लालू को ये शब्द बोल बुरे फंस गए एंकर, खूब हो रहा बवाल

टीवी डिबेट शो के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के कार्यकर्ता भड़क गए और जमकर हंगामा किया

Last Modified:
Monday, 15 April, 2019
LALU

टीवी डिबेट शो के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब शो को होस्ट कर रहे एंकर ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को 'ललुआ' कहकर संबोधित कर दिया। हालांकि, आरजेडी समर्थकों के भड़कने पर एंकर ने माफी मांगकर किसी तरह स्थिति को संभालने का प्रयास किया, लेकिन इसके बाद भी काफी देर तक हंगामा होता रहा।

यह घटना बिहार के मुंगेर जिले में जुड़ी है। ‘एबीपी न्यूज’ की लाइव डिबेट में एंकर अनुराग मुस्कान नेताओं से सवाल कर रहे थे। उसी दौरान लालू के लिए उन्होंने ‘ललुआ’ शब्द का इस्तेमाल किया। डिबेट आगे बढ़ती, उसी बीच कुछ लालू समर्थक मंच पर जबरन आए और मुस्कान से उलझने लगे। आरजेडी समर्थक धमकाते हुए बोले कि 'ललुआ' कौन बोला? आप हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए अपशब्द नहीं इस्तेमाल कर सकते हैं। इस बीच अनुराग मुस्कान उन्हें समझाते रहे कि उन्होंने लालू के लिए प्यार से इस शब्द का इस्तेमाल किया था।

इस घटना के बाद आरजेडी ने टि्वटर पर मामले का विडियो भी पोस्ट किया। नाराजगी जताते हुए उसके साथ लिखा, ‘एबीपी न्यूज के पत्रकार अनुराग मुस्कान ने अकारण जातिवादी सोच के चलते लालूजी को जातिसूचक, हेयसूचक ‘ललुआ’ कहा! पत्रकारिता धर्म का निर्वाह हो! पत्रकारिता निम्नतम स्तर पर पहुंच चुकी है! जिस जातिवाद के खिलाफ, दलित पिछड़ों के सम्मान की लालू जी ने जंग लड़ी वह जंग आज भी जारी है!’

हालांकि, बाद में मुस्कान ने गलती मानी। उन्होंने उस क्लिप को रीट्वीट करते हुए लिखा, ‘कई दिनों से बिहार में हूं। यहां लोगों के मुंह से लालू जी के लिए लाड और प्यार से अक्सर ये संबोधन सुना। मैंने लाइव डिबेट में इस संबोधन पर आपत्ति जताए जाने के बाद अपने स्पष्टिकरण में भी यही कहा, लेकिन फिर भी अगर इस शब्द से किसी की भावनाओं को ठेस पंहुची हो तो मुझे बेहद खेद है।’

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने जन्मदिन पर दिया अपनों को खुश रखने का ‘मंत्र’

‘इंडिया टीवी’ के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने मंगलवार को अपना जन्मदिन नोएडा में इंडिया टीवी के ऑफिस में केक काटकर मनाया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 18 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 18 February, 2020
Rajat Sharma

‘इंडिया टीवी’ के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने मंगलवार को अपना जन्मदिन नोएडा में इंडिया टीवी के ऑफिस में केक काटकर मनाया। इस मौके पर उन्होंने इंडिया टीवी से जुड़े लोगों को खुश रहने का मंत्र भी दिया।

इस दौरान रजत शर्मा का कहना था, ‘मैं आप सबसे यही कहना चाहता हूं कि खाओ-पियो मौज करो, सब करो लेकिन अपनी सेहत का जरूर ध्यान रखो। आज के जमाने में सबसे जरूरी है कि आप अपनी सेहत का ध्यान रखें। थोड़ी एक्सरसाइज करेंगे और डाइट का ध्यान रखेंगे, स्वस्थ रहेंगे तो परिवार खुश रहेगा, दोस्त खुश रहेंगे और आप जिनके साथ काम करते हैं, वो सब खुश रहेंगे। यह हम सबको अच्छा लगेगा।’

बता दें कि रजत शर्मा ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ (NBA) के प्रेजिडेंट हैं और इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन के वाइस प्रेजिडेंट भी हैं। इसके अलावा वे ‘दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ’ (डीडीसीए) के पूर्व प्रेजिडेंट रह चुके हैं। रजत शर्मा को लोकप्रिय शो ‘आप की अदालत’ के लिए ज्यादा जाना जाता  है। यह शो पिछले करीब 30 वर्षों से लगातार दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करने में कामयाब रहा है। इस शो के कारण, उन्हें कई बार बेस्ट एंकर अवॉर्ड से नवाजा गया है। इसके अलावा इंडियन टेलिविजन एकेडमी लाइफटाइम एचीवमेंट अवॉर्ड की उपलब्धि भी उन्हें हासिल है। उन्हें साल 2016 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है। 

