Myntra ने पूजा रिजाल को Deputy Director – Brand Partnership & Monetisation पद पर प्रमोट किया है। वह चार वर्षों से कंपनी के साथ जुड़ी हैं और ब्रांड पार्टनरशिप में अहम भूमिका निभा रही हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
Myntra ने पूजा रिजाल को 'Deputy Director-Brand Partnership & Monetisation' पद पर प्रमोट किया है। उन्होंने LinkedIn पोस्ट के जरिए इस उपलब्धि की जानकारी साझा की। पूजा रिजाल पिछले चार वर्षों से Myntra के साथ जुड़ी हुई हैं और इस दौरान उन्होंने ब्रांड पार्टनरशिप और रेवेन्यू-ड्रिवन कैंपेन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। प्रमोशन से पहले वह Senior Manager- Brand Partnership & Monetisation के पद पर कार्यरत थीं।
उनके पास एक दशक से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने ई-कॉमर्स, सोशल मीडिया, टेलीविजन और रेडियो जैसे विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर सेल्स और एडवर्टाइजिंग से जुड़े कार्य किए हैं। Myntra से पहले वह ByteDance में Partnerships Manager के रूप में काम कर चुकी हैं।
इसके अलावा उन्होंने Zee Entertainment Enterprises, Star TV Network और Radio City India जैसी प्रमुख मीडिया कंपनियों में भी काम किया है। उनका यह प्रमोशन Myntra में टैलेंट ग्रोथ और लीडरशिप डेवलपमेंट को दर्शाता है, जहां अनुभवी प्रोफेशनल्स को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है।
मीडिया और बिजनेस जगत की जानी-मानी हस्ती डॉ. अनुराग बत्रा ने 21 अक्टूबर को सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, दुबई में मीडिया और बिजनेस के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मीडिया और बिजनेस जगत की जानी-मानी हस्ती डॉ. अनुराग बत्रा ने 21 अक्टूबर को सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, दुबई में मीडिया और बिजनेस के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस सत्र में उन्होंने उद्यमिता, करियर की तैयारी और अपने पेशेवर अनुभवों से जुड़ी बातें साझा कीं।
BW Businessworld के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ और एक्सचेंज4मीडिया के फाउंडर डॉ. बत्रा ने इस दौरान अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए निरंतरता और कड़ी मेहनत के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को अपने तीन सी के सिद्धांत—कंटेंट, कनेक्ट और कॉन्टेक्स्ट (Content, Connect and Context)—से भी परिचित कराया। उन्होंने बताया कि संवाद, पेशेवर संबंधों और ऑडियंस को समझने के लिहाज से ये तीनों बातें महत्वपूर्ण हैं।
डॉ. बत्रा के संबोधन के बाद एक विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इसका संचालन मीडिया एवं कम्युनिकेशन विभाग की प्रमुख डॉ. पूजा महेश ने किया। इस बातचीत में डॉ. बत्रा के उद्यमिता के सफर, उनके मीडिया उपक्रमों के विकास और बिजनेस जगत के दिग्गजों से बातचीत के दौरान मिले अनुभवों पर चर्चा हुई।
डॉ. बत्रा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अवसरों को पहचानना, कारोबारी विचारों में बदलाव के साथ खुद को ढालना और मजबूत पेशेवर संबंध बनाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बने रहने, व्यावहारिक कौशल विकसित करने और अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
सिम्बायोसिस दुबई की ओर से इस सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों की कक्षा में होने वाली पढ़ाई को पेशेवर दुनिया के अनुभवों से जोड़ना था। इससे विद्यार्थियों को अपने करियर के लक्ष्यों पर विचार करने और मीडिया एवं बिजनेस जगत के अनुभवों को समझने का अवसर मिला।
सुमित प्रियाणी ने हिताची डिजिटल और संयुक्त हिताची डिजिटल सर्विसेज तथा ग्लोबललॉजिक संगठन के सीआईओ की जिम्मेदारी संभाली है। उनके पास वैश्विक टेक्नोलॉजी नेतृत्व का 25 वर्षों से अधिक अनुभव है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सुमित प्रियाणी ने हिताची (Hitachi) में हिताची डिजिटल (Hitachi Digital) और संयुक्त हिताची डिजिटल सर्विसेज तथा ग्लोबललॉजिक (Hitachi Digital Services and GlobalLogic) संगठन के चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर यानी सीआईओ (CIO) के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है।
