अखबार में छपे इस विज्ञापन को लेकर मचा बवाल...

भारत में गणेश उत्सव की धूम चल रही है तो अमेरिका में भगवान गणेश को लेकर...

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 22 September, 2018
Last Modified:
Saturday, 22 September, 2018
Samachar4media

समाचार4मीडिया ब्‍यूरो।।

भारत में गणेश उत्सव की धूम चल रही है तो अमेरिका में भगवान गणेश को लेकर विवाद छिड़ गया है। दरअसल, टेक्सास के स्थानीय अखबार ‘इंडियन हेराल्ड’ के 12 सितंबर के संस्करण में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी द्वारा दिए गए विज्ञापन में गणेश जी की तस्वीर छापने को लेकर यह विवाद उठा है।

जोमैटो कंपनी द्वारा बनाए गए इस विज्ञापन में भगवान गणेश के शरीर को लेकर कई खासियत लिखी हैं लेकिन उसके नीचे लिखे कैप्शन पर विवाद हो रहा है। कैप्शन में लिखा है, ‘क्या आप एक गधे की या फिर हाथी की पूजा करेंगे? पसंद आपकी।

दरअसल, रिपब्लिकन पार्टी का लोगो हाथी और डेमोक्रेटिक पार्टी का लोगो गधा है। अखबार में तस्वीर छपने के बाद हिंदू-अमेरिकियों ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए विरोध दर्ज कराया गया है। अमेरिका के टेक्सास में रहने वाले हिंदुओं का कहना है कि वहां की राजनीतिक पार्टी ने उनके भगवान का मजाक़ बनाया है।

हालांकि विवाद के बाद रिपब्लिकन पार्टी ने इसके लिए माफी मांगी है। पार्टी ने अपने लिखित माफीनामे में कहा है, ‘विज्ञापन का उद्देश्य पूजा से पहले लोगों को शुभकामनाएं देने का था, इसका मकसद हिंदुओं की भावना और उनकी संस्कृति की हंसी उड़ाना नहीं था, अगर किसी की भावना को ठेस पहुंची है तो हम लोग माफी मांगते हैं।‘

यह पहली बार नहीं है जब देश से बाहर भगवान गणेश का इस्तेमाल किसी विज्ञापन में किया गया है और उस पर विवाद छिड़ा हो। पिछले साल सितंबर में ही ऑस्ट्रेलिया के एक मांस उत्पादक समूह ने भगवान गणेश को मांस खाते एक विज्ञापन में दिखाया गया था, जिसके बाद वहां के हिंदुओं ने आपत्ति जताई थी।


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अपने जन्मदिन पर बॉलीवुड के महानायक ने लिया बड़ा फैसला, यूं मानी फैंस की बात

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन का आज 79वां जन्मदिन है। इस खास दिन पर अमिताभ ने एक बड़ा फैसला किया है।

Last Modified:
Monday, 11 October, 2021
amitabh54512

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन का आज 79वां जन्मदिन है। इस खास दिन पर अमिताभ ने एक बड़ा फैसला किया है। दरअसल, कुछ समय पहले एक पान मसाला ऐड करने के चलते उन्हें सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल किया गया था, लेकिन तब उन्होंने इस पर खास प्रतिक्रिया नहीं दी थी, मगर अब इस मामले में अमिताभ बच्चन ने एक्शन ले लिया है। उन्होंने अब 'कमला पसंद' के साथ अपना करार खत्म कर दिया है और इसकी जानकारी उन्होंने अपने ऑफिशियल ब्लॉग पर पोस्ट शेयर कर दी है।

वजह बताते हुए अमिताभ बच्चन के ब्लॉग पर उनके ऑफिस की ओर से जारी एक पोस्ट में कहा गया है, 'कमला पसंद का ऐड प्रसारित होने के कुछ दिन बाद अमिताभ बच्चन ने ब्रैंड से संपर्क किया और पिछले सप्ताह इस करार को खत्म करने का फैसला किया था। जब अमिताभ बच्चन इस ब्रैंड से जुड़े थे, तब उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि यह सरोगेट ऐडवरटाइजमेंट के अंतर्गत आता है।'

उन्होंने कहा कि वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि इससे नई पीढ़ी को पान मसाला का सेवन करने के लिए मोटिवेशन ना मिले। उन्होंने इस ऐड के लिए मिली फीस भी वापस कर दी है।

अमिताभ बच्चन ने कमला पसंद का ऐड किया था, जिसके बाद इसे लेकर कई सारे लोगों ने आपत्ति जताई थी। लोगों का ऐसा मानना था कि देश की सीनियर मोस्ट पर्सनैलिटी होने के नाते अमिताभ बच्चन को ऐसे ऐड नहीं करने चाहिए। नेशनल एंटी-टोबैको ऑर्गेनाइजेशन ने भी अमिताभ बच्चन से रिक्वेस्ट की थी कि बिग बी इस ऐड से अपना नाम वापस ले लें।

इसी बीच अमिताभ बच्चन से एक फैन ने पान मसाला का ऐड करने पर सवाल भी किया था। इसके जवाब में अमिताभ ने कहा था कि- 'अगर किसी संस्था को इससे फायदा हो रहा है तो फिर हमें ऐसे नहीं सोचना चाहिए कि हम ये क्यों कर रहे हैं। जैसे हम लोगों की इंडस्ट्री चलती है वैसे ही उनकी इंडस्ट्री भी चलती है। आपको ऐसा लगता है कि मुझे ये नहीं करना चाहिए लेकिन मुझे इसके लिए फीस मिली है।'

 

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अनुप्रिया आचार्य फिर चुनी गईं AAAI की प्रेजिडेंट, एग्जिक्यूटिव कमेटी में शामिल हुए ये नाम

एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री के हितों को आगे बढ़ाने के लिए वर्ष 1945 में ‘एडवर्टाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ का गठन किया गया था।

Last Modified:
Friday, 01 October, 2021
ANUPRIYA ACHARYA

‘Publicis Groupe’ की सीईओ (साउथ एशिया) अनुप्रिया आचार्य को एक बार फिर ‘एडवर्टाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (AAAI) का प्रेजिडेंट चुना गया है। इसके साथ ही ‘ग्रुप एम’ (GroupM) के सीईओ (इंडिया) प्रशांत कुमार को दोबारा से एसोसिएशन का वाइस प्रेजिडेंट चुना गया है।

इनके अलावा एसोसिएशन की एग्जिक्यूटिव कमेटी में बतौर मेंबर विवेक श्रीवास्तव (Innocean Worldwide Communications Pvt Ltd), राणा बरुआ (Havas Worldwide India Pvt Ltd), मोहित जोशी (Havas Media India Pvt Ltd), कुणाल ललानी (Crayons Advertising Pvt Ltd) और रोहन मेहता (Kinnect Media) को शामिल किया गया है।

गौरतलब है कि एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री के हितों को आगे बढ़ाने के लिए वर्ष 1945 में ‘एडवर्टाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ का गठन किया गया था।

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‘इंडियन सोसायटी ऑफ एडवर्टाइजर्स’ में सुनील कटारिया को फिर मिली ये बड़ी जिम्मेदारी

’इंडियन सोसाइटी ऑफ एडवर्टाइजर्स’ (ISA) की नवनिर्वाचित कार्यकारी परिषद की 27 सितंबर 2021 को हुई बैठक में उन्हें इस पद के लिए चुना गया। लगातार छठी बार इस पद के लिए चुने गए हैं सुनील कटारिया

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 28 September, 2021
Last Modified:
Tuesday, 28 September, 2021
Sunil Kataria

’इंडियन सोसाइटी ऑफ एडवर्टाइजर्स’ (ISA) की नवनिर्वाचित कार्यकारी परिषद की बैठक 27 सितंबर 2021 को हुई। इस बैठक में ’गोदरेज कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स लिमिटेड’ के सीईओ (India and SAARC) सुनील कटारिया को एक बार फिर ’ISA’ का चेयरमैन चुना गया। उन्हें इस पद पर लगातार छठी बार चुना गया है।

