‘अभय छजलानी के नहीं होने का अर्थ’

इन दिनों मेरे दौर के अधिकांश वरिष्ठ साथी यह लोक छोड़कर जा चुके हैं। शिखर पुरुष के रूप में अभय जी ही बचे थे, वे भी चले गए। पत्रकारिता के इस विलक्षण व्यक्तित्व को मेरा नमन।

राजेश बादल by
Published - Saturday, 25 March, 2023
Last Modified:
Saturday, 25 March, 2023
Tribute to Abhay Chhajlani


राजेश बादल, वरिष्ठ पत्रकार।। तेईस मार्च की सुबह यकीनन मनहूस थी। पहली खबर हिंदी पत्रकारिता में राजेंद्र माथुर युग के अंतिम सशक्त हस्ताक्षर अभय छजलान...
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