सुमित के पास वैश्विक स्तर पर नेतृत्व का 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्हें टेक्नोलॉजी ट्रांसफॉर्मेशन, क्लाउड मॉडर्नाइजेशन, डेटा और एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एंटरप्राइज प्लेटफॉर्म, गवर्नेंस, कंप्लायंस, साइबर रेजिलिएंस और ग्लोबल टेक्नोलॉजी ऑपरेशंस में विशेषज्ञता हासिल है।
उनके काम का मुख्य फोकस टेक्नोलॉजी निवेश को कारोबारी प्राथमिकताओं के साथ जोड़ना, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी सिस्टम को आधुनिक बनाना और कारोबार के लिए मापने योग्य परिणाम हासिल करना रहा है।
हिताची से जुड़ने से पहले सुमित अमेरिका में ईएक्सएल (EXL) में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने अक्टूबर 2022 से अक्टूबर 2026 तक यह जिम्मेदारी संभाली। वह कंपनी की ग्लोबल लीडरशिप काउंसिल के सदस्य भी रहे।
सीआईओ बनने से पहले सुमित ने जून 2014 से अक्टूबर 2022 तक ईएक्सएल में वाइस प्रेसिडेंट और ग्लोबल हेड ऑफ टेक्नोलॉजी की जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले जुलाई 2012 से जून 2014 तक वह वाइस प्रेसिडेंट – टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज और आईटी सर्विस मैनेजमेंट के पद पर कार्यरत रहे।
सुमित इससे पहले कैपजेमिनी (Capgemini), जिसे पहले आईगेट पटनी (iGATE Patni) के नाम से जाना जाता था, में एक दशक से अधिक समय तक रहे। उन्होंने जुलाई 2002 से जुलाई 2012 तक यहां हेड ऑफ टेक्नोलॉजी के रूप में काम किया। इस भूमिका में उन्होंने कई देशों में ग्लोबल टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑपरेशंस और सर्विस डिलीवरी का नेतृत्व किया।
कनेक्ट ने शिप्रा चिंचणकर को नेशनल प्लानिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। वह देशभर में प्लानिंग फंक्शन का नेतृत्व करेंगी और ब्रांड व बिजनेस से जुड़े रणनीतिक नजरिए को मजबूत करेंगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
ओमनीकॉम एडवरटाइजिंग इंडिया (Omnicom Advertising India) का हिस्सा कनेक्ट (Kinnect) ने शिप्रा चिंचणकर को नेशनल प्लानिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। नई भूमिका में वह देशभर में प्लानिंग फंक्शन का नेतृत्व करेंगी। उनकी जिम्मेदारी कनेक्ट के काम में ब्रांड और बिजनेस से जुड़े रणनीतिक नजरिए को और मजबूत करना होगी।
शिप्रा कनेक्ट एंड 22फीट (Kinnect & 22feet) की चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर चांदनी शाह को रिपोर्ट करेंगी। उन्हें रणनीति और प्लानिंग के क्षेत्र में 19 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने पूर्ववर्ती एफसीबी उल्का (FCB Ulka), जेडब्ल्यूटी (JWT) और लोवे लिंटास (Lowe Lintas) जैसी प्रमुख एजेंसियों के साथ काम किया है।
उनके करियर में ब्रांड आर्किटेक्चर, नए बाजारों में लॉन्च और अलग-अलग श्रेणियों में कारोबार बढ़ाने से जुड़े काम शामिल रहे हैं। उन्होंने अमूल (Amul), टाटा टेलीसर्विसेज (Tata Teleservices), टीसीएस (TCS), गुड नाइट (Good Knight) और पराग मिल्क फूड्स (Parag Milk Foods) जैसे ब्रांड्स के साथ काम किया है।
पूर्ववर्ती लोवे लिंटास में 13 वर्षों के कार्यकाल के दौरान उन्होंने यूनिलीवर (Unilever) के पोर्टफोलियो पर बड़े स्तर पर काम किया। इसमें सर्फ एक्सेल (Surf Excel), विम (Vim), ग्लो एंड लवली (Glow & Lovely) और नॉर (Knorr) जैसे ब्रांड शामिल रहे।
उनके करियर की प्रमुख उपलब्धियों में रमजान और होली के अवसर पर सर्फ एक्सेल के लिए तैयार किए गए चर्चित अभियान शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने भारत में हर्शीज (Hershey’s) के चॉकलेट पोर्टफोलियो की लॉन्चिंग, कॉम्प्लान (Complan) के पुनर्गठन और प्रूडेंशियल हेल्थ (Prudential Health) की भारत में लॉन्चिंग में भी योगदान दिया है।
नोवा भोजवानी ने हिताची में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा यानी बीएफएसआई की प्रमुख जिम्मेदारी संभाली है। वह इससे पहले नेस डिजिटल इंजीनियरिंग में ग्लोबल इंडस्ट्री हेड थीं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
