प्रधानमंत्री और गृहमंत्री निरंतर पुस्तकालयों और पुस्तकों की महत्ता को रेखांकित कर रहे हैं, लेकिन संस्कृति मंत्रालय के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। सरकार तुम्हारी सिस्टम हमारा।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो