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ABP ग्रुप ने पूरे किए 100 साल, इस खास मौके को यूं किया सेलिब्रेट
देश के प्रमुख मीडिया समूहों में से एक ‘एबीपी’ यानी कि आनंदबाजार पत्रिका ग्रुप ने 100 साल पूरे कर लिए हैं
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
देश के प्रमुख मीडिया समूहों में से एक ‘एबीपी’ यानी कि आनंदबाजार पत्रिका ग्रुप ने 100 साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर शनिवार 9 जुलाई को कोलकाता के विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में आनंदबाजार पत्रिका की 100 साल की निष्पक्ष और गौरवशाली परंपरा की समीक्षा की गई।
1922 में, कोलकाता में ‘आनंदबाजार पत्रिका’ के नाम से एक बंगाली भाषा का समाचार पत्र शुरू किया गया था। स्वतंत्रता-पूर्व काल से ही देश में पत्रकारिता के इतिहास में आनंदबाजार का प्रमुख योगदान रहा है। पिछले 100 वर्षों में, एबीपी ग्रुप ने भारतीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाई है, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से वह देश में अग्रणी समूहों में शामिल हो गया है। एबीपी ने हिंदी और विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में समाचार चैनलों और डिजिटल मीडिया के माध्यम से पत्रकारिता को एक नया आयाम दिया है।
इस मौके पर एबीपी ग्रुप के चीफ एडिटर अतिदेव सरकार ने कहा, ‘हम हमेशा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए लड़ेंगे।’
इस संदर्भ में एबीपी ग्रुप के चीफ एडिटर अतिदेव सरकार एबीपी की आज तक की पूरी यात्रा और उसकी भविष्य की भूमिका के बारे में बताते हैं। इस बारे में उन्होंने कहा, ‘एबीपी आम आदमी के लिए काम करता है, न कि सत्ता के लिए। हमने मीडिया और प्रकाशन में 100 साल पूरे कर लिए हैं। 1922 में जर्मन लोकतंत्र उथल-पुथल में था। अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में थी। मार्च, 1922 में असहयोग आंदोलन के लिए महात्मा गांधी को गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद ‘आनंदबाजार पत्रिका’ की नींव पड़ी और फिर 25 साल बाद देश को आजादी मिली, जिसके बाद ‘आनंदबाजार पत्रिका’ लोगों की आवाज बन गया’
वहीं, नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने देश हित में अपनी बात रखते हुए कहा है, 'उस समय यह अखबार देश के हालात और खतरे के बारे में बहुत कुछ लिख रहा था। अब यह 100 साल पुराना हो गया है। कुछ हमारी इच्छाएं पूरी हुई हैं, लेकिन हमें अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है।’
उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश में समस्याओं की कोई कमी नहीं है। गरीबी, स्वास्थ्य देखभाल, सम्मान की कमी जैसी कई समस्याएं हैं। ये समस्याएं हमें अपने आसपास देखने को मिलती हैं। ‘आनंदबाजार पत्रिका’ ने हमेशा इन सभी मुद्दों पर अपने विचार साझा किए हैं। हिंदू-मुसलमान के बीच दरार है। देश में अंतर-धार्मिक सद्भाव होना चाहिए। हिंदू-मुस्लिम एकता की जो भावना होनी चाहिए थी, वह अब भी नहीं हो रही है। उनके बीच की खाई चौड़ी होती जा रही है। आनंद बाजार पत्रिका ऐसे ही मुद्दों पर फोकस कर रही है। ऐसा कहकर उन्होंने देश हित में मुद्दे उठाए हैं।’
इस खास मौके पर एबीपी ग्रुप की ओर से एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें ग्राफिक्स के जरिए उसकी पूरी कहानी चित्रण किया गया है, जिसे आप यहां देख सकते हैं-
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