वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वैदिक ने दी नरेंद्र मोदी को ये नसीहत...

‘जो शब्द सीमित करता है, वह संपूर्ण राष्ट्र का प्रतिनिधित्व कैसे कर सकता है? याने हिंदूवादी होना राष्ट्रवादी होना नहीं है। हिंदूवादी होना, मुसलमानवादी होना, ईसाईवादी होना अपने आप में अच्छा हो सकता है लेकिन इनसे भी बेहतर है, राष्ट्रवादी होना।’ हिंदी दैनिक अखबार नया इंडिया में छपे अपने आलेख के जरिए ये कहना है वरिष्ठ पत्

Last Modified:
Friday, 26 August, 2016
modi


‘जो शब्द सीमित करता है, वह संपूर्ण राष्ट्र का प्रतिनिधित्व कैसे कर सकता है? याने हिंदूवादी होना राष्ट्रवादी होना नहीं है। हिंदूवादी होना, मुसलमानवादी...
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