अशांत पर्वतीय क्षेत्र पर शांति की बयार या राजनीतिक बारूद की बिसात: आलोक मेहता

पूर्वोत्तर में प्रगति के साथ सूचना क्रांति, अभिव्यक्ति की आजादी और सोशल मीडिया के प्रभाव से यह भ्रम बनाने के प्रयास हुए हैं कि यह अभूतपूर्व स्थिति है।

Last Modified:
Tuesday, 01 August, 2023
AlokMehta48512


आलोक मेहता, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और स्तंभकार। मणिपुर में दो महीने से हुई अशांति और हिंसा की स्थिति पर अब नियंत्रण की आशा दिखने लगी है। निश्चित रूप...
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