यह हिंदी का दुर्भाग्य है कि जब-जब उसे आगे बढ़ाने के ईमानदार प्रयास होने लगते हैं, वह राजनीति की शिकार हो जाती है

समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago