आलोक तोमर जयंती पर विशेष : दुमदारी वाली पत्रकारिता के इस दौर में...

हिंदी पत्रकारिता का एक जाना-माना चेहरा पत्रकार आलोक तोमर भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वो आज भी हमारी यादों में जिंदा हैं। 20 मार्च को उनकी पांचवी पुण्यतिथि पर अपने ब्लॉग ‘यायावर’ के जरिए हिंदी दैनिक ‘राष्ट्रीय सहारा’ छत्तीसगढ़ के ब्यूरो प्रमुख और लेखक रमेश शर्मा ने कुछ इस तरह से याद किया। आज उनकी जयंती के मौके पर आप एक बार फिर पढ़िए पूरा आलेख

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 27 December, 2016
Last Modified:
Tuesday, 27 December, 2016
alok


हिंदी पत्रकारिता का एक जाना-माना चेहरा पत्रकार आलोक तोमर भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वो आज भी हमारी यादों में जिंदा हैं। 20 मार्च को उनकी पांच...
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