टेलिविजन में आने से पहले रजत शर्मा 10 वर्षों तक प्रिंट मीडिया में रहे और कई राष्ट्रीय प्रकाशनों में संपादक की भूमिका निभाई। 1995 में उन्होंने भारत के पहले प्राइवेट टेलिविजन न्यूज बुलेटिन की शुरुआत की और यह भारतीय मीडिया के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ।

इंडिया टीवी के ऑफिस में मनाए गए रजत शर्मा के जन्मदिन और उनके द्वारा दिए गए संदेश को आप इस विडियो में देख सकते हैं।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

सुधीर चौधरी के इस ‘सोशल’ ट्वीट को सियासी रंग देने का प्रयास

सुधीर चौधरी के ट्वीट को कांग्रेस सरकार पर हमले के रूप में भी देखा जा रहा है। जबकि ऐसे मामलों में राजनीतिक चश्मा उतारकर देखने की जरूरत है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 18 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 18 February, 2020
sudhir-chaudhary

सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले विडियो से लोग कुछ वक्त तक जुड़ाव महसूस करते हैं फिर उसे भूलकर आगे बढ़ जाते हैं, लेकिन ‘जी न्यूज’ के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी के साथ ऐसा नहीं है। चौधरी केवल शब्दों में अपनी भावनाओं को बयां करने तक ही सीमित नहीं रहते, बल्कि वह सबकुछ करने का प्रयास करते हैं जो एक जिम्मेदार नागरिक को करना चाहिए।

हाल ही में उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर एक बच्चे का विडियो शेयर करते हुए उसकी पढ़ाई का खर्च उठाने की इच्छा दर्शाई। उन्होंने लिखा, ‘इस बच्चे की बातें सुनकर सरकार पता नहीं शर्मिंदा होगी या नहीं लेकिन मैं बहुत शर्मिंदा हूं। अगर आपके पास इस होनहार बच्चे की पूरी जानकारी है तो मुझे भेजिए मैं इसकी पढ़ाई का पूरा खर्चा उठाऊंगा’। चौधरी यदि चाहते, तो अन्य लोगों की तरह सिर्फ ‘शब्द खर्च’ करके वाहवाही बंटोर सकते थे, मगर उन्होंने बच्चे के भविष्य के बारे में सोचा, जो शायद उनकी मदद से संवर सकता है।

सुधीर चौधरी के बच्चे का विडियो शेयर करने के बाद जहां कुछ ने उन्हें सराहा, वहीं कुछ ने विडियो को पुराना बताते हुए उन पर कटाक्ष भी किये। इसमें कोई शक नहीं कि विडियो काफी पुराना है, क्योंकि इसकी पुष्टि 2017 में यही विडियो शेयर करने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार ने की है, लेकिन इससे बच्चे के प्रति चौधरी की भावनाएं तो झूठी नहीं हो जातीं? उन्होंने बच्चे की व्यथा को सुना और उसकी मदद की इच्छा प्रकट की। और इसके लिए उनकी जितनी तारीफ की जाए कम है।

चौधरी के इस ‘सोशल’ ट्वीट को सियासी रंग देने का प्रयास भी किया गया है। युवा कांग्रेस के नेता अमन दुबे ने चौधरी के ट्वीट के जवाब में लिखा, ‘आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि ये विडियो काफी पुराना है और इसे एबीपी न्यूज के पत्रकार ब्रिजेश राजपूत ने 2017 में शेयर किया था। जिस समय का यह विडियो है, उस दौरान मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह की सरकार थी, क्या आप अब भी उनकी सरकार पर शर्मिंदा हैं’? 

 

अब चूंकि विडियो में नजर आ रहा बच्चा खुद को मध्यप्रदेश के रीवा का बता रहा है, इसलिए सुधीर चौधरी के ट्वीट को कांग्रेस सरकार पर हमले के रूप में भी देखा जा रहा है। जबकि ऐसे मामलों में राजनीतिक चश्मा उतारकर देखने की जरूरत है। यदि चौधरी सिर्फ और सिर्फ ‘सरकार की शर्मिंदगी’ पर बात करते, तो उनके ट्वीट को ‘हमला’ माना जा सकता था, लेकिन उन्होंने बच्चे की शिक्षा का खर्चा उठाने का ऐलान सार्वजानिक रूप से किया है। वह चाहते हैं कि बच्चा आर्थिक चिंता से मुक्त होकर आगे पढ़ सके और इस ‘चाहत’ को नफरत नहीं बल्कि प्यार की जरूरत है।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

बीमारी से लड़ते हुए संपादक एम.एस.मणि ने दुनिया से ली विदाई

मलयालम पत्रिका ‘कला कौमुदी’ (Kala Kaumudi) के मुख्य संपादक एम.एस.मणि का मंगलवार तड़के उनके आवास पर निधन हो गया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 18 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 18 February, 2020
MS-Mani

मलयालम पत्रिका ‘कला कौमुदी’ (Kala Kaumudi) के मुख्य संपादक एम.एस.मणि का मंगलवार तड़के उनके आवास पर निधन हो गया। वह 79 साल के थे और पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट के मुतबिक उन्होंने मंगलवार यानी आज तड़के कुमारापुरम स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके परिवार में पत्नी डॉ. कस्तूरी और दो पुत्र सुकुमारन और वलासमणि हैं। वह ‘कला कौमुदी’ के संस्थापक संपादक के. सुकुमारन और और माधवी सुकुमारन के ज्येष्ठ पुत्र थे।

