प्रो. केजी सुरेश ने PM को लिखा ओपन लेटर, उठाया ये बड़ा मुद्दा

कोरोनावायरस (कोविड-19) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन किया गया है।

Last Modified:
Thursday, 09 April, 2020
Professor KG Suresh

कोरोनावायरस (कोविड-19) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देशभर में चल रहे लॉकडाउन के बीच देहरादून की बहु-विषयक और विशेषज्ञता केंद्रित यूनिवर्सिटी ‘यूपीईएस’ (UPES) में ‘स्कूल ऑफ मॉडर्न मीडिया’ (School of Modern Media) के डीन और ‘आईआईएमसी’ के पूर्व महानिदेशक प्रोफेसर के.जी. सुरेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ओपन लेटर लिखा है। इस लेटर में उन्होंने लॉकडाउन के कारण छात्रों के सामने आ रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया है।

इस लेटर में उन्होंने रेडियो की क्षमता के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए अंतरमंत्रालयी (inter ministerial) टास्क फोर्स गठित करने की मांग की है, ताकि लॉकडाउन से प्रभावित छात्र इसका फायदा उठा सकें। अपने पत्र में केजी सुरेश ने यह भी कहा है कि इबोला संकट (Ebola Crisis) के दौरान पश्चिमी अफ्रीकी देश सिएरा लियोन (Sierra Leone) में इसी तरह के प्रयोगों को सफलतापूर्वक लागू किया गया था।

अपने लेटर में प्रो. केजी सुरेश का कहना है, ‘पूरी दुनिया आज एक अभूतपूर्व संकट से गुजर रही है और हमारा देश भी कोरोना के खिलाफ जंग में जुटा हुआ है। कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने देश में 21 दिनों का लॉकडाउन किया हुआ है। लॉकडाउन के दौरान आम आदमी को किसी तरह की दिक्कतें न हों, इसके लिए भी केंद्र व राज्य सरकारों ने कई कदम उठाए हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय और यूजीसी जैसे संस्थानों ने देश के विश्वविद्यालयों और शैक्षिक संस्थानों के लिए तमाम गाइडलाइंस जारी की हैं, ताकि छात्रों को इस अनिश्चतता भरे माहौल में कुछ राहत दी जा सके।’ 

इसी क्रम में कई संस्थानों, खासकर उच्च शिक्षा से जुड़े संस्थानों और निजी स्कूलों ने ऑनलाइन पढ़ाई की टेक्नोलॉजी को अपनाना शुरू कर दिया है, लेकिन देश में कई ऐसे इलाके और संस्थान हैं, जो इस तरह की सुविधाओं से अछूते हैं, ऐसे में लाखों युवाओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में छात्रों की भलाई और उनके भविष्य को देखते हुए सरकार को रेडियो की ताकत का इस्तेमाल करना चाहिए।

प्रोफेसर केजी सुरेश द्वारा प्रधानमंत्री के लिखे इस ओपन लेटर को आप यहां हूबहू पढ़ सकते हैं।

Dear Prime Minister Sir,

The world is passing is through an unprecedented crisis and we in India too are engaged in a war on Corona. Both Central and state Governments have taken several steps to alleviate the sufferings of the common man in the wake of the lockdown. The Ministry of Human Resource Development and organisations such as UGC have issued several guidelines to the universities and other educational institutions to provide relief to the students who are facing an uncertain future.

Many institutions, particularly related to higher education, as also private schools have adopted online teaching technologies in a big way to reach out to the beleaguered student community. However, students in the rural and interior areas, which comprise a sizeable part of the country, remain deprived of these facilities. This is affecting the education of lakhs of youngsters, who are the future of the nation.

It may be recalled that after the outbreak and spread of Ebola in the West African country of Sierra Leone in 2014, over one million school going kids were out of class for several months. Subsequently, the Sierre Leone Government partnered with UNICEF and many other voluntary developmental organisations to launch a radio education programme for school going kids. The programmes were run on 41 Government radio stations, as also the country’s state owned TV channel.

Instructors created hour long teaching sessions for younger children – who listen in the morning – and for older students, who would tune in later in the day. According to UNICEF, the lessons became increasingly popular – from less than 20 per cent participation initially to 70 percent coverage at its peak.

