यदि आप सरकार को मातृभूमि-राष्ट्र मान लें तो आप पत्रकार नहीं, भीड़ में शामिल एक आवाज है: शेखर गुप्ता

‘संदेहवादी खेमे में सबसे उदार, श्रेष्ठतम शिक्षा पाए, प्रतिष्ठित, ख्यात सेलेब्रिटी पत्रकार हैं, वे धमाकेदार खबर खोजते नहीं, बल्कि प्रेस कॉन्फ्रेंस की मांग करते हैं। वे खबर नहीं प्राप्त कर सकते, लेकिन वे मानक तय कर देते हैं, जिनका दूसरों को पालन करना ही चाहिए।’ हिंदी अखबार दैनिक भास्कर में छपे अपने आलेख के जरिए ये कहना

Last Modified:
Friday, 21 October, 2016
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‘संदेहवादी खेमे में सबसे उदार, श्रेष्ठतम शिक्षा पाए, प्रतिष्ठित, ख्यात सेलेब्रिटी पत्रकार हैं, वे धमाकेदार खबर खोजते नहीं, बल्कि प्रेस कॉन्फ्रेंस की म...
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