बहरहाल चिंता की बात यह है कि रिपोर्ट कहती है कि कई न्यूज़रूम्स अब भी स्पष्ट एथिक्स गाइडलाइंस की कमी से जूझ रहे हैं। भारत के लिए रिपोर्ट चेतावनी और संभावना, दोनों साथ लेकर आती है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।