ई-स्पोर्ट्स गेम्स फेडरेशन की जिम्मेदारी संभालने के बाद शेलार ने इस क्षेत्र के लिए अधिक व्यवस्थित और पेशेवर माहौल की जरूरत पर जोर दिया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता आशीष शेलार 3 अक्टूबर को अपना 54वां जन्मदिन मनाएंगे। उनका सार्वजनिक जीवन मुंबई से जुड़ा रहा है और उनके करियर में स्थानीय राजनीति, विधानसभा की जिम्मेदारियों के साथ-साथ खेल प्रशासन की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बांद्रा उनके राजनीतिक सफर का एक अहम केंद्र रहा है।
3 अक्टूबर 1972 को जन्मे आशीष शेलार मुंबई में पले-बढ़े और उन्होंने बांद्रा में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में शुरुआती भागीदारी ने उन्हें सार्वजनिक जीवन की ओर आकर्षित किया। कानून की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने संगठनात्मक स्तर पर काम करते हुए राजनीति में अपनी पहचान बनाई।
भारतीय जनता पार्टी के युवा संगठन से उनके राजनीतिक सफर को आगे बढ़ने का मौका मिला। वह 2012 से 2014 तक महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य रहे। इसके बाद 2014 में उन्होंने बांद्रा वेस्ट विधानसभा सीट से कांग्रेस नेता बाबा सिद्दीकी को हराकर विधानसभा में प्रवेश किया। 2019 और 2024 में भी उन्होंने यह सीट बरकरार रखी और लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीतने का सफर पूरा किया।
पार्टी संगठन में भी आशीष शेलार की भूमिका रही है। उन्होंने बीजेपी की मुंबई इकाई का नेतृत्व किया। इसके साथ ही उनका जुड़ाव खेल प्रशासन से भी रहा। जून 2015 में वह मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष चुने गए और अक्टूबर 2022 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के कोषाध्यक्ष बने। मुंबई जिला फुटबॉल एसोसिएशन से भी उनका जुड़ाव रहा है।
फिलहाल आशीष शेलार महाराष्ट्र सरकार में इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विकास और सांस्कृतिक मामलों से जुड़े मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अगस्त 2026 में उन्हें ई-स्पोर्ट्स गेम्स फेडरेशन का अध्यक्ष भी चुना गया। इस तरह खेल प्रशासन से उनका जुड़ाव ई-स्पोर्ट्स के क्षेत्र तक भी पहुंच गया है।
ई-स्पोर्ट्स गेम्स फेडरेशन की जिम्मेदारी संभालने के बाद शेलार ने इस क्षेत्र के लिए अधिक व्यवस्थित और पेशेवर माहौल की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कौशल, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों पर भी बात की है। 54वें जन्मदिन के मौके पर उनका अब तक का सफर मुंबई, राजनीति, सार्वजनिक जीवन और खेल प्रशासन से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों में उनकी भूमिका को सामने रखता है।
समाचार4मीडिया की ओर से आशीष शेलार को उनके जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं।
नेटफ्लिक्स ने शिखा कोहली को मैनेजर, सोशल मार्केटिंग नियुक्त किया है। कोहली ने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए नई भूमिका की जानकारी दी। इससे पहले वह अमेजन प्राइम वीडियो से जुड़ी थीं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
नेटफ्लिक्स (Netflix) ने शिखा कोहली (Shikha Kohli) को मैनेजर, सोशल मार्केटिंग (Manager, Social Marketing) नियुक्त किया है। कोहली ने लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी दी।
उन्होंने पोस्ट में लिखा, “कल्चर में हिस्सा लेने से बेहतर क्या है कि आप उसे आकार देने में मदद करें? यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैंने नेटफ्लिक्स में मैनेजर, सोशल मार्केटिंग के तौर पर जॉइन किया है। कहानियां देखने से लेकर उन्हें बातचीत का हिस्सा बनाने तक का यह बदलाव काफी मजेदार प्लॉट ट्विस्ट जैसा लग रहा है।”
शिखा इससे पहले अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) की सोशल मीडिया मार्केटिंग टीम का हिस्सा थीं। इससे पहले वह नायका (Nykaa) और टाइम्स नेटवर्क (Times Network) के साथ भी काम कर चुकी हैं।
