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कलम के कर्मयोगी रामेश्वर पांडेय को शत शत नमन: खुशदीप सहगल
दैनिक जागरण और अमर उजाला में ‘काका’ ने मुझे पत्रकारिता की दुनिया में उंगली पकड़ कर चलना सिखाया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
खुशदीप सहगल, वरिष्ठ पत्रकार ।।
दैनिक जागरण और अमर उजाला में ‘काका’ ने मुझे पत्रकारिता की दुनिया में उंगली पकड़ कर चलना सिखाया। 2004 में मैंने प्रिंट पत्रकारिता से टीवी पत्रकारिता का रुख किया, लेकिन पिछले 19 बरस में भी उन्होंने अपना स्नेह मुझ पर बनाए रखा। फोन और सोशल मीडिया के जरिए लगातार उनसे संपर्क बना रहा। उनकी विनम्रता देखिए जिनके एक आदेश पर मैं सिर के बल पर खड़ा हो सकता था, वह मुझे मैसेज करके कहते थे- खुशी जब फ्री हो तो कॉल करना।
एक सच्चे कर्मयोद्धा की तरह आखिरी समय तक उनकी क़लम नहीं रुकी। हाल ही में उन्होंने 'वॉयस ऑफ लखनऊ' अखबार छोड़ 'सत्य संगम' की कमान संभाली। मुझे याद है कि किस तरह डॉयबिटीज की वजह से वह इन्सुलिन के शॉट्स लेते हुए भी काम करते रहते थे। उनका पत्नी, एक बेटी, तीन बेटों का भरा पूरा परिवार है। ईश्वर सभी को ये अपार दु:ख सहने की शक्ति दे।
कलम के कर्मयोगी को शत शत नमन। अलविदा काका!
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