रोमाना ईसार खान पर रोहिणी सिंह ने किया 'वार', हुआ करारा 'पलटवार'

मीडिया हलकों मे चर्चा का विषय बन गया है दोनों पत्रकारों का इस तरह आपस में भिड़ना

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 19 September, 2019
Last Modified:
Thursday, 19 September, 2019
Romana-Rohini

ये तो सबको पता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडियाकर्मियों के बीच चीफ डिवाइडर का काम किया है, अधिकांश मीडिया दो खानों में बंट गई है। सो दोनों तरफ के लोग आपस में ट्विटर पर भिड़ते ही रहते हैं। एक-दूसरे पर भक्ति और एजेंडे का आरोप लगाते ही रहते हैं, ये कोई नई बात नहीं। लेकिन, एबीपी न्यूज की एंकर रोमाना आमतौर पर इन दोनों ही खानों में कभी सक्रिय नहीं दिखतीं, फिर भी वो एक मोदी विरोधी पत्रकार रोहिणी सिंह से जिस तरह से भिड़ गईं, वो मीडिया हलकों मे चर्चा का विषय बन गया है।

रोहिणी सिंह कभी इकनॉमिक टाइम्स में हुआ करती थीं। कहा जाता है कि उनकी नौकरी अमित शाह और मोदी के खिलाफ चलाए किसी कैम्पेन के चलते ही गई थी। फिर वो 'द वायर' से जुड़ीं और फिर अमित शाह के बेटे के खिलाफ ‘चमत्कारिक कमाई’ की स्टोरी छाप दी।  इस मामले में मानहानि का केस हुआ, जिससे अभी उन्हें छुटकारा नहीं मिला है। पिछली बार सुप्रीम कोर्ट में केस रद्द करने की एप्लिकेशन वापस ली तो सुप्रीम कोर्ट के जज ने उन पर पीत पत्रकारिता करने जैसी टिप्पणी भी कर दी थी।

ऐसे में रोहिणी सिंह भी अभिसार और पुण्य प्रसून की तरह मोदी विरोध का चेहरा बन गई हैं। वो रोमाना से कभी सोशल मीडिया पर इंटरेक्शन करती नहीं दिखीं, लेकिन मोदी के जन्मदिन पर रोमाना ने मोदी से जुड़े एक सवाल पर अपने शो का  टीजर पोस्टर ट्विटर पर शेयर किया तो उसे शेयर करते हुए रोहिणी सिंह ने कुछ ऐसा लिख दिया, जिससे रोमाना भड़क उठीं और फिर हुए वार पर वार, जिसमें कई लोग कूद पड़े और वो ट्वटिर वॉर 48 घंटे बाद तक चल रही थी।

रोमाना एबीपी न्यूज पर जो शो करती हैं, उसका नाम है  'संविधान की शपथ', जो चार बजे प्रसारित होता है। मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर पर उन्होंने एक सवाल अपने ट्विटर एकाउंट पर हमेशा की तरह दर्शकों से पूछा- ’क्या पीएम मोदी का जन्मदिन देश के लिए उत्सव होना चाहिए? अपने जवाब के समर्थन में कम से कम दो वजह ज़रूर गिनाएं। करेंगे चर्चा, शाम 4 बजे।’

इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए रोहिणी सिंह ने लिखा, ’बिलकुल होना चाहिए। आदेश पारित किया जाए कि सबको 17 सितंबर को, प्रधानमंत्री के जन्म दिवस पर, अपने घर पर दीये जलाने चाहिए और लाइटिंग करनी चाहिए। जो ऐसा नहीं करेगा उसको PSA में 2 साल के लिए बंद किया जाएगा।’

रोहिणी सिंह मोदी पर वार का मौका तलाशती हैं, इसलिए शायद पहली बार रोमाना की वॉल पर चली आईं, लेकिन रोमाना को ये अखर गया कि कोई अपने एजेंडे के लिए उनके ट्वीट उनके शो का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने फिर रिप्लाई ट्वीट शेयर करते हुए लिखा और बेहद तीखे अंदाज में, ’What Crap @rohini_sgh Have you forgotten the basics of #Journalism ? Cant you differentiate between A Statement and A Question. Kindly dont make Judgements to suit Your #Propoganda’।

रोमाना के साथ मैदान में एबीपी के वरिष्ठ पत्रकार निखिल दुबे भी कूद गए, रोमाना के ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा कि ’#सवालहैविचारनहीं सवाल और फैसले में फर्क भूल गए? किसी घटना पर देश के सवाल को क्या किसी का फैसला मान लेना चाहिए? कोई आयोजन जब प्रायोजित लगे,निजी खुशी सार्वजिनक उत्सव लगे तो सवाल उठते हैं? जवाब के लिए बहस होती है, पूर्वाग्रह से भरी सोच को ये समझ पाना मुश्किल है’।

उधर रोहिणी सिंह के समर्थन में एक और मोदी विरोधी एंकर सैटायरिस्ट आकाश बनर्जी कूद पड़े। रोमाना के ट्वीट को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ‘Ok Ok! I have a question. NOT a statement or a judgement.... "Should India have a #BlackDay to remember & reflect how most of the media & senior anchors have sold themselves at the alter of power & money?" I hope this meets your high standards of journalism’’।