इस मौके पर सुनील कटारिया का कहना था, ’ डिजिटल विज्ञापन टीवी के बाद दूसरे स्थान पर आ गया है और आगे भी बढ़ रहा है, इस वर्ष हमारा प्रयास डिजिटल मीजरमेंट के क्षेत्र में अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने का होगा। मल्टीमीडिया मीजरमेंट बनाने के लिए ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) के साथ काम करने के लिए ’ISA’ सही दिशा में आगे बढ़ रही है। हम सभी संगठनों को उनकी मजबूत भागीदारी के लिए दिल से धन्यवाद देते हैं और यह निश्चित रूप से हमें नई ऊंचाइयों को छूने में मदद करेगा। मैं अपने सभी प्रयासों में आईएसए सदस्यों के समर्थन को भी धन्यवाद देता हूं।’

इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के संदर्भ में, मुझे अपने सभी सदस्यों, उद्योग सहयोगियों, विक्रेताओं और आईएसए सचिवालय टीम के सुरक्षित रहने, टीका लगवाने और स्वास्थ्य अधिकारियों और सरकारों के निर्देशों का पालन करने में सहयोग करने को लेकर खुशी हो रही है।’

वहीं, कार्यकारी परिषद के सदस्यों ने पिछले पांच वर्षों में ‘आईएसए’ चेयरमैन के रूप में सुनील कटारिया के योगदान के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और 2021-22 के लिए फिर से चुने जाने पर खुशी व्यक्त की।

कार्यकारी परिषद के अन्य सदस्यों में ये नाम शामिल हैं:

Atul Agrawal, Senior Vice President – Corporate Brand and Marketing, Tata Services Limited

Narendra Ambwani, Director, Agro Tech Foods Limited

Tarun G. Arora, Chief Executive Officer & Whole Time Director, Zydus Wellness Limited

Subhadip Dutta Choudhury, Chief Executive Officer, Hawkins Cookers Limited

Paulomi Dhawan, Independent Director, Whistling Woods International

Neil George, Managing Director, Nivea India Pvt Limited

Girish Kalyanaraman, Vice President, Brand Operations, Procter & Gamble Hygiene and Health Care Limited

Chandru Kalro, Managing Director, TTK Prestige Limited

Devraj Lahiri, Chief Operating Officer - India Tobacco Division, ITC Limited

Angshu Mallick, Managing Director & CEO, Adani Wilmar Limited

Bharat V. Patel, Independent Director, Aditya Birla Sun Life AMC Limited

Anuj Poddar, Executive Director, Bajaj Electricals Limited

Ramakrishnan Ramamurthi, Advisor J. K. Enterprises

Ram Raghavan, Managing Director, Colgate-Palmolive (India) Limited

Gauravjeet Singh, General Manager – Media Services (South Asia) Media Dept, Hindustan Unilever Limited

Shashank Srivastava, Senior Executive Director (Marketing & Sales), Maruti Suzuki India Limited

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Amul Macho के खिलाफ Lux Cozi की शिकायत को ASCI ने नहीं पाया सही

दो बड़े इनरवियर ब्रैंड्स लक्स कोजी और अमूल माचो के बीच अंडरवियर-बनियान के विज्ञापन को लेकर छिड़े विवाद पर फैसला आ गया है। 

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 27 September, 2021
Last Modified:
Monday, 27 September, 2021
amul45484

दो बड़े इनरवियर ब्रैंड्स लक्स कोजी (Lux Cozi) और अमूल माचो (Amul Macho) के बीच अंडरवियर-बनियान के विज्ञापन को लेकर छिड़े विवाद पर फैसला आ गया है। भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (ASCI) ने लक्स कोजी के टीवी विज्ञापन के खिलाफ उसकी प्रतिस्पर्धी अमूल माचो की शिकायत को खारिज कर दिया है, जिसमें उसने अपने प्रचार अभियान की चोरी का दावा किया था।

