्तुति दी थी, इसलिए आज उसे डेढ़ कॉलम में जगह मिली है। ‘अमर उजाला’ ने भी क्रिकेट से आज नाता तोड़ लिया। फ्रंट पेज पर क्रिकेट प्रेमियों के लिए कुछ नहीं है। वैसे कुछ अन्य जरूरी और पढ़ने योग्य समाचार अवश्य प्रथम पृष्ठ पर हैं। ‘काम की खबरें’ में एक राष्ट्र, एक कार्ड और डीएल-आधार लिंक के बारे में अच्छी जानकारी है। इसके अलावा ‘चार साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए हेलमेट ज़रूरी’ समाचार को भी बड़ा स्थान दिया गया है, ये सभी समाचार आम आदमी से जुड़ाव रखते हैं और इसलिए इन्हें सबसे ज्यादा पढ़ा जाएगा। ‘न्यूज डायरी’ यानी संक्षिप्त बॉक्स में भी जानकारीपरक खबरें लगाई गई हैं।

इसके अलावा ‘दैनिक जागरण’ ने आज दो बड़ी खबरों में ही फ्रंट पेज तैयार कर दिया है। लीड भले ही संसद से जुड़ी है, लेकिन कोलेजियम प्रणाली को लेकर सांसदों की मांग को प्रमुख रूप से उठाया गया है। पेज पर दूसरी और आखिरी बड़ी खबर राकेश कुमार सिंह की बाईलाइन है। जिसमें उन्होंने खुद को आईएएस बताकर ठगी करने वाले दो आरोपियों के चेहरे बेनकाब किये हैं। ये स्टोरी निसंदेह पढ़ने योग्य है, वैसे भी क्राइम के समाचारों को अपेक्षाकृत ज्यादा पढ़ा जाता है। इन दो समाचारों के अलावा कुछ छोटी-छोटी खबरों को लगाया गया है, लेकिन क्रिकेट यहां भी नदारद है। इसमें कोई दोराय नहीं है कि जागरण के फ्रंट पेज पर काफी विज्ञापन है, लेकिन महज दो बड़ी खबरों में पेज समाप्त करना थोड़ा अजीब है।

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NBT-हिन्दुस्तान से छूटी ये खबर, अमर उजाला-दैनिक जागरण का रहा पलड़ा भारी

क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल मैच को लगभग सभी अखबारों ने दी है प्रमुखता

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Monday, 15 July, 2019
Last Modified:
Monday, 15 July, 2019
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क्रिकेट वर्ल्ड कप का फाइनल इतना रोमांचक होगा, किसी ने सोचा नहीं था। यही वजह है कि दिल्ली के लगभग सभी अखबारों ने अपने फ्रंट पेज पर इस खबर को प्रमुखता से लगाया है। ये बात अलग है कि इस मामले में नवभारत टाइम्स ने फिर एक बार सबको पीछे छोड़ दिया। अखबार ने इस खबर को लीड बनाया है और इसका शीर्षक पूरे मैच की कहानी को बखूबी बयां कर रहा है।

जिन्होंने फाइनल मुकाबला देखा है, वो समझते हैं कि न्यूजीलैंड यह मैच हारा नहीं, बल्कि इंग्लैंड जीत गया। इसी बात को नवभारत ने हेडलाइन में उठाया है। लीड का शीर्षक है ‘कीवी हारे नहीं, फिर भी किंग बना इंग्लैंड।’ इसके अलावा करतारपुर पर पाकिस्तान के रुख, सिद्धू के इस्तीफे को भी फ्रंट पेज पर रखा गया है। साथ ही कुछ स्थानीय समाचारों को भी जगह मिली है। जैकेट विज्ञापन होने के चलते सेकंड पेज पर चंद्रयान की खबर पर एक अच्छा पैकेज बना है। पर देर रात चंद्रयान 2 के प्रक्षेपण के रद्द होने की खबर अखबार कैरी नहीं कर पाया है।  वैसे आज अखबार का तीसरा पन्ना फ्रंट पेज है। 

हिन्दुस्तान में भी विज्ञापनों की भरमार रही है। अखबार ने क्रिकेट को बड़ी जगह दी है, लेकिन लीड नहीं लगाया। लीड हिन्दुस्तान की एक्सक्लूसिव स्टोरी है, जिसके अनुसार सरकार गरीब सवर्णों को उम्र में छूट देने की तैयारी में है। नवभारत टाइम्स की तरह यहां भी चंद्रयान 2 के प्रक्षेपण में आई रुकावट का समाचार नहीं है। वर्ल्ड कप के फाइनल में पहली बार इतना उतार-चढ़ाव देखने को मिला, सबकुछ उम्मीदों के विपरीत रहा। इस लिहाज से खबर का शीर्षक दमदार नहीं है। ‘इंग्लैंड पहली बार बादशाह’ वो रोमांच पैदा नहीं करता, जो मैच देखने वालों को मिला होगा। ऐसे खास मौकों पर शीर्षक भी खास होना चाहिए। नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे की खबर के साथ ही पेज पर दो अन्य सिंगल खबरें हैं।