Similarly, Radio Mewat, a community radio station operating from the backward Mewat district of Haryana, too is engaged in imparting subject specific classes, which has resulted in improved performance in schools. Many other community radio stations too are engaged in similar exercise. Unfortunately, we have very few community radio stations and they have a limited reach.

Moreover, with the lockdown impacting educational institutions, many radio stations including  Apna Radio 96.9 run by the prestigious Indian Institute of Mass Communication located in the Corona affected South Delhi has been shut down whereas this is the time when they should be operating 24X7 for the benefit of the local populace.

It’s here that All India Radio can play a critical role in imparting subject specific education and information to the students at large.

Broadcast radio (AM) today reaches a staggering 99% of the Indian population, while FM radio reaches 65% . Unlike TV and print, radio is highly interactive, hyper-local in nature, and is free. It’s portability enables one to listen to it even while working in the farms or fishing in the deep seas.

Many people prefer radio as the information provided is crisp and straightforward. Radio helps audiences focus and retains their attention for a longer duration as compared to TV, where pictures and headlines distract the viewer. With radio remaining untouched by the menace of fake news so far, it also remains by far the most credible medium. What’s more, to reach out to the millennials, radio stations are today available on digital platforms as well.

The Hon’ble Prime Minister himself reaches out to millions of citizens every month through his hugely popular ‘Mann Ki Baat’ programme. The importance he has given to the radio was evident from his interaction with Radio Jockeys following the lockdown.

In view of the above, it is humbly submitted that an inter-ministerial Special Task Force be set up with representatives from the Human Resources Development Ministry, Information and Broadcasting Ministry, Telecom Ministry, Prasar Bharati and community radio stations to chalk out a strategy to reach out through Akashvani and community radio to the students who are preparing for their board and various entrance examinations in the coming days as the lockdown is expected to be lifted only in a phased manner over the next few months.

We, at the School of Media, UPES, Dehradun too are willing to extend all possible cooperation to the Government in this regard for at stake is the future of our students and the country.

I am not only hopeful but also confident that you will proactively take up this issue in the larger interests of the student community with whom you have been regularly interacting and counselling on important issues such as Examination Stress.

Thanking you in anticipation

Warm Regards

Prof K G Suresh

Founder Dean, School of Modern Media, University of Petroleum & Energy Studies, Dehradun

Former Director General, Indian Institute of Mass Communication

Former Senior Consulting Editor, Doordarshan News

Former Chief Political Correspondent, Press Trust of India

(M) 9818617350

kgsure@gmail.com

 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

इस बड़े पद पर Khabri से जुड़े दुष्यंत कोहली

हिंदी डिजिटल ऑडियो कंटेंट प्लेटफॉर्म ‘खबरी’ को जॉइन करने से पहले दुष्यंत कोहली ‘nexGTv’ में चीफ ग्रोथ ऑफिसर की जिम्मेदारी निभा रहे थे

Last Modified:
Wednesday, 27 May, 2020
Dushyant Kohli

हिंदी डिजिटल ऑडियो कंटेंट प्लेटफॉर्म ‘खबरी’ (Khabri) ने दुष्यंत कोहली को चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के पद पर नियुक्त किया है। अपनी इस भूमिका में वह कंपनी के बिजनेस ऑपरेशंस, विस्तार और ओवरऑल ग्रोथ के लिए जिम्मेदार होंगे। डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करने का कोहली को 15 साल से ज्यादा का अनुभव है। इंडस्ट्री की बेहतर समझ के साथ उन्हें टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी महारत हासिल है।

कोहली ने पेरिस के ‘École des Ponts Business School’ से मार्केटिंग और आईटी में एमबीए किया हुआ है। पूर्व में वह देश-विदेश की तमाम बड़ी कंपनियों जैसे- Mamba CJSC (wamba.com), HT Mobile Solutions (A JV of Velti plc and HT Media), Zapak Digital Entertainment, BCCL और Indian Expres आदि के साथ काम कर चुके हैं।

‘खबरी’ को जॉइन करने से पहले कोहली ‘nexGTv’ में चीफ ग्रोथ ऑफिसर की जिम्मेदारी निभा रहे थे। दुष्यंत कोहली की नियुक्ति के बारे में ‘खबरी’ के को-फाउंडर और सीईओ पुलकित शर्मा ने कहा, ‘दुष्यंत ने कई उभरते हुए व्यवसायों को स्थापित ब्रैंड्स में बदलने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। पिछले कुछ सालों में वह तमाम कंपनियों में विभिन्न पदों पर अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा चुके हैं। हमें विश्वास है कि विषय पर अच्छी पकड़ और अनुभव की बदौलत दुष्यंत ‘खबरी’ को एक नए मुकाम तक ले जाएंगे।’  

