संबंधों के लिए जरूरी मर्यादा, विश्वास-धैर्य पूरी तरह नष्ट हो गए: आलोक श्रीवास्तव

हमारे व्यक्तित्व से संबंधों के लिए जरूरी मर्यादा, विश्वास और धैर्य पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, जिससे हमारे आपसी व आत्मीय संबंध दरकने लगे हैं।

Last Modified:
Monday, 31 July, 2023
AlokSrivastava512


आलोक श्रीवास्तव, लेखक व कवि। कल ‘आजतक’ के एक पुराने साथी से बात हो रही थी, बता रहे थे, आलोक भाई, इस ट्विटर के चक्कर में कितनी ही दोस्ति...
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