लक्स कोजी का यह विज्ञापन बॉलीवुड सितारे वरुण धवन के साथ है। ASCI की उपभोक्ता शिकायत परिषद (CCC) ने पाया कि अवधारणा और निष्पादन तत्वों के संदर्भ में दोनों विज्ञापनों में मुश्किल से कोई समानता थी और यह विज्ञापन से जुड़े संहिता का उल्लंघन नहीं था। यही वजह है कि इस शिकायत को सही नहीं पाया गया।

आदेश में कहा गया कि CCC का निष्कर्ष है, ‘विज्ञापनदाता का विज्ञापन सामान्य बनावट, कॉपी, स्लोगन, दृश्य प्रस्तुतियों, संगीत या ध्वनि प्रभावों के लिहाज से शिकायतकर्ता के पहले आ चुके विज्ञापन के समान नहीं है। ASCI संहिता का उल्लंघन नहीं किया गया है।’

भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (ASCI) ने कहा, ‘इस शिकायत को सही नहीं पाया गया।’

बता दें कि अमूल माचो इनरवियर ब्रैंड के मालिक जे जी होजरी ने लक्स कोजी पर आरोप लगाया था कि उसके ‘टोइंग’ विज्ञापन की नकल की गई है। आरोप के मुताबिक लक्स ने अभिनेता वरुण धवन को लेकर शुरू किए नए विज्ञापन में ‘टोइंग’ की संगीत से लेकर लोकेशन तक की नकल की है।

आपको बता दें कि अमूल माचो का ‘टोइंग’ विज्ञापन  साल 2007 में शुरू किया गया था। वहीं, लक्स ने हाल ही में अभिनेता वरुण धवन को लेकर नया विज्ञापन शुरू किया है।

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जानिए, प्रिंट मीडिया में विज्ञापनों को लेकर क्या कहती है TAM AdEx की ये रिपोर्ट

‘टैम एडेक्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2021 के पहले हफ्ते में पिछले साल इसी हफ्ते के मुकाबले सबसे ज्यादा 57 प्रतिशत ग्रोथ देखी गई।

Last Modified:
Friday, 20 August, 2021
Print Media

प्रिंट मीडिया के लिए सबसे खराब दौर संभवतः खत्म होने वाला है। ‘टैम एडेक्स’ (TAM AdEx) के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो जुलाई 2020 के मुकाबले इस साल जुलाई (जुलाई 2021) में प्रिंट मीडिया में काफी ग्रोथ देखी गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार प्रिंट मीडिया में प्रति पब्लिकेशन विज्ञापन स्पेस (ad space) में जुलाई 2020 के मुकाबले जुलाई 2021 में 37 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जुलाई 2020 के मुकाबले जुलाई 2021 के पांचों हफ्तों में ऐड स्पेस में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा, जुलाई 2021 के पहले हफ्ते में पिछले साल इसी अवधि की तुलना में अधिकतम 57 प्रतिशत की बढ़ोतरी, जबकि जुलाई 2021 के तीसरे और चौथे हफ्ते में न्यूनतम 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस बीच, जुलाई 2020 की तुलना में जुलाई 2021 में श्रेणियों (categories) की कुल संख्या में पांच प्रतिशत की वृद्धि हुई और विज्ञापनदाताओं व ब्रैंड्स की कुल संख्या में 16प्रतिशत की वृद्धि हुई।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि जुलाई 2020 के मुकाबले जुलाई 2021 में तमाम कोर्सेज और कारों ने टॉप-दो श्रेणियों में अपनी जगह बनाई रखी। टॉप-10 की चार अन्य श्रेणियों में जुलाई 2021 में चार नए प्रवेशकर्ता (entrants) शामिल हुए। ऐड स्पेस में टॉप-10 श्रेणियों की भागीदारी 41 प्रतिशत थी।