तिरुवनंतपुरम के एक कॉलेज से बीएससी की उपाधि लेने के बाद उन्होंने 1961 में ‘केरल कौमुदी’ (Kerala Kaumudi) से स्टाफ रिपोर्टर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी और 1975 में कला कौमुदी पब्लिकेशंस की शुरुआत की थी।

उन्होंने 1962 में लोकसभा और राज्यसभा की रिपोर्टिंग भी की थी और तिरुवनंतपुरम में 1965 में आने के बाद उन्होंने ‘केरल कौमुदी’ के संपादकीय पद की जिम्मेदारी काफी लंबे समय तक संभाली थी।

वह भारतीय समाचार पत्र सोसायटी की समिति के सदस्य भी थे और इंडियन न्यूजपेपर एडिटर्स कॉन्फ्रेंस के सदस्य रहे थे।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

मंत्रीजी ने पत्रकार से मांगी माफी, जानिए आखिर क्या है माजरा

महाराष्ट्र कैबिनेट मंत्री और एनसीपी नेता जितेंद्र अवध ने सोमवार को कथित तौर पर एक रिपोर्टर के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 18 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 18 February, 2020
jitendra

महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और एनसीपी नेता जितेंद्र अवध ने सोमवार को कथित तौर पर एक रिपोर्टर के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया। मामला तूल पकड़ने के बाद उन्होंने ‘गलतफहमी’ का हवाला देते हुए माफी मांग ली।

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार में शामिल पार्टी के सभी मंत्रियों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में जितेंद्र अवध सीएए-एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं की एक प्रतिनिधि के साथ पहुंचे थे।

पत्रकारों ने इस बैठक से पहले जितेंद्र अवध  को देखकर सवाल पूछना शुरू किया। लेकिन मंत्रीजी उनमें से एक पत्रकार का सवाल सुनकर कथित तौर पर नाराज हो गए और वहां से जाने लगे। पीटीआई के सूत्रों ने बताया कि अवध ने दूर जाकर रिपोर्टर पर निशाना साधते हुए अपशब्द कहे, जिसके बाद रिपोर्टर ने उनकी इस हरकत का विरोध किया।

वहीं, मुंबई प्रेस क्लब ने एनसीपी नेता के इस दुर्व्यवहार की कड़ी आलोचना की। क्लब ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से कहा कि टीवी पत्रकार अपने सहयोगी सोमदत्त शर्मा (CTV) के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने पर महाराष्ट्र के मंत्री जितेंद्र अवध के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता है।

क्लब ने एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार को भी टैग करते हुए लिखा कि हम अनुचित कार्य की निंदा करते हैं और अपने टीवी मीडिया सहयोगियों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।

हालांकि इसके बाद, मंत्रीजी ने अपने ट्विटर हैंडल से माफी मांगते हुए कहा, ‘मैं उनके (पत्रकार के) एक सवाल से असहमत था, जो उन महिलाओं के लिए पूछा गया था, जिनका मैं प्रतिनिधित्व कर रहा था। इसके बाद तुरंत मैंने अपनी नाराजगी व्यक्त की और फिर वहां से चला गया। इसके बाद मेरे होंठ देखकर रिपोर्टर को गलतफहमी हो गई, जोकि मुझसे बहुत दूर खड़ा था। उसे लगा कि मैं उसे लेकर कुछ कह रहा हूं, लेकिन ऐसा नहीं था। पर फिर भी मैं इस घटना के लिए माफी मांगता हूं।

 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

जिंदगी पर भारी पड़ गया युवा पत्रकार का असहनीय दर्द

दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके में मंगलवार तड़के एक युवा पत्रकार ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 18 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 18 February, 2020
aman

दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके में मंगलवार तड़के एक युवा पत्रकार ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। मृतक का नाम अमन बरार है और वह ‘न्यूज18 पंजाबी’ चैनल में कार्यरत थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को अमन का शव सराय रोहिल्ला और किशनगंज रेलवे स्टेशनों के बीच पटरियों पर मिला।

पंजाब स्थित मुक्तसर के मूल निवासी अमन मात्र 23 वर्ष के थे। बताया जा रहा है कि वह कुछ महीनों से पीठ के दर्द को लेकर मानसिक तौर पर काफी परेशान थे। दिल्ली के एक अस्पताल में उनका इलाज भी चल रहा था और इसी सिलसिले में वे दिल्ली आए थे।

अमन ने दिल्ली के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान आईआईएमसी से पढ़ाई की थी और चंडीगढ़ में ‘न्यूज18 पंजाबी’ के साथ रिपोर्टर के तौर पर जुड़े हुए थे। वे करीब सवा साल पहले दिल्ली से चंडीगढ़ आए थे। फेसबुक प्रोफाइल के मुताबिक, इसके पहले वे जून, 2018 से दिसंबर 2018 तक ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ में कार्यरत थे। वे यहां ‘यूसी न्यूज’ से आए थे, जहां उन्होंने सितंबर 2017 से मई, 2018 तक काम किया। इसके पहले अमन ‘बोलता हिन्दुस्तान’ और ‘इंडिया न्यूज़ पंजाब’ में काम कर चुके थे।   

अमन के निधन पर अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल, बिक्रम मजीठिया ने भी संवेदनाएं व्यक्त की। सुखबीर सिंह बादल ने लिखा-  'न्यूज 18 चैनल के युवा पत्रकार अमन बरार के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ. शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं. आत्मा को शांति मिले!'