वहीं, इस बारे में कोहली का कहना है, ‘खबरी के साथ अपनी नई पारी शुरू करने को लेकर मैं काफी उत्साहित हूं। तमाम बड़ी कंपनियों के साथ काम करने के बाद मैं ऐसे स्टार्टअप से जुड़ना चाहता था जो भारत में ‘ओवर द टॉप’ क्षेत्र में व्याप्त गैप को पूरा करने में जुटा है और ‘खबरी’ बहुत अच्छे अवसर के रूप में सामने आया है। मैं कंपनी को सफलता के नए मुकाम पर ले जाने के लिए तत्पर हूं।’

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

राहुल गांधी बोले, मालिकों की खुशी के लिए सच से खिलवाड़ करता है बिकाऊ मीडिया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मीडिया के एक वर्ग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मीडिया के एक वर्ग पर आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में कोविड-19 की स्थिति पर उनकी टिप्पणी को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है

Last Modified:
Wednesday, 27 May, 2020
rahul

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मीडिया के एक वर्ग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मीडिया के एक वर्ग पर आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में कोविड-19 की स्थिति पर उनकी टिप्पणी को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है। राहुल गांधी ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें वह राज्य में व्याप्त स्थितियों के बारे में बात कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए एक वीडिया शेयर करते हुए कहा,  ‘इस वीडियो को देखिये और समझिये कि किस प्रकार बिकाऊ मीडिया अपने मालिकों की सेवा के लिए सच को तोड़ मरोड़कर पेश करता है और असल मुद्दों से ध्यान भटकाता है।’

गौरतलब है कि एक दिन पहले मंगलवार को मीडिया में ऐसी खबरें आयी थी कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बयान देकर महाराष्‍ट्र में बनी गठबंधन सरकार की दो पार्टियों शिवसेना और राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के सामने असहज स्थिति पैदा कर दी थी, जब राहुल से महाराष्ट्र में कोविड-19 के बढ़ते मामले के बारे में पूछा गया था, जहां पर कांग्रेस सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल है। तब उन्होंने कहा था कि सरकार चलाने और सरकार का समर्थन करने में अंतर होता है। राहुल ने कहा, ‘महाराष्ट्र सरकार को हम समर्थन दे रहे हैं और निर्णय लेने की अहम भूमिका में नहीं हैं। हम पंजाब, छत्‍तीसगढ़, राजस्‍थान और पुडुचेरी में नीति निर्माता (Decision Maker) हैं सरकार को चलाने और इसका समर्थन करने में फर्क होता है।' साथ ही उन्होंने कहा था कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में महाराष्ट्र सरकार को केंद्र सरकार की पूरी मदद की जरूरत है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

COVID-19 से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, आउटडोर मीडिया की आय पर पड़ा ये बड़ा असर: पीएचडी चैंबर्स

कोरोना वायरस का मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र पर भारी असर हुआ है। यह बात उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएसडीसीसीआई) की एक रिपोर्ट में सामने आई है

Last Modified:
Tuesday, 26 May, 2020
PHD Chamber

कोरोना वायरस का मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र पर भारी असर हुआ है। यह बात उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएसडीसीसीआई) की एक रिपोर्ट में सामने आई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस महामारी के कारण प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, आउटडोर मीडिया और ईवेंट आदि क्षेत्रों की आय में बड़ी गिरावट आई है।

पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष डी.के. अग्रवाल और अन्य अधिकारियों ने संगठन की रिपोर्ट ‘आउटलुक ऑफ मीडिया एंड एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री इन दि कोविड सिनारियो’ को हाल ही में केन्द्रीय सूचना-प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को सौंपी।

