वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून का सवाल- क्यों मीडिया प्रचार के भोंपू में तब्दील हो रहा है?

तो ये सच शुरु होता है दिल्ली के एक सितारा होटल में चाय पीते दो पत्रकार और ठीक सामने के टेबल पर बैठे चंद अनजान से चेहरों की नजरों के टकराने से। नजरें टकराती है और अनजान सा शख्स मुस्कुरा कर संकेत देता है कि वह पत्रकारों को पहचान रहा है। पत्रकार कोई रुचि नहीं दिखाते। अपनी अपनी बातो में मशगूल दोनों के ही टेबल पर चाय की च

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 05 September, 2016
Last Modified:
Monday, 05 September, 2016
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तो ये सच शुरु होता है दिल्ली के एक सितारा होटल में चाय पीते दो पत्रकार और ठीक सामने के टेबल पर बैठे चंद अनजान से चेहरों की नजरों के टकराने से। नजरें ट...
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