नोवा भोजवानी ने हिताची (Hitachi) में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा यानी बीएफएसआई (BFSI) की प्रमुख के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह नेस डिजिटल इंजीनियरिंग (Ness Digital Engineering) में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और ग्लोबल इंडस्ट्री हेड-फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस तथा जीसीसी के पद पर थीं।
भोजवानी ने करीब तीन साल नेस में काम करने के बाद हिताची से जुड़ने की जानकारी साझा की। इस दौरान उन्होंने कंपनी के वैश्विक वित्तीय सेवाओं और बीमा कारोबार के विकास का नेतृत्व किया। नेस निजी इक्विटी फर्म केकेआर (KKR) के पोर्टफोलियो की कंपनी है।
अपने कार्यकाल को याद करते हुए भोजवानी ने नेस में मिले सीखने और आगे बढ़ने के अवसरों के लिए आभार जताया। उन्होंने केकेआर की निवेश प्रक्रिया और वैल्यू क्रिएशन रणनीति का भी उल्लेख किया। साथ ही, उन्होंने अपने सहयोगियों, नेतृत्व टीम, ग्राहकों और साझेदारों को धन्यवाद दिया।
नेस में हालिया कार्यकाल से पहले भोजवानी 2019 से जुलाई 2023 तक टेट्रासॉफ्ट इंक. (Tetrasoft Inc.) में चीफ रेवेन्यू ऑफिसर थीं। यहां उन्होंने वैश्विक कारोबार के विकास और रणनीति का नेतृत्व किया। उनका फोकस बीमा, स्वास्थ्य सेवा और तकनीक आधारित क्षेत्रों के लिए डिजिटल समाधानों पर था। उन्होंने प्रॉपर्टी एंड कैजुअल्टी इंश्योरेंस और एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए गो-टू-मार्केट रणनीतियां तैयार कीं और नए कारोबारी अवसरों के लिए साझेदारियां विकसित कीं।
इससे पहले वह मार्लैब्स (Marlabs) में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस हेड के रूप में काम कर चुकी हैं। वहां उनकी जिम्मेदारी बिक्री, लाभप्रदता, रणनीतिक खातों और नए ग्राहकों को जोड़ने की थी। उन्होंने कारोबार बढ़ाने की रणनीतियों, साझेदारियों और मजबूत बिक्री टीम तैयार करने पर भी काम किया।
भोजवानी ने इससे पहले नेस डिजिटल इंजीनियरिंग में करीब पांच साल तक बिक्री और बिजनेस डेवलपमेंट से जुड़ी नेतृत्व भूमिकाएं भी निभाईं। उन्होंने कई भौगोलिक क्षेत्रों में रणनीतिक ग्राहकों और कारोबारी विकास से जुड़े प्रयासों का नेतृत्व किया। इस दौरान उनका फोकस डिजिटल सेवाओं, डेटा इंजीनियरिंग, क्लाउड, एनालिटिक्स और प्लेटफॉर्म डेवलपमेंट पर रहा।
उनके शुरुआती करियर में बिरलासॉफ्ट (Birlasoft) में वरिष्ठ बिक्री भूमिकाएं शामिल हैं, जहां उन्होंने रणनीतिक सौदों और बीमा कारोबार का नेतृत्व किया। इसके अलावा उन्होंने अनुबंध के तहत जीई (GE) और महिंद्रा सत्यम (Mahindra Satyam) में क्लाइंट मैनेजमेंट से जुड़ी जिम्मेदारियां भी संभालीं।
हिताची में नई भूमिका के साथ भोजवानी एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी बिक्री, कारोबारी रणनीति, क्लाइंट पार्टनरशिप और बिजनेस ग्रोथ लीडरशिप का व्यापक अनुभव लेकर आई हैं।
सोनाली माथुर ने एबॉट में ग्लोबल हेड ऑफ डेटा एंड एनालिटिक्स की जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह करीब एक दशक तक जनरल मोटर्स में विभिन्न नेतृत्वकारी भूमिकाओं में काम कर चुकी हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सोनाली माथुर (Sonali Mathur) ने एबॉट (Abbott) में ग्लोबल हेड ऑफ डेटा एंड एनालिटिक्स की नई जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह करीब एक दशक तक जनरल मोटर्स (General Motors) यानी जीएम (GM) में अलग-अलग लीडरशिप रोल में काम कर चुकी हैं। यहां उन्होंने डेटा टेक्नोलॉजी, डेटा गवर्नेंस, एनालिटिक्स और कस्टमर एक्सपीरियंस से जुड़े क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभाली।
माथुर ने मार्च 2022 से दिसंबर 2024 तक जनरल मोटर्स में हेड ऑफ डेटा टेक्नोलॉजी एंड ऑपरेशंस–ग्लोबल मार्केटिंग के रूप में काम किया। इससे पहले जनवरी 2021 से मार्च 2022 तक वह एसोसिएट डायरेक्टर और हेड ऑफ डेटा एनेबलमेंट के पद पर थीं।
नवंबर 2019 से दिसंबर 2020 के बीच उन्होंने जनरल मोटर्स में सीनियर मैनेजर, डेटा गवर्नेंस एंड प्राइवेसी की जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले वह कस्टमर एक्सपीरियंस प्रोग्राम्स में सीनियर डेटा एंड टेक्नोलॉजी मैनेजर और ग्लोबल कनेक्टेड कस्टमर एक्सपीरियंस में टेक्निकल प्रोग्राम मैनेजर के तौर पर भी काम कर चुकी हैं।
जनरल मोटर्स में माथुर के अनुभव में शंघाई में कंपनी के इंटरनेशनल ऑपरेशंस के लिए ग्लोबल आईटी लीड की भूमिका भी शामिल रही। इसके अलावा उन्होंने उत्तरी अमेरिका में डेटा से जुड़ी अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं।
जनरल मोटर्स से पहले माथुर ने सितंबर 2009 से जून 2011 तक कम्प्यूवेयर (Compuware) में डेटा वेयरहाउस टेक लीड के रूप में काम किया। यहां उन्होंने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लाइफसाइकिल के दौरान 30 से अधिक एंटरप्राइज डेटा वेयरहाउस कंपोनेंट्स का मैनेजमेंट किया।
माथुर ने अपने करियर की शुरुआत महिंद्रा सत्यम (Mahindra Satyam) में सॉफ्टवेयर डेवलपर के रूप में की थी। वर्ष 2006 से 2008 के बीच उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में काम किया।
एबॉट में नई भूमिका के तहत माथुर डेटा और एनालिटिक्स से जुड़ी ग्लोबल जिम्मेदारी संभालेंगी। उनके अनुभव में एंटरप्राइज डेटा स्ट्रैटेजी, डेटा गवर्नेंस, प्राइवेसी, टेक्नोलॉजी ऑपरेशंस और एनालिटिक्स आधारित बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन शामिल है।
प्रसार भारती ने डीडी न्यूज और डीडी इंडिया के लिए कॉरेस्पॉन्डेंट (संवाददाता) के पद पर भर्ती निकाली है। यह नियुक्ति गोवा की राजधानी पणजी में की जाएगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
प्रसार भारती ने डीडी न्यूज और डीडी इंडिया के लिए कॉरेस्पॉन्डेंट (संवाददाता) के पद पर भर्ती निकाली है। यह नियुक्ति गोवा की राजधानी पणजी में की जाएगी। इस पद के लिए अनुभवी और योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे गए हैं। चयनित उम्मीदवार को हर महीने 60,000 रुपये से 80,000 रुपये तक वेतन दिया जाएगा। यह नियुक्ति एक साल के अनुबंध पर होगी।
प्रसार भारती सचिवालय की ओर से 13 अक्टूबर, 2026 को जारी नोटिस के मुताबिक, इस भर्ती के तहत एक पद भरा जाएगा। उम्मीदवारों को प्रसार भारती की आधिकारिक आवेदन वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
शैक्षणिक योग्यता और अनुभव
इस पद के लिए उम्मीदवार के पास पत्रकारिता, जनसंचार या संबंधित क्षेत्र में डिग्री होनी चाहिए। इसके अलावा, किसी भी विषय में स्नातक होने के साथ पत्रकारिता, जनसंचार या संबंधित क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा या मास्टर डिग्री रखने वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं। डिग्री किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से होनी चाहिए।
उम्मीदवार को हिंदी और कोंकणी, दोनों भाषाओं का अच्छा ज्ञान होना जरूरी है। अंग्रेजी भाषा का ज्ञान रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
आवेदक के पास संबंधित क्षेत्र में कम से कम पांच साल का अनुभव होना चाहिए। नोटिस जारी होने की तारीख तक उम्मीदवार की उम्र 40 साल से कम होनी चाहिए।
क्या होगा काम?
चयनित उम्मीदवार को मौके पर जाकर खबरें जुटाने और उन्हें न्यूजरूम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके साथ ही लाइव प्रसारण के दौरान कार्यक्रमों की मेजबानी करना, इंटरव्यू लेना और खबरों से जुड़े छोटे वीडियो अंश तैयार करना भी काम का हिस्सा होगा।
उम्मीदवार को खबरें और कार्यक्रम लिखने, अपनी आवाज में रिकॉर्ड करने और उनके संपादन से जुड़े काम करने होंगे। सोशल मीडिया पर अपलोड करने के लिए सामग्री और हैशटैग भी तैयार करने होंगे।
इसके अलावा, भारत और विदेशों में अलग-अलग तरह की महत्वपूर्ण खबरों को कवर करना, खबरों की योजना बनाना, संबंधित जगहों और लोगों तक पहुंच बनाना तथा सटीक, रोचक और जानकारीपूर्ण समाचार तैयार करना भी जिम्मेदारी में शामिल होगा। जरूरत के मुताबिक न्यूजरूम से जुड़े अन्य काम भी करने पड़ सकते हैं।
एक साल का होगा अनुबंध
यह नियुक्ति पूरी तरह अनुबंध के आधार पर होगी। शुरुआत में अनुबंध की अवधि एक साल रखी गई है। उम्मीदवार के काम की सालाना समीक्षा की जाएगी और जरूरत व प्रदर्शन के आधार पर अनुबंध आगे बढ़ाया जा सकता है।
नियुक्त व्यक्ति को पूरे समय इस पद पर काम करना होगा। अनुबंध की अवधि के दौरान वह कोई दूसरा काम या असाइनमेंट नहीं ले सकेगा। प्रसार भारती जरूरत के अनुसार चयनित उम्मीदवार को उसकी तय जिम्मेदारियों के अलावा अन्य काम भी सौंप सकता है।