संगठन ने एक बयान में कहा, ‘मीडिया कोविड-19 महामारी के कारण सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक रहा है। प्रिंट मीडिया की प्रसार संख्या में काफी हद तक कमी दर्ज की गई है और इसकी विज्ञापन आय में भारी नुकसान हुआ है। विज्ञापन राजस्व में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को भी भारी नुकसान हुआ और लॉकडाउन के कारण सड़कों पर यातायात नहीं होने के कारण आउटडोर मीडिया के सभी ऑर्डर रद्द हो गए।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान किसी प्रकार के ईवेंट की अनुमति न होने के चलते ईवेंट बिजनेस भी खाली गया है। चैंबर ने सूचना-प्रसारण मंत्री से आग्रह किया कि वे इस रिपोर्ट में दी गई सिफारिशों के आधार पर तत्काल सुधार उपायों को लागू करें।

रिपोर्ट में बताया गया है कि कोविड-19 का मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग के ऊपर प्रमुख प्रभावों में से एक अस्थिरता है और सभी मीडिया क्षेत्रों में विज्ञापन राजस्व में गिरावट आई है।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि रेडियो, टीवी, प्रिंट, आउटडोर मीडिया की विज्ञापन आय में काफी गिरावट दर्ज की गयी है। अग्रवाल ने कहा कि विज्ञापन आय में आ रही लगातार गिरावट मीडिया इंडस्ट्री के लिए जोखिम पैदा कर रही है क्योंकि मीडिया के लिये आय का एक प्रमुख स्रोत विज्ञापन है।

संगठन ने सरकार से इस वित्त वर्ष में अपने वार्षिक विज्ञापन बजट का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में सचेत प्रयास करने का आग्रह किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि सार्वजनिक उपक्रमों, कॉरपोरेट्स और उद्योग हितधारकों को भी प्रभावी विज्ञापन अभियान के माध्यम से अपने उपभोक्ताओं से जुड़ना चाहिए।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

UNI में विश्वास त्रिपाठी को फिर मिली ये बड़ी जिम्मेदारी

उनकी यह नियुक्ति दो साल के लिए की गई है। शनिवार को हुई बोर्ड मीटिंग में यह फैसला लिया गया।

Last Modified:
Tuesday, 26 May, 2020
Vishwas Tripathi

विश्वास त्रिपाठी को एक बार फिर ‘यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया’ (UNI) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चेयरमैन चुना गया है। उनकी यह नियुक्ति दो साल के लिए की गई है। शनिवार को हुई बोर्ड मीटिंग में यह फैसला लिया गया।  

त्रिपाठी ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (ब्रिक्स सीसीआई) के चेयरमैन भी हैं। ब्रिक्स देशों का यह संगठन पड़ोसी और मित्र देशों के साथ वाणिज्य और उद्योग को बढ़ावा देता है। त्रिपाठी पिछले साल अगस्त में गैर सरकारी संगठन ‘स्टेयर्स फाउंडेशन’ (STAIRS Foundation) के बोर्ड में शामिल हुए थे। यह संगठन देश भर में खेलों के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के द्वारा मार्गदर्शन प्रदान करता है। वह दिल्ली फ्लाइंग क्लब की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य भी हैं।

विश्वास त्रिपाठी देश की जानी मानी चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म ‘वी सहाय त्रिपाठी एंड कंपनी’ (V Sahai Tripathi and Co) के पार्टनर भी हैं। वह ई-गर्वनेंस, ई बैंकिंग और फाइनेंसियल सर्विसेज की मार्केटिंग पर तमाम किताबें भी लिख चुके हैं।

‘उर्वरा एग्रो बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड’ (Urvara Agro Biotech Pvt Ltd) के चेयरमैन होने के साथ ही वह ‘फाउंडेशन ऑफ ऑर्गनाइजेशन रिसर्च एंड एजुकेशन’ (FORE) के सदस्य हैं । इसके अलावा वह ‘इंटरनेशनल जर्नलिस्ट सेंटर’ (International Journalist Centre) के लाइफ टाइम मेंबर भी हैं।

अपने करियर के दौरान त्रिपाठी ने कई संगठनों को लाभदायक और टिकाऊ उद्यम बनाने में काफी मदद की है। उन्होंने ‘ईएनआरआई ओमनीकेयर’ (eNRI OmniCare) को वित्तीय संचालन में भी मार्गदर्शन दिया है। वह कृषि के क्षेत्र में काम करने वाली ‘रोज मल्टीस्टेट मल्टी परपज को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड’ (Rose Multistate Multi purpose co-operative society Limited) के चेयरमैन पद की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।

दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से ग्रेजुएट विश्वास त्रिपाठी ने वर्ष 1988 में इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) से चार्टर्ड अकाउंटेंट की डिग्री ली है। इसके अलावा वह ज्योतिषशास्त्र में ‘ज्योतिष प्रवीन’ हैं और ज्योतिष विज्ञान के अध्ययन में उनकी खासी दिलचस्पी है। उन्हें मैनेजमेंट कंसल्टेंसी, कॉरपोरेट एडवाइजरी, लेखा परीक्षा एवं कराधान और निवेश योजना और व्यावसायिक सलाहकार सेवाएं व व्यवसाय विकास और व्यवसायिक प्रबंधन के क्षेत्र में विशेष अनुभव है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

जानिए, मीडिया इंडस्ट्री के प्रोत्साहन पैकेज की जरूरत पर क्या बोले सूचना प्रसारण मंत्री

केंद्रीय सूचना-प्रसारण और पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कोरोनावायरस महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच कहा है कि मीडिया संस्थानों को चाहिए कि वह नागरिकों को इस बात को समझाने का प्रयत्न करें

Last Modified:
Tuesday, 26 May, 2020
Prakash Javadekar

केंद्रीय सूचना-प्रसारण और पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कोरोनावायरस महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच कहा है कि मीडिया संस्थानों को चाहिए कि वह नागरिकों को इस बात को समझाने का प्रयत्न करें कि अखबार पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत में कहा, ‘कोविड-19 संक्रमण के चलते लोगों में भय पैदा हुआ है और इस कारण उन्होंने समाचार-पत्र लेना बंद कर दिया है, ऐसे में समाचार पत्रों को जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें जागरूक करने की आवश्यकता है।’

दरअसल, जब सूचना-प्रसारण मंत्री से जब सवाल पूछा गया कि क्या आपको लगता है कि मीडिया इंडस्ट्री के लिए भी एक प्रोत्साहन की आवश्यकता है? कई संस्करण बंद हो रहे हैं। क्या हम मीडिया के लिए भी पैकेज की उम्मीद कर सकते हैं?

इस सवाल का जवाब देते हुए सूचना-प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि मेरी संवेदनाएं सबके साथ है, लोग अखबार नहीं खरीद रहे हैं। डिस्ट्रीब्यूटर अखबार नहीं बांट रहा है, ये सरकार की गलती नहीं है। मुझे हैरानी है कि अभी तक किसी भी अखबार ने कोरोना को लेकर कोई कंपैन नही चलाया गया कि समाचार पत्र से कोरोना संक्रमण नहीं होता है।

उन्होंने आगे कहा, आज टीवी और रेडियो पर विज्ञापन बढ़ गया है। अब मीडिया को डिजिटल के साथ जीना सीखना होगा। अखबार के क्षेत्र में विज्ञापनों की कमी है, जबकि रेडियो और टीवी विज्ञापनों से भरे हुए हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

फॉक्स स्टार स्टूडियोज को बाय बोलकर रुचा पाठक ने तलाशी नई मंजिल

बतौर चीफ क्रिएटिव ऑफिसर अपनी पहली भूमिका में वह ‘नीरजा’, ‘फिल्लौरी’ और ‘जॉली एलएलबी2’ जैसी फिल्मों से जुड़ी रही हैं।

Last Modified:
Tuesday, 26 May, 2020
Rucha Pathak

‘फॉक्स स्टार स्टूडियोज’ (Fox Star Studios) की रुचा पाठक ने ‘एक्सेल एंटरटेनमेंट’ (Excel Entertainment) के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत की है। यहां उन्होंने बतौर प्रड्यूसर जॉइन किया है। अपनी पहली भूमिका में वह चीफ क्रिएटिव ऑफिसर के पद पर काम कर रही थीं।

दरअसल, एक्सेल एंटरटेनमेंट ने फिल्म्स और टीवी शोज बनाने के लिए अपनी टीम को मजबूती देने के क्रम में रुचा पाठक की नियुक्ति की है। बतौर प्रड्यूसर अपनी नई भूमिका में रुचा पाठक नई स्क्रिप्ट्स और नए कॉन्सेप्ट पर काम कर रही हैं।

बता दें कि ‘फॉक्स स्टार स्टूडियोज’ में वह ‘नीरजा’, ‘जॉली एलएलबी2’ और ‘फिल्लौरी’ जैसी फिल्मों से जुड़ी रही हैं। रुचा पाठक ने डिज्नी/यूटीवी स्टूडियो में प्रड्यूसर के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