शीर्ष श्रेणियों (top categories) की बात करें तो हॉस्पिटल्स/क्लिनिक के ऐड स्पेस में सबसे ज्यादा 95 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली, जबकि प्रॉपर्टीज/रियल एस्टेट के ऐड स्पेस में जुलाई 2020 के मुकाबले जुलाई 2021 में दोगुनी बढ़ोतरी देखी गई। इसके साथ ही प्रिंट मीडिया में पिछले साल जुलाई के मुकाबले इस साल जुलाई में 280 से ज्यादा बढ़ती हुई श्रेणियां शामिल थीं।

विज्ञापनदाताओं (advertisers) की बात करें तो प्रिंट में जुलाई 2020 और जुलाई 2021 दोनों में ‘एसबीएस बायोटेक’ (SBS Biotech) शीर्ष विज्ञापनदाता रहा। पिछले साल जुलाई के मुकाबले इस साल जुलाई में विशेषरूप से ‘टिकटॉक स्किल गेम्स’ (Tictok Skill Games) छठे नंबर पर रहा। इस बीच पिछले साल जुलाई के मुकाबले इस साल जुलाई में टॉप-10 की लिस्ट में ‘एलआईसी ऑफ इंडिया’ (LIC of India) भी इसमें शामिल रहा। जुलाई 2021 में प्रिंट में ऐड स्पेस में टॉप-10 ऐडवर्टाइजर्स ने 20 प्रतिशत शेयर जोड़ा। इसके साथ ही प्रिंट में 21000 से ज्यादा ऐडवर्टाइजर्स थे।

वहीं, यदि ब्रैंड्स की बात करे तो प्रिंट मीडिया में 24000 से ज्यादा ब्रैंड्स की मौजूदगी रही। जुलाई 2021 में प्रिंट में मारुति कार रेंज टॉप ब्रैंड्स थी जबकि इसके बाद प्रेस्टीज रेंज थी। टॉप-10 ब्रैंड्स में तीसरी, छठी, आठवीं और दसवीं रैंक पिछले साल जुलाई के मुकाबले इस साल जुलाई में एक्सक्लूसिव थीं। रैंकिंग में इस साल जुलाई में पिछले साल इसी अवधि की तुलना में सबसे ज्यादा उछाल SBI-Corporate में देखने को मिला। जुलाई 2021 में ऐड स्पेस में टॉप-10 ब्रैंड्स की हिस्सेदारी 11 प्रतिशत थी।

इस रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल जुलाई के मुकाबले इस साल जुलाई में 70 से ज्यादा नई श्रेणियां, 15900 से ज्यादा नए ऐडवर्टाइजर्स और 19100 से ज्यादा नए ब्रैंड्स देखे गए। नई कैटेगरी में सबसे ऊपर Events-BFSI थी और इसके बाद Wearable Devices का नंबर था। जुलाई में न्यू ऐडवर्टाइजर में टॉप पर Tictok Skill Games रहा, जबकि Netflix International दूसरे नंबर पर रहा। इसके अलावा जुलाई 2020 के मुकाबले जुलाई 2021 में न्यू ब्रैंड्स में Winzo Games शीर्ष पर रहा। इसके बाद Kia दूसरे नंबर पर रहा।

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जानिए, प्रचार अभियानों पर महाराष्ट्र सरकार ने पिछले 16 महीनों में कितना किया खर्चा

स्वतंत्र पत्रकार और आईटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई थी इस बारे में जानकारी

Last Modified:
Monday, 05 July, 2021
Campaign

महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व वाली ‘महाविकास अघाड़ी सरकार’ (MVA Govt) द्वारा पिछले 16 महीनों में प्रचार अभियानों (publicity campaigns) पर 155 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। स्वतंत्र पत्रकार और आईटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली द्वारा सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी से इस बात का पता लगा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गलगली ने सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशक से इस बारे में जानकारी मांगी थी, जिस पर बताया गया कि 2020 में 26 विभागों के अभियानों पर कुल 104.55 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

इस जानकारी के अनुसार, महिला दिवस पर 5.96 करोड़ रुपये और पदम विभाग पर 9.99 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन पर 19.94 करोड़ रुपये और विशेष प्रचार अभियान पर चार चरणों में 22.65 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

वर्ष 2021 में 12 विभागों पर 12 मार्च तक 29.79 करोड़ रुपये खर्च किए गए। राज्य स्वास्थ्य शिक्षा विभाग ने 15.94 करोड़ रुपये और जल जीवन मिशन ने 1.88 करोड़ रुपये खर्च किए। सोशल मीडिया पर 45 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।

गलगली का कहना है कि सोशल मीडिया के नाम पर किया गया खर्च ‘संदिग्ध’ है और क्रिएटिव के नाम पर संदेह पैदा कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर विभागीय स्तर पर होने वाले खर्च, इसकी प्रकृति और इसके लाभार्थी की जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करने की मांग की है।

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कोरोना की दूसरी लहर का नहीं पड़ा टीवी विज्ञापनों पर असर

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान खपत मांग में कमी का टीवी विज्ञापनदाताओं पर कोई असर नहीं दिखा

Last Modified:
Friday, 18 June, 2021
BARC

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान खपत मांग में कमी का टीवी विज्ञापनदाताओं पर कोई असर नहीं दिखा और इस साल अप्रैल और मई में टीवी विज्ञापनों की संख्या बढ़ने के साथ यह आंकड़ा महामारी पूर्व के वर्षों के लगभग बराबर रहा। यह जानकारी ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) ने गुरुवार को अपनी एक रिपोर्ट में दी।

रिपोर्ट के अनुसार एक साल पहले की अवधि से तुलना करने पर टेलीवजन पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों की संख्या में 65 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि हुई। हालांकि, अप्रैल 2021 की तुलना में इस साल मई में विज्ञापनों की संख्या में कमी दर्ज की गई।

नीति नियंता महामारी की दूसरी लहर की वजह से खपत मांग में लगी सेंध से उबरने की मशक्कत कर रहे हैं, जिससे कोविड-19 की पहली लहर के उलट देश के ग्रामीण हिस्से भी प्रभावित हुए। कहा जा रहा है कि दूसरी लहर अपने चरम को पार कर चुकी है और संक्रमण में आयी कमी के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में लॉकडाउन में ढील दी जा रही है।

बार्क में क्लाइंट पार्टनरशिप और रेवेन्यू फंक्शन के हेड आदित्य पाठक ने कहा, ‘यह साल टीवी विज्ञापनों की संख्या के लिहाज से मजबूत नोट पर शुरू हुआ। मौजूदा महामारी की वजह से अप्रैल 2021 की तुलना में मई 2021 में विज्ञापनों की संख्या में मामूली कमी हुई लेकिन मई 2020 की तुलना में इसमें 64 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि भी दर्ज की गयी।’ उन्होंने कहा, ‘वे (टीवी विज्ञापन) पूर्ववर्ती वर्षों के बराबर बने रहे।’

अप्रैल-मई 2021 के आंकड़े को मिलाया जाए तो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में विज्ञापनों की संख्या में 85 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी, लेकिन केवल मई 2021 की मई 2020 से तुलना करे तो यह वृद्धि 64 प्रतिशत रह जाती है।

इस साल अप्रैल और मई के दौरान विज्ञापनों की संख्या की यदि 2018 और 2019 से तुलना की जाये तो मामूली अधिक रही। कोरोना महामारी की शुरुआत मार्च 2020 से हुई थी। हालांकि मई के आंकड़ों की यदि महामारी से पहले के आंकड़ो से तुलना की जाए तो यह मामूली कम रही है।

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चर्चा में आया ET व TOI में छपा ये विज्ञापन, ABP न्यूज ने की पड़ताल  

देश के दो बड़े अखबार ‘इकनॉमिक टाइम्स’ और ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के फ्रंट पेज पर सोमवार को छपा एक विज्ञापन चर्चा का विषय बना हुआ है।

Last Modified:
Monday, 24 May, 2021
Modiji54

देश के दो बड़े अखबार ‘इकनॉमिक टाइम्स’ (ET) और ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ (TOI) के फ्रंट पेज पर सोमवार को छपा एक विज्ञापन चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, इस विज्ञापन में लैंडोमस रियल्टी वेंचर्स Inc नाम की कंपनी ने इन दोनों अखबारों में विज्ञापन देते हुए पीएम मोदी से अपील की है कि वह भारत सरकार की महत्वाकांक्षी नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP) और नॉन एनआईपी में 500 बिलियन डॉलर का निवेश करना चाहती है। लिहाजा वे इसके लिए उन्हें अनुमति दें। 

दरअसल, इस विज्ञापन के जरिए, नरेंद्र मोदी से जो अपील की गई है और जिस प्रकार से कंपनी ने अपनी इच्छा व्यक्त की है, उसने हर किसी को हैरान कर दिया है। इस ऐड के आने के बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर सवाल उठाए जाने लगे कि अगर किसी कंपनी को निवेश करना है तो वह सीधे पीएम मोदी से मिलकर या या वाणिज्य मंत्रालय के किसी अन्य उचित प्लेटफॉर्म से इसके लिए संपर्क कर सकती है। इसके लिए अखबार में ऐड देने की जरूरत क्या थी? 

बता दें कि विज्ञापन के जरिए प्रकाशित हुई इस अपील पर लैंडोमस ग्रुप के चेयरमैन के तौर पर प्रदीप कुमार एस का नाम लिखा हुआ है। साथ ही कंपनी का कहना है कि भारत को महामारी मुक्त बनाने के लिए एक ठोस योजना है और वो सरकार के समक्ष योजना पेश करने का अवसर चाहती है।

वहीं, एबीपी न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब उसने इस कंपनी के बारे में अधिक जानकारी जुटाने की कोशिश की तो, एबीपी न्यूज को इसका पता बेंगलुरु का मिला।

रिपोर्ट के मुताबकि, अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापन देकर भारत में 500 बिलियन डॉलर का निवेश करने की इच्छुक कंपनी लैंडोमस रियल्टी वेंचर के बेंगलुरु का जो एड्रेस दिया गया है, वहां एबीपी न्यूज को एचआईवी टेस्टिंग लैब मिली है। यानी कंपनी वहां मौजूद ही नहीं है। कंपनी का पता एमजी रोड के पास डिकेंसन रोड में मणिपाल सेंटर का दिया गया है।

एबीपी न्यूज ने जब वहां जाकर इस कंपनी के बारे में पूछताछ की तो जवाब मिला कि यहां पूरे सेंटर में ऐसी कोई कंपनी है ही नहीं है, जिसके बाद एबीपी न्यूज S-415 पहुंचा, जहां किसी और कंपनी का ऑफिस मिला।

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TV पर विज्ञापनों के मामले में कैसी रही इस साल की शुरुआत, पढ़ें ये रिपोर्ट

BARC India की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल की शुरुआत में जनवरी-फरवरी में ऐड वॉल्यूम 21 प्रतिशत तक बढ़ गया और यह वर्ष 2017 के बाद से सबसे ज्यादा हो गया।

Last Modified:
Friday, 19 March, 2021
TV Advertising

टीवी चैनल्स की रेटिंग जारी करने वाली संस्था ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया की एडवर्टाइजिंग रिपोर्ट 2021 के अनुसार, वर्ष 2017 के बाद से इस साल जनवरी-फरवरी में कुल एडवर्टाइजिंग वॉल्यूम सबसे ज्यादा रहा है। खास बात यह है कि इस दौरान एडवर्टाइजर्स और ब्रैंड्स की संख्या कम रहने के बावजूद एडवर्टाइजिंग वॉल्यूम इतना ज्यादा रहा है।  

इस रिपोर्ट के अनुसार, इस साल की शुरुआत में जनवरी-फरवरी में ऐड वॉल्यूम 21 प्रतिशत तक बढ़ गया और यह वर्ष 2017 के बाद से सबसे ज्यादा हो गया।

बार्क इंडिया के हेड (Client Partnership & Revenue Function) आदित्य पाठक का कहना है, ‘वर्ष 2020 की दूसरी छमाही (H2 of 2020) में मिली गति को बरकरार रखते हुए टीवी ऐड वॉल्यूम की जनवरी-फरवरी में काफी अच्छी शुरुआत रही और यह पिछले पांच वर्षों के सर्वोच्च स्तर तक पहुंच गया। इस दौरान तमाम सेक्टर्स/कैटेगरीज और नॉन एफएमसीजी ब्रैंड्स ने भी टीवी पर अपनी मौजूदगी बढ़ाई।’

जनवरी-फरवरी 2021 में पिछले साल इसी अवधि की तुलना में  टॉप जॉनर्स (top genres) में मूवीज-म्यूजिक और यूथ ने समग्र ऐड वॉल्यूम में क्रमशः 25प्रतिशत और 24प्रतिशत की औसत वृद्धि से अधिक वृद्धि दर्ज की। इसके बाद जनरल एंटरटेनमेंट चैनल्स और न्यूज ने क्रमश: 21 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की।

रिपोर्ट के अनुसार, इस साल जनवरी से फरवरी के दौरान टॉप10 एडवर्टाइजर्स ने जहां 45 प्रतिशत के योगदान और 35 प्रतिशत ग्रोथ के साथ टीवी ऐड वॉल्यूम को आगे बढ़ाया, वहीं अगले 40 एडवर्टाइजर्स ने 25 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज कराई।

वर्ष 2020 में टीवी एडवर्टाइजिंग में कई नई एंट्रीज हुई थीं और डिजिटल सेगमेंट खासकर ई-कॉमर्स कैटेगरी में एडवर्टाइजर्स की संख्या बढ़ी थी, वर्तमान अवधि के लिए भी यही स्थिति रही। जनवरी-फरवरी 2021 में ई-कॉमर्स में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे टीवी विज्ञापन में लगातार वृद्धि देखी गई।

वर्ष 2020 की तुलना में इस साल अन्य कैटेगरीज जैसे रिटेल और बिल्डिंग, इंडस्ट्री और लैंड मैटीरियल्स में विज्ञापन खर्च बढ़ रहा है। जनवरी-फरवरी 2021 के दौरान लाइजॉल, डेटॉल और हार्पिक जैसे ब्रैंड्स का सबसे ज्यादा विज्ञापन रहा, वहीं तमाम नॉन एफएमसीजी ब्रैंड्स ने भी इस अवधि में टीवी पर अपनी मौजूदगी बढ़ाई।

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टीवी-अखबारों में सरकारी विज्ञापनों को लेकर तमिलनाडु सरकार ने मद्रास HC में दिया ये जवाब

डीएमके ने एक याचिका में आरोप लगाया था कि सत्तारूढ़ एआईएडीएमके राजनीतिक अभियानों के लिए जनता के पैसे का इस्तेमाल कर रही है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 24 February, 2021
Last Modified:
Wednesday, 24 February, 2021
Madras HC

तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाई कोर्ट को सूचित किया है कि अब अखबारों और टीवी में किसी भी तरह के सरकारी विज्ञापन दिखाई नहीं देंगे। इस तरह के सभी विज्ञापनों को 18 फरवरी के बाद से रोक दिया गया है।

डीएमके की उस याचिका पर एडवोकेट जनरल विजय नारायण ने हाई कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया है, जिसमें कहा गया था कि सत्तारूढ़ एआईएडीएमके टेलिविजन और अखबारों के माध्यम से प्रचार के लिए जनता के करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।

अपने जवाब में विजय नारायण ने कहा है कि ये विज्ञापन पिछले चार वर्षों में केवल राज्य सरकार के प्रदर्शन को दिखाने के लिए जारी किए गए थे। उन्होंने आश्वासन दिया कि चुनाव आयोग द्वारा राज्य को नोटिस जारी किए जाने के बाद इस तरह के विज्ञापनों को रोक दिया गया है। नारायण ने यह भी बताया कि यह मामला अब निरर्थक हो गया है, क्योंकि तमिलनाडु सरकार ने गुरुवार से इस तरह के विज्ञापनों को जारी करना बंद कर दिया है।

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