उन्होंने रोमाना को टैग किया तो वो भी भिड़ गईं। जवाब में लिखा, ‘’So @TheDeshBhakt @kapsology in the garb of Teaching & Preaching about Journalism are here to defend @rohini_sgh #MobDefence I must Say Carry on with your #Propaganda #Agenda’’।

इधर रोहिणी सिंह ने भी रोमाना की बात का जवाब दिया, ‘Ma’am, I haven’t forgotten journalism but you seem to have confused propaganda for journalism. And I was merely giving a suggestion which you were crowd sourcing! Now don’t have a meltdown before the show’। रोमाना ने भी जवाब दिया, वो भी अपने शो के उन पुराने सवालों वाले पोस्टर्स के साथ, जिनमें वो सरकार से सवाल कर रही हैं, ‘मैं तो रोज सवालों के जवाब तलाशती हूं इनपे टिप्पणी करने कभी नहीं आये। आज ही क्यों???’।

हालांकि रोहिणी ने फिर रिप्लाई ट्वीट किया, ‘आपके सवाल-मिसाल में ही मेरा जवाब और सवाल दोनों हैं। दुनिया की हर चीज के लिए 24x7 क्रेडिट और फोकस अगर एक ही व्यक्ति पर होता है तो सवाल भी उसी से पूछे जाते हैं। सुस्ती पर सवाल निर्मला से और बाकी समय वाह मोदीजी वाह। Propaganda और Journalism के बीच का अंतर समझिए’।

और ये चलता ही रहा, रोमाना कभी रोहिणी को कुछ लिखतीं, कभी रोहिणी रोमाना को, कभी आकाश बनर्जी बीच में कूदते तो रोमाना उन्हें निशाने पर लेतीं। बीच में निखिल दुबे आकाश बनर्जी का पूरा प्रोफाइल निकाल लाए कि कैसे वो रेडियो मिर्ची के रात के शो में निजी समस्याओं पर अश्लील शो करते थे। कुछ और भी लोग बीच में कूदे और खबर लिखे जाने तक भी इस ट्विटर वॉर में ट्वीट गिर ही रहे थे।

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अब Amazon Prime पर रिलीज हुई मोहित चड्ढा की ‘Flight’

जाने-माने एक्टर मोहित चड्ढा (Mohit Chadda) की फिल्म ‘फ्लाइट’ (Flight) अब ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘अमेजॉन प्राइम’ पर भी रिलीज हो गई है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 04 December, 2021
Last Modified:
Saturday, 04 December, 2021
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जाने-माने एक्टर मोहित चड्ढा (Mohit Chadda) की फिल्म ‘फ्लाइट’ (Flight) अब ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘अमेजॉन प्राइम’ पर भी रिलीज हो गई है। बता दें कि 'फ्लाइट' इस साल दो अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, जिसे क्रिटिक्स और दर्शकों से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला। कोरोना वायरस महामारी की वजह से यह फिल्म तमाम दर्शक नहीं देख पाए थे, पर अब दर्शक अमेजॉन प्राइम वीडियो पर फैमिली के साथ ‘फ्लाइट’ का लुत्फ घर बैठे उठा सकते हैं।

बॉलीवुड में आपने एक्शन और थ्रिलर से भरपूर फिल्में कई देखी होंगी, लेकिन यह फिल्म कई मायनों में अलग है। बताया जा रहा है यह भारत की पहली एरियल एक्शन थ्रिलर फिल्म है। फिल्म में मोहित चड्ढा, रणवीर मल्होत्रा का मुख्य किरदार निभाते दिख रहे हैं, जो एक अमीर बिजनेसमैन के बेटे हैं। हालांकि फिल्म में उनके पिता का निधन हो चुका है, जिसके बाद अपने पिता की आदित्यराज एविएशन कंपनी को वही संभालते हैं। 

फिल्म के ट्रेलर में देखा जा सकता है कि मोहित चड्ढा फ्लाइट से सफर करने के लिए रवाना होते हैं, लेकिन फिर कुछ ऐसा होता है कि मोहित को पता चलता है कि उनका प्लेन क्रैश हो गया है। अब वह प्लेन के अंदर अकेले फंस गए हैं। मोहित चड्डा उस खतरनाक और दिल दहला देने वाले हादसे के इकलौते साक्षी हैं। मोहित का कोई साथी नहीं बचता है। विमान हादसे के जांच के आदेश होते हैं। पता चलता है कि उस फ्लाइट को उसके रूट से गायब कर दिया है। अब मोहित  खुद को कैसे बचाते हैं, यह जानने के लिए फिल्म अमेजॉन प्राइम पर देख सकते हैं। 

फिल्म को लेकर अभिनेता मोहित चड्ढा कहते हैं, ‘हमें खुशी है कि ‘फ्लाइट’ को बहुत ही मुश्किल समय में भी दर्शकों का इतना प्यार मिला। यह हमारा ड्रीम प्रोजेक्ट था। हमे उम्मीद है कि दर्शकों को दुनिया में चल रही उथल-पुथल से जल्द राहत मिलेगी। एक टीम के तौर पर हमें खुश है कि हम अपने लक्ष्य को हासिल कर सके। हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि प्रशंसक अब जब चाहें, अमेजॉन प्राइम पर भी यह फिल्म देख सकते हैं। 

