नेताजी सियासत के मंझे खिलाड़ी नहीं हैं, यदि होते तो कबके...

नेताजी को लगता होगा, वे बेहतर कर रहे हैं। समझ में नहीं आ रहा है, किस परिवार की बात करते हैं ? समाजवादी पार्टी की या निजी परिवार की…। या फिर इन दोनों की…। अपने आलेख के जरिए कहना है न्यूज पोर्टल कैम्पस पोस्ट के एडिटर बृजेन्द्र एस. पटेल का। उनका पूरा लेख आप यहां पढ़ सकते हैं:

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 15 October, 2016
Last Modified:
Saturday, 15 October, 2016
akhilesh


नेताजी को लगता होगा, वे बेहतर कर रहे हैं। समझ में नहीं आ रहा है, किस परिवार की बात करते हैं ? समाजवादी पार्टी की या निजी परिवार की…। या फिर इन दोनों क...
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