ये 4 एंटरप्रिन्योर्स लेकर आए हैं नया न्यूज चैनल R9 TV

मीडिया इंडस्ट्री पर अर्थव्यवस्था की सुस्त रफ्तार का प्रभाव पड़ने के बावजूद अस्तित्व में आ रहे हैं नए चैनल भी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Friday, 13 September, 2019
Last Modified:
Friday, 13 September, 2019
R9TV

अर्थव्यवस्था की सुस्त रफ्तार के बीच एक ओर जहां कई चैनल्स अपना कारोबार समेट रहे हैं और कुछ ने तो ताला भी लगा दिया है, वहीं इन सबके बीच कुछ नए चैनल शुरू भी हो रहे हैं। चार एंटरप्रिन्योर्स ने मिलकर ‘R9 TV’ के नाम से नया हिंदी न्यूज चैनल शुरू किया है। यह चैनल ‘एयरटेल टीवी’ पर पहले से ही मौजूद है और जल्द ही ‘टाटा स्काई’ व अन्य प्लेटफॉर्म्स पर दिखाई देने लगेगा।

चैनल के चारों फाउंडर्स सुनील त्रिपाठी, अविनाश कुमार, विनोद सिंह और करण मोहन का डिजिटल के क्षेत्र में काफी मजबूत बैकग्राउंड है। इन चारों का कहना है कि उनका चैनल ‘राष्ट्रधर्म सर्वप्रथम’ के सिद्धांत पर आधारित है और यह देश में न्यूज मीडिया के क्षेत्र में एक ताजी हवा के झोंके की तरह अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगा।

हालांकि चारों फाउंडर्स ने चैनल शुरू करने में हुए निवेश के बारे में नहीं बताया, लेकिन यह जरूर कहा कि कंपनी के पास पहले से ही 100 से ज्यादा लोगों का स्टाफ है। यही नहीं, ‘R9TV’ के प्रमोटर्स डीडी फ्रीडिश के लिए भी बोली लगा रहे हैं, ताकि हिंदी और रीजनल न्यूज जॉनर में ज्यादा से ज्यादा पहुंच बनाई जा सके।

इस बारे में चैनल के मैनेजिंग डायरेक्टर अविनाश कुमार का कहना है, ‘हम समझते हैं कि मीडिया इंडस्ट्री इस समय काफी कठिन दौर से गुजर रही है। हम बिजनेस की बारीकियों को भी समझते हैं। हमारा मुकाबला ‘आजतक’ और ‘रिपब्लिक भारत’ जैसे चैनल्स से है। चैनल्स की भीड़ में हमारा चैनल काफी अलग होगा।’

उन्होंने कहा, ‘जनसरोकारों के लिए काम करने के अपने मिशन के तहत चैनल अपने ऑडियंस को निष्पक्ष और हाई क्वालिटी का आउटपुट देगा, जो न सिर्फ सूचना देने का काम करेगा बल्कि एजुकेट करने का काम भी करेगा। ट्रेडिशनल न्यूज और साहित्यिक कहानियों से अलग हटकर यह कुछ खास अंदाज में काम करेगा। कहने का मतलब है कि चैनल की न्यूज कवरेज निष्पक्ष और इंडिपेंडेंट होगी और इसकी प्रेजेंटेशन भी काफी यूनिक होगी।’

कुमार ने कहा, ‘फिलहाल बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान में हमारे ऑडियंस हैं और हम जल्द ही अन्य हिंदी भाषी राज्यों में केबल, डीटीएच और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपनी पहुंच बढ़ाएंगे।’ उन्होंने बताया कि चैनल की डिजिटल मंच पर भी अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराने की योजना है। आने वाले छह महीनों में इसके पास मराठी, पंजाबी समेत कई भाषाओं में कम से कम आठ रीजनल प्लेटफॉर्म्स होंगे। इसके अलावा तीन-चार रीजनल चैनल्स भी होंगे।

बताया जाता है कि राष्ट्र की आवाज बनने के अपने मिशन के तहत चैनल ने एक खास पहल भी शुरू की है। इसके तहत न्यू इंडिया के विजन को शेयर करने के लिए विकास समेत कई मुद्दों पर बातचीत का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है।

