’क्या विडंबना है कि पाकिस्तान अपनी नफरत के वशीभूत है तो भारत उसके प्रति दोस्ती की ललक के? जब तक भारत इस ललक से मुक्ति नहीं पाता तब तक इसमें संदेह है कि वह कड़ी निंदा करने के अलावा और कुछ कर सकेगा।‘ हिंदी अखबार दैनिक जागरण में प्रकाशित अपने आलेख के जरिए ये कहा वरिष्ठ पत्रकार व असोसिएट एडिटर राजीव सचान ने। उनका पूरा आल
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समाचार4मीडिया ब्यूरो