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बंगाल की चुनावी हिंसा में लोगों की मौत गंभीर चिंता का विषय: रजत शर्मा
मृतकों में तृणमूल कांग्रेस के 5 समर्थक और बीजेपी, कांग्रेस, सीपीएम और एक निर्दलीय उम्मीदवार का एक-एक समर्थक शामिल है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
रजत शर्मा, एडिटर-इन-चीफ, इंडिया टीवी।
बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान शनिवार को हुई वोटिंग में कई लोगों के मारे जाने की खबर है। बड़े पैमाने पर पोलिंग बूथ और उसके आसपास हिंसा हुई, मतपत्रों को लूटा गया, मतपेटियों को लूटा गया, तालाब में फेंक गया, मतपत्रों में आग लगा दी गई।
मृतकों में तृणमूल कांग्रेस के 5 समर्थक, और बीजेपी, कांग्रेस, सीपीएम और एक निर्दलीय उम्मीदवार का एक-एक समर्थक शामिल है। करीब 5 करोड़ 76 लाख लोगों को 2 लाख 6 हजार उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करना था। 22 जिला परिषद , 9,730 पंचायत समिति सीट और 63,229 ग्राम पंचायत सीटों के लिए वोटिंग होनी थी लेकिन इतने बड़े पैमाने पर हिंसा होने की आशंका किसी को नहीं थी।
विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ये चुनाव नहीं मौत है। कांग्रेस के एक नेता ने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से गुहार लगाई कि पंचायत चुनाव को फौरन अवैध घोषित कर दिया जाए।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस हिंसा प्रभावित इलाकों में गए। बहुत से मतादाताओं ने आरोप लगाया कि केन्द्रीय सुरक्षा बलों के जवानों को मतदान केंद्रों पर तैनात ही नहीं किया गया था।
राज्यपाल आनंद बोस ने कहा कि हिंसा के शिकार लोगों से मिलने को अगर कोई प्रचार समझ रहा है तो समझे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, वो अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये बुलेट और बैलट की लड़ाई हैऔर लोगों को तय करना है कि जीत बैलट की ही होनी चाहिए।
चुनाव के एलान के बाद से अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है, ये चिंता की बात है। इससे भी ज्यादा हैरानी इस बात पर है कि तृणमूल कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि इतनी हिंसा कोई बड़ी बात नहीं है, बीजेपी बेकार में हायतौबा मचा रही है।
मुझे लगता है कि राज्यपाल की ये बात सही है कि लोकतंत्र में बुलेट की नहीं, बैलट की जीत होनी चाहिए।
(यह लेखक के निजी विचार हैं।)
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