तूफान पीडितों की मदद के लिए टाइम्स नेटवर्क ने बढ़ाए कदम, की ये पहल

चक्रवाती तूफान अम्फान से पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में तबाह हुई बुनियादी सुविधाओं की बहाली के लिए राज्य सरकार जोर-शोर से जुटी हुई है।

Last Modified:
Monday, 25 May, 2020
Times Network

चक्रवाती तूफान अम्फान से पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में तबाह हुई बुनियादी सुविधाओं की बहाली के लिए राज्य सरकार जोर-शोर से जुटी हुई है। ऐसे में सरकार की मदद के लिए फंड जुटाने व लोगों को जागरूक करने के लिए देश के जाने-माने ब्रॉडकास्ट नेटवर्क ‘टाइम्स नेटवर्क’ (Times Network) ने एक विशेष पहल ‘इंडिया फॉर बंगाल’ (India For Bengal) शुरू की है।

बता दें कि इस तूफान से काफी नुकसान हुअ है। करीब 1.36 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं और 10.5 लाख घरों को नुकसान पहुंचा है, वहीं कई लोगों की जान भी चली गई है। राज्य में कई स्थानों पर बिजली और टेलिफोन की लाइनें टूट गई हैं, कई घर तबाह हो गए हैं और तमाम पेड़ उखड़ गए हैं।   

ऐसे में टाइम्स नेटवर्क ने ‘India For Bengal’ पहल के तहत राज्य के प्राकृतिक आपदा पीड़ितों के लिए देश के लोगों से आगे बढ़कर आर्थिक मदद करने की अपील की है। इस पहल के तहत जो लोग आर्थिक मदद करना चाहें वह पश्चिम बंगाल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को फंड दे सकते हैं। इसके लिए ICICI Bank, A/c no 628001041066, IFSC Code - ICI0006280 और MICR code 700229010 जारी किया गया है।

इस पहल के बारे में ‘टाइम्स नेटवर्क’ के एमडी और सीईओ एमके आनंद का कहना है, ‘पश्चिम बंगाल देश की सांस्कृतिक विरासत का एक केंद्र है। पिछले दिनों में आई प्राकृतिक आपदाओं के कारण यह राज्य और यहां के लोग काफी प्रभावित हुए हैं। ऐसे में बंगाल को पुन: पटरी पर वापस लाने के लिए पूरे देश को एकजुट होकर आगे आने और सपोर्ट करने की जरूरत है। इस पहल के द्वारा हमने लोगों से राहत और पुनर्वास की दिशा में कदम उठाने और योगदान की अपील की है। मुझे पूरा विश्वास है कि सामूहिक प्रयासों से हम तेजी से प्रभावित इलाकों की मदद कर पाएंगे।’  

बताया जाता है कि नेशनल लेवल की पहल www.timesnownews.com, TIMES Now और मिरर नाउ के माध्यम से चलेगी, ताकि चक्रवात द्वारा विस्थापित हुए लाखों लोगों के लिए ज्यादा से ज्यादा सहायता प्राप्त की जा सके।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

महज 1 डॉलर में बिक गया ये बड़ा मीडिया हाउस

कोरोना संक्रमण के प्रसार को कम करने के लिए लागू किए लॉकडाउन की वजह से देश-दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है।

Last Modified:
Monday, 25 May, 2020
deal

कोरोना संक्रमण के प्रसार को कम करने के लिए लागू किए लॉकडाउन की वजह से देश-दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। इसका प्रभाव मीडिया संगठन पर भी पड़ा है। कई मीडिया कंपनियों की आर्थिक स्थिति इस कदर बिगड़ गई कि उन्हें वित्तीय बोझ को कम करने के लिए अपने स्टाफ में कटौती करनी पड़ रही है। वहीं कुछ मीडिया संगठनों ने मासिक वेतन में कटौती का ऐलान किया है।

न्यूजीलैंड से खबर है कि यहां के सबसे बड़े मीडिया घरानों में से एक को उसके मालिकों ने सिर्फ 1 डॉलर (61 cents) में बेच दिया है। दरअसल, यह सौदा नाइन एंटरटेनमेंट  (Nine Entertainment Holdings Ltd) ने मीडिया हाउस 'स्टफ' को अपने मुख्य कार्यकारी (CEO) को महज एक डॉलर में बेचने का फैसला किया है।