बेंगलुरु की उद्यमी शिवानी दर्शन का 30 सितंबर को निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रही थीं। शिवानी का जुड़ाव स्टार्टअप से जुड़े कामों के साथ-साथ मीडिया क्षेत्र से भी रहा।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
शिवानी दर्शन बेंगलुरु से प्रकाशित होने वाली एक अंग्रेजी पत्रिका की पंजीकृत मालिक, प्रकाशक और संपादक थीं। यह पत्रिका प्रेस रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया के पास पंजीकृत थी।
शिवानी बेंगलुरु के पेट-पैरेंट समुदाय में भी जानी जाती थीं। वह पालतू जानवरों के साथ दोस्ताना और बेहतर जीवनशैली को बढ़ावा देने के साथ-साथ उनकी देखभाल और सेहत को लेकर अलग तरीकों की वकालत करती थीं। इस क्षेत्र में उनके विचार और काम क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्ट्स का हिस्सा भी रहे हैं।
उनका अंतिम संस्कार 1 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे बेंगलुरु के कथालीपल्या, सर्वज्ञनगर स्थित कलाहल्ली श्मशान घाट में किया जाएगा।
सन टीवी नेटवर्क (Sun TV Network) ने अपनी स्पोर्ट्स डिविजन के संभावित डिमर्जर से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट पर सफाई दी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सन टीवी नेटवर्क (Sun TV Network) ने अपनी स्पोर्ट्स डिविजन के संभावित डिमर्जर से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट पर सफाई दी है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को भेजे जवाब में कहा है कि यह खबर अफवाह (Rumour) है और कंपनी बाजार की अफवाहों पर टिप्पणी नहीं कर सकती।
दरअसल, 30 सितंबर 2026 को CNBC TV18 और CNBCAwaaz.com पर “Possible Demerger of SUN TV’s sports division” शीर्षक से एक खबर सामने आई थी। इसके बाद कंपनी से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया।
Sun TV Network ने कहा कि कंपनी ने अब तक SEBI के Regulation 30 के तहत जरूरी सभी खुलासे किए हैं। कंपनी ने यह भी पुष्टि की कि फिलहाल ऐसी कोई महत्वपूर्ण और शेयर की कीमत पर असर डालने वाली जानकारी या घोषणा लंबित नहीं है, जिसका कंपनी के शेयर के भाव या कारोबार की मात्रा पर असर पड़ सकता है।
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों से इस स्पष्टीकरण को रिकॉर्ड में लेने का अनुरोध किया है। यह स्पष्टीकरण कंपनी के Company Secretary & Compliance Officer आर. रवि की ओर से जारी किया गया है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने रेड बुल के उत्पादों पर ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द के इस्तेमाल को रोकने वाले एफएसएसएआई आदेश को रद्द कर दिया है, उचित प्रक्रिया के बाद नया आदेश जारी हो सकेगा।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें रेड बुल (Red Bull) को अपने पेय उत्पादों के लिए ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द का इस्तेमाल बंद करने का निर्देश दिया गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अदालत ने कहा कि एफएसएसएआई ने 30 जून को निर्देश जारी करने से पहले कंपनी को अपना पक्ष रखने या जवाब देने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया। हाई कोर्ट ने एफएसएसएआई को उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए नया आदेश जारी करने की अनुमति दी है। इसमें रेड बुल को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका देना होगा।
मामला रेड बुल की उस याचिका से जुड़ा था, जिसमें कंपनी ने एफएसएसएआई के निर्देश को चुनौती दी थी। अदालत के अनुसार, कंपनी को जवाब देने का अवसर नहीं दिया जाना प्राकृतिक न्याय (Natural Justice) के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं था।
सुनवाई के दौरान एफएसएसएआई के वकील ने माना कि रेड बुल को अलग से कोई कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया गया था। नियामक का कहना था कि 30 जून को भेजे गए पत्र को ही नोटिस माना जा सकता है। एफएसएसएआई ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी आपत्ति उत्पादों को लेकर नहीं, बल्कि ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर थी।
रेड बुल ने दलील दी थी कि वह भारत में 2002 से अपने पेय पदार्थों के लिए ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द का इस्तेमाल कर रही है। कंपनी का यह भी कहना था कि एफएसएसएआई पहले संबंधित कैफीनयुक्त पेय पदार्थों की श्रेणी के लिए इस शब्दावली को मान्यता दे चुका है।
इससे पहले हुई सुनवाई में अदालत ने यह स्पष्ट करने को कहा था कि क्या रेड बुल को निर्देश जारी करने से पहले कोई नोटिस दिया गया था। अदालत ने यह भी सवाल किया था कि क्या ऐसी कोई तात्कालिक स्थिति थी, जिसके कारण कंपनी को सुने बिना कार्रवाई करना जरूरी था।
अब एफएसएसएआई का आदेश रद्द होने के बाद नियामक इस मामले पर दोबारा विचार कर सकता है और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नया निर्देश जारी कर सकता है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सभी मीडिया संस्थानों, निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों, डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज और अन्य संबंधित संस्थाओं को तत्काल आदेश का पालन करने को कहा है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मद्रास हाई कोर्ट के 25 सितंबर 2026 के आदेश के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सभी मीडिया संस्थानों, निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों, डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज और अन्य संबंधित संस्थाओं को तत्काल आदेश का पालन करने को कहा है। मंत्रालय ने यह निर्देश 29 सितंबर 2026 को जारी अपने संचार के जरिए दिया है।
मामला चेन्नई सेंट्रल क्राइम ब्रांच में दर्ज क्राइम नंबर 174/2025 से जुड़ा है। यह मामला Tulir Charitable Trust vs. The Commissioner of Police & Ors. के तहत मद्रास हाई कोर्ट के सामने आया था। कोर्ट ने अंतरिम आदेश में मीडिया संस्थानों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अन्य संबंधित संस्थाओं को इस मामले से जुड़े किसी भी वीडियो को प्रकाशित, प्रसारित, अपलोड, शेयर, सर्कुलेट या दोबारा प्रसारित करने से रोक दिया है।
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि अगर इस मामले से जुड़ी कोई सामग्री पहले से अपलोड की जा चुकी है, तो उसे तुरंत हटाया जाए। आदेश में कहा गया है कि ऐसा नहीं होने पर पुलिस कानून के तहत कार्रवाई करते हुए ऐसी सामग्री हटवाएगी। कोर्ट ने यह प्रक्रिया 26 सितंबर 2026 तक पूरी करने और अगली सुनवाई में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था।
हर हफ्ते पुलिस जारी करेगी प्रेस रिलीज
हाई कोर्ट ने मामले की जानकारी जनता तक पहुंचाने के लिए एक अलग व्यवस्था भी तय की है। कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, इस गंभीर अपराध की जांच के संबंध में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) हर हफ्ते एक प्रेस रिलीज जारी करेगी। इसका मकसद यह है कि जनता को पुलिस की जांच की प्रगति की जानकारी मिलती रहे।
कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि मीडिया और अन्य संस्थाएं बाल शोषण से जुड़े व्यापक मुद्दों पर चर्चा कर सकती हैं, लेकिन ऐसी चर्चा में क्राइम नंबर 174/2025 से जुड़े तथ्यात्मक विवरण शामिल नहीं होने चाहिए।
पुलिस ने गूगल और मेटा से भी संपर्क किया
सुनवाई के दौरान तमिलनाडु पुलिस की ओर से बताया गया कि साइबर क्राइम विंग ने मामले से जुड़े वीडियो हटाने के लिए गूगल और मेटा से संपर्क किया है। पुलिस ने बताया कि कुछ वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किए गए थे और संबंधित यूआरएल को ब्लॉक या निलंबित करने का अनुरोध किया गया। पुलिस के मुताबिक, 28 यूट्यूब चैनलों की जानकारी भी सामने आई है, जहां लीक हुई सामग्री अपलोड की गई थी।