वहीं, अमर उजाला ने बेहद खूबसूरती के साथ चंद्रयान 2 के प्रक्षेपण में आई रुकावट को लीड का दर्जा दिया है। इसरो के इस अभियान से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी को खबर में रखा गया है। दूसरी बड़ी खबर क्रिकेट है। इसके अलावा विंबलडन के इतिहास के सबसे लंबे फाइनल को भी फ्रंट पेज पर जगह मिली है। शेष प्रमुख खबरों को स्थान की कमी के चलते अंदर के पन्नों पर रखा गया है, लेकिन उनके शीर्षक फ्रंट पेज पर हैं। इस तरह से उन्हें भी प्रथम पृष्ठ पर उपस्थिति मिल गई है।

आज के दैनिक जागरण के दिल्ली एडिशन में भी बाकी अखबारों की तरह विज्ञापन की भरमार है। टॉप बॉक्स पर क्रिकेट की खबर है, जिसके शीर्षक को अपेक्षाकृत हिन्दुस्तान के शीर्षक से बेहतर कहा जा सकता है। चंद्रयान की खबर भी फ्रंट पेज पर है, इस मामले में केवल अमर उजाला और जागरण ही आगे रहे हैं। लीड करतारपुर कॉरिडोर पर पाकिस्तान के रुख को बनाया गया है। इसके अलावा पेज पर कोई और बड़ी न्यूज नहीं है। एक तरह से देखें तो महज तीन समाचारों में ही प्रथम पृष्ठ ख़त्म हो गया है। यदि करतारपुर को थोड़ा छोटा करके एक-दो अन्य महत्वपूर्ण खबरों को जगह मिलती तो शायद ज्यादा अच्छा रहता।

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आज किस अखबार का फ्रंट पेज रहा ‘दमदार’, पढ़ें यहां

कुछ को छोड़कर दिल्ली के लगभग सभी प्रमुख अखबारों के फ्रंट पेज पर काफी विज्ञापन है

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Friday, 12 July, 2019
Last Modified:
Friday, 12 July, 2019
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आज अमर उजाला को छोड़कर दिल्ली के लगभग सभी प्रमुख अखबारों के फ्रंट पेज पर काफी विज्ञापन है। नवभारत टाइम्स की बात करें तो कर्नाटक के सियासी नाटक को लीड लगाया गया है। पिछले कुछ दिनों से यह खबर लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। इसके साथ ही एक डीप रंगीन बॉक्स में क्रिकेट को जगह दी गई है। पत्रकार संजीव कुमार ने अपनी इस स्टोरी में सचिन तेंदुलकर और सुनील गावस्कर के हवाले से वो सवाल उठाया है, जिसका जवाब जानने को पूरा देश उत्सुक है। यानी ‘नंबर 7 पर धोनी को भेजने का फैसला आखिर किसका था?’ सेमीफाइनल में मिली शिकस्त के बाद से ही क्रिकेटप्रेमियों के जहन में यह सवाल उठ रहा था।

अखबार ने अयोध्या मसले से जुड़ी खबर को भले ही छोटा लगाया है, लेकिन उसे प्राथमिकता दी गई है। इसके नीचे एक स्थानीय और एक लखनऊ के समाचार को रखा गया है, दोनों ही खबरें पढ़ी जाने वाली हैं। घर खरीदारों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त और सीबीआई छापे को भी फ्रंट पेज पर स्थान मिला है। ‘फ़ास्ट न्यूज़’ बॉक्स में भी तीन महत्वपूर्ण समाचार हैं। इसके साथ ही इंग्लैंड के वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचने की खबर भी पाठकों को दी गई है।

