<p style="text-align: justify;">'कैसी अद्भुत मीडिया स्थिति है। बड़े अखबार-चैनल मालिक और उनके तुर्रमखां एंकर, संपादक सभी समझ कर भी नासमझ बनते हुए देश को कैसलेश बनाने की तुताड़ी उठाए हुए है। लाइने दिखाते–दिखाते भी ये गुंजा देते हैं कि कोई बात नहीं, आगे अच्छे दिन हैं। कह सकते हैं बड़े अखबारों के लिए स्थिति वैसी ही है जो बाकि क्षेत्रों के बड़े लोगों, ब
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समाचार4मीडिया ब्यूरो