‘Flight’ को क्रेजी ब्वॉयज एंटरटेनमेंट (Crazy Boyz Entertainment) ने प्रड्यूस किया है इसे सूरज जोशी ने निर्देशित किया है। फिल्म में मोहित चड्ढा ने बेहतरीन एक्टिंग की है। साथ ही कहानी ने जो दम भरा है, वो देखने लायक है। इस फिल्म में मोहित चड्ढा के अलावा जाकिर हुसैन, पवन मल्होत्रा, शिबानी बेदी, विवेक वासवानी और प्रीतम सिंह जैसे कई बेहतरीन कलाकार लीड भूमिका में हैं।

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इस उद्देश्य के साथ हिंदी में लॉन्च हुआ LinkedIn

प्रोफेशनल नेटवर्किंग साइट ‘लिंक्डइन’ अब हिंदी में भी उपलब्ध हो गया है। हिंदी लिंक्डइन पर पहली भारतीय क्षेत्रीय भाषा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 02 December, 2021
Last Modified:
Thursday, 02 December, 2021
Linkedin

प्रोफेशनल नेटवर्किंग साइट ‘लिंक्डइन’ (LinkedIn) अब हिंदी में भी उपलब्ध हो गया है। हिंदी लिंक्डइन पर पहली भारतीय क्षेत्रीय भाषा है। लिंक्डइन का लक्ष्य वैश्विक स्तर पर 600 मिलियन हिंदी भाषा बोलने वालों का समर्थन करना है।

कंपनी का कहना है कि इस लॉन्च के साथ लिंक्डइन का उद्देश्य भाषा की दीवारों को तोड़कर भारत समेत दुनियाभर में हिंदी भाषियों को बड़े पैमाने पर प्रोफेशनल और नेटवर्किंग के अवसर उपलब्ध कराना है। हिंदी के लॉन्च के साथ लिंक्डइन अब दुनियाभर की 25 भाषाओं में उपलब्ध हो गया है।

हिंदी में लिंक्‍डइन का फेज-1 दो दिसंबर से शुरू हो रहा है, ऐसे में मेंबर्स अपनी फीड, प्रोफाइल, जॉब और मैसेजिंग तक पहुंच सकेंगे और अपने डेस्कटॉप, एंड्रॉयड और आईओएस फोन पर हिंदी में कंटेंट बना सकेंगे। वहीं अगले कदम के तौर पर लिंक्डइन अब विभिन्न इंडस्ट्रीज में हिंदी भाषी लोगों के लिए रोजगार के अवसरों को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की दिशा में काम करेगा, जिसमें बैंकिंग और सरकारी नौकरियां भी शामिल होंगी। प्लेटफॉर्म आने वाले हफ्तों में और अधिक हिंदी पब्लिशर्स और क्रिएटर्स को जोड़ना जारी रखेगा, ताकि हिंदी में सदस्यों का जुड़ाव और बातचीत को बढ़ावा दिया जा सके।

भारत लिंक्डइन के ग्रोथ का मुख्य बाजार है। सदस्यों की संख्या के मामले में यह अमेरिका के बाद दुनिया सबसे बड़ा मार्केट है। लिंक्डइन के दुनियाभर में 800 मिलियन सदस्यों में से 82 मिलियन सदस्य भारतीय हैं। पिछले तीन सालों में भारत में लिंक्डइन के सदस्यों की संख्या 20 मिलियन से ज्यादा बढ़ गई है, यानी साल-दर-साल 15 फीसदी की ग्रोथ। महामारी के बाद इस प्लेटफॉर्म पर लोगों के एक-दूसरे से जुड़ने और बातचीत करने में काफी दिलचस्पी दिखाई है।  

लिंक्डइन के इंडिया कंट्री मैनेजर आशुतोष गुप्ता ने कहा, ‘भारत में लिंक्डइन ने महामारी और नए जमाने के वर्किंग माहौल में लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने, सीखने, आगे बढ़ने और जॉब पर रखने में मदद करने का महत्वपूर्ण अभियान चलाया था। हिंदी में लॉन्चिंग के साथ अब ज्यादा सदस्य और उपभोक्ता प्लेटफॉर्म पर कंटेंट, जॉब्स और नेटवर्किंग का ज्यादा लाभ उठा सकते हैं। वह अपने को उस भाषा में अभिव्यक्त कर सकते हैं, जिसमें उन्हें आसानी और सुविधा महसूस होती हो।’

लिंक्डइन का कैसे करें इस्तेमाल और हिंदी में अपना प्रोफाइल कैसे करें सेट 

लिंक्डइन का मोबाइल एप्लिकेशन हिंदी में देखने के लिए आपको अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर डिवाइस की पसंदीदा भाषा के रूप में हिंदी का चुनाव करना होगा। जिन स्मार्टफोन यूजर्स ने अपने फोन में पहले ही डिवाइस की प्रेफर्ड लैंग्वेज के रूप मे हिंदी का चयन किया है। उन्हें  लिंक्डइन का अनुभव अपने आप हिंदी में ही मिलेगा।

