<p style="text-align: justify;">'इंसानी फितरत गुजरी दुश्वारियों को भूलकर अगले उन्माद की ओर बढ़ चलने की अभ्यस्त है। इसीलिए कुछ लोग जंग के तराने छेड़ते हैं और अवाम उसका खामियाजा उठाता है।' हिंदी दैनिक अखबार हिन्दुस्तान में अपने आलेख के जरिए ये कहना है <strong>वरिष्ठ पत्रकार और हिन्दुस्तान अखबार के प्रधान संपादक शशि शेखर</strong> का। हिंदी पत्रकारिता पर
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समाचार4मीडिया ब्यूरो