 

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पुलिसकर्मियों को टोकना इंडिया न्यूज के पत्रकार को पड़ गया भारी, हुआ ये अंजाम

रात को घर जाने के लिए अपने दोस्त के साथ कैब का इंतजार कर रहे थे पीड़ित पत्रकार, बाइक पर बिना हेलमेट लगाए गलत दिशा से आ रहे थे पुलिसकर्मी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Saturday, 21 September, 2019
Last Modified:
Saturday, 21 September, 2019
Rahul Kadyan

पत्रकारों के खिलाफ पुलिसिया उत्पीड़न के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। पिछले दिनों उत्तर प्रदेश की नोएडा पुलिस द्वारा अमर उजाला की डिजिटल विंग में कार्यरत फोटो जर्नलिस्ट दिनेश कुमार (27) के उत्पीड़न का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि नोएडा में ही टीवी चैनल के पत्रकार के खिलाफ पुलिस के प्रकोप का एक और मामला सामने आया है। जहां पर पुलिस ने न सिर्फ पत्रकार और उसके दोस्त की जमकर पिटाई की, बल्कि डंडा मारकर पत्रकार का मोबाइल भी तोड़ दिया। यही नहीं, पत्रकार को रात भर थाने में भी बिठाए रखा। सुबह होने पर किसी तरह पत्रकार को थाने से छोड़ा गया।

पत्रकार का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने गलत दिशा से बिना हेलमेट लगाए आ रहे बाइक सवार पुलिसकर्मियों को टोक दिया था। पुलिस की ज्यादती का शिकार हुआ ये पत्रकार अब अपने लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। यही नहीं, उसकी एफआईआर तक दर्ज नहीं की जा रही है।

बताया जाता है कि दिल्ली निवासी और ‘इंडिया न्यूज’ में प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत वरिष्ठ खेल पत्रकार राहुल कादयान गुरुवार रात को अपने दोस्त राजीव श्रीवास्तव के साथ नोएडा, सेक्टर-18 आए थे। दोनों रात को सेक्टर-18 मेट्रो स्टेशन के नीचे कैब का इंतजार कर रहे थे।

यह भी पढ़ें: अमर उजाला के पत्रकार पर टूटा पुलिस का 'कहर', दर्ज की FIR

राहुल का आरोप है कि इसी बीच उन्हें बाइक पर दो पुलिसकर्मी गलत दिशा से बगैर हेलमेट के तेजी से आते हुए दिखे तो उन्होंने पुलिसकर्मियों को टोक दिया और देखकर चलाने को कहा। आरोप है कि इसके बाद दोनों पुलिसकर्मी ने राहुल और राजीव के साथ मारपीट की। इसके बाद पुलिसकर्मी चले गए और कुछ देर बाद अपने साथ कार में तीन अन्य पुलिसकर्मियों को लेकर लौट आए।

आरोप है कि पांचों पुलिस कर्मियों ने मिलकर मेट्रो स्टेशन के नीचे सड़क पर लाठी डंडों से राहुल और राजीव की पिटाई की। उन्होंने लाठी से राहुल का मोबाइल भी तोड़ दिया। इस दौरान राजीव वहां से किसी तरह निकल गए। पुलिसकर्मी बाद में राहुल को अपने साथ सेक्टर18 पुलिस चौकी ले गए और यहां भी जमकर पिटाई की। इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें सेक्टर 20 थाने में ले गए और रात भर बिठाए रखा। सुबह होने पर पुलिस ने किसी तरह उन्हें छोड़ा।

शुक्रवार दोपहर को पीड़ित राहुल ने एसएसपी और नोएडा मीडिया क्लब से शिकायत की। मीडिया क्लब की तरफ से भी एसएसपी को इस घटना की जानकारी दी गई है। राहुल ने बताया कि पुलिस वालों को जैसे ही पत्रकार होने की जानकारी दी तो वे लोग और भी बदसलूकी और मारपीट करने लगे। वहीं, इस मामले में एसएसपी वैभव कृष्ण का कहना है कि मामले की जांच क्षेत्राधिकारी प्रथम को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने किस तरह पत्रकार के साथ ज्यादती की, वह आप इस विडियो में देख सकते हैं।