  • डेस्कटॉप पर सदस्यों को सबसे पहले लिंक्डइन के होमपेज पर टॉप पर जाकर ‘मी’ आइकन पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद ‘सेटिंग्स और प्राइवेसी’ को स्लेक्ट करना होगा।
  • मेंबर्स को इसके बाद लेफ्ट पर ‘अकाउंट प्रेफरेंसेज’ पर क्लिक करना होगा।
  • ‘साइट प्रेफरेंसेस’ को स्लेक्ट करना होगा।
  • लैंग्वेज के बगल में ‘चेंज’ पर क्लिक करना होगा और ‘हिंदी’ का ड्रॉप डाउन लिस्ट से चयन करना होगा।
  • एक बार स्लेक्ट किए जाने के बाद यूजर इंटरफेस और नेविगेशन बार समेत प्लेटफॉर्म पर सारा कंटेंट हिंदी में डिस्प्ले होगा।
  • इससे मेंबर्स को बेहद जल्दी और आसानी से उन फीचर्स की तलाश में मदद मिलेगी, जिसे वह खोज रहे हैं
  • मेंबर्स की होमफीड पर यूजर जेनरेटड कंटेंट उसी भाषा में दिखाई देगा, जिस भाषा में उसे बनाया गया है।

हालांकि वह मेंबर्स, जिन्होंने अपनी प्राइमरी भाषा के रूप में हिंदी का चयन किया है। वह अपनी पोस्ट पर ‘सी ट्रांसलेशन’ के ऑप्शन पर क्लिक करने से संबंधित पोस्ट का हिंदी में अनुवाद देख सकेंगे। अगर मेंबर्स लिंक्डइन पर हिंदी में कोई कंटेंट बनाने के लिए हिंदी की बोर्ड इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो उन्हें अपने कीबोर्ड की इनपुट लैंग्वेज को हिंदी में बदलना होगा या हिंदी कीबोर्ड को अपने डेस्कटॉप या स्मार्टफोन से जोड़ना होगा।

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पराग अग्रवाल बने Twitter के नए CEO

माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘ट्विटर’ (Twitter) के सह-संस्थापक जैक डॉर्सी (Jack Dorsey) ने कंपनी के सीईओ के पद से इस्तीफा दे दिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 29 November, 2021
Last Modified:
Monday, 29 November, 2021
Parag Agarwal

माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘ट्विटर’ (Twitter) के सह-संस्थापक जैक डॉर्सी (Jack Dorsey) ने कंपनी के सीईओ के पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही भारतीय मूल के पराग अग्रवाल को कंपनी का नया सीईओ नियुक्त किया गया है। पराग अग्रवाल की इस पद पर नियुक्ति तुरंत प्रभाव से प्रभावी हो गई है। हालांकि डॉर्सी वर्ष 2022 में अपना कार्यकाल समाप्त होने तक इस सोशल मीडिया कंपनी के बोर्ड में बने रहेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पराग ने करीब दस साल पहले ‘ट्विटर’ को जॉइन किया था। फिलहाल वह कंपनी में चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर के पद पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इससे पहले वह ‘याहू‘ और ‘माइक्रोसॉफ्ट‘ जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ काम कर चुके हैं। अग्रवाल ने आईआईटी बॉम्बे से पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की है। 

सीईओ के रूप में पराग अग्रवाल की नियुक्ति के बारे में जैक डॉर्सी का कहना है, ‘मुझे सीईओ के तौर पर पराग पर पूरा विश्वास है। पिछले 10 वर्षों में यहां उनका काम बेहद शानदार रहा है। वह कंपनी और इसकी जरूरतों को बहुत अच्छी तरीके से समझते हैं।’

वहीं, इस पद पर अपनी नियुक्ति के बारे में पराग अग्रवाल का कहना है, ’ आज के इस समाचार पर लोग अलग-अलग विचार प्रदर्शित करेंगे। क्योंकि वो ट्विटर और हमारे भविष्य की परवाह करते हैं। यह संकेत है कि हमारे काम का महत्व है। आइए दुनिया को ट्विटर की पूरी क्षमता दिखाएं। अग्रवाल ने ट्विटर पर लिखा कि वह अपनी नियुक्ति को लेकर काफी सम्मानित महसूस कर रहे हैं और खुश हैं? उन्होंने डोर्सी के ‘निरंतर मार्गदर्शन एवं दोस्ती’ के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया है।

 

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IT मंत्री डॉ. अश्विनी वैष्णव बोले, तय हो सोशल मीडिया पर सामग्री की जिम्मेदारी

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइट्स पर डाली जाने वाली सामग्री की जिम्मेदारी 'स्पष्ट रूप से परिभाषित' की जानी चाहिए।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 26 November, 2021
Last Modified:
Friday, 26 November, 2021
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सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइट्स पर डाली जाने वाली सामग्री की जिम्मेदारी 'स्पष्ट रूप से परिभाषित' की जानी चाहिए। मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में प्रौद्योगिकी और इंटरनेट में बदलाव के लिए इंटरनेट के संचालन ढांचे में बुनियादी स्तर पर पुनर्विचार की जरूरत है।

वैष्णव ने पहले इंडिया इंटरनेट गवर्नेंस फोरम (आईआईजीएफ 2021) का उद्घाटन करने के दौरान कहा, ‘सामग्री के सृजन के तरीके, सामग्री का उपभोग करने के तरीके, इंटरनेट के उपयोग के तरीके, भाषाएं, जिनमें इंटरनेट का उपयोग किया जाता है, मशीनें, इंटरनेट का उपयोग करने वाले माध्यम, सब कुछ बदल गया है। इसलिए, इन बुनियादी बदलावों के साथ, हमें निश्चित रूप से इंटरनेट के पूरे संचालन ढांचे में बुनियादी स्तर पर पुनर्विचार की जरूरत है।’

यह बताते हुए कि भारत इस संबंध में अग्रणी है, वैष्णव ने कहा कि इंटरनेट के सबसे बड़े उपयोगकर्ताओं में से एक भारत को दुनिया भर में इंटरनेट के संचालन को परिभाषित करने के तरीके में एक प्रमुख हितधारक होना चाहिए।

एक ऐसे युग में जहां सामग्री का निर्माण और उपभोग मोबाइल उपकरणों के माध्यम से किया जा रहा है, मंत्री ने प्लेटफॉर्म्स  के प्रतिभागियों से सामग्री की जिम्मेदारी सहित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने और विचार-विमर्श करने के लिए कहा।

इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने जोर देकर कहा कि वैश्विक इंटरनेट का भविष्य भारत के इंटरनेट परितंत्र और नवाचार क्षमताओं के नेतृत्व में होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इंटरनेट के भविष्य को ‘सावधानीपूर्वक नियोजित’ करना होगा, यह देखते हुए कि कुछ वर्षों में एक अरब भारतीय उपयोगकर्ता इंटरनेट का इस्तेमाल करेंगे।

चंद्रशेखर ने कहा, ‘इस संदर्भ में, यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि हम एक राष्ट्र के रूप में इंटरनेट के भविष्य को सावधानीपूर्वक आकार दें, नीतियों और विनियमों, अधिकारों और जिम्मेदारियों को सावधानीपूर्वक निर्धारित करें।’

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IT समिति की फेसबुक इंडिया के अधिकारियों के साथ बैठक, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली सूचना एवं प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति ने 29 नवंबर को फेसबुक से जुड़े कुछ प्रतिनिधियों को अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाया है।

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Published - Friday, 26 November, 2021
Last Modified:
Friday, 26 November, 2021
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली सूचना एवं प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति ने इस महीने के आखिर में यानी 29 नवंबर को फेसबुक से जुड़े कुछ प्रतिनिधियों को अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाया है। बता दें कि समिति की यह बैठक संसद भवन के कमरा नं. '2' में होगी।  

समिति के एजेंडे के मुताबिक, पहला कार्यक्रम 'नागरिकों की सुरक्षा' विषय पर होगा, जिसमें फेसबुक इंडिया के प्रतिनिधियों के विचारों को सुना जाएगा, डिजिटल स्पेस में महिला सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा और सोशल/ऑनलाइन न्यूज मीडिया प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को रोकने पर विचार विमर्श किया जाएगा।

एजेंडा में दूसरा कार्यक्रम 'नागरिकों की सुरक्षा' विषय पर होगा और इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के प्रतिनिधियों के साक्ष्य पर विचार करना और डिजिटल स्पेस में महिला सुरक्षा पर विशेष जोर देने के साथ-साथ सोशल/ऑनलाइन न्यूज मीडिया प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग की रोकथाम पर विचार किया जाएगा।  

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संसदीय समिति ने रखा ट्विटर-फेसबुक के लिए एक अलग निकाय स्थापित करने का प्रस्ताव

पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2019 पर संयुक्त संसदीय समिति ने ट्विटर और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए प्रेस काउंसिल की तर्ज पर एक अलग स्वतंत्र निकाय स्थापित करने की सिफारिश की है।  

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Published - Thursday, 25 November, 2021
Last Modified:
Thursday, 25 November, 2021
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पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2019 (Personal Data Protection Bill 2019) पर संयुक्त संसदीय समिति (Joint Parliamentary Committee) ने ट्विटर और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए प्रेस काउंसिल की तर्ज पर एक अलग स्वतंत्र निकाय स्थापित करने की सिफारिश की है।  

कमेटी का सुझाव है कि जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स मध्‍यस्‍थ की तरह नहीं हैं, उन्‍हें प्रकाशकों या पब्लिशर्स (Publishers) के रूप में वर्गीकृत किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उनके प्‍लेटफॉर्म्स पर प्रकाशित सभी सामग्री के लिए उन्‍हें ही जिम्‍मेदार बनाया जाना चाहिए।

वर्तमान में, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को मध्‍यस्‍थ के रूप में माना जाता है और उनके प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित सामग्री से कानूनी सुरक्षा प्राप्त होती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संसदीय कमेटी ने यह भी सिफारिश की है कि ऐसे में सभी पब्लिशर्स को पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2019 पर संसद की संयुक्त समिति की रिपोर्ट के अनुसार सभी यूजर्स की पहचान को अनिवार्य रूप से सत्यापित करना होगा। समिति गैर-व्यक्तिगत डेटा को भी इस बिल के दायरे में लेकर आयी है।

इसके अलावा, पैनल ने सिफारिश की है कि डेटा से संबंधित कंपनियों को अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए लगभग 24 महीने का समय मिलना चाहिए।

माना जा रहा है कि इस प्रस्‍ताव को आगामी संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सकता है। अपने सुझाव में संसदीय समिति ने यह भी कहा है कि उन सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म्स को भारत में काम करने की अनुमति नहीं होगी, जिनकी पैरेंट या सहयोगी कंपनी का देश में कहीं ऑफिस नहीं होगा।

समिति ने अपनी रिपोर्ट में सोशल मीडिया तंत्र को लेकर मौजूदा कानूनों को अपर्याप्‍त बताया है और यह भी कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को आईटी अधिनियम के तहत मध्यस्थों के रूप में नामित किया गया है। इस रिपोर्ट को दो साल के विचार-विमर्श के बाद सदस्यों द्वारा अपनाया गया था। अब अगले हफ्ते से शुरू होने वाले संसद के आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान इसे पेश किए जाने की उम्मीद है।

बता दें कि संयुक्त संसदीय समिति ने सोमवार को हुई मीटिंग में पर्सनल डेटा संरक्षण विधेयक 2019 को दो साल से अधिक समय तक विचार विमर्श करने के बाद इसे अंतिम रूप दे दिया है। यह मीटिंग BJP सांसद पीपी चौधरी के नेतृत्व में हुई थी। इस बिल को जल्द ही संसद के आगामी शीतकालीन सत्र (Winter Session) में पेश किया जाएगा। यह शीतकाली सत्र इस महीने के अंत में शुरू होने की उम्मीद है। समिति  को इस बिल को अंतिम रूप देने में 2 साल लग गए। इसे 5 बार विस्तार किया गया है।

संसद की संयुक्त समिति ने विधेयक की मसौदा रिपोर्ट पर विचार करने और उसे अपनाने के लिए 22 नवंबर से पहले 12 नवंबर को दिल्ली में बैठक की थी। संयुक्त समिति का गठन ‘पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2019 की जांच के लिए किया गया है, जिसे 11 दिसंबर, 2019 को लोकसभा में पेश किया गया था।

इस विधेयक का उद्देश्य अपने व्यक्तिगत डेटा से संबंधित व्यक्तियों की गोपनीयता की सुरक्षा प्रदान करना है। इसमें व्यक्तिगत डेटा का प्रवाह और उपयोग, व्यक्तिगत डेटा को संसाधित करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के बीच विश्वास का संबंध बनाना, उन व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करना, जिनके व्यक्तिगत डेटा को संसाधित किया जाता है।

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दिल्ली दंगा: शांति और सद्भाव समिति ने फेसबुक इंडिया से मांगी अब ये डिटेल

दिल्ली विधानसभा की शांति और सद्भाव समिति के सामने पेश हुए फेसबुक इंडिया के पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर शिवनाथ ठुकराल और लीगल डायरेक्टर जीवी आनंद भूषण।

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Published - Friday, 19 November, 2021
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Friday, 19 November, 2021
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दिल्ली विधानसभा की शांति और सद्भाव समिति ने दिल्ली में वर्ष 2020 में हुए दंगों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की भूमिका की जांच के तहत फेसबुक इंडिया के अधिकारियों से पूछताछ की है। फेसबुक इंडिया के डायरेक्टर शिवनाथ ठुकराल (पब्लिक पॉलिसी) और डायरेक्टर (लीगल) जीवी आनंद भूषण ‘आम आदमी पार्टी’ (आप) नेता राघव चड्ढा की अध्यक्षता वाली इस कमेटी के सामने पेश हुए।

इस सुनवाई के दौरान राघव चड्ढा ने ठुकराल से पूछा कि फेसबुक कितनी भाषाओं में उपलब्ध है और प्रत्येक भाषा में उनके पास कितने फैक्ट चेकर्स हैं। इस पर ठुकराल ने बताया कि फेसबुक इंडिया 20 भाषाओं में उपलब्ध है, लेकिन यह सिर्फ 11 भाषाओं के लिए फैक्ट चेक को सपोर्ट करती है।

इसके साथ ही ठुकराल ने बताया कि फैक्ट चेक के दौरान फेसबुक करीब 97 प्रतिशत आपत्तिजनक कंटेंट को हटा देता है। उन्होंने कहा कि किसी भी यूजर की शिकायत का 24 घंटे में संज्ञान लिया जाता है और 14 दिनों के अंदर उस पर कार्रवाई की जाती है। फेसबुक ने सितंबर में 182000 कंटेंट को हटाया है।   

सुनवाई के दौरान ठुकराल ने कहा, ‘जब असल दुनिया में घटनाएं होती हैं तो वे हमारे मंच पर भी दिखाई देती हैं। हम अपने मंच पर घृणा का प्रसार नहीं चाहते। कुछ गलत घटक हैं, जिनके विरुद्ध कार्रवाई करने की जरूरत है।‘ उन्होंने कहा कि फेसबुक में कंटेंट मैनेजमेंट पर काम करने के लिए 40 हजार लोग हैं, जिनमें से 15 हजार लोग कंटेंट में संशोधन करते हैं। उन्होंने कहा कि सामुदायिक मानकों के विरुद्ध सामग्री पाए जाने पर वह मंच से तत्काल हटा ली जाती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कमेटी ने ‘फेसबुक इंडिया’ से कहा है कि वह 2020 में नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हुए दंगों से एक महीने पहले और दो महीने बाद फेसबुक पर डाले गए कंटेंट पर यूजर्स की रिपोर्ट का रिकॉर्ड पेश करे। बता दें कि समिति ने गलत, भड़काऊ और बुरी नीयत से भेजे गए संदेशों पर लगाम लगाने में सोशल मीडिया मंचों की अहम भूमिका पर विचार रखने के लिए फेसबुक इंडिया के अधिकारियों को तलब किया था।

चड्ढा द्वारा यह पूछे जाने पर कि दुनिया भर में और भारत में फेसबुक के कितने रजिस्टर्ड यूजर्स हैं, अधिकारियों ने जवाब दिया कि दुनिया भर में फेसबुक के एक बिलियन से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स हैं, जिनमें से लगभग 400 मिलियन यूजर्स भारत से हैं। इस पर चड्ढा का कहना था, ‘इसका मतलब है कि फेसबुक का लगभग 40 फीसदी मार्केट भारत का है तो सीईओ को एक ऐसे मार्केट को करीब से देखना चाहिए जो उसे कुल परिणाम का 40 फीसदी देता है।’

समिति का कहना है कि वह फेसबुक के अधिकारियों को फिर से सुनवाई के लिए बुलाएगी और इस पर फैसला करेगी। गौरतलब है कि ‘नागरिकता संशोधन अधिनियम’ (CAA) का समर्थन और विरोध करने वाले समूहों के बीच दिल्ली के पूर्वोत्तर क्षेत्र में हुई हिंसा के बाद दिल्ली विधानसभा द्वारा शांति और सद्भाव समिति का गठन किया गया था। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश पारित किया था जिसमें कहा गया था कि दिल्ली विधानसभा की शांति और सद्भाव समिति को फेसबुक इंडिया के अधिकारियों से पूछताछ करने का अधिकार है।

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Google ने इस वजह से घोषित किए 10 न्यूज स्टार्टअप्स के नाम

टेक कंपनी गूगल ने बुधवार को 10 स्टार्टअप्स के नामों की घोषणा की है, जो जीएनआई स्टार्टअप्स लैब (Google News Initiative Startups Lab India) के पहले समूह का गठन करेंगे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 11 November, 2021
Last Modified:
Thursday, 11 November, 2021
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टेक कंपनी गूगल (Google) ने बुधवार को 10 न्यूज स्टार्टअप्स के नामों की घोषणा की है, जो जीएनआई स्टार्टअप्स लैब (Google News Initiative Startups Lab India) के पहले समूह का गठन करेंगे। जीएनआई स्टार्टअप लैब 16-सप्ताह का एक उत्प्रेरक कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य अगली पीढ़ी के स्वतंत्र भारतीय समाचार स्टार्टअप को वित्तीय और परिचालन स्थिरता प्राप्त करने में मदद करना है।

इन शीर्ष 10 स्टार्टअप्स में बेहानबॉक्स (BehanBox), बिस्बो (Bisbo), ईस्ट मोजो (East Mojo), ईडी टाइम्स (ED Times), हेडलाइन नेटवर्क (Headline Network), मैन मीडिया (Main Media), द ब्रिज (The Bridge), सुनो इंडिया (Suno India), द क्यू (The Cue) और द प्रोब (The Probe) शामिल हैं।

जीएनआई ग्लोबल इनोवेशन लैब ईकोस (Echos) और डिजिपब न्यूज इंडिया फाउंडेशन (DIGIPUB News India Foundation) के सहयोग से बनाया गया है। जीएनआई स्टार्टअप लैब इंडिया स्थानीय और पहले से कम सेवा वाले समुदायों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली रिपोर्टिंग का समर्थन करता है।

एक ब्लॉगपोस्ट में एपीएसी न्यूज पार्टनरशिप के निदेशक, केट बेड्डो ने कहा, 'भारत भर के 70 से अधिक आवेदकों में से चुने गए, दस न्यूज स्टार्टअप पत्रकारिता के कई प्रकारों को कवर करते हैं, जिसमें खोज, प्रसारण, राजनीतिक, डेटा और स्थानीय समाचार संगठन शामिल हैं जो कम प्रतिनिधित्व वाले समुदायों को आवाज देते हैं।' बेड्डो ने कहा, 'विविध समूहों में देश भर के समाचार कक्ष हैं, जो अंग्रेजी, हिंदी, मलयालम और उर्दू सहित भाषाओं में समाचार तैयार करते हैं।'

बेहानबोस ने कहा, 'हमारा मिशन महिलाओं और लिंग-विविध व्यक्तियों की आवाजों को केंद्र में लाना है, क्योंकि उन्हें अक्सर मीडिया में फुटनोट्स में बदल दिया जाता है।' इसमें कहा गया है, 'कानूनों और नीतियों के हमारे विश्लेषण के माध्यम से जमीनी रिपोर्टिंग के साथ, हमारा मिशन महिलाओं और लिंग विविध व्यक्तियों के लिए भारत के लोकतंत्र में समान भागीदार होने के लिए उपयोगी संसाधन बनाना है।'

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अग्रिम जमानत न मिलने के बाद चैनल के मालिक व एंकर ने किया आत्मसमर्पण

केरल राज्य के पतनमतिट्टा जिले की तिरुवल्ला पुलिस ने सोमवार को एक ऑनलाइन न्यूज चैनल के मालिक और उसके एक एम्पलॉयी को गिरफ्तार किया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 02 November, 2021
Last Modified:
Tuesday, 02 November, 2021
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केरल राज्य के पतनमतिट्टा जिले की तिरुवल्ला पुलिस ने सोमवार को एक ऑनलाइन न्यूज चैनल के मालिक और उसके एक एम्पलॉयी को गिरफ्तार किया है। बता दें कि धर्म के नाम पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोप में इन दोनों को गिरफ्तार किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि तिरुवल्ला स्थित ‘नमो टीवी’ के 35 वर्षीय मालिक रंजीत टी. अब्राहम और विवादास्पद कार्यक्रम को पेश करने वाली 33 वर्षीय एंकर श्रीजा वल्लीकोड ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। दोनों सितंबर से फरार थे। इन दोनों ने केरल उच्च न्यायालय के समझ अग्रिम जमानत की मांग की थी। कोर्ट ने फिलहाल उनकी याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद दोनों ने आत्मसमर्पण का फैसला लिया। अदालत ने दोनों को जांच दल के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया। इसके बाद दोनों तिरुवल्ला थाने पहुंचे और आत्मसमर्पण कर दिया।

वल्लीकोड द्वारा चैनल के माध्यम से एक विवादास्पद कार्यक्रम प्रस्तुत करने के बाद तिरुवल्ला पुलिस ने उनके खिलाफ आईपीसी 153 (ए) के तहत मामला दर्ज किया था। इस धारा के तहत यदि कोई व्यक्ति लिखित या मौखिक रूप से ऐसा बयान देता है जिससे साम्प्रदायिक दंगा या तनाव फैलता है या समुदायों के बीच शत्रुता पनपती है तो उसे गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके तहत जुर्माने के साथ ही छह महीने से एक साल की कैद की सजा हो सकती है।

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दिल्ली हिंसा की जांच कर रही समिति ने इस वजह से फेसबुक इंडिया को जारी किया समन

दिल्ली में फरवरी 2020 में हुई सांप्रदायिक हिंसा की जांच धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। इसी की जांच कर रही  दिल्ली विधानसभा की शांति और सद्भाव समिति ने फेसबुक इंडिया को समन जारी किया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 02 November, 2021
Last Modified:
Tuesday, 02 November, 2021
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दिल्ली में फरवरी 2020 में हुई सांप्रदायिक हिंसा की जांच धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। इसी की जांच कर रही  दिल्ली विधानसभा की शांति और सद्भाव समिति ने फेसबुक इंडिया को समन जारी किया है और दो नवंबर को अपने एक वरिष्ठ प्रतिनिधि को उसके समक्ष पेश होने को कहा है। शांति एवं सदभाव समिति के अध्यक्ष राघव चड्ढा ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

बयान में कहा गया है कि चूंकि फेसबुक के दिल्ली में लाखों यूजर्स हैं, इसलिए उसे उच्चतम न्यायालय के आठ जुलाई 2021 के अनुसार समन जारी किया गया है। न्यायालय ने कहा था कि समिति के पास सदस्यों और गैर-सदस्यों को अपने सामने पेश होने का निर्देश देने की शक्ति है।

बयान में कहा गया है कि समिति असामंजस्य पैदा करने और शांति को प्रभावित कर सकने वाले ‘झूठे तथा दुर्भावनापूर्ण संदेशों के प्रसार को रोकने में सोशल मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका’ पर चर्चा करना चाहती है।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 23 से 26 फरवरी 2020 के बीच नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थकों और विरोधियों के बीच हुई झड़पों में कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग घायल हो गए थे। 

समिति, इस हिंसा की जांच कर रही है, ताकि हालात को शांत करने और धार्मिक समुदायों, भाषाई समुदायों या सामाजिक समूहों के बीच सद्भाव बहाल करने के लिए उपयुक्त उपायों की सिफारिश की जा सके।

इस मामले में ‌समिति ने अध्यक्ष राघव चड्ढा के माध्यम से पहले सात अत्यंत महत्वपूर्ण गवाहों से पूछताछ की है, जिनमें पत्रकारों, पूर्व नौकरशाहों और सहित कई व्यक्तियों को सुना गया है। इनमें प्रख्यात पत्रकार और लेखक परंजॉय गुहा ठाकुरता, डिजिटल अधिकार कार्यकर्ता निखिल पाहवा, वरिष्ठ पत्रकार अवेश तिवारी, प्रख्यात स्वतंत्र और खोजी पत्रकार कुणाल पुरोहित, न्यूजक्लिक के संपादक प्रबीर पुरकायस्थ, ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक प्रतीक सिन्हा और फेसबुक इंक के पूर्व कर्मचारी मार्क एस लक्की शामिल हैं। यह लोग समिति के समक्ष उपस्थित हुए और बहुमूल्य साक्ष्य एवं सुझाव प्रस्तुत किये।

समिति ने मीडिया को कार्यवाही में भाग लेने के लिए आमंत्रित करने और कार्यवाही का सीधा प्रसारण करने का निर्णय लिया है। पूरी कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी।

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