बिहार की सामाजिक संरचना जटिल समझी जाती रही है। 2023 की जाति-गणना के मुताबिक, अत्यंत पिछड़ी जातियाँ राज्य की लगभग 36% हैं। पिछड़ी जातियाँ, अनुसूचित जातियाँ सभी का यहाँ महत्वपूर्ण प्रतिशत है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।