संतोष भारतीय प्रधान संपादक, चौथी दुनिया ।। सरकार ही क़ानून तोड़ेगी तो क़ानून की रक्षा कौन करेगा ये शिकायत नहीं है, ये गुस्सा भी नहीं है और इसके आगे कहें, तो अब कोई तकली़फ भी नहीं है, क्योंकि ऐसा लगता है कि दर्द हद से ज्यादा बढ़ गय
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समाचार4मीडिया ब्यूरो