TRAI की नई पॉलिसी के खिलाफ टीवी ब्रॉडकास्टर्स का ‘हल्ला बोल’

ट्राई ने अपने टैरिफ ऑर्डर को बदलते हुए नई पॉलिसी पेश की है। इस बदलाव से इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन नाराज है और इसका पुरजोर तरीके से विरोध कर रहा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 11 January, 2020
Last Modified:
Saturday, 11 January, 2020
IBF

टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने लोगों के केबल बिल को कम करने के लिहाज से हाल ही में अपने टैरिफ ऑर्डर को बदलते हुए नई पॉलिसी पेश की है। इस बदलाव से इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन (Indian Broadcasting Foundation) नाराज है और इसका पुरजोर तरीके से विरोध कर रहा है। मुंबई में इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन से जुड़े कई दिग्गज एक साथ एक मंच पर आए और एकजुट होकर ट्राई के आदेश के खिलाफ हल्ला बोल दिया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से कंटेंट के निर्माण में बाधा आएगी, नौकरियां खतरे में आएंगी और आर्थिक ग्रोथ भी कम होगी।

बता दें कि ट्राई ने नए साल की शुरुआत में केबल और प्रसारण सेवाओं के लिए नई टैरिफ पॉलिसी पेश की, जिसके तहत ब्रॉडकास्टर्स को निर्देश दिया गया है कि चैनलों के अधिकतम मूल्य को 19 रुपए घटाकर 12 रुपए किया जाए, ताकि केबल टीवी के ग्राहकों को इसका लाभ मिल सके और वे कम कीमत पर अधिक चैनल देख सकें। वहीं 12 रुपए से अधिक कीमत वाले सभी टीवी चैनल किसी भी बुके का हिस्सा नहीं होंगे। इन चैनलों को ग्राहक अलग से ले सकेंगे। वह केबल चैनल जो 12 रुपए या उससे कम की कीमत वाले हैं उनके लिए एक अलग से ग्रुप बनाया जा सकता है।

1 जनवरी को जारी की गई इस नई टैरिफ पॉलिसी में ट्राई ने यह भी साफ कर दिया है कि कोई भी केबल ऑपरेटर अपने एक प्लेटफॉर्म पर सभी फ्री-टू-एयर चैनलों के लिए प्रतिमाह 160 रुपए से ज्यादा नहीं वसूलेगा।

ट्राई ने अपनी इस नई पॉलिसी में एक ही घर या फिर ऑफिस में एक से अधिक कनेक्शन लेने पर 40 फीसदी छूट देने की भी बात कही है। अभी दोनों से समान पैसा वसूला जाता है।

वहीं ट्राई ने इसे लागू करने की समय सीमा भी तय कर दी है। ट्राई के मुताबिक ब्रॉडकास्टर्स को 15 जनवरी तक अपने चैनल की दरों में बदलाव करने होंगे और इसे अपनी वेबसाइट पर डालनी होगी। 30 जनवरी तक दोबारा सभी चैनल्स की रेट लिस्ट पब्लिश करनी होगी, ताकि उपभोक्ता को चैनल चुनने में आसानी हो। ट्राई ने 1 मार्च 2020 से ये नई दरें लागू करने की बात कही है।

दरअसल, ट्राई का नई पॉलिसी जारी करने का मकसद न केवल ग्राहकों को लाभ पहुंचाना है, बल्कि उन केबल ऑपरेटर्स की मनमानी को भी रोकना है, जो एक चैनल का नाम लेकर तमाम ऐसे चैनलों का ग्रुप बना देते हैं जिसे ग्राहक देखना नहीं चाहता था। हालांकि ट्राई ने पिछले साल नई टैरिफ व्यवस्था लागू की थी, जिसमें दर्शक केवल उन्हीं चैनल के लिए पैसे देंगे, जिन्हें देखना चाहते हैं।

टेलिविजन ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री के शीर्ष कारोबारी आपसी गलाकाट प्रतिस्पर्धा को दरकिनार करते हुए ट्राई की इसी नई टैरिफ पॉलिसी के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। शुक्रवार को इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन के अंतर्गत टेलिविजन ब्रॉडकास्टर्स ने एकजुट होकर नई पॉलिसी का विरोध किया।

ब्रॉडकास्टर्स का कहना है कि चैनलों की अधिकतम दर तय करने से प्रसारण सामग्रियों का सृजन व रोजगार प्रभावित होगा और इंडस्ट्री की ग्रोथ धीमी पड़ जाएगी। प्रसारण उद्योग के संगठन इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फेडरेशन (आईबीएफ) ने कहा कि सब्सक्राइबर के लिए शुल्क कम करने का ट्राई का कदम एक तरह का सूक्ष्म नियमन है और यह उद्योग जगत का भविष्य जटिल बनाने वाला है।

आईबीएफ के अध्यक्ष व सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के प्रमुख एन.पी.सिंह ने कहा, ‘हम स्थिर और टिकाउ नियमन व्यवस्था चाहते हैं ताकि बेहतर रणनीति बना सकें। इस तरह के कदम से सामग्रियों का सृजन व रोजगार प्रभावित होगा और आर्थिक वृद्धि धीमी होगी।’

उन्होंने कहा कि ट्राई ने स्थापना के 15 साल में 36 शुल्क आदेश दिए हैं। उन्होंने कुछ हालिया निर्णयों को एकपक्षीय बताते हुए कहा कि बिना किसी आंकड़े या उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया जाने ही ये निर्णय लिए गए।

स्टार इंडिया के चेयरमैन उदय शंकर ने कहा कि इस तरह के कदम से दर्शकों का नुकसान ही होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इस फैसले का सीधा असर दर्शकों को दिखाए जा रहे कंटेंट पर पड़ेगा।ब्रॉडकास्टर्स के लिए में निवेश कम होगा, लिहाजा दर्शकों को कंटेंट कम मिलेगा। वहीं छोटे चैनल भी बंद हो जाएंगे, तो रोजगार पर भी इसका असर पड़ेगा।

जी एंटरटेनमेंट के मुख्य कार्यकारी पुनीत गोयनका ने सवाल उठाया कि ट्राई का यह कदम क्या ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अप्रोच का नतीजा है? क्या वाकई इससे ग्राहकों का फायदा होगा? हमने ये सवाल खुद से कई बार पूछे, लेकिन हर बार जवाब न में था, इसलिए हम सब यहां एक साथ आए हैं। ताकि हम सब एक दूसरे के विचार जान सकें।

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‘प्रधानमंत्री-2’ की प्रोमो लॉन्चिंग में जुटीं ये हस्तियां, देखें कार्यक्रम की झलकियां

दिल्ली के ओबेरॉय होटल में आयोजित कार्यक्रम में एबीपी न्यूज नेटवर्क के सीईओ ने इस शो के सफर के बारे में बताया, बॉलिवुड के जाने-माने डायरेक्टर शेखर कपूर इसे होस्ट करेंगे

Last Modified:
Monday, 20 January, 2020
PM

‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) अपने फ्लैगशिप शो ‘प्रधानमंत्री’ (Pradhanmantri) का दूसरा सीजन प्रधानमंत्री-2 लेकर आ रहा है। दिल्ली के ओबेरॉय होटल में 17 जनवरी को आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की गई। इस मौके पर इंडस्ट्री से जुड़ी तमाम शख्सियतों की मौजूदगी में शो का प्रोमो भी लॉन्च किया गया।

यह भी पढ़ें: लोगों के दिल में फिर जगह बनाने आया ABP न्यूज का ये शो

इस शो का प्रीमियर 25 जनवरी 2020 को किया जाएगा और ऑस्कर विनर व बॉलिवुड के जाने-माने डायरेक्टर शेखर कपूर इसे होस्ट करेंगे। यह शो वास्तविक कहानियों पर आधारित होगा और इसमें समकालीन भारत की कहानियों को शामिल किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: इस तरह का शो बनाने के लिए बहुत साहस चाहिए: अविनाश पांडे

इस शो के प्रोमो की लॉन्चिंग के मौके पर ‘एबीपी न्यूज नेटवर्क’ (ANN) के सीईओ अविनाश पांडे ने कार्यक्रम को संबोधित किया और लोगों के दिलों पर राज कर चुके इस शो के सफर के बारे में बताया।

इससे पहले ‘प्रधानमंत्री’ का पहला सीजन वर्ष 2013 में ऑन एयर हुआ था और करीब 26 हफ्ते तक चला था। उस दौरान लोगों ने इस शो को काफी पसंद किया था और न सिर्फ लोकप्रियता, बल्कि व्युअरशिप के मामले में भी इस शो ने नए आयाम स्थापित किए थे।

सिर्फ टीवी ही नहीं, इस शो को डिजिटल पर भी काफी लोगों ने देखा था। जैसे-यूट्यूब पर ही ‘प्रधानमंत्री’ को 32 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले थे। इस बारे में ‘एबीपी न्यूज नेटवर्क’ (ANN) के सीईओ अविनाश पांडे का कहना है, ‘इस शो के पहले सीजन में ऐसी कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं को दिखाया गया था, जिन्होंने स्वतंत्र भारत को आकार देने में काफी अहम भूमिका निभाई थी। दूसरे सीजन में, ऐसे विचारों पर चर्चा की जाएगी, जो महान राष्ट्रों की श्रेणी में भारत को उसका उचित स्थान दिलाएंगे।’  

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इस तरह का शो बनाने के लिए बहुत साहस चाहिए: अविनाश पांडे

दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में एबीपी न्यूज नेटवर्क के सीईओ ने लोगों के दिलों पर राज कर चुके इस शो के सफर के बारे में बताया

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 18 January, 2020
Last Modified:
Saturday, 18 January, 2020
Avinash Pandey

‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) अपने फ्लैगशिप शो ‘प्रधानमंत्री’ (Pradhanmantri) का दूसरा सीजन प्रधानमंत्री-2 लेकर आ रहा है। दिल्ली के ओबेरॉय होटल में 17 जनवरी को आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की गई। इस मौके पर शो का प्रोमो भी लॉन्च किया गया। इस शो का प्रीमियर 25 जनवरी 2020 को किया जाएगा और ऑस्कर विनर व बॉलिवुड के जाने-माने डायरेक्टर शेखर कपूर इसे होस्ट करेंगे। यह शो वास्तविक कहानियों पर आधारित होगा और इसमें समकालीन भारत की कहानियों को शामिल किया जाएगा। इस शो के प्रोमो की लॉन्चिंग के मौके पर ‘एबीपी न्यूज नेटवर्क’ (ANN) के सीईओ अविनाश पांडे ने कार्यक्रम को संबोधित किया और लोगों के दिलों पर राज कर चुके इस शो के सफर के बारे में बताया।

अविनाश पांडे ने अपनी स्पीच की शुरुआत देश के कानून और बोलने की आजादी की प्रशंसा के साथ की। उनका कहना था, ‘हमें अपने कानून पर गर्व है, क्योंकि यह हमें सभी मुद्दों पर खुले दिमाग से अपनी बात रखने की इजाजत देता है। यहां सभी लोगों को अपनी बात कहने की आजादी है। हम यहां अभिव्यक्ति की उसी आजादी का जश्न मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। हम सब इस बात को जानने को लेकर बहुत उत्सुक रहते हैं कि किस तरह से तमाम घटनाओं और लोगों ने हमारे देश को एक नया आकार दिया है।’ अविनाश पांडे के अनुसार, इन्हीं सब बातों को लेकर ‘प्रधानमंत्री’ सीरीज की शुरुआत हुई थी और यह शो लगातार आगे बढ़ता चला गया। उन्होंने कहा, ‘छह साल पहले हमें इस बारे में कोई आयडिया नहीं था कि दर्शक इसे किस रूप में देखेंगे। हम काफी खुशकिस्मत हैं कि हमारी प्रमोटर्स फैमिली ‘सरकार फैमिली’ ने न सिर्फ हमें सपोर्ट किया बल्कि  हमें यह अहसास भी दिलाया कि सिर्फ रेटिंग ही सब कुछ नहीं है। पत्रकारिता के रूप में हमारे पास दर्शकों के लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।’  

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इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘हमने यह शो शुरू करके एक तरह से रिस्क लिया था, लेकिन इस रिस्क का फायदा यह मिला कि यह शो न सिर्फ रेटिंग के मामले में, बल्कि युवाओं को शिक्षित करने के मामले में भी काफी बेहतरीन साबित हुआ। इसे 30 मिलियन युवाओं ने टीवी पर और 31 मिलियन से ज्यादा लोगों ने डिजिटल माध्यम पर देखा।

इसे 472 मिलियन मिनट से ज्यादा देखा गया। मुझे नहीं पता कि आप लोग इस बारे में कितना जानते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री-1 शो को आईएएस की तैयारी कराने वाले कई ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स ने अपने कोर्स का हिस्सा बनाया है। लालकृष्ण आडवाणी जैसे बड़े नेताओं ने सार्वजनिक मंच पर भी इस सीरीज का जिक्र किया है।’

अविनाश पांडे ने कहा कि हमने देखा है कि जहां एक ओर तमाम चैनल्स बेकार के शोरशराबे और भारत-पाकिस्तान के मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर डिबेट शो के द्वारा रेटिंग चार्ट में टॉप पर पहुंचने के लिए धक्का-मुक्की कर रहे हैं, वहां प्रधानमंत्री जैसा शो अपने दम पर मजबूती के साथ खड़ा हुआ है। पांडे के अनुसार, ‘प्रधानमंत्री जैसे शो का निर्माण करने के लिए साहस की जरूरत होती है।’ उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इसी पत्रकारीय जिम्मेदारी की वजह से ही ‘हमारा संविधान’ (Hamara Samvidhan) और ‘परिवर्तन’ (Parivarthan) शो शुरू किए गए।

अविनाश पांडे ने शेखर कपूर के दोबारा इस शो का हिस्सा बनने पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि कपूर द्वारा इस शो के लिए हामी भरना दर्शाता है कि यह शो कितना खास है। पांडे का कहना था, ‘जैसा कि आप सभी को पता होगा कि शेखर कपूर उस चीज पर कभी काम नहीं करते, जब तक कि उन्हें यह न लग जाए कि यह कुछ अलग और खास है। ऑस्कर के लिए नॉमिनेट होना और गोल्डन ग्लोब को जीतना आसान बात नहीं है।’

अपनी स्पीच में उस टीम की भी सराहना की, जिन्होंने इस शो को सफल बनाया। इनमें प्रड्यूसर और वाइस प्रेजिडेंट (स्पेशल कंटेंट) अंजू जुनेजा, डायरेक्टर्स-संजय नंदन और पुनीत शर्मा के साथ ही उनकी टीम मेंबर्स रुचि सिंह, अभिनव गोयल और पुनीत शर्मा का नाम भी शामिल है।  

अपनी स्पीच के आखिर में अविनाश पांडे का कहना था, ‘मेरा मानना है कि जिंदगी में कुछ उल्लेखनीय करने के लिए व्यक्ति के अंदर दो क्वालिटी होनी जरूरी हैं। आपको उस काम में दिलचस्पी लेनी होगी और दूसरा उसे रोचक बनाना होगा। वास्तव में प्रधानमंत्री-2 आज के समय के आप जैसे इच्छुक और परिपक्व दर्शकों के लिए काफी रुचिकर है।’

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लोगों के दिल में फिर जगह बनाने आया ABP न्यूज का ये शो

बॉलिवुड के जाने माने डायरेक्टर शेखर कपूर इसे होस्ट करेंगे, पहले सीजन में सफलता के नए आयाम स्थापित कर चुका है यह शो

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 18 January, 2020
Last Modified:
Saturday, 18 January, 2020
ABP News

‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) भारतीय न्यूज चैनल के इतिहास की सबसे बड़ी सीरीज ‘प्रधानमंत्री’ (Pradhanmantri) का दूसरा सीजन लेकर आ रहा है। दिल्ली के ओबेरॉय होटल में 17 जनवरी को आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की गई। इस शो का प्रीमियर 25 जनवरी 2020 को किया जाएगा और बॉलिवुड के जाने माने डायरेक्टर शेखर कपूर इसे होस्ट करेंगे। इस शो का प्रोमो रिलीज हो चुका है। बताया जाता है कि यह शो वास्तविक कहानियों पर आधारित होगा और इसमें समकालीन भारत की कहानियों को शामिल किया जाएगा।  

इससे पहले ‘प्रधानमंत्री’ का पहला सीजन वर्ष 2013 में ऑन एयर हुआ था और करीब 26 हफ्ते तक चला था। उस दौरान लोगों ने इस शो को काफी पसंद किया था और न सिर्फ लोकप्रियता, बल्कि व्युअरशिप के मामले में भी इस शो ने नए आयाम स्थापित किए थे। सिर्फ टीवी ही नहीं, इस शो को डिजिटल पर भी काफी लोगों ने देखा था। जैसे-यूट्यूब पर ही ‘प्रधानमंत्री’ को 32 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले थे।

इस बारे में ‘एबीपी न्यूज नेटवर्क’ (ANN) के सीईओ अविनाश पांडे का कहना है, ‘इस शो के पहले सीजन में ऐसी कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं को दिखाया गया था, जिन्होंने स्वतंत्र भारत को आकार देने में काफी अहम भूमिका निभाई थी। दूसरे सीजन में, ऐसे विचारों पर चर्चा की जाएगी, जो महान राष्ट्रों की श्रेणी में भारत को उसका उचित स्थान दिलाएंगे।’  

अविनाश पांडे का कहना है, ‘लंबे समय तक और कड़ी रिसर्च के दम पर तैयार ‘प्रधानमंत्री’ का दूसरा सीजन निश्चित रूप से लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा। हम टीवी न्यूज की आम धारणा से हटकर लोगों को ऐसा कंटेंट उपलब्ध कराते हैं, जिससे हम उनसे और गहराई से जुड़ सकें। यह शो भी इसी बात का प्रतीक है।’

इस शो के होस्ट शेखर कपूर ने कहा, ‘पहले शो की जबर्दस्त सफलता से उन पर अब और बड़ा व बेहतर सीजन तैयार करने का दबाव है। ऐसे में जिम्मेदारी काफी बढ़ गई है। दर्शकों की नब्ज पहचानने के बाद नए कॉन्सैप्ट और टॉपिक्स को लेकर नया सीजन लाया गया है। इस सीजन के द्वारा हम दर्शकों को भारतीय इतिहास की ऐसी यात्रा पर ले जाना चाहते हैं, जिसमें नए-पुराने व अनछुए पहलू शामिल हों।’

शो का लॉन्चिंग प्रोमो आप यहां देख सकते हैं:

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जानें, क्यों राजदीप सरदेसाई से बोले राज्यपाल, आपकी भाषा में समस्या है

‘नागरिकता संशोधन कानून’ (सीएए) का विरोध और खबरिया चैनलों में उस पर होने वाली बहस लगातार जारी है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 18 January, 2020
Last Modified:
Saturday, 18 January, 2020
Rajdeep sardesai

‘नागरिकता संशोधन कानून’ (सीएए) का विरोध और खबरिया चैनलों में उस पर होने वाली बहस लगातार जारी है। ‘इंडिया टुडे’ पर हुई एक ऐसी ही बहस का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस विडियो में वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई के सवाल पर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान नाराजगी व्यक्त करते नजर आ रहे हैं।

दरअसल, नागरिकता संशोधन कानून को केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। राज्यपाल ने केरल सरकार को इस बात के लिए फटकार लगाई थी कि सीएए को लेकर कोर्ट में याचिका दायर करने से पहले उनकी सलाह क्यों नहीं ली गई। इस विषय पर चर्चा के लिए आरिफ मोहम्मद खान को ‘इंडिया टुडे’ के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई ने अपने शो में आमंत्रित किया था। इस दौरान राजदीप ने कई ऐसे तीखे सवाल पूछे, जिनसे राज्यपाल का मिजाज बिगड़ गया।

केरल की बात करते हुए सरदेसाई ने पहला सवाल दागा कि ‘राज्य सरकार के फैसले में ऐसा क्या है कि आप इतने नाराज हो गए और सार्वजानिक रूप से यह कहना पड़ा कि आपसे सलाह ली जानी चाहिए थी’? इस पर आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, ‘सबसे पहले तो आपने जो शब्द ‘नाराज’ इस्तेमाल किया है, वो पूरी तरह गलत है। मैंने ऐसा कभी नहीं कहा कि मैं नाराज़ हूं। मैंने बस यही कहा है कि राज्य का संवैधानिक प्रमुख होने के नाते राज्य सरकार को सलाह देना मेरा अधिकार है और यदि सरकार मुझसे कुछ छिपाती है या मुझे बताए बिना सुप्रीम कोर्ट में चली जाती है तो मैं अपने संवैधानिक अधिकार का उपयोग कैसे करूंगा’?

राजदीप ने दूसरा सवाल दागते हुए पूछा कि ‘किसी भी चुनी हुई सरकार के पास सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार है, वे राज्यपाल से सलाह लेने के लिए बाध्य नहीं है तो उन्हें आपके पास क्यों आना चाहिए था? आरिफ मोहम्मद खान ने सवाल के जवाब में अपनी बात रखी, लेकिन राजदीप उससे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने सवालों की बौछार जारी रखते हुए कहा, ‘ऐसा लगता है कि आप यह महसूस करते हैं कि आपको रबर स्टाम्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है’? इस सवाल से राज्यपल थोड़े असहज हुए, मगर जब राजदीप सरदेसाई ने राज्यपाल के रूप में आरिफ मोहम्मद खान की नियुक्ति को भाजपा से जोड़ने का प्रयास किया तो वह नाराज हो गए। 

सरदेसाई ने पूछा, ‘क्या नागरिकता संशोधन कानून पर आपका और केरल सरकार का रुख इसलिए अलग है क्योंकि वहां लेफ्ट की सरकार है और आपको भाजपा ने नियुक्त किया है?’  इस पर आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, ‘मुझे लगता है आपकी भाषा में परेशानी है। आप कह रहे हैं कि मुझे भाजपा ने नियुक्त किया है। मुझे भाजपा सरकार ने नहीं, बल्कि देश के राष्ट्रपति ने नियुक्त किया है। समस्या यह है कि आप जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वही ध्रुवीकरण की वजह है। यही भाषा समाज में नफरत फैला रही है। समाज में हिंसा का माहौल उत्पन्न कर रही है।’

इस दौरान राजदीप सरदेसाई ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन खान ने अपनी बात जारी रखते हुए आगे कहा, ‘माफी चाहता हूं, मगर राजदीप सरदेसाई, आपने पुरानी बातों से सबक नहीं सीखा है।’

राज्यपाल खान जब अपनी नाराज़गी व्यक्त करने के बाद रुके, तब राजदीप ने सफाई देते हुए कहा ‘सर, राजदीप सरदेसाई का काम सवाल पूछना है और मैं लगातार पूछता रहूंगा।’ सोशल मीडिया पर यह बहस तेजी से वायरल हो रही है। नागरिकता कानून का समर्थन करने वाले जहां इसके लिए राजदीप सरदेसाई की आलोचना कर रहे हैं, वहीं अपने तीखे सवालों के लिए उन्हें सराहा भी जा रहा है।

बहस का विडियो आप यहां देख सकते हैं:

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नए नियमों से कुछ यूं तालमेल बिठाने की तैयारी में है टीवी इंडस्ट्री

टेलिविजन इंडस्ट्री में नए रेगुलेशंस को लेकर इस इंडस्ट्री से जुड़े दिग्गजों के अलग-अलग विचार हैं और उसी के अनुसार ज्यादा से ज्यादा दर्शकों को जोड़ने के लिए वे अपनी स्ट्रैटेजी बनाने में जुटे हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 18 January, 2020
Last Modified:
Saturday, 18 January, 2020
TV

टेलिविजन इंडस्ट्री में नए रेगुलेशंस को लेकर इस इंडस्ट्री से जुड़े दिग्गजों के अलग-अलग विचार हैं। नए रेगुलेशन से इस क्षेत्र में ज्यादा स्थायित्व और इंडस्ट्री की अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। इसके साथ ही कई ब्रॉडकास्टर्स ऐसे रणनीतिक रास्ते तलाश रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा व्युअर्स को अपने साथ जोड़ा जा सके। एक ओर कुछ बड़े ब्रॉडकास्टर्स लिनियर टीवी (Linear TV) और तेजी से बढ़ते डिजिटल क्षेत्र को मिलाने की बात कर रहे हैं, ताकि एडवर्टाइजर्स से अच्छी डील की जा सके, वहीं कुछ ब्रॉडकास्टर्स व्युअर्स की जरूरतों के अनुसार उन्हें पहले से ज्यादा बेहतर और आकर्षक कंटेंट देने की जुगत में लगे हुए हैं।

इन्हीं सब बातों को लेकर हमारी सहयोगी मैगजीन ‘इंपैक्ट’ (IMPACT) ने टीवी इंडस्ट्री से जुड़े कुछ दिग्गजों से बातचीत की। आइए, जानते हैं कि इस मामले पर इंडस्ट्री से जुड़ी इन शख्सियतों ने क्या कहा।

रेगुलेशनंस से विज्ञापन कैटेगरी में बढ़ोतरी के साथ स्थायित्व आएगा: ‘टाइम्स नेटवर्क’ (Times Network) के एमडी और सीईओ एमके आनंद का कहना है कि फरवरी 2019 में लागू किए गए न्यू टैरिफ ऑर्डर (NTO) ने टीवी की पहुंच और विज्ञापन बिक्री (Ad Sales) पर काफी प्रभाव डाला है। इस नए बदलाव से तालमेल बैठाने के लिए ब्रॉडकास्टर्स लगे हुए हैं। उम्मीद है कि रेगुलेशन में प्रस्तावित बदलावों से स्थायित्व में मदद मिलेगी। पिछले कुछ महीनों में खराब प्रदर्शन के बाद उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 2020 में विज्ञापन की कुछ श्रेणियों में दोबारा से बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इससे ब्रॉडकास्टर्स को राहत मिलेगी।

कंज्यूमर को ही प्राथमिकता: 'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ के सीईओ (इंडिया ब्रॉडकास्ट बिजनेस) पुनीत मिश्रा का कहना है कि सिर्फ भाषा और कंटेंट के बारे में सोचने के बजाय सबसे पहले आप अपने कंज्यूमर के बारे में कैसे सोचते हैं? यह बहुत जरूरी है।  एफएमसीजी वर्ल्ड ने इस दिशा में काफी किया है, जहां साबुन की एक टिकिया के लिए 18 महीने तक काफी कंज्यूर रिसर्च की जाती है। उस साबुन को व्यक्ति सिर्फ तीन मिनट इस्तेमाल करता है, लेकिन वह कंटेंट को दिन में करीब चार घंटे देखता है। ऐसे में आपको यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि आप अपने कंज्यूमर को समझते हैं और तभी वह आपके साथ इतना समय व्यतीत करता है। हम इस दिशा में लगातार जुटे हुए हैं और इस बात को सुनिश्चित करते हैं कि कंटेंट को ऑन एयर करते समय सबसे पहले कंज्यूमर को ध्यान में रखा जाए।

काफी अच्छा रहा है ये कदम: ‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स’ इंडिया  के प्रेजिडेंट (नेटवर्क सेल्स एंड इंटरनेशनल बिजनेस) रोहित गुप्ता का कहना है कि बड़े ब्रॉडकास्टर्स अपनी डिजिटल और टेलिविजन ऑफरिंग को मजबूती देंगे। हालांकि, इन्हें अलग-अलग तरीके से खरीदा और बेचा जाता है। जल्द ही इसमें बदलाव होने वाला है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर व्युअरशिप काफी ज्यादा है और इसलिए दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। ग्लोबल स्तर पर देखें तो ब्रैंड्रस अपनी एजेंसियों को मजबूती देने में जुटे हैं, ताकि उनसे रिटर्न भी सुनिश्चित किया जा सके। यह कदम भी ब्रॉडकास्टर और एजेंसी के साथ एडवर्टाइजर के लिए भी काफी अच्छा रहा है।

टीवी की पहुंच और दर्शकों में इसकी पैठ बढ़ेगी: ‘देशभर में टेलिविजन दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था 'ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल' (BARC) इंडिया के सीईओ सुनील लुल्ला का कहना है कि पिछले चार साल में टीवी पर बिताए जाने वाले समय में लगातार वृद्धि हुई है। इस साल भी इस तरह की स्थिति बनी रहेगी और लोग टीवी पर इस साल भी ज्यादा से ज्यादा समय बिताएंगे। मेरा मानना है कि वर्ष 2020 में टीवी की पहुंच (खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में) बढ़ेगी और बड़ी संख्या में लोग भी इससे जुड़ेगे। बार्क भी अपनी मीजरमेंट प्रक्रिया में और मजबूती ला रहा है, ताकि टेलिविजन इंडस्ट्री को बेस्ट मीजरमेंट दिया जा सके, जिससे वे उसी के अनुसार अपनी स्ट्रैटेजी भी बना सकें।

रीजनल कंटेंट और विश्लेषण से इस सेक्टर को मिलेगी और गति: इस बारे में मीडिया नेटवर्क ‘वायकॉम18’ (Viacom18) की हेड (Hindi Mass Entertainment & Kids TV Network) नीना इलाविया जयपुरिया का कहना है कि इस साल टेलिविजन सेक्टर को आगे बढ़ाने में रीजनल कंटेंट और विश्लेषण (Analytics) महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नीना इलाविया के अनुसार, ‘हमारे देश विभिन्न भाषाओं वाला देश है। पिछले एक साल की बात करें तो रीजनल कंटेंट के मार्केट में जबर्दस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। आने वाले समय में भी यह ट्रेंड जारी रहेगा, क्योंकि व्युअर्स अपनी पसंद की भाषा में कंटेंट देखना ज्यादा पसंद करते हैं। डिस्ट्रीब्यूशन, व्युअरशिप और एडवर्टाइजमेंट के मोर्चे पर सफलता के लिए रीजनल फ्रेंचाइजी काफी अहम बनी रहेगी। मीडिया के क्षेत्र में बिग डाटा और एनालिटिक्स भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे कंज्यूमर्स और उनकी प्राथमिकताओं को बेहतर तरीके से समझने में काफी मदद मिलेगी।’ 

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टॉक शो में मंत्री ने दिखाया जूता, एंकर को मिली कड़ी सजा

लाइव टीवी शो में मंत्री ने बूट दिखाकर नवाज शरीफ पर निशाना साधा, जिसके बाद इस शर्मनाक हरकत को लेकर पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (पेमरा) ने कड़ा एक्शन लिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 16 January, 2020
Last Modified:
Thursday, 16 January, 2020
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पाकिस्तान के न्यूज चैनलों की अजीबोगरीब हरकतें अकसर सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती हैं। इस बार इमराम खान के सरकार में जल संसाधन मंत्री फैसल वावदा का एक विडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक लाइव टीवी शो में फौजी बूट दिखाते नजर आ रहे हैं। इस लाइव टीवी शो में वावदा ने बूट दिखाकर पाक के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर निशाना साधा है। हालांकि सोशल मीडिया पर इस शर्मनाक हरकत के वायरल होने के बाद पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (पेमरा) ने कड़ा एक्शन लिया है। पेमरा ने टेलिविजन टॉक शो व होस्ट को दो महीने के लिए प्रतिबंधित कर दिया है।

पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण के मुताबिक उनके खिलाफ एक्शन इसलिए लिया गया क्योंकि उन्होंने टीवी शो ‘ऑफ द रिकॉर्ड’ में अनैतिक कार्यों के प्रदर्शन की अनुमति दी।

वहीं, जवाब में काशिफ अब्बासी का कहना है कि पेमरा ने उन पर जो प्रतिबंध लगाया है, वह ‘फ्रीडम ऑफ स्पीच’, अनुच्छेद 19 के खिलाफ है।

दरअसल हुआ यूं कि मंगलवार को पाकिस्तान के चैनल ‘एआरवाई न्यूज’ (ARY News)  पर सीनियर एंकर काशिफ अब्बासी टॉक शो ‘ऑफ द रिकॉर्ड’ को होस्ट कर रहे थे। यह शो पाकिस्तान में आर्मी एक्ट संशोधन कानून को लेकर था। इस कानून के जरिए पाक आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा का कार्यकाल तीन साल बढ़ाया गया है। 

इस शो के गेस्ट थे- संघीय जल संसाधन मंत्री फैसल वावदा, पीपीपी के वरिष्ठ नेता कमर जमान कैरा और पीएमएल-एन सीनेटर जावेद अब्बासी। टीवी शो में फैसल वावदा ने नवाज शरीफ और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि बेशर्म लोग किसी भी हद तक जा सकते हैं। हालांकि इसके बाद तीनों नेताओं के बीच विवाद बढ़ा, तो फैसल वावदा ने फौजी जूता निकाल लिया और टेबल पर रखते हुए कहा,  'अपने चोर (नवाज शरीफ) को बचाने और देश से भगाने के लिए आप लोग किसी भी हद तक जा सकते हैं।'   

उन्होंने आगे कहा, 'आपने जो लेटकर, चूमकर बूट को इज्जत दी है। आप इस बूट के सामने भी सिर झुका सकते हैं और सम्मान दे सकते हैं।' उन्होंने कहा कि इस बूट से वे उनका स्वागत करते हैं।

बूट डेस्क पर रखे जाने से नाराज होकर अब्बासी और कायरा दोनों ने इसका विरोध किया और बाद में शो छोड़कर चले गए।

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर हाल ही में नवाज शरीफ की लंदन के एक होटल में खाना खाते तस्वीर वायरल हुई थी, जबकि पाकिस्तान की कोर्ट ने उन्हें भ्रष्टाचार मामले में सजा सुनाने के बाद इलाज के लिए जमानत दी थी। इस मसले पर टीवी डिबेट में मंत्री ने कहा,  'आपकी चोरी पकड़ी गई तो आपके बेटे ने कहा कि हवाखोरी के लिए बाहर निकले थे। कोर्ट ने आपको इसकी इजाजत नहीं दी थी।

हालांकि इस घटना के बाद फैसल वावदा की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हो रही है। 

 

 

 

 

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‘न्यूज 1 इंडिया’ ने अपनी रणनीति को कुछ यूं दी धार

माना जा रहा है साल 2020 रीजनल न्यूज चैनलों के लिए आसान नहीं होने वाला है। ऐसे में कई चैनलों के रणनीतिकार इस चुनौती से निपटने की योजना बना रहे हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 16 January, 2020
Last Modified:
Thursday, 16 January, 2020
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माना जा रहा है साल 2020 रीजनल न्यूज चैनलों के लिए आसान नहीं होने वाला है। ऐसे में कई चैनलों के रणनीतिकार इस चुनौती से निपटने की योजना बना रहे हैं। ‘न्यूज 1 इंडिया’ ने 2020 में टीवी स्क्रीन पर नए तेवर और नए कलेवर के साथ दिखने का फैसला किया। साथ ही साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अपनी मौजूदगी को पुख्ता करने की कवायद की जा रही है। हाल ही में ‘न्यूज 1 इंडिया’ को यूट्यूब ने सिल्वर बटन दिया है।

‘न्यूज 1 इंडिया’ के एडिटर-इन-चीफ अनुराग चड्ढा कहते हैं कि ‘2020 में हमने ना सिर्फ अपने सब्सक्राइबर बेस को पांच गुना करने का लक्ष्य रखा है बल्कि टिकटॉक और स्नैपचैट जैसे उन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भी न्यूज के लिए इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं, जो अब तक खबरों की दुनिया से अछूते थे। ये एक बहुत बड़ा दर्शक वर्ग है, जिसे इग्नोर नहीं किया जा सकता।’  

बतौर एग्जिक्यूटिव एडिटर ‘न्यूज 1 इंडिया’ की संपादकीय कमान संभाल रहे डॉ. दिग्विजय सिंह का मानना है कि 2020 में रीजनल चैनलों के सामने सबकी बड़ी चुनौती अपनी निष्पक्षता को बनाए रखते हुए आर्थिक तौर पर भी मजबूत बने रहने की होगी। इसीलिए ‘न्यूज 1 इंडिया’ डिजिटल और OTT प्लेटफॉर्म के जरिए रेवेन्यू की हर संभावना का पूरा इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है।

डॉ. दिग्विजय सिंह का कहना है कि 'न्यूज 1 इंडिया' जल्द ही कुछ नए कार्यक्रमों के साथ आ रहा है, जिनमें राजनीतिक और बिजनेस जगत की भागीदारी तो दिखाई देगी ही। साथ ही साथ आम जनता से जुड़े मुद्दों को भी अहमियत दी जाएगी, जिसका इन दिनों टीवी जर्नलिज्म में अभाव दिख रहा है।

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वरिष्ठ टीवी पत्रकार शीतल राजपूत ने लिया ये बड़ा फैसला

जनतंत्र टीवी के फ्लैगशिप शो ‘सवाल भारत का’ को होस्ट कर रही थीं शीतल राजपूत

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 16 January, 2020
Last Modified:
Thursday, 16 January, 2020
Sheetal Rajput

वरिष्ठ पत्रकार और हिंदी न्यूज चैनल ‘जनतंत्र टीवी’ (JANTANTRA TV) की मैनेजिंग एडिटर शीतल राजपूत के बारे में खबर है कि उन्होंने संस्थान को बाय बोल दिया है। वरिष्ठ टीवी पत्रकार वाशिंद्र मिश्र के नेतृत्व में रिलॉन्च हुए ‘जनतंत्र टीवी’ के साथ शीतल राजपूत ने पिछले साल ही अपनी पारी शुरू की थी। वह चैनल के फ्लैगशिप शो ‘सवाल भारत का’ (SAWAL BHARAT KA) को होस्ट कर रही थीं।

शीतल राजपूत इससे पहले ‘न्यूज24’ के साथ बतौर डिप्टी एडिटर अपनी जिम्मेदारी संभाल रही थीं। ‘न्यूज24’ जॉइन करने से पहले वे अरनब गोस्वामी के ‘रिपब्लिक टीवी’ में वॉर कॉरेस्पोंडेंट के तौर पर कार्यरत थीं। ‘रिपब्लिक टीवी’ से पहले शीतल राजपूत कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं, जिनमें ‘इंडिया न्यूज’, ‘जी न्यूज’ और ‘आजतक’ न्यूज चैनल शामिल हैं।

‘इंडिया न्यूज’ में शीतल राजपूत ने एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर काम किया और बतौर एंकर यहां उन्होंने कई टॉक शो और प्राइम टाइम डिबेट शो होस्ट किए। इसके अलावा उन्होंने कई बार फील्ड रिपोर्टिंग भी की।

‘इंडिया न्यूज’ से पहले वे ‘जी न्यूज’ का हिस्सा थीं और यहां वे दो बार अपना योगदान दे चुकीं हैं। अप्रैल 2000 से जून 2006 तक बतौर प्रिंसिपल कॉरेस्पोंडेंट और इसके बाद अक्टूबर, 2007 से फरवरी 2013 तक एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर के तौर पर उन्होंने ‘जी न्यूज’ में काम किया। बीच में एक साल यानी जून 2006 से जुलाई 2007 तक ‘आजतक’ न्यूज चैनल का हिस्सा रहीं और यहां उन्होंने बतौर कॉरेस्पोंडेंट काम किया।

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इस घटना के बाद इस्तीफा देने में जुटे पत्रकार, एक ने 13 साल झूठ बोलने के लिए मांगी माफी

एक एंकर ने जनता से माफी मांगते हुए कुछ ऐसा लिखा है, जिसने सरकारी खबरिया चैनलों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 15 January, 2020
Last Modified:
Wednesday, 15 January, 2020
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ईरान-अमेरिकी विवाद के साथ-साथ ईरान के कुछ पत्रकारों द्वारा बीते दिनों दिए गए इस्तीफे भी अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बने हुए हैं। सबसे ज्यादा बात ईरान के ‘स्टेट टेलिविजन’ की एंकर गैलारे जब्बारी (Gelare Jabbari) के इस्तीफे की हो रही है, क्योंकि उन्होंने जनता से माफी मांगते हुए कुछ ऐसा लिखा है, जिसने सरकारी खबरिया चैनलों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जब्बारी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा है ‘मेरे लिए यह विश्वास करना बहुत कठिन था कि हमारे लोग मारे गए हैं। मुझे यह देरी से पता चला इसलिए माफी चाहती हूं, साथ ही पिछले 13 सालों से आपसे झूठ बोलने के लिए भी माफी चाहती हूं।’

गैलारे जब्बारी के इस भावनात्मक संदेश का मतलब यह निकाला जा रहा है कि ‘स्टेट टीवी’ पर दिखाई जाने वाली खबरों में अधिकांश झूठ का पुलिंदा होती हैं। वहीं, अमेरिकी मीडिया ने भी जब्बारी के इस्तीफे को इसी रूप में लिया है।

‘वॉशिंगटन पोस्ट’ की खबर में कहा गया है कि ईरान ने पहले अमेरिकी सैनिकों को मार गिराने का झूठा दावा किया फिर विमान हादसे पर झूठ बोलता रहा। अब उसके पत्रकारों के इस्तीफे से कहीं न कहीं यह बात साबित रही है।

गैलारे जब्बारी की तरह सरकारी चैनल IRIB से इस्तीफा देनी वालीं जहरा खातमी ने कहा ‘आज तक मुझे एंकर के रूप में स्वीकार करने के लिए धन्यवाद। मैं कभी टीवी पर वापस नहीं आऊंगी। मुझे माफ कर दीजिए।’

खातमी की साथी एंकर सबा ने भी पत्रकारिता को अलविदा कह दिया है। उन्होंने इसकी जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा ‘मेरे करियर के दौरान आपके समर्थन के लिए धन्यवाद। 21 साल बाद रेडियो और टीवी में काम करने के बाद, अब मैं मीडिया का हिस्सा बने नहीं रह सकती।’

एक के बाद एक पत्रकारों के इस्तीफे की सबसे बड़ी वजह यूक्रेनी विमान को मार गिराना है। अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने यूक्रेन के यात्री विमान को मार गिराया था, विमान में 176 यात्री सवार थे। शुरुआत में ईरान ने इसमें किसी तरह का हाथ होने से इनकार किया, लेकिन जब ब्लैक बॉक्स को लेकर उस पर दबाव बनाया जाने लगा तब जाकर उसने भूलवश विमान गिराने की बात कबूली।

सरकारी मीडिया द्वारा मामले को दबाने की भरसक कोशिश की गई, जिसे लेकर पत्रकारों में सरकार के खिलाफ नाराजगी उत्पन्न हुई जो अब इस्तीफों के रूप में सामने आ रही है। गैलारे जब्बारी (Gelare Jabbari) पिछले 13 सालों से ईरान के स्टेट टेलिविजन से जुड़ी हुई थीं और कई शो होस्ट करती थीं। उन्होंने फिलहाल अपना वह पोस्ट सोशल मीडिया से हटा लिया है जिसमें उन्होंने देशवासियों से झूठ बोलने के लिए माफी मांगी थी।

वहीं, तेहरान स्थित एसोसिएशन ऑफ ईरानी जर्नलिस्ट्स ने अपने बयान में कहा है कि देश सार्वजनिक विश्वास के अंतिम संस्कार का गवाह बन रहा है। जो कुछ भी हुआ उसने ईरान के आधिकारिक मीडिया की पहले से ही धूमिल प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाया है।

उधर, कई समाचार पत्रों ने भी सरकार को लेकर नाराजगी व्यक्त की है, उनका कहना है कि सरकार के झूठ के चलते उसके पाठकों को सच जानने के लिए अंतरराष्ट्रीय मीडिया का रुख करना पड़ा। साथ ही कुछ पत्रकारों ने भी जनता से माफी मांगते हुए अपनी सफाई में कहा है कि उनकी रिपोर्टिंग सरकारी अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित थी।   

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DD पर खेलों के प्रसारण को लेकर HC ने सरकार को दिया ये आदेश

स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्ट सिग्नल्स (प्रसार भारती के साथ अनिवार्य साझेदारी) अधिनियम 2007 के तहत स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर्स को राष्ट्रीय महत्व के खेलों को प्रसार भारती के साथ साझा करना जरूरी है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 15 January, 2020
Last Modified:
Wednesday, 15 January, 2020
Doordarshan

मद्रास हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश देकर जवाब मांगा है कि क्या स्पोर्ट्स अधिनियम 2007 में संशोधन किया जा सकता है, जिससे राष्ट्रीय महत्व के खेलों को दूरदर्शन के ‘ओवर द टॉप’ (OTT) प्लेटफॉर्म्स पर दिखाने की अनुमति मिल सके।

स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्ट सिग्नल्स (प्रसार भारती के साथ अनिवार्य साझेदारी) अधिनियम 2007 के तहत स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर्स को राष्ट्रीय महत्व के खेलों के प्रसारण को प्रसार भारती के साथ साझा करना जरूरी है, ताकि पब्लिक ब्रॉडकास्टर द्वारा टेरेस्ट्रियल नेटवर्क (terrestrial network) और दूरदर्शन के डायरेक्ट टू होम (DTH) प्लेटफॉर्म्स पर मुफ्त में इनका प्रसारण किया जा सके।  

मुंबई के एक इंजीनियर आदित्य मोदी द्वारा दायर जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस एपी शाही और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की बेंच ने यह निर्देश दिया है। हाई कोर्ट की बेंच ने अधिकारियों को तीन महीने के अंदर इस मामले में उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि पूरी तरह नीति निर्धारण से जुड़ा मामला है, जिस पर विभिन्न कारकों (factors) की जांच के बाद सरकार को निर्णय लेना था।

इस जनहित याचिका में आदित्य मोदी द्वारा तर्क दिया गया था कि इंटरनेट की सुविधा होने के बाद भी लोग राष्ट्रीय महत्व के खेलों को दूरदर्शन के ओवर द टॉप प्लेटफॉर्म्स पर नहीं देख पाते हैं, क्योंकि खेल प्रसारण कानून में इस पर रोक लगी हुई है। वहीं, इस तर्क का प्रसार भारती समेत अन्य उत्तरदाताओं द्वारा यह कहकर विरोध किया गया कि इससे नागरिकों के मौलिक अधिकारों सहित कोई भी अधिकार प्रभावित नहीं हो रहा था। बता दें कि सामान्य तौर पर राष्ट्रीय महत्व के खेल वे होते हैं, जिनमें भारत किसी ग्लोबल स्पोर्टिंग इवेंट में भाग ले रहा हो या फिर किसी बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में हो।

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