'स्टफ' देश के कई दैनिक अखबारों का प्रकाशन करता है और इसी नाम से एक लोकप्रिय न्यूज वेबसाइट चलाता है। इसमें 400 पत्रकारों सहित लगभग 900 कर्मचारी कार्यरत हैं।               

ऑस्ट्रेलिया के नाइन एंटरटेनमेंट के स्वामित्व वाला 'स्टफ' महामारी के पहले से ही वित्तीय कठिनाइयों से जूझ रहा है। लिहाजा इस बीच कंपनी ने विज्ञापन राजस्व में बड़ी गिरावट दर्ज की है।

ऑस्ट्रेलियाई शेयर बाजार को दिए एक बयान में कंपनी ने कहा कि 'स्टफ' को सीईओ सिनैड बाउचर को बेचा जाएगा और यह पूरी कार्रवाई महीने के अंत तक पूरी कर ली जाएगी।

नाइन एंटरटेनमेंट के सीईओ ह्यूग मार्क्स ने कहा 'हम मानते हैं कि 'स्टफ' के लिए स्थानीय स्वामित्व होना महत्वपूर्ण है और यह हमारा मानना है कि न्यूजीलैंड में प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ताओं के हिसाब से यह सबसे सही होगा।

वहीं 'स्टफ' की सीईओ बाउचर ने कहा कि उनकी योजना कर्मचारियों को कंपनी में शेयरधारक के रूप में प्रत्यक्ष हिस्सेदारी देने की है। इससे पहले प्रतिद्वंद्वी मीडिया कंपनी NZME भी स्टफ को खरीदना चाहती थी। न्यूजीलैंड की अधिकांश मीडिया कंपनियां महामारी के बाद से संघर्ष कर रही हैं।

'स्टफ' ने अस्थायी रूप से कर्मचरियो के वेतन में कटौती की है जबकि NZME ने 200 पत्रकारों को नौकरियों से हटाने की घोषणा की है।

 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

फिर होगी DD के फ्रीडिश स्लॉट की नीलामी, इस तारीख तक कर सकते हैं अप्लाई

ई-नीलामी की प्रक्रिया स्थगित होने से पहले जो ब्रॉडकास्टर्स अपने आवेदन जमा कर चुके थे, उन्हें दोबारा से अप्लाई करने की आवश्यकता नहीं है।

Last Modified:
Monday, 25 May, 2020
DD Freedish

प्रसार भारती ने अपने ‘डायरेक्ट टू होम’ (DTH) प्लेटफॉर्म ‘डीडी फ्रीडिश’ (DD Free Dish) के खाली पड़े MPEG-2 स्लॉट्स के आवंटन के लिए सैटेलाइट टीवी चैनल्स से फिर आवेदन मांगे हैं। यह आवेदन 10 जून 2020 से 31 मार्च 2021 की अवधि के लिए मांगे गए हैं। इससे पहले 18 मार्च 2020 को अधिसूचित ई-नीलामी की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया था। लेकिन अब ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और ऑनलाइन बोली दो जून 2020 को आयोजित किए जाने की उम्मीद है।

अलग-अलग बुके (buckets) में टीवी चैनल्स का वर्गीकरण चैनल के जॉनर (genre) या भाषा के अनुसार किया गया है और उनका शुरुआती रिजर्व प्राइज 18 मार्च 2020 के समान ही रहेगा। सफल बोलीदाताओं को डीडी फ्री डिश स्लॉट के आवंटन के लिए पॉलिसी गाइडलाइंस में निर्धारित भुगतान शिड्यूल के अनुसार सात मासिक किस्तों में भुगतान करना होगा।

प्रोसेसिंग फीस जहां 25000 रुपए फिक्स की गई है, वहीं बोली में भाग लेने के लिए 1.5 करोड़ शुल्क तय किया गया है। ई-नीलामी की प्रक्रिया स्थगित होने से पहले जो ब्रॉडकास्टर्स अपने आवेदन जमा कर चुके थे, उन्हें दोबारा से अप्लाई करने की आवश्यकता नहीं है। आवेदन जमा करने अथवा ऑनलाइन आवेदन की स्थिति में भागीदारी शुल्क (participation fee) के लिए ऑरिजनल डिमांड ड्राफ्ट जमा करने की आखिरी तारीख एक जून 2020 रखी गई है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