कोर्ट ने अपने आदेश में प्रेस की स्वतंत्रता और इस मामले में पीड़ितों तथा आरोपी के हितों के बीच संतुलन बनाने की बात कही। कोर्ट ने कहा कि प्रेस को रिपोर्टिंग का अधिकार है, लेकिन यह भी देखा जाना जरूरी है कि यह अधिकार किस सीमा तक है और क्या इसमें मीडिया ट्रायल का अधिकार शामिल है।
मंत्रालय ने अपने संचार में कहा है कि हाई कोर्ट का आदेश तत्काल अनुपालन के लिए संबंधित सभी मीडिया संगठनों और प्लेटफॉर्म के पास भेजा जा रहा है।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि मीडिया और पत्रकारिता लोगों के दुनिया को देखने के नजरिए को आकार देने और ज्ञान की रोशनी फैलाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि मीडिया और पत्रकारिता लोगों के दुनिया को देखने के नजरिए को आकार देने और ज्ञान की रोशनी फैलाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह बात फिक्की फ्रेम्स (FICCI FRAMES) के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कही।
शेखावत ने कहा कि कोई कहानी सिर्फ मनोरंजन का जरिया नहीं होती। वह किसी विषय, जगह या मुद्दे को लेकर लोगों की सोच को प्रभावित कर सकती है और यह तय करने में भी भूमिका निभा सकती है कि समाज एक-दूसरे को किस तरह समझते हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय तकनीक और सामाजिक बदलाव के ऐसे दौर से गुजर रही है, जिसकी रफ्तार पहले कभी नहीं देखी गई। पिछले एक दशक में जितना बदलाव देखने को मिला है, वह पिछली पूरी सदी में हुए बदलाव से भी ज्यादा है। पिछले दो वर्षों में इस बदलाव की रफ्तार और तेज हुई है।
शेखावत के मुताबिक, आज मीडिया संस्थानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती कंटेंट की कमी नहीं है। चुनौती यह है कि लगभग असीमित कंटेंट और दर्शकों के सीमित ध्यान के बीच अर्थ, मौलिकता, मानवीय जुड़ाव और भरोसा कैसे बनाए रखा जाए।
कंटेंट की मात्रा नहीं, उससे बनने वाली वैल्यू अहम: आयुष्मान खुराना
कार्यक्रम में फिक्की फ्रेम्स एंबेसडर और अभिनेता आयुष्मान खुराना ने कहा कि भारत का मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र अब फिल्मों, सीरीज और टेलीविजन तक सीमित नहीं है। इसमें गेमिंग, स्पोर्ट्स, म्यूजिक, क्रिएटर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म भी शामिल हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के मीडिया क्षेत्र की मौजूदा स्थिति सिर्फ इस बात से तय नहीं होती कि देश कितना कंटेंट तैयार कर रहा है, बल्कि यह भी मायने रखता है कि उस कंटेंट से कितनी वैल्यू पैदा हो रही है।
गलत जानकारी और AI से बने कंटेंट की चुनौती
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रभात ने कहा कि अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कितना कंटेंट तैयार किया जा सकता है, बल्कि यह है कि उससे कितनी ऐसी वैल्यू बनाई जा सकती है, जो लंबे समय तक बनी रहे।
उन्होंने गलत जानकारी (मिसइन्फॉर्मेशन), सिंथेटिक कंटेंट और तेजी से ज्यादा आधुनिक होते AI से तैयार कंटेंट से जुड़ी चुनौतियों पर भी बात की।
दो दिन चलेगा फिक्की फ्रेम्स
दो दिवसीय फिक्की फ्रेम्स सम्मेलन में भारत के बदलते मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र पर कई महत्वपूर्ण चर्चाएं होंगी। इनमें फिल्म, टेलीविजन, स्ट्रीमिंग, स्पोर्ट्स, गेमिंग, क्रिएटर्स, AI, कॉपीराइट, डिजिटल मीडिया, लाइव इवेंट्स, एवीजीसी-एक्सआर (AVGC-XR), ई-स्पोर्ट्स और भारतीय कंटेंट व बौद्धिक संपदा के वैश्विक विस्तार जैसे विषय शामिल हैं।
सम्मेलन में मुख्य भाषण, फायरसाइड चैट, इंडस्ट्री पैनल, स्क्रीनिंग, नेटवर्किंग सेशन, एमओयू एक्सचेंज और अवॉर्ड समारोह भी आयोजित किए जाएंगे।
रेमंड लाइफस्टाइल लिमिटेड के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) और पूर्णकालिक निदेशक (Whole-time Director) सत्यकी घोष ने 19 सितंबर को अपना जन्मदिन मनाया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
रेमंड लाइफस्टाइल लिमिटेड के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) और पूर्णकालिक निदेशक (Whole-time Director) सत्यकी घोष ने 19 सितंबर को अपना जन्मदिन मनाया। यह उनके उस उल्लेखनीय पेशेवर सफर के भी जश्न का अवसर रहा, जो FMCG, रिटेल, टेक्सटाइल और उपभोक्ता व्यवसायों में 25 वर्षों से अधिक समय तक फैला हुआ है।
सत्यकी घोष जनवरी 2026 में रेमंड लाइफस्टाइल लिमिटेड से जुड़े थे। वर्तमान में वह कंपनी के CEO और पूर्णकालिक निदेशक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्होंने B2B और उपभोक्ता-केंद्रित बाजारों, दोनों क्षेत्रों में काम करने का अनुभव हासिल किया है।
रेमंड लाइफस्टाइल से जुड़ने से पहले सत्यकी घोष ग्रासिम इंडस्ट्रीज में सेलुलोसिक फैशन यार्न के CEO के रूप में कार्यरत थे। इससे पहले उन्होंने आदित्य बिड़ला समूह के घरेलू टेक्सटाइल कारोबार और थाई एक्रिलिक फाइबर के संचालन का नेतृत्व किया।
इससे पहले सत्यकी घोष ने लोरियल इंडिया में सात वर्षों से अधिक समय तक काम किया। वह कंपनी के कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिवीजन के निदेशक भी रहे, जहां उन्होंने लोरियल पेरिस, गार्नियर और मेबेलिन जैसे ब्रैंड्स की जिम्मेदारी संभाली।
उनके करियर में पेप्सिको इंडिया, स्पेंसर्स रिटेल, जीई लाइटिंग और बर्न्स फिल्प में निभाई गई भूमिकाएं भी शामिल हैं।
कोलकाता विश्वविद्यालय से संबद्ध इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल वेलफेयर एंड बिजनेस मैनेजमेंट (IISWBM) के पूर्व छात्र सत्यकी घोष ब्रैंड्स, उपभोक्ताओं और मैन्युफैक्चरिंग की व्यापक समझ रखते हैं। यही अनुभव वह रेमंड लाइफस्टाइल में लेकर आए हैं, जहां कंपनी अपने विकास के अगले चरण की ओर आगे बढ़ रही है।
मिंत्रा के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर सुंदर बालासुब्रमण्यम ने करीब चार साल बाद कंपनी छोड़ी। उन्होंने कंज्यूमर टेक्नोलॉजी, एफएमसीजी और विज्ञापन क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सुंदर बालासुब्रमण्यम ने करीब चार साल तक कंपनी के साथ रहने के बाद मिंत्रा (Myntra) से विदाई की घोषणा की है। वह कंपनी में चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (Chief Marketing Officer) के पद पर कार्यरत थे। अपनी भूमिका में वह कस्टमर ग्रोथ (Customer Growth), मार्केटिंग, क्रिएटिव और कैटलॉग फंक्शंस (Creative and Catalogue Functions) का नेतृत्व कर रहे थे।
सुंदर बालासुब्रमण्यम के पास कंज्यूमर टेक्नोलॉजी (Consumer Technology), एफएमसीजी (FMCG) और एडवरटाइजिंग (Advertising) में 20 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है।
मिंत्रा से जुड़ने से पहले वह कूपांग (Coupang) में हेड-इंटरनेशनल मार्केटिंग (Head - International Marketing) के पद पर थे। वहां उन्होंने ताइवान और जापान में कंपनी के लॉन्च (Launches) पर काम किया। इससे पहले वह डिज्नी+ हॉटस्टार (Disney+ Hotstar) और कोलगेट-पामोलिव इंडिया (Colgate-Palmolive India) में भी लीडरशिप रोल (Leadership Roles) संभाल चुके हैं।
सौरभ कंवर ने NMIMS स्कूल ऑफ ब्रांडिंग एंड ऐडवर्टाइजिंग (SOBA) में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सौरभ कंवर ने NMIMS स्कूल ऑफ ब्रैंडिंग एंड ऐडवर्टाइजिंग (SOBA) में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। सौरभ कंवर ने खुद लिंक्डइन पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी।
अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मैंने एनएमआईएमएस स्कूल ऑफ ब्रैंडिंग एंड ऐडवर्टाइजिंग (SOBA) में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के तौर पर जॉइन किया है। यह भारत का पहला ऐसा अंडरग्रेजुएट स्कूल है, जो पूरी तरह इसी क्षेत्र पर बनाया गया है। और रिकॉर्ड के लिए बता दूं कि मेरे छात्र आईफोन से भी छोटे हैं।”
उन्होंने आगे लिखा कि उनके छात्र अपने करियर की शुरुआत एआई के साथ काम करते हुए करेंगे। ऐसे में पुराने सिलेबस का सवाल कि ‘उन्हें क्या पता होना चाहिए?’ अब बदलकर यह हो गया है कि ‘उन्हें किन चीजों को परखने में सक्षम होना चाहिए?’
कंवर ने हल्के-फुल्के अंदाज में लिखा कि अब उन्हें बस सुबह 9 बजे की क्लास को इंस्टाग्राम से मुकाबला करना है और कभी-कभी जीतना भी है। सौरभ कंवर डॉसकंटेंट डिजाइंस के फाउंडर और सीईओ हैं।
ओम्निकॉम मीडिया इंडिया के सीईओ कार्तिक शर्मा को एमआरयूसीआई बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में नियुक्त किया गया है। वह मीडिया रिसर्च, एनालिटिक्स और कम्युनिकेशन प्लानिंग में करीब तीन दशक का अनुभव रखते हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
ओम्निकॉम मीडिया इंडिया (Omnicom Media India) के सीईओ कार्तिक शर्मा (Kartik Sharma) को मीडिया रिसर्च यूजर्स काउंसिल इंडिया (Media Research Users Council India) यानी एमआरयूसीआई (MRUCI) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (Board of Governors) में नियुक्त किया गया है।
कार्तिक शर्मा बोर्ड में नियुक्त किए गए चार नए सदस्यों में शामिल हैं। उनके साथ एचटी मीडिया (HT Media) में प्रिंट और रेडियो के सीईओ समुद्र भट्टाचार्य (Samudra Bhattacharya), साकल मीडिया प्राइवेट लिमिटेड (Sakal Media Pvt. Ltd.) की निदेशक जान्हवी अभिजीत पवार (Janhavi Abhijit Pawar) और डब्ल्यूपीपी मीडिया साउथ एशिया (WPP Media South Asia) की प्रेसिडेंट, क्लाइंट सॉल्यूशंस नवीन खेमका (Navin Khemka) को भी बोर्ड में नियुक्त किया गया है।
ये नियुक्तियां ऐसे समय हुई हैं, जब एमआरयूसीआई भारतीय रीडरशिप सर्वे (Indian Readership Survey) यानी आईआरएस (IRS) को दोबारा शुरू करने की दिशा में काम कर रहा है। संगठन के अनुसार, नए आईआरएस का उद्देश्य मीडिया कंजम्पशन (Media Consumption) के बदलते स्वरूप को ध्यान में रखते हुए आधुनिक क्रॉस-मीडिया मेजरमेंट फ्रेमवर्क (Cross-Media Measurement Framework) तैयार करना है।
कार्तिक शर्मा को मीडिया इंडस्ट्री (Media Industry) में करीब तीन दशक का अनुभव है। उन्हें कम्युनिकेशन प्लानिंग (Communication Planning), बिहेवियरल इकोनॉमिक्स (Behavioural Economics), मीडिया रिसर्च (Media Research), एनालिटिक्स (Analytics) और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल है। उन्होंने ग्राहकों के साथ मजबूत बिजनेस रिलेशनशिप बनाने पर भी काम किया है। उनके अनुभव में हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever), मोंडेलेज (Mondelez), नेटफ्लिक्स (Netflix) और लॉरियल (L’Oréal) जैसे प्रमुख ब्रांड शामिल हैं।
शर्मा ने अपने करियर की शुरुआत एचटीए (HTA) में मीडिया प्लानर (Media Planner) के रूप में की थी। इसके बाद वह लिंटास (Lintas) में चैनल प्लानिंग डायरेक्टर (Channel Planning Director) बने। आगे उन्होंने माइंडशेयर (Mindshare), मैडिसन मीडिया रिसर्च सेंटर (Madison Media Research Centre) और मैक्सस (Maxus) में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं। मैक्सस में उन्होंने पश्चिम क्षेत्र का नेतृत्व किया।