नियुक्ति को किसी भी पक्ष की ओर से एक महीने का नोटिस देकर या उसके बदले एक महीने का वेतन देकर समाप्त किया जा सकता है। इस अनुबंध के आधार पर उम्मीदवार को पेंशन से जुड़ा कोई लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही, भविष्य में प्रसार भारती में नियमित नियुक्ति का दावा भी नहीं किया जा सकेगा।
ऐसे करें आवेदन
इच्छुक और योग्य उम्मीदवार प्रसार भारती की आधिकारिक आवेदन वेबसाइट https://avedan.prasarbharati.org पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
नोटिस के मुताबिक, आवेदन समाचार पत्र में भर्ती सूचना प्रकाशित होने की तारीख से 15 दिनों के भीतर करना होगा। उम्मीदवारों को सभी जरूरी दस्तावेजों की पूरी और स्पष्ट प्रतियां अपलोड करनी होंगी। अधूरे या अस्पष्ट दस्तावेज जमा करने पर आवेदन बिना किसी सूचना के खारिज किया जा सकता है।
प्रसार भारती जरूरत के अनुसार पदों की संख्या घटाने या बढ़ाने का अधिकार रखता है। संस्था शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की परीक्षा और/या इंटरव्यू भी ले सकती है। इसमें शामिल होने के लिए यात्रा भत्ता या दैनिक भत्ता नहीं दिया जाएगा। केवल शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों से ईमेल के जरिए संपर्क किया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन में किसी तरह की परेशानी होने पर उम्मीदवार avedanhelpdesk@gmail.com और ddnewshrcell@prasarbharati.gov.in पर ईमेल कर सकते हैं। ईमेल के साथ समस्या का स्क्रीनशॉट भी भेजना होगा।
ध्यान दें: आवेदन की अंतिम तारीख की गणना समाचार पत्र में भर्ती सूचना के प्रकाशन की तारीख से की जाएगी, न कि केवल नोटिस जारी होने की तारीख से।
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महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने खाद्य पदार्थों के भंडारण और डिस्ट्रीब्यूशन केंद्रों पर जांच तेज कर दी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने खाद्य पदार्थों के भंडारण और डिस्ट्रीब्यूशन केंद्रों पर जांच तेज कर दी है। खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कई खामियां सामने आने के बाद प्रशासन ने पुणे जिले के चाकण स्थित रिलायंस रिटेल के एक वेयरहाउस का लाइसेंस रद्द कर दिया है। वहीं, खेड़ तालुका के निघोजे में Blinkit से जुड़े एक केंद्र का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है और उसका कामकाज रोक दिया गया है।
FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में चल रही इस कार्रवाई का दायरा रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, रिलायंस रिटेल और जोमैटो हाइपरप्योर से जुड़े वेयरहाउस तक भी पहुंचा है। पुणे और ठाणे जिलों में इन केंद्रों की जांच की गई है। प्रशासन को इस बात का संदेह है कि इस्तेमाल के लायक नहीं बचे, खराब या अस्वीकृत खाद्य पदार्थ, जिन्हें नष्ट किया जाना था, कहीं दोबारा बाजार में तो नहीं पहुंचाए गए।
इस व्यापक कार्रवाई के दौरान FDA ने 48.08 लाख रुपये कीमत का 8,392 किलोग्राम सामान जब्त किया। इसके अलावा, पांच वेयरहाउस के लाइसेंस निलंबित किए गए और बिना लाइसेंस चल रहे दो प्रतिष्ठानों को काम बंद करने का आदेश दिया गया।
रिलायंस के वेयरहाउस में चूहे और कॉकरोच मिलने का दावा
प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) की रिपोर्ट के मुताबिक, 14 अक्टूबर को पुणे जिले के चाकण स्थित रिलायंस रिटेल के वेयरहाउस की जांच में कई गंभीर खामियां सामने आईं। अधिकारियों ने वहां चूहों की गतिविधियां देखीं। फर्श की दरारों में कॉकरोच भी मिले। इसके अलावा, कर्मचारियों के परिसर के अंदर थूकने की बात भी जांच में सामने आई।
अधिकारियों के मुताबिक, वेयरहाउस में एक्सपायरी डेट निकल चुके और खराब हो चुके खाद्य पदार्थों को दूसरे सामान से अलग नहीं रखा गया था। केंद्र के पास ऐसा सत्यापित प्रमाण भी नहीं था, जिससे यह साबित हो सके कि एक्सपायरी हो चुके सामान को नियमों के मुताबिक नष्ट किया गया है। हालांकि, वेयरहाउस ने कचरा निपटाने वाली एक एजेंसी के साथ समझौता होने की जानकारी दी थी।
इन खामियों के बाद FDA ने 15 अक्टूबर को वेयरहाउस का लाइसेंस रद्द कर दिया। इसके बाद नॉर्थ महालुंगे MIDC पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई।
Blinkit से जुड़े केंद्र में भी मिलीं खामियां
14 अक्टूबर को ही खेड़ तालुका के निघोजे में Linkit Commerce Pvt Ltd द्वारा संचालित एक वेयरहाउस की भी जांच की गई। इस केंद्र में खाद्य पदार्थों के भंडारण और कर्मचारियों के प्रशिक्षण को लेकर सवाल उठे।
FDA के अधिकारियों को वहां खाद्य पदार्थों के पैकेट लीक होते मिले और कॉकरोच की समस्या भी सामने आई। जांच में कोल्ड रूम का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक पाया गया। वेयरहाउस जरूरी तापमान पर सामान रखे जाने का रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं करा सका।
भंडारण के तरीके में भी खामियां मिलीं। कच्चे और दूसरे खाद्य पदार्थों को एक साथ रखा गया था। अधिकारियों ने टाटा नमक के 50 किलोग्राम और सूजी के 60 किलोग्राम पैकेट सीधे फर्श पर रखे हुए पाए।
करीब 600 कर्मचारियों में से सिर्फ पांच ने लिया था प्रशिक्षण
वेयरहाउस में कर्मचारियों के प्रशिक्षण को लेकर भी चिंता जताई गई। रिपोर्ट के मुताबिक, वहां काम करने वाले करीब 600 कर्मचारियों में से केवल पांच ने खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रमाणन (FoSTaC) कार्यक्रम पूरा किया था।
FDA ने 15 अक्टूबर को इस केंद्र का लाइसेंस निलंबित कर दिया। इस मामले में साउथ महालुंगे MIDC पुलिस स्टेशन में भी FIR दर्ज की गई।
एक्सपायरी और खराब सामान दोबारा बाजार में पहुंचने की जांच
दोनों वेयरहाउस के खिलाफ कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब FDA उन खाद्य पदार्थों के निपटान की व्यापक जांच कर रहा है, जिन्हें बिक्री के लिए अनुपयुक्त घोषित किया गया था या जिन्हें नष्ट किया जाना था। इस कैंपेन के तहत पुणे और ठाणे में बड़े खुदरा कारोबारियों और खाद्य डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों से जुड़े केंद्रों की जांच की गई है।
नियामक को संदेह है कि नष्ट करने के लिए एजेंसियों को सौंपा गया एक्सपायरी, खराब या अस्वीकृत सामान बिचौलियों या बिना अनुमति वाले केंद्रों के जरिए दोबारा आपूर्ति श्रृंखला में पहुंचाया गया हो सकता है। FDA इसी आशंका की जांच कर रहा है कि ऐसा सामान कहीं फिर से बाजार में तो नहीं बेचा गया।
तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में FDA की हालिया कार्रवाइयों में वेयरहाउस और खाद्य पदार्थों को संभालने वाले दूसरे केंद्रों में खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
इस फिल्म के निर्देशक एवं पटकथा लेखक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. लोकेन्द्र सिंह हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन और ‘वंदेमातरम’ से जुड़े उनके ऐतिहासिक संघर्ष पर आधारित एआई शॉर्ट फिल्म ‘वंदेमातरम और डॉ. हेडगेवार’ का चयन प्रतिष्ठित ‘उज्जैनी शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल' (सीजन-4) में स्क्रीनिंग के लिए किया गया है। 24-25 अक्टूबर को उज्जैन में आयोजित फिल्म फेस्टिवल में इसकी स्क्रीनिंग होगी। इस फिल्म के निर्देशक एवं पटकथा लेखक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. लोकेन्द्र सिंह हैं। फिल्म की कहानी ऐतिहासिक तथ्यों और संस्मरणों पर आधारित है, जो आज की युवा पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति की अलख जगाती है। उल्लेखनीय है कि यह साल वंदेमातरम की रचना का 150वाँ वर्ष और आरएसएस का शताब्दी वर्ष है।
फिल्म की पटकथा दर्शकों को 1905 के बंग-भंग आंदोलन और ब्रिटिश हुकूमत द्वारा लागू किए गए कुख्यात ‘रिस्ले सर्कुलर’ के दौर में ले जाती है। कहानी दर्शाती है कि कैसे अंग्रेजी सरकार द्वारा ‘वंदेमातरम’ के उद्घोष पर पाबंदी लगाने के बावजूद, 1907 में नील सिटी हाईस्कूल नागपुर के एक 18-19 वर्षीय किशोर केशव बलिराम हेडगेवार ने ब्रिटिश स्कूल इंस्पेक्टर के स्वागत में पूरी कक्षा से गगनभेदी ‘वंदेमातरम’ का नारा लगवा दिया था।
फिल्म में 1908 के रामपायली (बालाघाट, मध्य प्रदेश) में दशहरे के अवसर पर युवा केशव के ओजस्वी भाषण ‘सीमोल्लंघन’, उनके खिलाफ चले राजद्रोह के मुकदमे और परिवार द्वारा झेले गए दमन को भी बेहद मार्मिक ढंग से रेखांकित किया गया है। इसके अलावा 1930 के यवतमाल जंगल सत्याग्रह के दौरान अकोला जेल यात्रा के समय रेलवे स्टेशनों पर उमड़ी जनमेदिनी और ‘वंदेमातरम’ की गूंज, तथा 1937 में प्रांतीय सरकारों के दौर में इस राष्ट्रगीत के सम्मान की रक्षा के लिए डॉ. हेडगेवार के दृढ़ संकल्प को प्रभावशाली दृश्यों व संगीत के माध्यम से जीवंत किया गया है।
देशभक्ति और ऐतिहासिक चेतना का सशक्त दस्तावेज: फिल्म के निर्देशक लोकेन्द्र सिंह ने बताया कि ‘वंदेमातरम’ केवल एक गीत या नारा नहीं, बल्कि भारत की स्वाधीनता का बीज मंत्र और राष्ट्रीय चेतना की अमर ध्वनि है। डॉ. हेडगेवार का पूरा जीवन मातृभूमि की वंदना और इस मंत्र के सम्मान के लिए समर्पित रहा। यह लघु फिल्म दर्शकों को इतिहास के उन अनछुए और गौरवशाली पन्नों से रूबरू कराती है, जहाँ त्याग और राष्ट्रभक्ति सर्वोपरि थी। उन्होंने बताया कि यह उनकी पहली एआई फिल्म है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी उनकी फिल्में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में सराही जा चुकी हैं, जिनमें ‘बाचा : द राइजिंग विलेज’, ‘समिधा’, ‘गो-वर’ और ‘कद’ प्रमुख तौर पर शामिल हैं।
JioStar के वाइस चेयरमैन ने खेलों के मीडिया राइट्स की बढ़ती लागत, Disney Star के एक प्रीमियम क्रिकेट राइट के गलत आकलन और कमाई के नए मॉडल की जरूरत पर रखी अपनी बात
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
खेलों की लोकप्रियता और उनसे होने वाली कमाई के बीच संतुलन होना जरूरी है। खेलों से दर्शकों को जितना रोमांच मिलता है, उनका आर्थिक मॉडल भी उसी के अनुरूप होना चाहिए। JioStar के वाइस चेयरमैन उदय शंकर ने APOS Sports Edge में खेल प्रसारण उद्योग की चुनौतियों पर बात करते हुए यह विचार रखा। उन्होंने खेलों के मीडिया राइट्स की बढ़ती कीमतों, विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन से होने वाली कमाई तथा भारत में क्रिकेट से आगे दूसरे खेलों को विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
उदय शंकर ने कहा कि खेलों के मीडिया राइट्स के बाजार में पिछले 15 से 17 वर्षों के दौरान बड़ा बदलाव आया है। पहले चार-पांच प्रमुख दावेदार राइट्स हासिल करने के लिए प्रतिस्पर्धा करते थे, लेकिन अब इस बाजार में बड़े दावेदारों की संख्या काफी कम रह गई है। उन्होंने कहा कि मीडिया राइट्स की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जबकि भारत में विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन से होने वाली कमाई उस गति से नहीं बढ़ पाई है। सब्सक्राइबर्स की संख्या अधिक होने के बावजूद प्रति सब्सक्राइबर मिलने वाला राजस्व सीमित है। ऐसे में ब्रॉडकास्टर्स और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए खेलों के प्रसारण का कारोबार टिकाऊ बनाए रखना चुनौती बन रहा है।
उन्होंने Disney Star का उदाहरण देते हुए कहा कि कंपनी ने क्रिकेट के एक प्रीमियम मीडिया राइट की कीमत का आकलन करने में गलती की थी। उदय शंकर के मुताबिक, इस गलती से कंपनी पर इतना दबाव पड़ा कि मजबूत राजस्व होने के बावजूद उसके लिए इससे उबरना मुश्किल हो गया। उन्होंने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के अगले मीडिया राइट्स की बोली के दौरान कंपनियां अधिक अनुशासन बरत सकती हैं। वे उन प्रीमियम खेलों के राइट्स हासिल करने में भी ज्यादा सावधानी बरतेंगी, जिनके लिए पांच या दस साल पहले वे आक्रामक तरीके से बोली लगाने को तैयार रहती थीं।
उदय शंकर ने IPL को दर्शकों की पहुंच, लोकप्रियता और कारोबारी संभावनाओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट भारत में राष्ट्रीय जुनून है और वीडियो कंटेंट देखने वाले लोगों की संख्या बढ़ने के साथ इसकी लोकप्रियता को भी फायदा मिलेगा। हालांकि, उनके मुताबिक, भारत में खेलों के बाजार को क्रिकेट से आगे बढ़ाने की भी बड़ी संभावना है। उन्होंने कबड्डी जैसे दूसरे खेलों का जिक्र करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में दर्शकों का होना अपने आप में किसी खेल के कारोबार को टिकाऊ बनाने की गारंटी नहीं है। इसके लिए कमाई के प्रभावी मॉडल विकसित करना जरूरी है।
उदय शंकर ने प्रो कबड्डी लीग का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी खेल को मुख्यधारा के पेशेवर कारोबार के रूप में विकसित करने के लिए लंबे समय तक निवेश और व्यवस्थित ढांचे की जरूरत होती है। कबड्डी भारत में पहले से लोकप्रिय था, लेकिन इसे पेशेवर लीग के रूप में स्थापित करने के लिए निवेश और संगठित प्रयास करने पड़े। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के मुकाबले कई दूसरे खेलों में प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए जरूरी सुविधाओं तथा संस्थागत सहयोग की कमी है। कबड्डी के लिए समर्पित स्टेडियम का अभाव भी बुनियादी ढांचे से जुड़ी चुनौतियों को दिखाता है। टूर्नामेंट आयोजित करने के लिए कई बार आयोजन स्थल तैयार करने पड़ते हैं और बाद में उन्हें हटाना पड़ता है।
क्रिकेट के व्यस्त कैलेंडर पर भी उदय शंकर ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समस्या केवल मैचों की संख्या ज्यादा होने की नहीं है, बल्कि कई बार कार्यक्रम तैयार करते समय दर्शकों की रुचि को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जाता। बड़े मुकाबले दर्शकों को आकर्षित करते हैं, लेकिन जब शीर्ष रैंकिंग वाली टीमों का सामना काफी नीचे की रैंकिंग वाली टीमों से होता है, तो दर्शकों की दिलचस्पी कम हो सकती है। उन्होंने इस स्थिति की तुलना टेनिस से करते हुए कहा कि दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी और 200वीं रैंकिंग के खिलाड़ी के बीच मुकाबले में दर्शकों की रुचि सीमित हो सकती है। उनके मुताबिक, क्रिकेट में ऐसे मैचों की अधिकता खेल के प्रति दर्शकों के उत्साह को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े मुकाबलों को देखने दर्शक आते हैं, लेकिन उनसे पर्याप्त कमाई कर पाना अलग चुनौती है।
खेलों के कारोबार को मजबूत बनाने के लिए उदय शंकर ने कमाई के नए तरीकों पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक, केवल विज्ञापन और पारंपरिक सब्सक्रिप्शन पर निर्भर रहना मुश्किल होता जा रहा है। JioStar की रणनीति में कारोबारी चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीक और रचनात्मकता को साथ लेकर चलना महत्वपूर्ण है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी भूमिका केवल कंटेंट तैयार करने की प्रक्रिया को तेज करने तक सीमित नहीं है। यह कंटेंट बनाने, दर्शकों तक पहुंचाने और उससे कमाई करने के तरीकों को भी बदल सकता है।
उदय शंकर ने कनेक्टेड टीवी (CTV) और मोबाइल पर कंटेंट देखने के बढ़ते चलन को भी अवसर के रूप में देखा। उन्होंने कहा कि पारंपरिक सैटेलाइट और केबल टीवी का कारोबार दबाव में है, जबकि कनेक्टेड टीवी और मोबाइल पर बढ़ती खपत दर्शकों तक पहुंचने के नए रास्ते खोल सकती है। उनके मुताबिक, अगले 10 से 15 वर्षों में भारत का खेल बाजार अधिक विविध हो सकता है। इसके लिए खेलों के मीडिया राइट्स रखने वाली संस्थाओं, ब्रॉडकास्टर्स और खेल संगठनों को लंबी अवधि की सोच के साथ प्रतिभाओं, बुनियादी ढांचे और दर्शकों की भागीदारी में निवेश करना होगा। साथ ही, खेलों के कारोबार को केवल लाइव मैचों तक सीमित रखने के बजाय उनसे जुड़े अन्य अवसरों से भी मूल्य तैयार करना होगा।
पत्रकार नितिन ठाकुर ने मीडिया के मौजूदा परिदृश्य को लेकर फेसबुक पर एक पोस्ट लिखी है, जिसमें उन्होंने डिजिटल मीडिया और टेलीविजन पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर तंज कसा है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
पत्रकार नितिन ठाकुर ने मीडिया के मौजूदा परिदृश्य को लेकर फेसबुक पर एक पोस्ट लिखी है, जिसमें उन्होंने डिजिटल मीडिया और टेलीविजन पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर तंज कसा है। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है, जब डिजिटल प्लेटफॉर्म मीडिया इंडस्ट्री का एक अहम हिस्सा बन चुके हैं और बड़ी संख्या में पत्रकार टीवी से डिजिटल मीडिया की ओर रुख कर चुके हैं।
नितिन ठाकुर ने अपनी पोस्ट में कहा है कि डिजिटल मीडिया से जुड़े लोग आखिरकार उसी मुकाम पर पहुंच गए हैं, जहां पहुंचने के लिए वे पहले टीवी पत्रकारों की आलोचना किया करते थे। उन्होंने इस बदलाव को दिलचस्प बताते हुए कहा कि इनमें से अधिकतर लोग ऐसे हैं, जो पहले टेलीविजन पत्रकारिता का हिस्सा थे और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं।
नितिन ठाकुर ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है, “मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि डिजिटल वाले आखिर वहीं आ गए जहां पहुंचने के लिए वो टीवी वालों को हर तरह की गालियां देते थे। ज़्यादा मज़ेदार ये है कि इनमें अधिकतर वही हैं जो कभी टीवी में थे और अब डिजिटल में हैं। एक चक्र पूरा हुआ। इति!!”