वरिष्ठ पत्रकार फे डिसूजा ने आज के दौर की पत्रकारिता को लेकर कही ये बड़ी बात

‘वायकॉम18’ के पूर्व सीओओ राज नायक के साथ बातचीत में 'मिरर नाउ' की पूर्व एग्जिक्यूटिव एडिटर ने अपने नए वेंचर को लेकर भी चर्चा की

Last Modified:
Saturday, 23 May, 2020
Friday Live

‘वायकॉम18’ (Viacom 18) के पूर्व सीओओ और ‘हाउस ऑफ चीयर’ (House Of Cheer) कंपनी के एमडी व फाउंडर राज नायक द्वारा पिछले दिनों लॉन्च गए टॉक शो ‘Friday’s Live’ में इस बार अंग्रेजी न्यूज चैनल ‘मिरर नाउ’ (Mirror Now) की पूर्व एग्जिक्यूटिव एडिटर फे डिसूजा ने बतौर गेस्ट शिरकत की। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर हुई इस बातचीत (वेबिनार) के दौरान फे डिसूजा ने राज नायक के साथ आज के दौर की पत्रकारिता को प्रभावित करने वाले तमाम मुद्दों पर चर्चा की।

कार्यक्रम में फे डिसूजा का कहना था कि यदि हम वास्तव में ‘असली पत्रकारिता’ जिसका काम लोगों को इंफॉर्म करना है, करना चाहते हैं तो हमें न्यूज चैनल के बिजनेस मॉडल को बदलने की जरूरत है। दर्शक अब उस न्यूज के लिए भुगतान नहीं कर रहे हैं, जो वह देख रहे हैं। यह तो विज्ञापनदाता है जो न्यूज के लिए भुगतान कर रहा है। यही कारण है कि वास्तविक ग्राहक विज्ञापनदाता है और दर्शक एक वस्तु बनकर रह गया है।  

डिसूजा का यह भी कहना था कि एडवर्टाइजर्स को पत्रकारिता से कोई मतलब नहीं रहता है और यही कारण है कि वह पत्रकारिता की गुणवत्ता की चिंता नहीं करते हैं, जिसे वह स्पांसर करते हैं। वे ज्यादा टीआरपी के पैसे देते हैं। डिसूजा के अनुसार, ‘न्यूज मीडिया में सबसे बड़ी विज्ञापनदाता सरकार है और सरकार ही वास्तविक कस्टमर है, जिसे सेवा दी जा रही है। ऐसी स्थिति में अब आपका अस्तित्व इस बात पर निर्भर करता है कि आप सरकार को खुश करने में सक्षम हैं अथवा नहीं।’  

इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारों से अपनी भूमिका और ज्यादा जिम्मेदारी से निभाने की अपील भी की। डिसूजा का कहना था, ‘जब कोई भी पत्रकार ऐसी सामग्री पोस्ट करता है जो समाज को विभाजित करती है तो यह मौलिक रूप से गलत सूचनाओं पर आधारित होती है। इससे लड़ाई, झगड़े और वैमनस्यता उत्पन्न होती है और इसका वास्तविक जीवन पर प्रभाव पड़ता है। एक पत्रकार के रूप में अभी हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं को इंफॉर्म करना है। देश में युवाओं की बड़ी संख्या है, जो भविष्य में देश के वोटर्स और संरक्षक हैं। उन्हें जिम्मेदारी से तमाम विषयों पर इंफॉर्म करना हमारी जिम्मेदारी है।’

इसके साथ ही डिसूजा ने अपने नए वेंचर के बारे में भी बात की, जिसकी घोषणा वह जल्द करेंगी। डिसूजा के अनुसार, यह इंफॉर्मेशन पर आधारित होगा न कि ओपिनियन पर। डिसूजा के अनुसार, ‘यह सबस्क्रिप्शन पर आधारित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म होगा, जिस पर लोगों को इंफॉर्मेशन पर आधारित न्यूज  मिलेंगी। इसके कंटेंट को बहुत ही सामान्य रखने का विचार है, ताकि लोग इस इंफॉर्मेशन का उपभोग (consume) कर सकें और महसूस कर सकें।’

कार्यक्रम का पूरा विडियो आप यहां देख सकते हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए