कमलेश कमल ने अपने वक्तव्य में पुस्तक का परिचय देते हुए फूलचंद जी की दृष्टि को रामचरितमानस से जोड़ा। फूलचंद यादव जी सुपुत्र सुभाष यादव जी ने बेहद आत्मीय वक्तव्य दिया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो