महज 12 साल की उम्र, जब बच्चे अपने पिता की उंगुली पकड़ जीवन की राह पर चलना सीख रहे होते हैं, इसी उम्र में एक बेटे ने अपने पिता खो दिया। अब यह बेटा पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। दरअसल इस बेटे ने तब लोगों जिंदगियों का बचाने का प्रण लिया, जब उसे अपने पिता की मौत की सच्चाई का पता चला। अब तक यह बेटा 35 से ज्यादा जिंदगिया बचा चुका है। दरअसल यह कहानी ह
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समाचार4मीडिया ब्यूरो