जाति, बाहुबल के बीच विकसित बिहार के सपने : प्रो.संजय द्विवेदी

जाति, उसकी चेतना, सामाजिक न्याय से जुड़ी राजनैतिक शक्ति अपनी जगह कायम है किंतु वह अब अपमानित और पददलित नहीं रहना चाहती। अपने जातीय सम्मान के साथ वह राज्य का सम्मान और विकास भी चाहती है।

Last Modified:
Friday, 07 November, 2025
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प्रो.संजय द्विवेदी, राजनीतिक विश्लेषक और टिप्पणीकार। बिहार चुनाव हमेशा की तरह फिर जाति, बाहुबल और विकास के त्रिकोण में उलझा दिखता है। सामाजिक न्याय क...
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