हिन्दुस्तान ने अयोध्या मसले को लीड लगाया है। इस खबर को आकर्षक तरह से पेश किया गया है, जिसकी अपेक्षा हिन्दुस्तान से की जाती है। मानसून से जुडे एक अच्छे समाचार को आंकड़ों के साथ दो कॉलम में उतारा है, क्रिकेट के बाद मानसून ही सबसे पढ़ी जाने वाली खबर है। कर्नाटक और सीबीआई छापे के साथ ही हिन्दुस्तान ने भोपाल में मासूम से दुष्कर्म के दोषी को मिली फांसी की सजा को भी फ्रंट पेज पर लगाया है, जो कि एक अच्छा फैसला है। यह खबर राष्ट्रीय स्तर का महत्व रखती है, क्योंकि बच्चों के साथ होने वाले अपराधों में लगातार तेजी आ रही है।

प्रभात कुमार की एक्सक्लूसिव स्टोरी ‘सरकारी जमीन पर बने सभी अस्पतालों में गरीबों को मुफ्त इलाज’ शानदार है। इसके अलावा सिंगल कॉलम में भी महत्वपूर्ण खबरों को जगह दी गई है। जैसे कि इंग्लैंड का वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचना और घर खरीदारों पर सुप्रीम कोर्ट का रुख। ये कहना गलत नहीं होगा कि सीमित जगह होने के बावजूद संपादकीय टीम ने लगभग सभी अहम् समाचारों को प्रथम पृष्ठ पर रखा है।

अमर उजाला का फ्रंट पेज देखने में आकर्षक लग रहा है, लेकिन एक ही जगह, एक जैसे बॉक्स का मोह अब खटकने लगा है। समझना मुश्किल है कि लेआउट में परिवर्तन से इतना परहेज क्यों किया जा रहा है। अमर उजाला उन अखबारों में शुमार है जो प्रजेंटेशन को भी खबर जितना महत्व देता है, मगर पिछले कुछ दिनों से उसने एक ही राह पकड़ ली है। घर खरीदारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के रुख को यहां लीड बनाया गया है, जबकि अयोध्या मसले को उसके नज़दीक डॉटेड बॉक्स में जगह मिली है।

कर्नाटक की सियासी हलचल के साथ सीबीआई छापे के समाचार के साथ न्याय हुआ है। इसके अलावा आम लोगों से जुड़ाव वाले हाई कोर्ट के फैसले को भी प्रथम पृष्ठ पर रखा गया है। फैसले के मुताबिक, फीस न भरने पर प्राइवेट स्कूल टीसी नहीं रोक सकते, निसंदेह इस खबर को सबसे ज्यादा पढ़ा गया होगा। एंकर में क्रिकेट से जुड़ी पढ़ने योग्य खबर है। आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या में पूर्व सांसद को उम्रकैद, इस समाचार को भी फ्रंट पेज पर रखा गया है।

दैनिक जागरण का फ्रंट पेज कल जितना ही नीरस है। जागरण आज भी पारंपरिक तरीके से पेज लगाने में विश्वास रखता है। खबरों का दमदार होना बेहद जरूरी है, लेकिन उतना ही ज़रूरी उनकी दमदार प्रस्तुति भी है। लीड अयोध्या है और क्रिकेट एवं कर्नाटक की कलह को क्रमश: डीप सिंगल और डबल कॉलम में रखा गया है। आज के समय में पूरी खबर पढ़ने वालों की संख्या पहले जितनी नहीं है, लोग केवल प्रमुख बातों पर नजर डालकर पन्ना पलट देते हैं। लिहाजा ये ज़रूरी हो जाता है कि ख़बरों को ब्रेक करके, महत्वपूर्ण बातों को अलग से पेश किया जाए।

सीबीआई छापे के साथ ही जागरण के फ्रंट पेज पर एक ऐसी खबर भी है, जिसके बारे में जानना लोगों को पसंद आएगा। इस खबर के अनुसार, किरायेदार और मकान मालिक के झगड़े 60 दिनों में ही निपट जाएंगे। इसके अलावा कर्नाटक और गोवा में मचे सियासी घमासान को लेकर प्रशांत मिश्र की त्वरित टिप्पणी भी पढ़ने लायक है। इसमें उन्होंने बताया है कि कैसे इस स्थिति के लिए राहुल गांधी जिम्मेदार हैं।

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आज कैसा रहा अखबारों का फ्रंट पेज, जानें यहां

क्रिकेट के साथ ही कर्नाटक का सियासी संकट और सीबीआई छापे की खबरों को दिया गया है प्रमुख स्थान

नीरज नैयर by नीरज नैयर
Published - Thursday, 11 July, 2019
Last Modified:
Thursday, 11 July, 2019
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टीम कोहली ने भले ही वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में निराश किया हो, लेकिन धावक दुती चंद ने 100 मीटर दौड़ में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया है। इस दुःख एवं खुशी के संगम को सबसे अच्छी तरह से यदि किसी अखबार ने पेश किया है तो वह नवभारत टाइम्स है।

आज का नवभारत टाइम्स का फ्रंट पेज सबसे जुदा है। संपादकीय टीम ने विज्ञापन की भरमार होते हुए भी ऐसा पेज बनाया है, जो सब पर भारी है। सबसे खास बात यह है कि हार और जीत को बेहद खूबसूरत अंदाज में एकसाथ पिरोकर पाठकों के सामने रखा गया है, इससे पता चलता है कि नवभारत टाइम्स क्रिएटिविटी को कितना महत्व देता है। फ्रंट पेज के टॉप पर दुती चंद की खबर है। इसका शीर्षक है ‘देश ने पहली बार पार की यह लाइन’, साथ ही तस्वीर में दुती को फिनिशिंग लाइन पार करते हुए भी दिखाया गया है।

इसके नीचे क्रिकेट का दुःख है, जिसे शीर्षक ‘और यह लाइन पार हो जाती तो शायद’ के साथ दौड़ की खुशी से जोड़ा गया है। इस खबर में धोनी की रन आउट होते हुए फोटो है। इसके अलावा अखबार में 4 आईएएस अधिकारियों के घर सीबीआई छापे और भाजपा विधायक का तमंचे के साथ डांस वाले समाचार को भी प्रमुखता से लगाया गया है। एक तरह से चार खबरों में ही नवभारत टाइम्स का फ्रंट पेज समाप्त हो गया है।

हिन्दुस्तान के फ्रंट पेज पर भी काफी विज्ञापन है, लेकिन नवभारत जितना नहीं। इसलिए यहां पाठकों के लिए अपेक्षाकृत ज्यादा खबरें हैं। लीड आज भी सीबीआई छापे है और टॉप में ही क्रिकेट को शीर्षक ‘...और धरी की धरी रह गईं उम्मीदें’ के साथ लगाया गया है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि संपादकीय टीम ने दुती चंद की खबर को फ्रंट पेज के लायक नहीं समझा। तमाम ऐसी ख़बरें हैं, जिनके स्थान पर इस न्यूज को लगाया जा सकता था, लेकिन टीम उसके महत्व को समझने में चूक गई। कर्नाटक के बाद गोवा कांग्रेस में हुए इस्तीफे और बच्चों के यौन शोषण पर फांसी की सजा वाले समाचारों को वाजिब स्थान मिला है। नीचे लगाये गए तीन छोटे-छोटे सिंगल समाचार भी महत्वपूर्ण हैं। फ्रंट पेज देखने में भी संतुलित नजर आ रहा है।

अमर उजाला का फ्रंट पेज एक तरह से टाइप्ड हो गया है। लगभग एक ही स्थान पर एक जैसा बॉक्स देख-देखकर पाठक भी उकता गए होंगे, लेकिन संपादकीय टीम को उसमें कुछ भी अटपटा नहीं लगता। लीड सीबीआई छापे हैं और उसे अच्छी तरह से पेश किया गया है। इसके बगल में डॉटेड बॉक्स में क्रिकेट की खबर है, लेकिन दुती चंद की उपलब्धि को आंकने में यहां भी गलती हुई है। इस न्यूज को अमर उजाला ने भी फ्रंट पेज पर नहीं रखा है। कर्नाटक और गोवा के सियासी घमासान को पूरे पांच कॉलम जगह मिली है। इसके अलावा बच्चों के यौन शोषण, अयोध्या मसले पर आज सुनवाई और घाटी से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर प्रथम पृष्ठ पर लगाई गई है। एंकर में आर्टिफिशियल हार्ट से जुड़ी पढ़ने लायक स्टोरी है।

दैनिक जागरण का फ्रंट पेज भी विज्ञापन से पटा हुआ है। लगभग आधा पेज विज्ञापन है इसलिए संपादकीय टीम के पास ज्यादा कुछ करने की गुंजाइश नहीं थी। लेकिन कम से कम पेज को आकर्षक तो बनाया ही जा सकता था। खबरों की प्रस्तुति बेहद नीरस है, ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे टीम इंडिया की हार का दुःख सबसे ज्यादा जागरण को पहुंचा है। अखबार का आज का फ्रंट पेज बेहद साधारण और औसत है। लीड गोवा और कर्नाटक के सियासी संकट को बनाया गया है, जबकि दूसरा स्थान सीबीआई छापे को दिया गया है। बच्चों के यौन उत्पीड़न संबंधी खबर और क्रिकेट को एक समान जगह मिली है। दुती चंद को यहां भी फ्रंट पेज पर जगह नहीं मिली है।

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