विचार मंच न्यूज़

मैं अरुण जी को जानता तो था पर उस दौरान कई साल से उनसे भेंट नहीं हुई थी

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 months ago


सन् 2020 के चुनाव में भाजपा अगर फिर से दिल्ली जीत जाती है तो अरुण जी के लिए यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 months ago


जेटली जी सामने हों और चर्चा-परिचर्चा न हो, ऐसा कैसे मुमकिन है? लेकिन आश्चर्य कि उस दिन बात राजनीति से हटकर हुई

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 months ago


जान लगा देने का जज्बा ही था कि लंबी बीमारी के बावजूद वो मोदी सरकार में न सिर्फ महत्वपूर्ण मंत्रालय संभालते रहे, बल्कि तमाम मोर्चों पर संकट मोचक की भूमिका भी निभाते रहे

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 months ago


नोटबंदी जैसा कठोर फैसला हो या फिर सरकारी बैंको के एनपीए को खत्म करने, जन-धन और वन रैंक, वन पेंशन जैसी योजनाएं लागू करने का काम जेटली जी जैसे फौलादी इरादों वाले वित्त मंत्री की बदौलत ही संभव हो पाया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 months ago


मीडिया का अरुण जी बहुत संम्मान करते थे लेकिन अपने अंतिम इंटरव्यू में उन्होंने राफेल पर कुछ मीडिया समूहों की पत्रकारिता पर बहुत दुख जताते हुए कहा था कि आपके जीवन में विश्वस्नीयता आपकी सबसे बड़ी चीज

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 months ago


अरुण जेटली को यह हुनर हासिल था कि वे राजनीति में पदार्पण से लेकर आख़िरी सक्रिय साँस तक अपनी असहमति को व्यक्त करते रहे। जब मैं इसे उनके हुनर की तरह याद करता हूँ तो

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 months ago


वह अक्सर मुझसे कहते थे कि जो लोग हर छोटी-छोटी बात पर मानवाधिकारों की दुहाई देते हुए सुप्रीम कोर्ट जाते हैं, वे अंततः देश को कमजोर कर रहे हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 months ago


अपनी पीढ़ी के नेताओं को बहुत पीछे छोड़ दिया था अरुण जेटली ने, अब उनके निधन से पुरानी और नई भाजपा के बीच का पुल टूट गया

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 months ago


उनका सेंस ऑफ ह्यूमर गजब था। एक बार उनके पास बैठ जाओ तो बहुत सी इनसाइट स्टोरीज का पता चलता। मैं अक्सर उनसे कहता था कि सर आप अगर इन कहानियों को लेकर एक किताब लिख दो तो वे तो पक्का बेस्टसेलर होगी ही

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 months ago


सच मानिए तो जेटली सर के जीते जी उनके साथ औपचारिकता निभाना दरअसल सबसे कठिन काम था। और हो भी क्यों नहीं, क्योंकि वो आपचारिकता में यकीन ही नहीं करते थे और उनसे भावनाएं जुड़ गयीं

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 months ago


किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की रीड की हड्डी उद्योग होते हैं। अब उद्योग खड़ा करना लगभग असम्भव हो गया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 months ago


पत्रकार अगर समस्या के ऊपर लिख देता था तो प्रशासन उस पर कार्रवाई करता था और अगर कार्रवाई नहीं करता था तो सरकार कार्रवाई करने के लिए दबाव डालती थी

संतोष भारतीय 9 months ago


वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने उठाया बड़ा सवाल, हम वह व्यवहार किसी के साथ क्यों कर रहे हैं, जो हमें अपने लिए स्वीकार नहीं

राजेश बादल 9 months ago


भ्रष्टाचार के मामले में इस तरह की गिरफ्तारी मुझे साल 2001 में करुणानिधि की याद दिलाती है

प्रमिला दीक्षित 9 months ago


अगर ड्रग एडिक्ट, सीरियल किलर,अंडरवर्ल्ड डॉन समाज का हिस्सा हैं तो असहमति पर गाली देने वाले लोग भी उसी समाज का हिस्सा हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 months ago


मच्छर शब्द कमजोरी का प्रतीक बन गया है। हम दुनिया को बताना चाहते हैं कि कृपया मच्छर समाज को मच्छर न समझें

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 months ago


आज नीलम शर्मा कैंसर की गिरफ्त में आ गईं, अगर हम नहीं सुधरे तो कल हम में कोई और इसकी गिरफ्त में आ जाएगा

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 months ago