संबंधों को कितनी तरजीह देते थे, इसका उदाहरण ‘नया इंडिया’ अखबार है। हरिशंकर व्यास के साथ अपने संबंधों के चलते ही वह उनके लिए नियमित तौर पर कॉलम लिखते रहे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो