‘हमारी संसद के दोनों सदनों को इन विदेश-यात्राओं पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए। नेता लोग सरकारी पैसे पर मजे लूटते हैं तो अफसर और जज भी क्यों न लूटें? इनसे कोई पूछे कि कहीं आपका भाषण है तो वहां आपकी पत्नी का क्या काम है? वह वहां क्या करेंगी?’ हिंदी दैनिक अखबार नया इंडिया में छपे अपने आलेख के जरिए ये कहना है वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वैदिक का। उनका पूरा आलेख आप
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समाचार4मीडिया ब्यूरो