वहीं, बिक्रम मजीठिया ने लिखा- 'न्यूज 18 चैनल के युवा पत्रकार अमन बरार के आकस्मिक निधन के बारे में जानकर दुखी हूं. शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं. दिवंगत आत्मा को शांति मिले और वाहेगुरु जी शोक संतप्त परिवार को क्षति सहने की शक्ति दें.'

अमन के साथ काम कर चुकी उनकी सहयोगी अनुराधा शुक्ला ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा है-

'RIP अमन… अमन बरार हमेशा ही दिल जीत लेने वाली मुस्कराहट के मालिक थे। संवेदनशील, सादा, विनम्र, ऊंचे विचारों और सबसे सहज रूप से जुड़ जाने वाले अमन आज हमारे बीच से चले गए। पंजाब के मुक्तसर से उनका महज 23 साल की उम्र में इस तरह से जाना उनके परिवार और साथियों को हमेशा के लिए एक ऐसा घाव दे गया है जो कभी नहीं भर सकता और इसके साथ जीना भी बहुत मुश्किल है।

चंडीगढ़, पंजाब के पत्रकारीय बंधुत्व के लिए अमन का जाना बहुत बड़ी क्षति है। इतनी छोटी उम्र में अमन एक परिपक्व जर्नलिस्ट के तौर पर नाम बना चुके थे। बड़ी ही परिपक्वता से वो राजनितिक गलियारों की रिपोर्टिंग करते थे और एक अच्छे लेखक भी थे। आज अकाली दल ने जब अपनी राज्यपाल के साथ मीटिंग अमन के जाने के दुख में मुल्तवी की तो एहसास बढ़ गया कि अमन अपने पीछे कितना बड़ा वैक्यूम छोड़  गया है।

अमन पिछले एक साल से नेटवर्क 18 चंडीगढ़ में कार्यरत थे। उनका काम करने का जज़्बा सबके लिए मिसाल था। अमन को हमेशा ही ऊर्जा से भरा देखा। काम के लिए उत्साह ऐसा कि बैकपैक उठाया, बालों को एक तरफ झटका और चल पड़े किसी भी चुनौती से निपटने के लिए। वह पिछले कुछ महीनों से पीठ की बीमारी से जूझ रहे थे और दिल्ली इसी सिलसिले में आए थे।'

अमन के आत्महत्या की खबर सुनकर उनके अन्य साथी पत्रकारों में भी काफी दुख है। उनके साथियों ने फेसबुक पर अमन के वॉल पर टैग करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

 
 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

देखें, IMPACT Person of the Year के नॉमिनी की लिस्ट, 20 को विजेता के नाम से उठेगा पर्दा

इंडस्‍ट्री के लोगों में तमाम तरह की चर्चाएं हैं कि आखिर किस शख्सियत के हाथ प्रतिष्ठित ‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ लगेगा।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 18 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 18 February, 2020
impact

एक्‍सचेंज4मीडिया (exchange4media) ग्रुप द्वारा मीडिया, मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान देने और ऊंचाइयों को छूने वालों को हर साल दिया जाने वाले ‘इंपैक्‍ट पर्सन ऑफ द ईयर’ (IMPACT Person of the Year) अवॉर्ड का सिलसिला साल दर साल जारी है। इस बार बहुप्रतीक्षित ‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ (IMPACT Person of the Year award) के विजेता के नाम से गुरुवार को पर्दा उठ जाएगा। मुंबई के जेडब्ल्यू मैरियट होटल में 20 फरवरी को यह अवॉर्ड दिया जाएगा। मीडिया, मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान देने और ऊंचाइयों को छूने वालों को हर साल ‘एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप’ द्वारा यह अवॉर्ड दिया जाता है।

ऐसे में इंडस्‍ट्री के लोगों में तमाम तरह की चर्चाएं हैं कि आखिर किस शख्सियत के हाथ यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड लगेगा। इन सभी नामों में वे लोग शामिल हैं जिन्‍हें अपने क्षेत्र में ऊचाइंयों को छुआ है और वे सभी अपने क्षेत्र के महारथी हैं। इस अवॉर्ड के लिए चुने गए नाम इस प्रकार हैं-

