‘धर्म के नाम पर जिन्हें पाखंड फैलाना है, अपनी रोटियां सेकना है, वे लोग सांप्रदायिकता की दीवारें खड़ी कर लेते हैं। वे यही सिद्ध करने में लगे रहते हैं कि तेरे ईश्वर से मेरा ईश्वर श्रेष्ठ है। तेरे धर्मग्रंथ से मेरा धर्मग्रंथ श्रेष्ठ है।’ हिंदी दैनिक अखबार नया इंडिया में छपे अपने आलेख के जरिए ये कहना है वरिष्ठ पत्रकार डॉ.
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समाचार4मीडिया ब्यूरो