‘यदि हम भारत को विश्व-शक्ति बना हुआ देखना चाहते हैं तो हमें सबसे पहले हमारी शिक्षा-व्यवस्था को सुधारना होगा। किसी भी देश की शिक्षा-व्यवस्था को सुधारने का पहला मूल-मंत्र है, शिक्षा का माध्यम स्वभाषा को ही रखा जाए।’ हिंदी दैनिक अखबार नया इंडिया में छपे अपने आलेख के जरिए ये कहना है वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वैदिक का। उनका पूरा
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समाचार4मीडिया ब्यूरो