इस बार इस अवॉर्ड के लिए सात नॉमिनी मैदान में हैं। इनमें ‘Byju’ के फाउंडर व सीईओ बायजू रविंद्रन, ‘InMobi Group’  के फाउंडर व सीईओ नवीन तिवारी, डब्ल्यूपीपी (WPP) के कंट्री मैनेजर सीवीएल श्रीनिवास, ‘इंडिया टुडे ग्रुप’ (India Today Group) की वाइस चेयरपर्सन कली पुरी, ‘ओयो रूम्स’ (Oyo Rooms) के फाउंडर व सीईओ रितेश अग्रवाल, ‘Affle’ के फाउंडर, चेयरमैन व सीईओ अनुज खन्ना सोहम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त जॉइंट नामिनी में शामिल हैं ‘इंडियामार्ट’ (IndiaMart) के कोफाउंडर व डायरेक्टर ब्रिजेश अग्रवाल और ‘इंडियामार्ट’ के ही को-फाउंडर व सीईओ दिनेश अग्रवाल।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

TRAI के फैसले का TV चैनल्स पर पड़ा ये असर, आर्थिक मंदी का दिखा डर

आर्थिक मंदी और ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर के कारण पिछला साल देश की मीडिया और एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री के लिए काफी चुनौती भरा रहा है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 17 February, 2020
Last Modified:
Monday, 17 February, 2020
TV

आर्थिक मंदी और ‘टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (ट्राई) के नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 (NTO 2.0) के कारण पिछला साल देश की मीडिया और एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री के लिए काफी चुनौती भरा रहा है। ‘न्यू टैरिफ ऑर्डर’ (NTO) की वजह से तीन बड़े ब्रॉडकास्टर्स का जहां सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू बढ़ा है, वहीं इनके विज्ञापन रेवेन्यू में कमी दर्ज की गई है।  

यदि हम ट्रेडिशनल मीडिया की बात करें तो तिमाही तौर पर किए गए विश्लेषण से पता चलता है कि अधिकांश वर्षों के तुलना में जब चौथी तिमाही में त्योहारी सीजन के कारण विज्ञापन खर्च बढ़ जाता था, पिछले साल दूसरी तिमाही में आईपीएल, क्रिकेट वर्ल्ड कप और आम चुनावों के कारण ऐसा रहा था, जबकि तीसरी और चौथी तिमाही में इसमें क्रमश: तीन प्रतिशत और सात प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।  

पिछले दिनों जारी पिच मैडिसन ऐडवर्टाइजिंग रिपोर्ट 2020 (PMAR) के अनुसार, वर्ष 2019 में विज्ञापन खर्च (adex) में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि इसमें 13.4 प्रतिशत का अनुमान लगाया गया था और वर्ष 2018 में यह 15 प्रतिशत थी। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘यदि हम विज्ञापन खर्च को ट्रेडिशनल (टीवी, प्रिंट और रेडियो) के हिसाब से अलग-अलग करें तो पता चलता है इसमें सिर्फ छह प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो वर्ष 2018 में हासिल की गई 12 प्रतिशत ग्रोथ से आधी है।

तमाम उतार-चढ़ावों के बीच पिछले साल विज्ञापन खर्च में 37 प्रतिशत शेयर के साथ टीवी का सबसे ज्यादा योगदान जारी रहा है। हालांकि इस माध्यम में सिर्फ आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह एक दशक में तीसरी सबसे कम ग्रोथ है। अब जब हम वित्तीय वर्ष 2019-20 के आखिरी महीने में प्रवेश करने जा रहे हैं, इस बीच आइए तीन बड़े ब्रॉडकास्टर्स ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (Zee Entertainment Enterprises Ltd), ‘सन टीवी नेटवर्क’ (Sun TV Network) और ‘टीवी18’ (Entertainment (Viacom18+AETN18+Indiacast) के तीसरी तिमाही के नतीजों पर नजर डालते हैं।  

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Zee Entertainment Enterprises Ltd)

तीसरी तिमाही के दौरान ‘जी’ (ZEE) का रेवेन्यू 5.5 प्रतिशत (साल दर साल) की दर से गिरावट के साथ 2048.7 करोड़ रुपए रह गया जबकि इसी तिमाही में इसका एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू 15.8 प्रतिशत (साल दर साल) की दर से घटकर 1230.8 करोड़ रुपए रह गया है। इसके घरेलू एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू में 15.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि इसी तिमाही में इंटरनेशनल एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू 73.8 करोड़ रुपए रहा।   

वहीं, सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू को देखें तो यह तीसरी तिमाही में 15.4 प्रतिशत (साल दर साल) की दर से बढ़कर 713.7 करोड़ रुपए हो गया। इसमें घरेलू सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू में 21.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई और यह 631.7 करोड़ रुपए हो गया, जबकि इंटरनेशनल सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू 82 करोड़ रुपए दर्ज किया गया।  

मीडिया विशेषज्ञों के अनुसार, आर्थिक मंदी और ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर की वजह से एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू में गिरावट के कारण ‘जी’ के लिए यह तिमाही ज्यादा बेहतर नहीं रहा। वहीं, फ्रीडिश प्लेटफॉर्म से चैनलों को हटाने ने भी इसमें अपनी भूमिका निभाई।