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फिर धूम मचाने आया enba, इनके कंधों पर होगा जूरी का दारोमदार

देश में टेलिविजन न्यूज इंडस्ट्री को नई दिशा देने और इंडस्ट्री को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में अहम योगदान देने वालों को दिया जाता है ये अवॉर्ड

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Friday, 20 September, 2019
Last Modified:
Friday, 20 September, 2019
enba awards

देश में टेलिविजन न्‍यूज इंडस्‍ट्री को नई दिशा देने और इंडस्‍ट्री को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में अहम योगदान देने वालों को सम्मानित करने के लिए बहुप्रतिष्ठित ‘एक्‍सचेंज4मीडिया न्‍यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba) का आयोजन इस बार 22 फरवरी को नोएडा के रेडिसन ब्लू होटल में किया जाएगा।

इनबा के 12वें एडिशन के तहत अवॉर्ड्स पाने वालों के नाम तय किए जाने के लिए 15 फरवरी को दिल्ली में जूरी मीट का आयोजन किया जाएगा। इस जूरी में राज्य सभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश नारायण सिंह चेयरपर्सन की भूमिका निभाएंगे। जूरी के अन्य सदस्यों के नामों की घोषणा बाद में की जाएगी।

बता दें कि हरिवंश नारायण वरिष्ठ पत्रकार और लेखक भी हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के रहने वाले हरिवंश नारायण ने बनारस हिंदी यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। जयप्रकाश नारायण (जेपी) से प्रभावित होकर उन्होंने जेपी आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई और बतौर पत्रकार विभिन्न सामाजिक व राजनैतिक मुद्दों पर लिखना शुरू कर दिया। पत्रकारिता में अपने 40 वर्षों से ज्यादा के करियर में उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर काफी लिखा है।

हरिवंश नारायण ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत टाइम्स ऑफ इंडिया समूह (मुंबई) से की और इस ग्रुप की मैगजीन धर्मयुग के लिए काफी समय तक अपने सेवाएं दीं। इसके बाद उन्होंने कोलकाता में ‘एबीपी ग्रुप’ की हिंदी मैगजीन रविवार में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाली। 27 साल से ज्यादा समय तक (1990-2016) वह प्रभात खबर अखबार के चीफ एडिटर भी रहे हैं।  

तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के एडिशनल इंफॉर्मेशन एडवाइजर (जॉइंट सेक्रेटी) पद पर अपनी जिम्मेदारी निभाने के साथ ही वह विभिन्न सरकारी समितियों, आयोगों और बोर्ड्स में समय-समय पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें माधव सप्रे अवॉर्ड और महावीर प्रसाद द्वेदी अवॉर्ड भी मिल चुका है। वह कई पुस्तकों का लेखन/संपादन कर चुके हैं और अभी भी इस दिशा में जुटे हुए हैं।

हाल ही में हरिवंश नारायण सिंह व रविदत्त वाजपेयी द्वारा देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर पर लिखी गई किताब ‘चंद्रशेखर: द लास्ट आइकन ऑफ आइडियोलॉजिकल पॉलिटिक्स’ (CHANDRA SHEKHAR: THE LAST ICON OF IDEOLOGICAL POLITICS)  काफी चर्चा में है। इस किताब का विमोचन 24 जुलाई को दिल्ली में पार्लियामेंट लाइब्रेरी बिल्डिंग के बालयोगी ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।

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लाइव रिपोर्टिंग के दौरान महिला पत्रकार बोल गई कुछ ऐसा, उड़ा मजाक

इस घटना का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों ने देनी शुरू कर दीं प्रतिक्रियाएं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Friday, 20 September, 2019
Last Modified:
Friday, 20 September, 2019
Reporting

काम के दौरान पत्रकारों से कई बार ऐसी गलतियां हो जाती हैं कि उन्हें मजाक का पात्र बनना पड़ता है। सोशल मीडिया पर इन दिनों ऐसा ही एक विडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला पत्रकार लाइव रिपोर्टिंग के दौरान कुछ ऐसा बोल देती है, जिससे उसका मजाक बनना शुरू हो जाता है।   

बता दें कि यह मामला यूएस का है, जहां लॉस एंजलिस के न्यूज चैनल ‘KTLA 5’ की रिपोर्टर सारा वेल्च दक्षिण कैलिफोर्निया में किसी घटना को लेकर पुलिस स्टेशन के सामने से लाइव रिपोर्टिंग कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने कह दिया, ‘हमने घटना में मारे गए व्यक्ति से संपर्क करने की काफी कोशिश की। लेकिन बयान के लिए वो मिला नहीं’। हालांकि बाद में वेल्च ने सोशल मीडिया पर सफाई दी कि वास्तव में उनके कहने का आशय था कि उन्होंने इस घटना में मारे गए व्यक्ति के परिवार से बात करने की कोशिश की।

बताया जाता है कि सारा वेल्च काफी अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्होंने अमेरिका में 11 सितंबर को हुए आतंकी हमले समेत कई बड़ी घटनाएं कवर की हैं। उन्हें एमी अवॉर्ड (Emmy award) के लिए नॉमिनेट किया जा चुका है।

सारा वेल्च का ये विडियो पत्रकार याशर अली ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है, जिसे आप यहां देख सकते हैं।

सारा वेल्च के इस वायरल विडियो को लेकर कैसी रही ट्विटर यूजर्स की प्नतिक्रिया, वह आप यहां देख सकते हैं। 

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जब सीनियर जर्नलिस्ट आशुतोष ने कहा-आई विल ऑलवेज रेस्पेक्ट सावरकर

जैसे ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने वीर सावरकर के लिए भारत रत्न की मांग की, तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 19 September, 2019
Last Modified:
Thursday, 19 September, 2019
Ashutosh-Savarkar

आप इस हेडलाइन को पढ़कर हैरत में आ गए होंगे कि जो आशुतोष संघ परिवार और बीजेपी के खिलाफ पत्रकारिता के लिए ही जाने जाते हैं। हमेशा राइट विंग के खिलाफ ही रहे, राजनीति भी उन्हीं के खिलाफ ही की, फिर भी संघ परिवार और बीजेपी के प्रणेता पुरुष वीर सावरकर की रेस्पेक्ट करने की बात कर रहे हैं। लेकिन ये वाकई में उन्हीं के शब्द हैं, जो उन्होंने टाइम्स नाउ चैनल के एक डिबेट शो में कहे।

दरअसल, जैसे ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने वीर सावरकर के लिए भारत रत्न की मांग की, तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं और टीवी चैनल्स ने प्राइम टाइम पर डिबेट शो प्लान करने शुरू कर दिए। आशुतोष ऐसे ही एक शो में टाइम्स नाउ पर आमंत्रित थे। इस शो को होस्ट कर रही थीं टाइम्स नाउ की एंकर पदमजा जोशी।

इस शो में गरमागरम बहस के दौरान पदमजा जोशी ने आशुतोष से पूछा, 'और कोई नहीं, बल्कि खुद इंदिरा गांधी ने सावरकर को क्लासिकल रिवोल्यूशनरी कहा था'? इंदिरा का ये बयान तब आया था, जब उन्होंने सावरकर की याद में एक डाक टिकट भी जारी किया था। इस तथ्य पर आशुतोष भी बचाव की मुद्रा में आ गए और उनकी पहली ही लाइन थी कि 'आई विल ऑलवेज रेस्पेस्ट सावरकर...'।

लेकिन वो तो आशुतोष हैं, इस बयान में भी कंडीशन एप्लाई कर दी और कहा, ‘मैं 1909 तक के सावरकर की इज्जत करूंगा। उन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम पर शानदार किताब लिखी, हिंदू-मुस्लिम एकता की बातें की। मैं इस बात से भी डिस्टर्ब हूं कि उन्हें नर्क जैसे काले पानी की सजा मिली, लेकिन उन्होंने माफी का लेटर लिखा और अंग्रेजों से किसी भी पॉलिटिकल गतिविधि में हिस्सा न लेने का वायदा किया। रत्नागिरी में जब उन्हें भेज दिया गया तो उसके बाद उन्होंने कोई पॉलिटिकल आंदोलन किया भी नहीं।'

यूं आशुतोष ने इस डिबेट में खुद को बैलेंस तो कर लिया, लेकिन टाइम्स नाउ ने उनकी पहली लाइन को हेडलाइन बनाते हुए ट्विटर पर उनका पूरा बयान शेयर कर दिया, जो आप इस खबर के साथ देख सकते हैं। हालांकि ये भी शायद पहली बार है कि सावरकर का विरोधी कोई पत्रकार उनके थोड़े से भी योगदान को पूरे देश के सामने मान रहा है, भले ही उन पर आरोप लगाकर।

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अब इस चैनल पर नजर आएंगी टीवी जर्नलिस्ट सुमैरा खान

प्रमुख न्यूज एंकर्स में शुमार सुमैरा खान पूर्व में कई मीडिया संस्थानों में निभा चुकी हैं अपनी जिम्मेदारी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 17 September, 2019
Last Modified:
Tuesday, 17 September, 2019
Sumaira Khan

प्रमुख न्यूज एंकर्स में शुमार सुमैरा खान नई पारी की शुरुआत करने जा रही हैं। खबर है कि वे ‘टीवी9 भारतवर्ष’ जॉइन कर रही हैं। सुमैरा खान ने करीब आठ महीने पहले ही अरनब गोस्वामी के हिंदी न्यूज चैनल ‘रिपब्लिक भारत’ को बतौर सीनियर एडिटर जॉइन किया था। इससे पहले वह वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता के वेंचर द प्रिंट के हिंदी एडिशन में ‘पॉलिटिकल अड्डा’ नाम का शो होस्ट कर रही थीं।

बता दें कि सुमैरा खान ने पिछले साल ‘जी हिन्दुस्तान’ को अलविदा कह दिया था। ‘जी हिन्दुस्तान’ में वे एडिटर (न्यूज) की भूमिका में थीं, साथ ही उनके कंधों पर कुछ स्पेशल प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी थी। इतना ही नहीं वे इस चैनल पर प्राइम टाइम बुलेटिंस के साथ-साथ रात-9 बजे का स्पेशल बुलेटिन भी संभालती थीं।

सुमैरा ‘जी हिन्दुस्तान’ से पहले ‘एबीपी न्यूज’ के साथ थीं। एबीपी न्यूज में उन्होंने 9 सालों की लंबी पारी खेली थीं और यहां उन पर एंकरिंग की जिम्मेदारी थीं। इस पद पर रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण शोज और इंटरव्यूज किए। चैनल पर 6 बजे का डिबेट शो वे होस्ट करती थीं।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की छात्रा रह चुकीं सुमैरा अंग्रेजी से ग्रेजुएट हैं और मास कॉम से पोस्ट ग्रेजुएट किया है। वर्तमान में वे दिल्ली की जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रही हैं। एबीपी न्यूज में जुड़ने से पहले वह सहारा न्यूज नेटवर्क में थीं, जहां उन्होंने लगभग सात वर्षों तक अपना योगदान दिया।

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अब इस चैनल की कश्ती में सवार हुए टीवी पत्रकार एसके राजीव

बिहार में इलेक्ट्रोनिक मीडिया के जाने माने पत्रकारों में शुमार एसके राजीव पूर्व में कई टीवी चैनल्स में निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 17 September, 2019
Last Modified:
Tuesday, 17 September, 2019
SK Rajiv

टीवी पत्रकार एसके राजीव ने ‘सूर्या समाचार’ को अलविदा कह दिया है। उन्होंने अपना नया सफर अब हिंदी न्यूज चैनल ‘R9TV’ से शुरू किया है। यहां उन्हें बिहार के ब्यूरो प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बिहार में इलेक्ट्रोनिक मीडिया के जाने माने पत्रकारों में शुमार एसके राजीव पिछले दो साल से ‘सूर्या समाचार’ के बिहार हेड की जिम्मेदारी निभा रहे थे। वर्ष 2002 में ईटीवी से अपने करियर की शुरुआत करने वाले राजीव पूर्व में ‘कशिश न्यूज’, ‘साधना न्यूज’, ‘न्यूज11’ में बतौर बिहार ब्यूरो प्रमुख अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

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सैलरी का इंतजार कर रहे हैं न्यूज चैनल के पत्रकार, नहीं मिल रहा कोई जवाब

एम्प्लॉइज का कहना है कि अचानक चैनल बंद करने के मैनेजमेंट के फैसले पर वे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते, पर मैनेजमेंट को प्रफेशनल तरीके से संवाद तो करना चाहिए था

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Monday, 16 September, 2019
Last Modified:
Monday, 16 September, 2019
Channel

पिछले महीने की आखिरी रात वाकई बिजनेस न्यूज चैनल ‘बीटीवीआई’ (BTVI) में कार्यरत 200 एम्पलॉइज के लिए काली रात थी। जिस तरह अनिल अंबानी की कंपनी से सम्बन्धित इस न्यूज चैनल को बंद किया गया, वो काफी चौंकाने वाला था। एम्पलॉइज को शनिवार रात को एक मेल किया गया कि चैनल बंद हो रहा है और फिर अभी तक उनसे कोई ठोस संवाद नहीं हुआ।

वहां कार्यरत कई पत्रकारों ने बताया कि अगले दिन रविवार था और फिर अगले दिन मुंबई के हेड ऑफिस में गणेश चतुर्थी का अवकाश, जिस कारण अचानक आए इस मेल पर आधिकारिक तौर पर संवाद ही नहीं हो पाया। मंगलवार को एचआर ने लैपटॉप और आई कार्ड वापस मांगते हुए कहा कि जल्दी ही सबका फुल एंड फाइनल सेटलमेंट कर दिया जाएगा।

आज 16 दिन हो गए हैं, पर कहीं से कुछ जवाब नहीं मिल रहा है। कब मिलेगी अगस्त की सैलरी और क्या होगा 3 महीने के कंपनशेसन का? ये सवाल 200 एम्पलॉइज के मन में हर पल घूम रहा है। मंदी के इस माहौल में अभी नई नौकरी जल्दी मिलना मुश्किल है और ऐसे में बकाया पेमेंट न मिलने से एम्पलॉइज अचानक से आर्थिक तंगी में आ गए हैं।

एम्प्लॉइज का कहना है कि अचानक चैनल बंद करने के मैनेजमेंट के फैसले पर वे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते, पर मैनेजमेंट को प्रफेशनल तरीके से कम से कम संवाद तो करना चाहिए था और साथ ही एम्प्लॉइज का फुल एंड फाइनल सेटलमेंट करके एक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।

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दूरदर्शन ने मनाया अपना हैप्पी बर्थडे, कुछ इस तरह मिली बधाई

अपने इस सफर में लोक प्रसारक होने के नाते दूरदर्शन ने सूचना, संदेश व मनोरंजन के साथ साथ राष्ट्र को एक सूत्र में जोड़ने का काम भी किया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Monday, 16 September, 2019
Last Modified:
Monday, 16 September, 2019
Doordarshan

‘दूरदर्शन’ (Doordarshan) ने अपनी स्थापना के 60 साल पूरे कर लिए हैं। वर्ष 1959 को 15 सितंबर के दिन इसकी शुरुआत हुई थी। अपने 60 साल के स्वर्णिम सफर में लोक प्रसारक होने के नाते दूरदर्शन ने सूचना, संदेश व मनोरंजन के साथ साथ राष्ट्र को एक सूत्र में जोड़ने का काम भी किया है। दूरदर्शन का पहला प्रसारण प्रयोगात्मक आधार पर आधे घंटे के लिए शैक्षिक और विकास कार्यक्रमों के रूप में शुरू किया गया था।

प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशि शेखर वेम्पती ने दूरदर्शन के 60 साल पूरे होने पर ट्वीट कर बधाई दी।

इसके साथ ही दूरदर्शन की महानिदेशक सुप्रिया साहू ने भी ट्वीट कर बधाई दी है।

दूरदर्शन के साथ लोगों की कितनी यादें जुड़ी हुई हैं और कैसे दूरदर्शन ने उनकी जिंदगी पर प्रभाव डाला है, इसे लेकर भी ट्विटर पर लोगों ने अपनी फीलिंग्स शेयर की हैं। आईएएस ऑफिसर प्रियंका शुक्ला ने भी अपने ट्विटर हैंडल पर दूरदर्शन से जुड़ी यादों को कुछ यूं साझा किया  है।

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अब इस चैनल पर नजर आएंगे पत्रकार घनश्याम उपाध्याय

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 15 साल के अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में निभा चुके हैं जिम्मेदारी

पंकज शर्मा by पंकज शर्मा
Published - Monday, 16 September, 2019
Last Modified:
Monday, 16 September, 2019
Ghanshyam Upadhyay

पत्रकार घनश्याम उपाध्याय अब राज्य सभा टीवी (RSTV) से बतौर ‘सीनियर एंकर’ नई शुरुआत करने जा रहे हैं। इससे पहले वह ‘स्वराज एक्सप्रेस’ में एसोसिएट एडिटर और ‘न्यूज 1इंडिया’ में डिप्टी एडिटर की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वह ‘न्यूज नेशन’ चैनल में भी बतौर एंकर काम कर चुके हैं।

घनश्याम उपाध्याय ‘समाचार प्लस’ में बतौर प्राइम टाइम सीनियर एंकर/सीनियर प्रड्यूसर भी कार्यरत थे। यहां वह प्राइम शो ‘बिग बुलेटिन’  को होस्ट करते थे। ‘समाचार प्लस’ से पहले वे ‘सहारा समय’ में वर्ष 2008 से 2016 तक अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

घनश्याम उपाध्याय को टीवी, रेडियो और अखबार में काम करने का लगभग 15 साल का अनुभव है। घनश्याम तिवारी ने हरियाणा के हिसार में स्थित गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1999 में ‘ऑल इंडिया रेडियो’ के युववाणी स्टेशन से बतौर कैजुअल उद्घोषक के तौर पर की। पूर्व में घनश्याम उपाध्याय ‘सीएनईबी’ और ‘वॉयस ऑफ इंडिया’ न्यूज चैनलों में भी काम कर चुके हैं।

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आजतक की एंकर नवजोत ने लिया ‘ब्रेक’

देश के नंबर 1 चैनल ‘आज तक’ से खबर है कि वहां कार्यरत न्यूज एंकर नवजोत रंधावा ने चैनल को फिलहाल के लिए अलविदा कह दिया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Friday, 13 September, 2019
Last Modified:
Friday, 13 September, 2019
Navjyot

देश के नंबर 1 चैनल ‘आज तक’ से खबर है कि वहां कार्यरत न्यूज एंकर नवजोत रंधावा ने चैनल को फिलहाल के लिए अलविदा कह दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक कुछ पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते उन्होंने ये बड़ा फैसला लिया है।

गौरतलब है कि साल की शुरुआत में ही उन्होंने ‘आज तक’ के साथ अपनी दूसरी पारी शुरू की थी।

अपने 17 सालों के पत्रकारिता करियर में नवजोत कौर ने कई नामी संस्थानों में सेवाएं दी हैं, जिसमें ‘ज़ी न्यूज़’, ‘सहारा समय’ ‘आजतक’ और नेटवर्क 18 मीडिया समूह शामिल हैं।

हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी भाषा पर पकड़ रखने वालीं नवजोत उन न्यूज एंकर्स की श्रेणी में शामिल हैं, जो सतही ज्ञान तक सीमित नहीं रहते। नवजोत को राजनीति से लेकर लगभग सभी विषयों की अच्छी समझ है।

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