इस बारे में ‘ZEEL’ के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ पुनीत गोयनका का कहना है, ‘हमारे लिए तीसरी तिमाही का समय सामान्य रूप से ग्रोथ के हिसाब से ठीक रहा है। हालांकि, चुनौतीपूर्ण अर्थव्यवस्था के कारण हमारे ऐडवर्टाइजिंग रेवेन्यू में कमी आई है। हमारे अधिकांश ऐडवर्टाइर्स की ग्रोथ काफी धीमी है, यही कारण है कि विज्ञापन खर्च में कटौती की गई है।’ अगली तिमाही में बेहतरी की उम्मीद जताते हुए गोयनका ने कहा, ‘ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर को कोर्ट में चुनौती दी गई है और हम फैसले का इंतजार कर रहे हैं।’       

टीवी18 (Entertainment (Viacom18+AETN18+Indiacast)

‘टीवी18’ (TV18) का समेकित ऑपरेटिंग रेवेन्यू साल दर साल (YoY) तीन प्रतिशत की गिरावट के साथ 1475 करोड़ रुपए से घटकर 1425 करोड़ रुपए रह गया है। एंटरटेनमेंट रेवेन्यू में भी चार प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है वित्तीय वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही (Q3FY19) में 1184 करोड़ रुपए के मुकाबले यह घटकर 1137 करोड़ रुपए रह गया। सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू 40 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ 458 करोड़ रुपए हो गया। ‘Earnings before interest, tax, depreciation and amortization’ (EBITDA) में 262 प्रतिशत की ग्रोथ देखी गई और वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में 68 करोड़ के मुकाबले यह बढ़कर 245 करोड़ रुपए रह गया। सबस्क्रिप्शन ग्रोथ के बारे में ब्रॉडकास्टर का कहना है कि न्यू टैरिफ ऑर्डर से पारदर्शी माहौल बना है, जिससे टीवी सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू का बढ़ना जारी है। हालांकि, इस ब्रॉडकास्टर के सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू में ग्रोथ देखी गई है, लेकिन ऐडवर्टाइजिंग रेवेन्यू को लेकर इस पर काफी दबाव बना हुआ है।

सन टीवी नेटवर्क (Sun TV Network)

नए टैरिफ ऑर्डर और तमिलनाडु में डिजिटलीकरण के कारण ‘सन टीवी नेटवर्क’ (Sun TV Network) के सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू में भी ग्रोथ देखने को मिली है। 31 दिसंबर 2018 को समाप्त हुई तिमाही में 349.60 करोड़ रुपए की तुलना में इस तिमाही में सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू 18 प्रतिशत बढ़कर 411.85 करोड़ रुपए हो गया है। इस तिमाही में प्रॉफिट आफ्टर टैक्स भी छह प्रतिशत बढ़कर 373.45 करोड़ रुपए हो गया है, जबकि इसी अवधि में पहले यह 351.33 करोड़ रुपए था। हालांकि, नेटवर्क के रेवेन्यू में साल दर साल (9.89) की दर से गिरावट दर्ज की गई। मीडिया विशेषज्ञों की मानें तो विभिन्न नेटवर्क्स की तरह ‘सन टीवी नेटवर्क’ को भी चुनौतियों का सामना करना पड़ा और इसके ऐड रेवेन्यू में भी गिरावट दर्ज की गई।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

जामिया कांड: ‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट से बैकफुट पर आए कई पत्रकार

जामिया कांड में अचानक आए उबाल में प्रतिक्रिया व्यक्त करने वाले अधिकांश लोग ‘इंडिया टुडे’ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से बैकफुट पर आ गए हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 17 February, 2020
Last Modified:
Monday, 17 February, 2020
jamia

जामिया कांड में अचानक आए उबाल में प्रतिक्रिया व्यक्त करने वाले अधिकांश लोग ‘इंडिया टुडे’ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से बैकफुट पर आ गए हैं। ‘इंडिया टुडे’ ने सोशल मीडिया पर पुलिस बर्बरता की वायरल हो रही क्लिपिंग का अनकट विडियो सामने रखा है, जिसमें दिखाया गया है कि नकाब पहने, हाथों में पत्थर लिए कुछ लोग लाइब्रेरी में जाकर छिपते हैं। इसके बाद पुलिस उनके पीछे आती है और लाठीचार्ज होता है। जबकि पहले विडियो में केवल पुलिस का लाठीचार्ज दिखाया गया था। इस नए विडियो से पहले की थ्योरी गड़बड़ा गई है। इसलिए जो लोग केंद्र और दिल्ली पुलिस पर हमलावर हो रहे थे, उन्होंने फिलहाल अपने जुबानी घोड़ों की लगाम खींच ली है।

इस फेहरिस्त में कई पत्रकार भी शामिल हैं। पहला विडियो जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की जमकर आलोचना हुई। फ्रीलांस पत्रकार स्मिता शर्मा ने अपने ट्वीट में दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए खूब खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने लिखा, ‘दिल्ली पुलिस तुम्हें शर्म आनी चाहिए। आपके राजनीतिक मास्टर्स तो आते-जाते रहेंगे लेकिन इस घटना ने पुलिस पर एक कभी न मिटने वाला दाग लगा दिया है। इस कथित क्रूरता के लिए किसी भी प्रकार का स्पष्टीकरण नहीं दिया जा सकता’।

वहीं, पत्रकार राणा अयूब ने लिखा, ‘मुझे याद नहीं कि अपने देश को लेकर मैं आखिरी बार कब इतनी निराश थी। पुलिस ने उन असहाय छात्रों को निशाना बनाया, जिन्होंने बचने के लिए एक पवित्र जगह में शरण ली थी’।

इसी तरह रेडियो जॉकी सायमा ने भी अपने ही अंदाज में पुलिस पर कटाक्ष किया। उन्होंने विडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया ‘वे आए और कहा- तुम्हारे साथ, तुम्हारे लिए, हमेशा। और चले गए। 15 दिसंबर की शाम उन्होंने जामिया के छात्रों पर गुलाब बरसाए (जैसा कि आप देख सकते हैं)। लाइब्रेरी का एक्सक्लूसिव विडियो फुटेज, जहां पुलिस अपना जादू दिखा रही है। अब हमें दिखाओ कि बस कौन जला रहा है’?

दिल्ली पुलिस पर शब्दबाण चलाने वालों में वरिष्ठ पत्रकार अजित अंजुम भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने कहा ‘ये वही दिल्ली पुलिस है जो तमंचा लेकर शाहीनबाग पहुंचे लड़कों के आगे-पीछे हाथ बांधे खड़ी थी। जामिया में घुसकर ऐसे लाठियां बरसा रही है जैसे किसी ने 'निर्देश' दिया हो तो कि जो मिले उसे कूट देना। लानत है इस पुलिस पर जो 'साम्प्रदयिक' हो चुकी है।’

इसी तरह ‘टीवी9’ (TV9) के पूर्व समूह संपादक विनोद कापड़ी ने भी पुलिस पर हमला बोला। लेकिन अब जब ‘इंडिया टुडे’ ने वायरल क्लिपिंग का अनकट विडियो अपनी स्पेशल रिपोर्ट में दिखा दिया है, तो सभी संभलकर चल रहे हैं।

वहीं, सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस पर वार करने वालों पर पलटवार भी शुरू हो गया है। पूर्व पत्रकार मोनिका ने ताजा विडियो शेयर करते हुए लिखा है ‘इस नए विडियो ने प्रोपेगंडा फैलाने वालों के झूठ को उजागर कर दिया है, जो अभी भी छेड़छाड़ की गई क्लिपिंग को वायरल कर रहे हैं।’

इसी तरह वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना ने ट्वीट किया है, ‘जामिया लाइब्रेरी में पुलिसिया पिटाई का आधा विडियो देख के उछल पड़ने वाले होशियार चंद अब सकते में हैं, पर हार नहीं मानेंगे। अभी शार्पशूटरों से कहा जाएगा ‘फैक्ट चेक’ कर दो कि पहले का विडियो और पिटाई का विडियो-अलग अलग साल के हैं।’

यहां देखें  इंडिया टुडे का एक्सक्लूसिव विडियो:

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

enba 2019: जूरी ने तय किए विजेताओं के नाम, 22 को उठेगा पर्दा

‘एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ के विजेताओं के नामों पर मुहर लगाने के लिए दिल्ली के ताज पैलेस होटल में 15 फरवरी को जूरी मीट का आयोजन किया गया

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 17 February, 2020
Last Modified:
Monday, 17 February, 2020
enba

बहुप्रतिष्ठित ‘एक्‍सचेंज4मीडिया न्‍यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba) के विजेताओं के नाम पर मुहर लगाने के लिए दिल्ली के ताज पैलेस होटल में 15 फरवरी को जूरी मीट का आयोजन किया गया। जूरी द्वारा चुने गए विजेताओं को 22 फरवरी को नोएडा के रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित एक समारोह में इन अवॉर्ड्स से सम्मानित किया जाएगा। समारोह में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान मुख्य अतिथि होंगे। बता दें कि वर्ष 2008 में अपनी शुरुआत के बाद से ही यह अवॉर्ड मीडिया में कार्यरत उन शख्सियतों को दिया जाता है, जिन्‍होंने देश में टेलिविजन न्‍यूज इंडस्‍ट्री को एक नई दिशा दी है और इस इंडस्‍ट्री को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।

विजेताओं के नामों का चयन करने के लिए दिल्ली में 15 फरवरी को हुई जूरी मीट में राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश नारायण सिंह ने चेयरपर्सन की भूमिका निभाई। जूरी के अन्य सम्मानित सदस्यों में ‘बिजनेस वर्ल्ड’ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा, असम की कलियाबोर सीट से चुने गए सांसद गौरव गोगोई, पूर्व सांसद और बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव महेश गिरी, राज्यसभा सदस्य डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, राज्यसभा सदस्य जीवीएल नरसिम्हा राव, पंजाब राज्य मानव अधिकार आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस इकबाल अहमद अंसारी, ‘इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड’ (IHCL) के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर पुनीत छटवाल, ‘ब्लू स्टार’ के मैनेजिंग डायरेक्टर बी. थियागराजन, ‘डब्‍ल्‍यूपीपी’ (WPP) इंडिया के कंट्री मैनेजर सीवीएल श्रीनिवास शामिल रहे।

इनके अलावा जूरी के अन्य सम्मानित सदस्यों में डालमिया ग्रुप के चेयरमैन गौरव डालमिया,  ‘पब्लिसिस ग्रुप साउथ एशिया’ (Publicis Groupe South Asia) की सीईओ अनुप्रिया आचार्य, ‘एडफैक्टर्स पीआर’ (Adfactors PR) के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर मदन बहल, बीजेपी के प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम, बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा, कांग्रेस प्रवक्ता और ‘Dale Carnegie Training India’ के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर संजय झा, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया, आम आदमी पार्टी के कोषाध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता राघव चड्ढा, एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के पूर्व प्रेजिडेंट पद्मश्री आलोक मेहता भी शामिल थे।

वहीं, ‘स्कोप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ (Scope India Pvt Ltd) के एमडी राकेश कुमार शुक्ला,  ‘राधा टीएमटी’ (Radha TMT) के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमन सराफ, ‘मेडिकाबाजार’ (Medikabazaar) के फाउंडर और सीईओ विवेक तिवारी,  ‘RightFOLIO’ के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. परकला प्रभाकर, ‘वोल्टास’ के पूर्व सीओओ और ‘सिंपा नेटवर्क्स’ के डायरेक्टर सलिल कपूर, ‘EMMAY Entertainment’ की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर मोनिषा अड्वानी (MONISHA ADVANI), ‘इंडियन डॉक्यूमेंट्री फाउंडेशन’ की फाउंडर और सीईओ सोफी विश्वरमन (SOPHY VSIVARAMAN) और ‘GoZoop’ के सीईओ और को-फाउंडर अहमद आफताब नकवी,‘नेट वैल्यू मीडिया’ (Net Value Media) के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर जनार्दन पांडे और भाजपा नेता शाजिया इल्मी को भी जूरी मेंबर्स में शामिल किया गया था।

इस मौके पर जूरी और नामांकन प्रक्रिया के बारे में जूरी के चेयरपर्सन और राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश नारायण सिंह ने कहा, ‘इतना बड़ा प्लेटफॉर्म प्रदान करने के लिए मैं एक्सचेंज4मीडिया को धन्यवाद अदा करना चाहूंगा। इस बार नॉमिनेशंस के बीच काफी कड़ा मुकाबला था और काफी विचार विमर्श के बाद जूरी ने सबसे योग्य विजेता का चुनाव किया है।’

वहीं, बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया का कहना था, ‘नॉमिनी और एंट्रीज के बारे में सबसे खास बात यह दिखी कि प्रत्येक में कुछ न कुछ खास क्वालिटी थी और ऐसे में विजेता का चयन करना बहुत ही मुश्किल काम था। मुझे लगता है कि प्रत्येक चैनल और प्रत्येक नॉमिनी अपनी जगह विजेता है और जूरी ने निष्पक्ष तरीके से विजेताओं का चयन किया है।’

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

महिला पत्रकार ने एक महीने से परेशान कर रहे मनचले को कुछ यूं सिखाया सबक

एक फेरीवाला महिला पत्रकार को अक्सर विडियो और वॉट्सऐप कॉल करता था और उन्हें ऑनलाइन गालियां भेजता था...

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 17 February, 2020
Last Modified:
Monday, 17 February, 2020
journalist

महिला पत्रकार को कथित रूप से विडियो कॉल करने और अश्लील संदेश भेजने के आरोप में मुंबई पुलिस ने एक फेरीवाले को गिरफ्तार किया है। इस बात की जानकारी मालाबार हिल पुलिस ने दी।

बता दें कि 27 वर्ष के इस फेरीवाले का नाम जहीरूद्दीन इदरिशि है और वह बांद्रा के बहरामपदा का रहने वाला है। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, यह फेरीवाला महिला पत्रकार को अक्सर विडियो और वॉट्सऐप कॉल करता था और उन्हें ऑनलाइन गालियां भेजता था जिसकी महिला पत्रकार अकसर अनदेखी करती थी।

अधिकारी ने बताया कि महिला पत्रकार ने अपनी शिकायत ने आरोप लगाया है कि वह पिछले दो महीने से इस उत्पीड़न का सामना कर रही है। उसने उसे पुलिस में मामला दर्ज कराने की चुनौती भी दी और यह धमकी भी दी कि यदि वह उसे जवाब नहीं देगी तो वह उसके घर पहुंच जाएगा। इसके बाद महिला पत्रकार ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद हमने इदरिशि को पकड़ने के लिए तकनीकी सहायता ली।’

अधिकारी के मुताबिक, आरोपी पर आईपीसी की धारा 354A , 354D और 506 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त सूचना प्रौद्योगिकी कानून से संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए